Unictest Team
Updated: 2026-05-28 · English
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET/PST) के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण मेडिकल बोर्ड (Medical Board) होता है। यह चरण उम्मीदवारों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस विस्तृत गाइड में, हम 'UP Police Medical Board' में क्या होता है, इसकी पूरी प्रक्रिया, आवश्यक मानक और तैयारी के टिप्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यूपी पुलिस कांस्टेबल 2026 परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यूपी पुलिस मेडिकल बोर्ड का उद्देश्य (Purpose of UP Police Medical Board)
यूपी पुलिस में सेवा देने वाले कर्मचारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना अनिवार्य है। मेडिकल बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित उम्मीदवार पुलिस बल की कठोर और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी को सफलतापूर्वक निभा सकें। यह उम्मीदवारों के स्वास्थ्य संबंधी किसी भी ऐसी समस्या का पता लगाता है जो भविष्य में उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाल सकती है।
मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया के मुख्य चरण (Key Stages of Medical Board Process)
मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया कई चरणों में होती है, जिसमें विभिन्न प्रकार के शारीरिक परीक्षण शामिल होते हैं। उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होना होता है।
- 1. सामान्य शारीरिक परीक्षण (General Physical Examination):
यह सबसे पहला और व्यापक परीक्षण होता है। इसमें उम्मीदवार के शरीर की सामान्य बनावट, अंगों की जांच, किसी भी प्रकार की विकृति (deformity) या चोट के निशान की जांच की जाती है। इसमें नॉक-नी (Knock-Knee), फ्लैट फुट (Flat Foot), वैरिकोज वेन्स (Varicose Veins) आदि की जांच शामिल है। - 2. आँखों की जांच (Eye Test):
यह पुलिस सेवा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें दूरदृष्टि (Distant Vision) और निकटदृष्टि (Near Vision) दोनों की जांच की जाती है। उम्मीदवारों को बिना चश्मे के निर्धारित मानक (जैसे 6/6 या 6/9) को पूरा करना होता है। कलर ब्लाइंडनेस (Color Blindness) की भी जांच की जाती है, जो अक्सर एक अयोग्यता का कारण बन सकती है। - 3. कानों की जांच (Ear Test):
कानों की सुनने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है। किसी भी प्रकार की सुनने की समस्या या कान में कोई गंभीर संक्रमण अयोग्यता का कारण बन सकता है। - 4. दांतों की जांच (Dental Examination):
दांतों की सामान्य स्थिति, संख्या और किसी भी गंभीर दंत समस्या की जांच की जाती है। - 5. नाक और गले की जांच (Nose and Throat Examination):
इसमें टॉन्सिल, डेविएटेड नेसल सेप्टम (Deviated Nasal Septum - DNS) जैसी स्थितियों की जांच की जाती है। - 6. रक्तचाप और पल्स (Blood Pressure & Pulse):
उम्मीदवार का रक्तचाप और पल्स रेट सामान्य सीमा के भीतर होना चाहिए। उच्च रक्तचाप (Hypertension) या अनियमित पल्स गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। - 7. छाती और पेट की जांच (Chest & Abdomen Examination):
इसमें फेफड़ों और हृदय की जांच की जाती है। पेट के अंगों, जैसे लिवर, स्प्लीन की भी जांच की जा सकती है, और किसी भी प्रकार की हर्निया (Hernia) या हाइड्रोसील (Hydrocele) की उपस्थिति को भी देखा जाता है। - 8. हड्डियों और जोड़ों की जांच (Bone and Joint Examination):
शरीर के सभी प्रमुख जोड़ों और हड्डियों की गतिशीलता और सही संरचना की जांच की जाती है। फ्रैक्चर या गंभीर चोटों के निशान की भी जांच होती है। - 9. यूरिन और ब्लड टेस्ट (Urine & Blood Test):
कुछ मामलों में, सामान्य यूरिन और ब्लड टेस्ट भी किए जा सकते हैं ताकि मधुमेह, किडनी संबंधी समस्याओं या अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सके।