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Result 2026

UP Super TET 2026: Tie-Breaking Formula और Merit Rules की पूरी जानकारी | Complete Guide to UP Super TET Tie-Breaking Formula & Merit Rules

UP Super TET 2026: Merit List और Tie-Breaking Rules को गहराई से समझें - सफलता का मार्ग यहीं से शुरू होता है! | UP Super TET 2026: Understand Merit List and Tie-Breaking Rules in depth - The path to success starts here!

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SUPER TET Result 2026 — Complete PDF in Hindi & English. Print करें, Offline पढ़ें, दोस्तों को Share करें!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-07-07 · हिंदी

SUPER TET Result — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे छात्रों! UP Super TET 2026 की तैयारी में जुटे आप सभी का Unictest पर स्वागत है। आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर बात करेंगे जो आपकी फाइनल सिलेक्शन में गेम-चेंजर साबित हो सकता है – जी हां, मैं बात कर रहा हूँ UP Super TET की Merit List और Tie-Breaking Formula की। यह वो बारीकियाँ हैं जहाँ अक्सर अच्छे-अच्छे स्टूडेंट्स भी चूक जाते हैं, और एक छोटी सी गलती उन्हें सिलेक्शन से दूर कर सकती है।


जब आप इतनी मेहनत करके एग्जाम देते हैं, तो यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आपका सिलेक्शन कैसे होगा, आपकी मेरिट कैसे बनेगी। सिर्फ लिखित परीक्षा पास करना ही काफी नहीं होता, बल्कि एक सही रणनीति के साथ हर पहलू को समझना भी उतना ही अहम है। मैंने अपने टीचिंग करियर में ऐसे कई स्टूडेंट्स देखे हैं जो लिखित परीक्षा में बहुत अच्छा स्कोर करते हैं, लेकिन मेरिट लिस्ट में पीछे रह जाते हैं क्योंकि उन्हें एकेडमिक वेटेज या टाई-ब्रेकिंग नियमों की सही जानकारी नहीं होती।


UP Super TET Merit List कैसे बनती है?

Dekhiye dosto, UP Super TET की फाइनल मेरिट लिस्ट केवल आपके रिटन एग्जाम के मार्क्स पर आधारित नहीं होती। इसमें आपका एकेडमिक रिकॉर्ड भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे 40:60 के अनुपात में कैलकुलेट किया जाता है।

  • 40% Academic Weightage (शैक्षणिक गुणांक): इसमें आपके हाई स्कूल (10वीं), इंटरमीडिएट (12वीं), ग्रेजुएशन (स्नातक) और आपके B.Ed/BTC/D.El.Ed के मार्क्स का 10-10% लिया जाता है।
  • 60% Super TET Written Exam Score: आपकी लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों का 60% लिया जाता है।
Expert Tip: मान लीजिए आपके हाई स्कूल में 70%, इंटर में 75%, ग्रेजुएशन में 65% और B.Ed/BTC में 80% हैं। तो आपका एकेडमिक गुणांक होगा: (70*0.1) + (75*0.1) + (65*0.1) + (80*0.1) = 7 + 7.5 + 6.5 + 8 = 29.0. यह आपका 40% एकेडमिक वेटेज का हिस्सा है। अब अगर आप सुपर टेट में 150 में से 100 अंक लाते हैं, तो लिखित परीक्षा का 60% वेटेज होगा: (100/150) * 60 = 0.666 * 60 = 40.0. तो आपका कुल मेरिट स्कोर 29.0 + 40.0 = 69.0 होगा।

Super TET Tie-Breaking Formula: जब दो उम्मीदवारों के अंक बराबर हों

यह सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन है, जिस पर बहुत कम छात्र ध्यान देते हैं। जब फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है, और दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के कुल अंक (लिखित परीक्षा + एकेडमिक वेटेज मिलाकर) बिल्कुल बराबर आ जाते हैं, तो सिलेक्शन अथॉरिटी को यह तय करना होता है कि किसे वरीयता दी जाएगी। इसी स्थिति से निपटने के लिए 'Tie-Breaking Formula' का इस्तेमाल किया जाता है।


Uttar Pradesh Basic Education Board (UPBEB) आमतौर पर निम्नलिखित क्रम में टाई को तोड़ता है:

  • 1. आयु में वरिष्ठता (Age Preference): सबसे पहले, जिस उम्मीदवार की आयु अधिक होगी, उसे वरीयता दी जाएगी। यह एक बहुत ही कॉमन नियम है जो लगभग सभी सरकारी परीक्षाओं में अपनाया जाता है। मेरा पर्सनल अनुभव है कि कई बार 0.5 या 1 साल की उम्र का अंतर भी सिलेक्शन दिला देता है।
  • 2. ग्रेजुएशन के प्रतिशत अंक (Graduation Percentage): यदि आयु भी समान होती है (जो कि बहुत ही दुर्लभ है, पर संभव है), तो उस उम्मीदवार को वरीयता दी जाएगी जिसके ग्रेजुएशन में प्रतिशत अंक अधिक होंगे। यह आपके स्नातक की डिग्री के महत्व को दर्शाता है।
  • 3. इंटरमीडिएट के प्रतिशत अंक (Intermediate Percentage): यदि ग्रेजुएशन के अंक भी समान होते हैं, तो फिर इंटरमीडिएट (12वीं) में अधिक प्रतिशत अंक वाले उम्मीदवार को चुना जाएगा।
  • 4. हाई स्कूल के प्रतिशत अंक (High School Percentage): यदि ऊपर के सभी पैरामीटर्स में टाई बनी रहती है, तो हाई स्कूल (10वीं) के प्रतिशत अंकों को देखा जाएगा। जिसके 10वीं में अधिक मार्क्स होंगे, उसे वरीयता मिलेगी।
  • 5. नाम का वर्णानुक्रम (Alphabetical Order of Name): यह सबसे आखिरी उपाय है। यदि सभी शैक्षणिक और आयु के आधार पर भी टाई नहीं टूटती है, तो फिर उम्मीदवारों के नाम के पहले अक्षर के वर्णानुक्रम (alphabetical order) के अनुसार वरीयता दी जाती है। यानी, जिसका नाम 'A' से शुरू होता है, उसे 'B' वाले से पहले रखा जाएगा, आदि।
Warning: बहुत से स्टूडेंट्स सिर्फ लिखित परीक्षा पर फोकस करते हैं और एकेडमिक रिकॉर्ड को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन याद रखिए, आपका एकेडमिक गुणांक भी आपके सिलेक्शन में 40% का भागीदार है। इसलिए, अगर आपके अकादमिक मार्क्स पहले से कम हैं, तो आपको लिखित परीक्षा में और भी ज़्यादा स्कोर करने की ज़रूरत होगी। यह एक कड़वी सच्चाई है, पर इसे समझना बहुत ज़रूरी है।

मैंने पिछले 7 सालों में हजारों छात्रों को गाइड किया है, और मैंने देखा है कि कई बार सिर्फ 0.1 या 0.2 गुणांक के अंतर से ही मेरिट लिस्ट में बहुत बड़ा बदलाव आ जाता है। इसलिए, हर अंक महत्वपूर्ण है। अपनी तैयारी को सिर्फ लिखित परीक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि पूरी सिलेक्शन प्रक्रिया को समझें और उसी के अनुसार रणनीति बनाएं। अपनी कमजोरियों को पहचानें और उन पर काम करें। अगर आपके एकेडमिक मार्क्स कम हैं, तो Super TET में 120+ का टारगेट रखें। यह बिल्कुल संभव है अगर आप सही दिशा में मेहनत करें।


याद रखिए, सफलता उन्हीं को मिलती है जो सिर्फ मेहनत नहीं करते, बल्कि स्मार्ट वर्क भी करते हैं। इस जानकारी को हल्के में मत लेना, मेरे दोस्त! यह आपके भविष्य का सवाल है।

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Result Statistics

विषय (Subject)अंक (Marks)प्रश्नों की संख्या (No. of Questions)महत्वपूर्ण टॉपिक्स (Important Topics)
भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत)4040व्याकरण, अपठित गद्यांश, साहित्य
गणित2020संख्या पद्धति, बीजगणित, ज्यामिति, मापन, प्रतिशत
विज्ञान1010दैनिक जीवन में विज्ञान, मानव शरीर, ऊर्जा, पर्यावरण
सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाएँ3030इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ
बाल मनोविज्ञान1010बाल विकास के सिद्धांत, सीखने के सिद्धांत, व्यक्तिगत विभिन्नताएँ
शिक्षण कौशल1010शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन
पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन1010पृथ्वी की संरचना, नदियाँ, पर्वत, भारतीय संविधान, भारतीय संस्कृति
तार्किक ज्ञान0505एनालॉजी, कोडिंग-डिकोडिंग, ब्लड रिलेशन
सूचना तकनीक0505कंप्यूटर, इंटरनेट, शिक्षण में ICT
कुल योग150150

Scorecard & Merit List

Super TET 2026 में अधिकतम मेरिट स्कोर के लिए तैयारी की रणनीति

अब जब आप मेरिट लिस्ट और टाई-ब्रेकिंग नियमों को समझ गए हैं, तो सवाल आता है कि हम अपने स्कोर को कैसे मैक्सिमाइज करें? मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि सिर्फ 'पढ़ना' काफी नहीं है, 'कैसे पढ़ना है' यह ज़्यादा ज़रूरी है।


1. लिखित परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन (Super TET Written Exam)

यह आपकी मेरिट का 60% हिस्सा है, इसलिए यहाँ कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। 150 अंकों की इस परीक्षा में आपको कम से कम 115-120+ का टारगेट रखना चाहिए, खासकर अगर आपका एकेडमिक रिकॉर्ड औसत है।

  • बाल मनोविज्ञान एवं शिक्षण कौशल (Child Psychology & Teaching Skills): 20 अंक। यह सेक्शन स्कोरिंग होता है। NCERT की किताबें और पिछले वर्ष के CTET/UPTET के प्रश्न पत्र यहाँ बहुत मदद करेंगे।
  • सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएँ (General Knowledge & Current Affairs): 30 अंक। यह सबसे बड़ा सेक्शन है। प्रतिदिन अख़बार पढ़ें, मासिक करेंट अफेयर्स मैगज़ीन फॉलो करें। Unictest पर आपको करेंट अफेयर्स के डेली अपडेट्स मिलते रहेंगे।
  • भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) (Language - Hindi, English, Sanskrit): 40 अंक। Grammar पर पकड़ बनाएं। हिंदी के लिए लुसेंट, इंग्लिश के लिए प्लिंथ टू पैरामाउंट और संस्कृत के लिए कोई भी बेसिक ग्रामर बुक पर्याप्त है।
  • गणित एवं विज्ञान (Mathematics & Science): 30 अंक। 8वीं से 10वीं तक की NCERT की किताबों पर फोकस करें। गणित में स्पीड और एक्यूरेसी बहुत ज़रूरी है।
  • पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन (Environment & Social Studies): 10 अंक। NCERT की 6वीं से 8वीं तक की किताबें पर्याप्त हैं।
  • तार्किक ज्ञान (Reasoning): 5 अंक। प्रैक्टिस से ही इसमें महारत हासिल की जा सकती है।
  • सूचना तकनीक (Information Technology): 5 अंक। बेसिक कंप्यूटर ज्ञान और इंटरनेट से संबंधित प्रश्न आते हैं।
Expert Tip: मेरा सुझाव है कि आप एक विषय को एक दिन में पूरा न करें। बल्कि, हर दिन 2-3 विषयों को मिलाकर पढ़ें। जैसे, सुबह करंट अफेयर्स, दोपहर में गणित और शाम को बाल मनोविज्ञान। इससे बोरियत नहीं होगी और सभी विषय कवर होते रहेंगे।

2. एकेडमिक रिकॉर्ड का महत्व (Leveraging Academic Records)

अगर आपके एकेडमिक मार्क्स पहले से कम हैं, तो आप उन्हें बदल नहीं सकते। लेकिन आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप Super TET में इतना अच्छा स्कोर करें कि आपका कुल गुणांक हाई हो। अगर आप अभी 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन में हैं (और भविष्य में Super TET देने का सोच रहे हैं), तो अभी से अपने मार्क्स पर ध्यान दें। हर 1% मार्क्स आपके फाइनल मेरिट में 0.1 गुणांक का योगदान देता है!


3. मॉक टेस्ट और Previous Year Papers (PYQs)

यह आपकी तैयारी का सबसे अभिन्न अंग होना चाहिए।

  • समय प्रबंधन: मॉक टेस्ट आपको समय पर पेपर पूरा करने में मदद करते हैं।
  • कमजोरियों की पहचान: आपको पता चलेगा कि कौन से सेक्शन में आप कमजोर हैं और कहाँ सुधार की ज़रूरत है।
  • पैटर्न समझना: PYQs से आपको परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स की जानकारी मिलती है। मैंने देखा है कि लगभग 30-40% प्रश्न सीधे तौर पर या घुमा-फिराकर दोहराए जाते हैं।
Study Plan Example (Weekly):
सोमवार: हिंदी व्याकरण (2 घंटे), गणित (2 घंटे), करेंट अफेयर्स (1 घंटा)
मंगलवार: अंग्रेजी व्याकरण (2 घंटे), विज्ञान (2 घंटे), बाल मनोविज्ञान (1 घंटा)
बुधवार: संस्कृत व्याकरण (2 घंटे), पर्यावरण अध्ययन (2 घंटे), सामान्य ज्ञान (1 घंटा)
गुरुवार: सोमवार का रिविजन + गणित प्रैक्टिस (2 घंटे), बाल मनोविज्ञान (2 घंटे), करेंट अफेयर्स (1 घंटा)
शुक्रवार: मंगलवार का रिविजन + विज्ञान प्रैक्टिस (2 घंटे), सामान्य ज्ञान (2 घंटे), सूचना तकनीक (1 घंटा)
शनिवार: बुधवार का रिविजन + भाषा प्रैक्टिस (2 घंटे), तार्किक ज्ञान (2 घंटे), मॉक टेस्ट (2.5 घंटे)
रविवार: पूरे सप्ताह का रिविजन, मॉक टेस्ट एनालिसिस, कमजोरियों पर काम।

यह स्टडी प्लान सिर्फ एक उदाहरण है, आप इसे अपनी सुविधा और कमजोरियों के अनुसार बदल सकते हैं। लेकिन कंसिस्टेंसी (consistency) बहुत ज़रूरी है। हर दिन कम से कम 6-8 घंटे की पढ़ाई का लक्ष्य रखें। और हाँ, ब्रेक लेना मत भूलना! दिमाग को फ्रेश रखना भी उतना ही ज़रूरी है।


याद रखिए, Super TET सिर्फ एक परीक्षा नहीं, आपके सपनों की उड़ान है। इसे सिर्फ एक एग्जाम की तरह नहीं, बल्कि अपने जीवन के लक्ष्य की तरह देखें। हर दिन की गई मेहनत आपको आपके लक्ष्य के करीब ले जाएगी। आप कर सकते हैं! मुझे आप पर पूरा भरोसा है!

What After Result?

परीक्षा के दिन की तैयारी और सामान्य गलतियाँ

इतनी मेहनत के बाद, परीक्षा के दिन छोटी सी चूक आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसलिए, परीक्षा के दिन के लिए भी एक ठोस रणनीति होनी चाहिए।


1. परीक्षा से एक दिन पहले (The Day Before Exam)

  • रिविजन: सिर्फ हल्के-फुल्के नोट्स या महत्वपूर्ण फॉर्मूले/तथ्यों का रिविजन करें। कुछ भी नया पढ़ने की कोशिश न करें।
  • नींद: कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। फ्रेश माइंड से ही आप अपना बेस्ट दे पाएंगे।
  • एडमिट कार्ड और डॉक्यूमेंट्स: अपने एडमिट कार्ड, आईडी प्रूफ (ओरिजनल और फोटोकॉपी), पेन, पानी की बोतल आदि सभी ज़रूरी चीजें एक रात पहले ही तैयार कर लें।

2. परीक्षा के दिन (Exam Day Strategy)

  • समय पर पहुंचें: परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुंचें। आखिरी मिनट की हड़बड़ी से बचें।
  • शांत रहें: गहरी सांस लें और शांत रहने की कोशिश करें। घबराहट से आती हुई चीजें भी भूल जाती हैं।
  • निर्देश ध्यान से पढ़ें: प्रश्न पत्र मिलने पर, सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। नेगेटिव मार्किंग है या नहीं, कितने प्रश्न करने हैं, यह सब क्लियर कर लें।
  • प्रश्न हल करने का क्रम: सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनमें आप 100% श्योर हैं। फिर उन पर आएं जिनमें थोड़ा डाउट है। मुश्किल प्रश्नों पर ज़्यादा समय बर्बाद न करें।

3. सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए (Common Mistakes to Avoid)

1. टाइम मैनेजमेंट की कमी: कई छात्र कुछ सेक्शन पर ज़्यादा समय दे देते हैं और बाकी छोड़ देते हैं। हर सेक्शन को पर्याप्त समय दें।
2. नेगेटिव मार्किंग को अनदेखा करना: अगर नेगेटिव मार्किंग है, तो अनावश्यक तुक्के लगाने से बचें। Super TET में आमतौर पर नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, लेकिन फिर भी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
3. OMR शीट भरने में गलती: यह सबसे बड़ी गलती है! एक गलत गोला आपकी मेहनत को बर्बाद कर सकता है। बहुत सावधानी से भरें, खासकर रोल नंबर और क्वेश्चन बुकलेट सीरीज़।
4. रिविजन की कमी: आख़िरी समय में रिविजन न करना।
5. ओवरकॉन्फिडेंस या अंडरकॉन्फिडेंस: दोनों ही खतरनाक हैं। अपनी तैयारी पर विश्वास रखें, पर अति आत्मविश्वास से बचें।

Super TET के बाद करियर स्कोप और मोटिवेशन

Super TET क्लियर करने के बाद, आप उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) के पद पर नियुक्त होते हैं। यह एक बहुत ही सम्मानित और स्थिर करियर है। सरकारी शिक्षक की नौकरी सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि समाज के निर्माण में एक महत्वपूर्ण योगदान है।


पिछले कुछ वर्षों में, Super TET की कट-ऑफ में वृद्धि देखी गई है, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। 2019 में 69000 शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ 67.11 (गुणांक) और OBC के लिए 65.53 (गुणांक) थी। 2026 में यह और भी ऊपर जा सकती है, इसलिए आपका लक्ष्य हाई स्कोर करना ही होना चाहिए।


मेरे प्यारे योद्धाओं, यह सफर मुश्किल ज़रूर है, लेकिन असंभव नहीं। हर दिन की गई आपकी छोटी-छोटी कोशिशें ही आपको सफलता की ओर ले जाएंगी। कभी-कभी मन करेगा कि छोड़ दें, हार मान लें, लेकिन याद रखना – 'जीतने वाले कभी हार नहीं मानते और हार मानने वाले कभी जीतते नहीं।' खुद पर विश्वास रखो, अपनी मेहनत पर भरोसा रखो, और Unictest की टीम हमेशा आपके साथ है। अपनी पूरी ऊर्जा से तैयारी करो, क्योंकि यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, आपके सपनों को पूरा करने का मौका है। Go for it!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

UP Super TET 2026 की फाइनल मेरिट लिस्ट 40:60 के अनुपात में तैयार की जाती है। इसमें 40% वेटेज आपके एकेडमिक रिकॉर्ड (हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, और B.Ed/BTC के 10-10% अंक) से लिया जाता है। बाकी 60% वेटेज आपकी Super TET लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों से आता है। दोनों को जोड़कर आपका अंतिम गुणांक या मेरिट स्कोर निर्धारित किया जाता है। इसलिए, सिर्फ लिखित परीक्षा में अच्छा स्कोर करना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड का भी बहुत महत्व होता है।

जब दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के कुल मेरिट अंक समान होते हैं, तो टाई-ब्रेकिंग फॉर्मूला लागू होता है। सबसे पहले, अधिक आयु वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जाती है। यदि आयु भी समान होती है, तो ग्रेजुएशन में अधिक प्रतिशत अंक वाले को चुना जाता है। इसके बाद, इंटरमीडिएट और फिर हाई स्कूल के प्रतिशत अंकों को देखा जाता है। अंत में, यदि सभी पैरामीटर्स में टाई बनी रहती है, तो उम्मीदवारों के नाम के वर्णानुक्रम (alphabetical order) के अनुसार वरीयता दी जाती है।

जी बिल्कुल! एकेडमिक रिकॉर्ड UP Super TET के फाइनल सिलेक्शन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आपके कुल मेरिट स्कोर का 40% वेटेज रखता है। इसका मतलब है कि अगर आपके हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन या B.Ed/BTC में अच्छे अंक हैं, तो आपको लिखित परीक्षा में थोड़े कम अंक लाने पर भी सिलेक्शन के बेहतर अवसर मिलते हैं। वहीं, अगर आपका एकेडमिक रिकॉर्ड औसत है, तो आपको लिखित परीक्षा में बहुत ज़्यादा अच्छा प्रदर्शन करके उस कमी को पूरा करना होगा।

UP Super TET के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स आमतौर पर सामान्य वर्ग के लिए 65% और आरक्षित वर्ग के लिए 60% होते हैं। हालांकि, ये सिर्फ क्वालिफाइंग मार्क्स होते हैं, फाइनल सिलेक्शन कट-ऑफ इससे कहीं ज़्यादा ऊपर जाती है। बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में इन अंकों का स्पष्ट उल्लेख होता है, और इनमें सरकार या बोर्ड के निर्णय अनुसार slight बदलाव हो सकता है। इसलिए, हमेशा लेटेस्ट नोटिफिकेशन को ध्यान से देखना चाहिए।

अधिकतम मेरिट स्कोर प्राप्त करने के लिए एक संतुलित रणनीति अपनाना ज़रूरी है। लिखित परीक्षा (जो 60% वेटेज रखती है) में कम से कम 115-120+ अंक लाने का लक्ष्य रखें। सभी विषयों पर बराबर ध्यान दें, खासकर बाल मनोविज्ञान, सामान्य ज्ञान और भाषा पर। नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें ताकि समय प्रबंधन और सटीकता में सुधार हो सके। साथ ही, अपने एकेडमिक गुणांक को समझते हुए, अगर वह कम है तो लिखित परीक्षा में और ज़्यादा मेहनत करें। कंसिस्टेंसी और स्मार्ट वर्क ही सफलता की कुंजी है।

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