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Study Notes

Kartrivachya and Karmavachya Difference: UP Police Constable 2026 Hindi Vachya (कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में अंतर)

Understand the core differences between Kartrivachya and Karmavachya for UP Police Constable 2026 Hindi Grammar. कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में अंतर समझें।

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-05-01 · English

Kartrivachya and Karmavachya Difference: UP Police Constable 2026 Hindi Vachya (कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में अंतर)

यूपी पुलिस कांस्टेबल 2026 परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए हिंदी व्याकरण एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें 'वाच्य' (Voice) का सही ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, खासकर कर्तृवाच्य (Active Voice) और कर्मवाच्य (Passive Voice) के बीच का अंतर समझना। यह विषय न केवल आपकी भाषा की समझ को मजबूत करता है, बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में भी मदद करता है। इस लेख में, हम कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य के बीच के मुख्य अंतरों, नियमों और उदाहरणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस अवधारणा को पूरी तरह से समझ सकें।


वाच्य क्या है? (What is Vachya?)

हिंदी व्याकरण में, वाच्य क्रिया के उस रूप को कहते हैं जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता (Subject), कर्म (Object) या भाव (Emotion/State) है। क्रिया का लिंग और वचन किसके अनुसार है - कर्ता, कर्म या भाव के अनुसार, यही वाच्य निर्धारित करता है। हिंदी में वाच्य मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं: कर्तृवाच्य (Active Voice), कर्मवाच्य (Passive Voice) और भाववाच्य (Impersonal Voice)। यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के लिए कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य पर विशेष ध्यान देना होता है।


कर्तृवाच्य (Kartrivachya - Active Voice)

कर्तृवाच्य वह वाच्य होता है जहाँ वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता होता है। इसमें क्रिया का लिंग और वचन कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है। यदि कर्ता पुल्लिंग है तो क्रिया पुल्लिंग होगी, और यदि कर्ता स्त्रीलिंग है तो क्रिया स्त्रीलिंग होगी। इस वाच्य में कर्ता की प्रधानता होती है।

पहचान (Identification): कर्तृवाच्य में कर्ता 'ने' परसर्ग (postposition) के साथ या बिना 'ने' परसर्ग के आता है। क्रिया अकर्मक या सकर्मक दोनों हो सकती है।

उदाहरण:

  • राम पुस्तक पढ़ता है। (यहां 'राम' कर्ता है, और क्रिया 'पढ़ता है' राम के अनुसार है।)
  • सीता खाना पकाती है। (यहां 'सीता' कर्ता है, और क्रिया 'पकाती है' सीता के अनुसार है।)
  • मैंने पत्र लिखा। (यहां 'मैंने' कर्ता है, क्रिया 'लिखा' कर्ता के अनुसार।)
  • बच्चे खेलते हैं। (यहां 'बच्चे' कर्ता है, क्रिया 'खेलते हैं' बच्चों के अनुसार।)

कर्मवाच्य (Karmavachya - Passive Voice)

कर्मवाच्य वह वाच्य होता है जहाँ वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्म होता है। इसमें क्रिया का लिंग और वचन कर्म के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है। कर्ता गौण हो जाता है या 'के द्वारा' / 'से' परसर्ग के साथ आता है। इस वाच्य में कर्म की प्रधानता होती है। कर्मवाच्य का प्रयोग अक्सर तब किया जाता है जब कर्ता अज्ञात हो, या उसे बताना महत्वपूर्ण न हो, या जब कर्म पर जोर देना हो।

पहचान (Identification): कर्मवाच्य में कर्ता के बाद 'के द्वारा' या 'से' का प्रयोग होता है। क्रिया हमेशा सकर्मक होती है और उसका लिंग तथा वचन कर्म के अनुसार होता है। मुख्य क्रिया के साथ 'जाना' क्रिया का उचित रूप (जाता है, जाती है, गया, गई आदि) जुड़ता है।

उदाहरण:

  • राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है। (यहां 'पुस्तक' कर्म है, और क्रिया 'पढ़ी जाती है' पुस्तक के अनुसार है।)
  • सीता से खाना पकाया जाता है। (यहां 'खाना' कर्म है, और क्रिया 'पकाया जाता है' खाना के अनुसार है।)
  • मेरे द्वारा पत्र लिखा गया। (यहां 'पत्र' कर्म है, क्रिया 'लिखा गया' पत्र के अनुसार।)
  • बच्चों द्वारा खेला जाता है। (यह अकर्मक क्रिया का कर्मवाच्य है, जो कम प्रचलित है, पर संभव है।)

यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में इन दोनों वाच्यों को समझना और उनके बीच के अंतर को पहचानना आपकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। Unictest पर आपको ऐसे कई उदाहरण और अभ्यास प्रश्न मिलेंगे जो आपकी तैयारी को और मजबूत करेंगे।

Important Topics Data

अंतर का आधारकर्तृवाच्य (Active Voice)कर्मवाच्य (Passive Voice)
प्रधानताकर्ता की प्रधानता होती है।कर्म की प्रधानता होती है।
क्रिया का संबंधक्रिया का लिंग और वचन कर्ता के अनुसार।क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार।
कर्ता की स्थितिकर्ता 'ने' परसर्ग के साथ या बिना परसर्ग के।कर्ता 'से' या 'के द्वारा' परसर्ग के साथ या अनुपस्थित।
क्रिया का प्रकारसकर्मक और अकर्मक दोनों क्रियाएं हो सकती हैं।केवल सकर्मक क्रियाएं होती हैं (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर)।
सहायक क्रियाकोई विशेष सहायक क्रिया नहीं जुड़ती।मुख्य क्रिया के साथ 'जाना' का उचित रूप जुड़ता है।
उदाहरणराम पुस्तक पढ़ता है। (Ram reads a book.)राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है। (A book is read by Ram.)

Detailed Notes

कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में मुख्य अंतर (Key Differences)

कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य को समझने के लिए उनके मुख्य अंतरों को जानना बहुत जरूरी है। नीचे दिए गए बिंदुओं से आप इन दोनों वाच्यों को आसानी से पहचान पाएंगे:

  • प्रधानता: कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है, जबकि कर्मवाच्य में कर्म प्रधान होता है।
  • क्रिया का संबंध: कर्तृवाच्य में क्रिया का लिंग और वचन कर्ता के अनुसार होता है। कर्मवाच्य में क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार होता है।
  • कर्ता की स्थिति: कर्तृवाच्य में कर्ता सामान्यतः 'ने' परसर्ग के साथ या बिना परसर्ग के आता है। कर्मवाच्य में कर्ता 'के द्वारा' या 'से' परसर्ग के साथ आता है या कभी-कभी अनुपस्थित भी रहता है।
  • क्रिया का प्रकार: कर्तृवाच्य में क्रिया सकर्मक (transitive) और अकर्मक (intransitive) दोनों हो सकती है। कर्मवाच्य में क्रिया हमेशा सकर्मक होती है।
  • सहायक क्रिया: कर्मवाच्य में मुख्य क्रिया के साथ 'जाना' क्रिया का उचित रूप (जैसे जाता है, जाती है, गए, गई) सहायक क्रिया के रूप में जुड़ता है। कर्तृवाच्य में ऐसा नहीं होता।

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तन के नियम (Rules for Conversion)

यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में अक्सर वाच्य परिवर्तन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलने के कुछ सामान्य नियम इस प्रकार हैं:

  • कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' जोड़ें: कर्तृवाच्य के कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' परसर्ग का प्रयोग करें।
  • क्रिया को सकर्मक बनाएं: यदि क्रिया अकर्मक है, तो उसे कर्मवाच्य में नहीं बदला जा सकता (कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर)।
  • 'जाना' क्रिया का प्रयोग करें: मुख्य क्रिया के भूतकालिक कृदंत रूप के साथ 'जाना' क्रिया के उचित रूप को सहायक क्रिया के रूप में जोड़ें। उदाहरण के लिए, 'लिखा जाता है', 'पढ़ी जाती है', 'किया गया' आदि।
  • क्रिया का लिंग-वचन कर्म के अनुसार: परिवर्तित वाक्य में क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार रखें।

उदाहरण:

  • कर्तृवाच्य: वह पत्र लिखता है।
  • कर्मवाच्य: उसके द्वारा पत्र लिखा जाता है।
  • कर्तृवाच्य: बच्चों ने खाना खाया।
  • कर्मवाच्य: बच्चों द्वारा खाना खाया गया।
  • कर्तृवाच्य: मैं कहानी पढ़ता हूँ।
  • कर्मवाच्य: मेरे द्वारा कहानी पढ़ी जाती है।

इन नियमों का अभ्यास करने से आप यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में वाच्य से संबंधित किसी भी प्रश्न को हल करने में सक्षम होंगे। Unictest पर उपलब्ध हमारे मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेट आपकी तैयारी को एक नई दिशा देंगे।

Important Questions & Tips

यूपी पुलिस कांस्टेबल 2026: हिंदी व्याकरण की तैयारी के लिए टिप्स

यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में हिंदी व्याकरण एक स्कोरिंग सेक्शन हो सकता है यदि आप सही रणनीति के साथ तैयारी करें। वाच्य जैसे विषयों पर पकड़ बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स:

  • मूल अवधारणाओं को समझें: सिर्फ रटने की बजाय वाच्य, काल, कारक आदि की मूल अवधारणाओं को अच्छी तरह समझें।
  • नियमित अभ्यास: व्याकरण के नियमों को समझने के बाद उनका नियमित अभ्यास करना बहुत जरूरी है। विभिन्न प्रकार के वाक्यों में कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य की पहचान करने का अभ्यास करें।
  • उदाहरणों पर ध्यान दें: जितने अधिक उदाहरण देखेंगे और समझेंगे, उतनी ही बेहतर आपकी पकड़ बनेगी।
  • मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र: Unictest पर उपलब्ध मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण प्रश्नों का अंदाजा होगा।
  • नोट्स बनाएं: महत्वपूर्ण नियमों और अपवादों के संक्षिप्त नोट्स बनाएं ताकि रिवीजन में आसानी हो।

महत्वपूर्ण सूचना: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में हिंदी व्याकरण का वेटेज काफी अच्छा होता है। वाच्य, संधि, समास, पर्यायवाची, विलोम, मुहावरे जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दें। किसी भी टॉपिक को हल्के में न लें।

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Unictest आपके लिए यूपी पुलिस कांस्टेबल 2026 परीक्षा की तैयारी के लिए व्यापक अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र और अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए वीडियो लेक्चर प्रदान करता है। वाच्य जैसे जटिल विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाने के लिए हमारे पास विशेष सामग्री उपलब्ध है। आज ही Unictest से जुड़ें और अपनी सफलता सुनिश्चित करें!

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Frequently Asked Questions (UP POLICE CONSTABLE)

वाच्य क्रिया के उस रूप को कहते हैं जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता, कर्म या भाव है। हिंदी में वाच्य मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं: कर्तृवाच्य (Active Voice), कर्मवाच्य (Passive Voice) और भाववाच्य (Impersonal Voice)। यह क्रिया के लिंग और वचन के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है और क्रिया का लिंग-वचन कर्ता के अनुसार होता है। जबकि कर्मवाच्य में कर्म प्रधान होता है और क्रिया का लिंग-वचन कर्म के अनुसार होता है। कर्मवाच्य में कर्ता के बाद 'से' या 'के द्वारा' का प्रयोग होता है, और क्रिया के साथ 'जाना' धातु का उचित रूप जुड़ता है।

कर्तृवाच्य की पहचान के लिए देखें कि क्रिया का लिंग-वचन कर्ता के अनुसार बदल रहा है या नहीं। यदि कर्ता 'ने' परसर्ग के साथ या बिना उसके है और क्रिया कर्ता के अनुरूप है, तो वह कर्तृवाच्य है। कर्मवाच्य की पहचान के लिए देखें कि कर्ता के बाद 'से' या 'के द्वारा' है, क्रिया का लिंग-वचन कर्म के अनुसार है, और क्रिया के साथ 'जाना' धातु का प्रयोग हुआ है।

कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलने के लिए कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' जोड़ें। क्रिया को सकर्मक बनाएं (यदि वह अकर्मक है तो नहीं बदल सकते)। मुख्य क्रिया के भूतकालिक कृदंत रूप के साथ 'जाना' क्रिया के उचित रूप को सहायक क्रिया के रूप में जोड़ें। अंत में, क्रिया का लिंग-वचन कर्म के अनुसार रखें।

यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के हिंदी खंड में वाच्य एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे सीधे प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जैसे वाच्य की पहचान करना या वाच्य परिवर्तन करना। इस विषय पर अच्छी पकड़ होने से आप हिंदी व्याकरण के अन्य पहलुओं को भी बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त कर सकेंगे।

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