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Mock Tests 2026

Super TET Pavlov और Skinner के अधिगम सिद्धांत (Learning Theories): महत्वपूर्ण MCQs 2026

Super TET CDP में सफलता की कुंजी: पावलव और स्किनर के अधिगम सिद्धांत समझें | Master Pavlov & Skinner for Super TET CDP

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-19 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते प्यारे Super TET उम्मीदवारों! Unictest में आपका स्वागत है। आज हम बाल विकास एवं शिक्षणशास्त्र (Child Development and Pedagogy - CDP) के दो सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले सिद्धांतों पर बात करेंगे - इवान पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning)। Super TET में CDP का सेक्शन आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, और इन सिद्धांतों को समझे बिना इस सेक्शन में अच्छा स्कोर करना लगभग नामुमकिन है। मैंने अपने शिक्षण करियर में देखा है कि कई छात्र इन सिद्धांतों को सिर्फ रट लेते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक समझ और व्यावहारिक अनुप्रयोग को मिस कर जाते हैं। यही कारण है कि परीक्षा में कन्फ्यूजिंग सवाल आने पर वे गलतियाँ कर बैठते हैं।


आज हम सिर्फ इन सिद्धांतों को समझेंगे ही नहीं, बल्कि इनसे जुड़े महत्वपूर्ण MCQs भी हल करेंगे, ताकि आपकी तैयारी को एक ठोस आधार मिल सके। यकीन मानिए, अगर आप इन्हें ध्यान से समझेंगे, तो Super TET 2026 में इस टॉपिक से आने वाला कोई भी सवाल आपसे छूटेगा नहीं।


1. इवान पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory)

Dekhiye dosto, पावलव एक रूसी शरीर विज्ञानी (Physiologist) थे, जिन्हें उनके कुत्तों पर किए गए प्रयोगों के लिए जाना जाता है। उन्होंने देखा कि कुत्ते भोजन देखते ही लार टपकाते हैं। यह एक प्राकृतिक, अनैच्छिक प्रतिक्रिया है। लेकिन, उन्होंने यह भी पाया कि अगर भोजन देने से पहले हर बार एक घंटी बजाई जाए, तो कुछ समय बाद कुत्ता सिर्फ घंटी की आवाज सुनकर ही लार टपकाने लगता है, भले ही भोजन मौजूद न हो। यही है शास्त्रीय अनुबंधन!


मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts):

  • अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - UCS): यह वह प्राकृतिक उद्दीपक है जो बिना किसी पूर्व सीखने के एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। (उदा. भोजन)
  • अननुबंधित अनुक्रिया (Unconditioned Response - UCR): यह UCS के प्रति प्राकृतिक और अनैच्छिक प्रतिक्रिया है। (उदा. भोजन देखकर लार टपकाना)
  • अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS): यह एक तटस्थ उद्दीपक होता है जिसे UCS के साथ बार-बार प्रस्तुत करने पर वह प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगता है जो पहले UCS उत्पन्न करता था। (उदा. घंटी की आवाज)
  • अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR): यह CS के प्रति सीखी हुई प्रतिक्रिया है, जो UCR के समान होती है लेकिन CS के कारण होती है। (उदा. घंटी सुनकर लार टपकाना)
Expert Tip: इन चारों शब्दों को उदाहरण के साथ समझना सबसे जरूरी है। परीक्षा में सीधे इनकी परिभाषा या उदाहरण पूछे जाते हैं। मेरे अनुभव में, छात्र UCS और CS में अक्सर कन्फ्यूज होते हैं। याद रखें, UCS हमेशा प्राकृतिक होता है, जबकि CS सिखाया जाता है।

शास्त्रीय अनुबंधन के सिद्धांत (Principles of Classical Conditioning):

  • अर्जन (Acquisition): वह प्रक्रिया जिसमें CS और UCS को बार-बार एक साथ प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया सीखी जाती है।
  • विलोप (Extinction): यदि CS को UCS के बिना बार-बार प्रस्तुत किया जाए, तो CR धीरे-धीरे कम हो जाती है और अंततः समाप्त हो जाती है।
  • स्वतः पुनर्लाभ (Spontaneous Recovery): विलोप के बाद, कुछ समय पश्चात्, CS को पुनः प्रस्तुत करने पर CR का अचानक वापस आ जाना।
  • उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization): जब कोई जीव CS के समान अन्य उद्दीपकों के प्रति भी CR प्रदर्शित करता है। (उदा. घंटी के समान किसी अन्य आवाज पर भी लार टपकाना)
  • उद्दीपक विभेदन (Stimulus Discrimination): जब जीव केवल CS के प्रति ही CR प्रदर्शित करता है और समान, लेकिन भिन्न उद्दीपकों के प्रति नहीं।

शैक्षिक निहितार्थ (Educational Implications):

पावलव का सिद्धांत हमें बताता है कि कैसे भावनाएँ (जैसे डर, चिंता) और व्यवहार (जैसे स्कूल की घंटी बजते ही छुट्टी का एहसास) सीखे जाते हैं। यह क्लासरूम में सकारात्मक माहौल बनाने, बुरी आदतों को छोड़ने और अच्छी आदतों को विकसित करने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, जब एक बच्चा स्कूल के वातावरण (CS) को खुशी (UCR) के साथ जोड़ना सीखता है, तो वह स्कूल जाने के लिए प्रेरित होता है।


2. बी.एफ. स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory)

अब बात करते हैं स्किनर की। स्किनर एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने व्यवहार पर परिणामों (Consequences) के प्रभाव पर जोर दिया। उनका मानना था कि हमारा व्यवहार उन परिणामों से प्रभावित होता है जो उसके बाद आते हैं। अगर किसी व्यवहार के बाद सकारात्मक परिणाम मिलता है, तो हम उस व्यवहार को दोहराने की संभावना रखते हैं, और यदि नकारात्मक परिणाम मिलता है, तो हम उसे कम करने की कोशिश करते हैं। यह सिद्धांत 'प्रयत्न एवं त्रुटि' (Trial and Error) से थोड़ा अलग है, क्योंकि यहां सीखने वाला सक्रिय रूप से व्यवहार करता है और परिणाम का इंतजार करता है।


मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts):

  • प्रबलन (Reinforcement): कोई भी घटना जो किसी व्यवहार की आवृत्ति को बढ़ाती है।
  • सकारात्मक प्रबलन (Positive Reinforcement): किसी वांछित व्यवहार के बाद एक सुखद उद्दीपक को जोड़ना। (उदा. अच्छे नंबर लाने पर प्रशंसा या इनाम)
  • नकारात्मक प्रबलन (Negative Reinforcement): किसी वांछित व्यवहार के बाद एक अप्रिय उद्दीपक को हटाना। (उदा. होमवर्क पूरा करने पर क्लास में डांट से बचना)
  • दंड (Punishment): कोई भी घटना जो किसी व्यवहार की आवृत्ति को कम करती है।
  • सकारात्मक दंड (Positive Punishment): किसी अवांछित व्यवहार के बाद एक अप्रिय उद्दीपक को जोड़ना। (उदा. गलत काम करने पर डांटना या अतिरिक्त काम देना)
  • नकारात्मक दंड (Negative Punishment): किसी अवांछित व्यवहार के बाद एक सुखद उद्दीपक को हटाना। (उदा. शरारत करने पर पसंदीदा खिलौना छीन लेना)
  • विलोपन (Extinction): जब प्रबलन हटा दिया जाता है, तो व्यवहार धीरे-धीरे कम हो जाता है।
  • आकृतिीकरण (Shaping): छोटे-छोटे चरणों में वांछित व्यवहार की ओर ले जाने वाले व्यवहारों को प्रबलित करना।
Warning: प्रबलन और दंड के प्रकारों को ध्यान से समझें। 'नकारात्मक' का मतलब 'बुरा' नहीं होता, बल्कि 'हटाना' होता है। छात्र अक्सर यहाँ गलती करते हैं। यह Super TET के लिए बहुत ही ट्रिकी पॉइंट है।

प्रबलन की अनुसूचियाँ (Schedules of Reinforcement):

स्किनर ने यह भी बताया कि प्रबलन कब और कैसे दिया जाता है, यह व्यवहार को कैसे प्रभावित करता है।

  • निश्चित अनुपात अनुसूची (Fixed Ratio - FR): एक निश्चित संख्या में अनुक्रियाओं के बाद प्रबलन। (उदा. हर 5 सही उत्तर के बाद इनाम)
  • परिवर्तनीय अनुपात अनुसूची (Variable Ratio - VR): अनुक्रियाओं की एक परिवर्तनीय संख्या के बाद प्रबलन। (उदा. लॉटरी जीतना - कब जीतेंगे पता नहीं, लेकिन प्रयास करते रहते हैं)
  • निश्चित अंतराल अनुसूची (Fixed Interval - FI): एक निश्चित समय अवधि के बाद पहली अनुक्रिया पर प्रबलन। (उदा. मासिक वेतन)
  • परिवर्तनीय अंतराल अनुसूची (Variable Interval - VI): एक परिवर्तनीय समय अवधि के बाद पहली अनुक्रिया पर प्रबलन। (उदा. ईमेल चेक करना - कब नया ईमेल आएगा पता नहीं)

शैक्षिक निहितार्थ (Educational Implications):

स्किनर का सिद्धांत कक्षा प्रबंधन (Classroom Management) और शिक्षण रणनीतियों (Teaching Strategies) में बहुत उपयोगी है। यह छात्रों को वांछित व्यवहार सिखाने, अनुशासन बनाए रखने और सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, जब एक बच्चा अच्छा प्रदर्शन करता है और उसे तुरंत शाबाशी मिलती है, तो वह भविष्य में भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होता है। यह सिद्धांत विशेष रूप से व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) तकनीकों में महत्वपूर्ण है।


पावलव और स्किनर के सिद्धांतों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs

अब समय है आपकी समझ को परखने का। यहाँ कुछ चुनिंदा प्रश्न दिए गए हैं जो Super TET परीक्षा के पैटर्न पर आधारित हैं। ईमानदारी से इन्हें हल करें!


Q. 1. पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में, भोजन क्या है?
  • A) अनुबंधित उद्दीपक (CS)
  • B) अननुबंधित उद्दीपक (UCS)
  • C) अनुबंधित अनुक्रिया (CR)
  • D) अननुबंधित अनुक्रिया (UCR)
Answer: B) अननुबंधित उद्दीपक (UCS)

Q. 2. जब एक बच्चा स्कूल की घंटी सुनकर अपनी किताबें पैक करना शुरू कर देता है, भले ही छुट्टी न हुई हो, तो यह किस प्रकार के अधिगम का उदाहरण है?
  • A) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • B) शास्त्रीय अनुबंधन
  • C) अवलोकन अधिगम
  • D) अंतर्दृष्टि अधिगम
Answer: B) शास्त्रीय अनुबंधन

Q. 3. स्किनर के अनुसार, किसी व्यवहार की आवृत्ति को बढ़ाने के लिए कौन सा तरीका इस्तेमाल किया जाता है?
  • A) दंड
  • B) विलोपन
  • C) प्रबलन
  • D) सामान्यीकरण
Answer: C) प्रबलन

Q. 4. एक बच्चे को होमवर्क पूरा करने पर उसकी पसंदीदा आइसक्रीम मिलती है। यह किस प्रकार का प्रबलन है?
  • A) नकारात्मक प्रबलन
  • B) सकारात्मक प्रबलन
  • C) सकारात्मक दंड
  • D) नकारात्मक दंड
Answer: B) सकारात्मक प्रबलन

Q. 5. यदि एक शिक्षक छात्र की शरारत को रोकने के लिए उसकी पसंदीदा खेल गतिविधि से उसे वंचित कर देता है, तो यह क्या है?
  • A) सकारात्मक प्रबलन
  • B) नकारात्मक प्रबलन
  • C) सकारात्मक दंड
  • D) नकारात्मक दंड
Answer: D) नकारात्मक दंड

Q. 6. पावलव के प्रयोग में, घंटी की आवाज लार टपकाने के लिए कब अनुबंधित उद्दीपक (CS) बन जाती है?
  • A) जब उसे भोजन के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
  • B) जब उसे भोजन के बिना अकेले प्रस्तुत किया जाता है।
  • C) जब कुत्ते को घंटी की आवाज पसंद आती है।
  • D) जब कुत्ते को भोजन से नफरत होती है।
Answer: A) जब उसे भोजन के साथ प्रस्तुत किया जाता है।

Q. 7. 'स्वतः पुनर्लाभ' की अवधारणा किस अधिगम सिद्धांत से संबंधित है?
  • A) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • B) शास्त्रीय अनुबंधन
  • C) संज्ञानात्मक अधिगम
  • D) सामाजिक अधिगम
Answer: B) शास्त्रीय अनुबंधन

Q. 8. स्किनर बॉक्स का उपयोग किस सिद्धांत को समझाने के लिए किया गया था?
  • A) शास्त्रीय अनुबंधन
  • B) अंतर्दृष्टि अधिगम
  • C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • D) प्रयत्न एवं त्रुटि
Answer: C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन

Q. 9. एक छात्र को हर बार जब वह कक्षा में हाथ उठाता है, तो उसे बोलने का मौका दिया जाता है। यह किस प्रबलन अनुसूची का उदाहरण है?
  • A) निश्चित अनुपात
  • B) परिवर्तनीय अनुपात
  • C) निश्चित अंतराल
  • D) परिवर्तनीय अंतराल
Answer: A) निश्चित अनुपात

Q. 10. 'आकृतिीकरण (Shaping)' का उपयोग किस सिद्धांत में किया जाता है, जहाँ जटिल व्यवहारों को छोटे चरणों में सिखाया जाता है?
  • A) शास्त्रीय अनुबंधन
  • B) संज्ञानात्मक अधिगम
  • C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • D) सामाजिक अधिगम
Answer: C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन

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Test Series Features

Super TET में CDP सेक्शन को हल्के में लेने की गलती मत कीजिएगा, खासकर जब बात पावलव और स्किनर जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों की हो। मैंने कई छात्रों को देखा है जो सोचते हैं कि ये सिर्फ थ्योरी हैं और इन्हें रटना आसान है, लेकिन असल में परीक्षा में इनके एप्लीकेशन बेस्ड (application-based) प्रश्न आते हैं, जहाँ आपकी गहरी समझ काम आती है। मेरा सुझाव है कि इन सिद्धांतों को सिर्फ किताब से न पढ़ें, बल्कि इन्हें अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और क्लासरूम सिचुएशन से जोड़कर देखें।


CDP सेक्शन के लिए तैयारी की रणनीति: पावलव और स्किनर पर विशेष ध्यान

Super TET में CDP सेक्शन में 30 प्रश्न होते हैं और हर प्रश्न 1 नंबर का होता है। इसमें अधिगम के सिद्धांत एक बड़ा हिस्सा कवर करते हैं। आपकी रणनीति ऐसी होनी चाहिए कि आप न सिर्फ इन सिद्धांतों को समझें, बल्कि उन्हें याद भी रख सकें और अप्लाई भी कर सकें।


  • अवधारणात्मक स्पष्टता (Conceptual Clarity): सबसे पहले, हर अवधारणा (जैसे UCS, CS, प्रबलन, दंड) को पूरी तरह से समझें। उनके बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
  • उदाहरणों पर फोकस: हर सिद्धांत और उसके उप-सिद्धांतों के लिए अपने खुद के उदाहरण बनाएं। पावलव के कुत्ते और स्किनर के चूहे के अलावा, क्लासरूम के उदाहरण सोचें।
  • तुलनात्मक अध्ययन: दोनों सिद्धांतों की एक तुलनात्मक तालिका बनाएं। इससे आपको उनकी समानताएं और अंतर याद रखने में मदद मिलेगी। (जैसा कि हमने नीचे टेबल में दिया है)
  • फ्लोचार्ट और माइंड मैप्स: जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए फ्लोचार्ट या माइंड मैप्स बनाएं। जैसे, प्रबलन के प्रकारों का एक ट्री डायग्राम।
  • पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs): Super TET, CTET, UPTET, KVS, DSSSB जैसे विभिन्न शिक्षण परीक्षाओं के पिछले 5-7 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें। आपको अक्सर पैटर्न और महत्वपूर्ण विषय दोहराते हुए मिलेंगे।
  • मॉक टेस्ट: नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। Unictest पर आपको Super TET के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए मॉक टेस्ट मिलेंगे, जो आपकी तैयारी को नई दिशा देंगे।

Expert Tip: मैं हमेशा अपने छात्रों से कहता हूँ कि आप इन सिद्धांतों को सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक बेहतर शिक्षक बनने के लिए भी पढ़ें। जब आप कक्षा में होंगे, तो आपको छात्रों के व्यवहार को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से सिखाने के लिए इन सिद्धांतों की गहरी समझ की आवश्यकता होगी। इसे एक 'जीवन कौशल' की तरह देखें।

Super TET CDP के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकें

सही किताबों का चुनाव आपकी तैयारी की दिशा तय करता है। यहाँ कुछ किताबें हैं जिनकी मैं सिफारिश करता हूँ:


  • NCERT मनोविज्ञान कक्षा 11वीं और 12वीं: यह आधार बनाने के लिए सबसे अच्छी हैं। अधिगम के सिद्धांत यहाँ बहुत स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
  • अरिहंत/उपकार/लुसेंट की CDP गाइड: ये किताबें परीक्षा-उन्मुख होती हैं और आपको Super TET के सिलेबस के अनुसार सामग्री प्रदान करती हैं।
  • बी.एड/डी.एल.एड की पाठ्यपुस्तकें: अगर आपके पास हैं, तो ये भी बहुत मददगार होंगी क्योंकि इनमें शिक्षणशास्त्र का गहरा ज्ञान होता है।
  • Unictest के नोट्स और मॉक टेस्ट: हमारे प्लेटफॉर्म पर आपको विशेष रूप से Super TET के लिए तैयार किए गए नोट्स और अभ्यास प्रश्न मिलेंगे जो इन सिद्धांतों को कवर करते हैं।

अध्ययन अनुसूची और समय प्रबंधन

CDP को हर दिन कम से कम 1-2 घंटे दें। इसमें से 30-45 मिनट सिद्धांतों को समझने में और बाकी का समय MCQs और रिवीजन में लगाएं।


  • सोमवार: पावलव के सिद्धांत - अवधारणाएँ, प्रयोग, शैक्षिक निहितार्थ। 5 MCQs हल करें।
  • मंगलवार: स्किनर के सिद्धांत - अवधारणाएँ, प्रयोग, शैक्षिक निहितार्थ। 5 MCQs हल करें।
  • बुधवार: दोनों सिद्धांतों की तुलना, अंतर और समानताएँ। 10 MCQs हल करें।
  • गुरुवार: प्रबलन की अनुसूचियाँ और उनके अनुप्रयोग। 5 MCQs हल करें।
  • शुक्रवार: पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs) - पावलव और स्किनर से संबंधित।
  • शनिवार: पूरे सप्ताह के टॉपिक का रिवीजन और एक छोटा मॉक टेस्ट।
  • रविवार: आराम या अन्य विषय की तैयारी।

यह एक सामान्य अनुसूची है, आप इसे अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण बात है निरंतरता (consistency)।


पावलव और स्किनर के सिद्धांतों पर आधारित अतिरिक्त MCQs

अपनी तैयारी को और मजबूत करें!


Q. 11. एक बच्चे को गणित के कठिन सवालों को हल करने पर उसकी शिक्षक उसे 'स्टार' स्टिकर देती है। यह किस प्रकार का प्रबलन है?
  • A) सकारात्मक प्रबलन
  • B) नकारात्मक प्रबलन
  • C) सकारात्मक दंड
  • D) नकारात्मक दंड
Answer: A) सकारात्मक प्रबलन

Q. 12. जब एक बच्चा एक विशिष्ट ध्वनि के प्रति अनुक्रिया करना सीखता है और अन्य समान ध्वनियों को अनदेखा करता है, तो यह क्या कहलाता है?
  • A) सामान्यीकरण
  • B) विभेदन
  • C) विलोपन
  • D) पुनर्लाभ
Answer: B) विभेदन

Q. 13. कौन सा अधिगम सिद्धांत सक्रिय रूप से व्यवहार करने और उसके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करता है?
  • A) शास्त्रीय अनुबंधन
  • B) अंतर्दृष्टि अधिगम
  • C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • D) सामाजिक अधिगम
Answer: C) क्रियाप्रसूत अनुबंधन

Q. 14. पावलव के सिद्धांत में, 'अननुबंधित अनुक्रिया' क्या है?
  • A) सीखी हुई प्रतिक्रिया
  • B) प्राकृतिक प्रतिक्रिया
  • C) तटस्थ प्रतिक्रिया
  • D) विलंबित प्रतिक्रिया
Answer: B) प्राकृतिक प्रतिक्रिया

Q. 15. एक शिक्षक छात्र के अनुपस्थित रहने पर उसके माता-पिता को सूचित करता है, जिससे छात्र अगली बार स्कूल आता है। यह किस प्रकार का दंड है?
  • A) सकारात्मक प्रबलन
  • B) नकारात्मक प्रबलन
  • C) सकारात्मक दंड
  • D) नकारात्मक दंड
Answer: C) सकारात्मक दंड (क्योंकि एक अप्रिय उद्दीपक - माता-पिता को सूचित करना - जोड़ा गया है)

Q. 16. जुआ खेलना या लॉटरी के खेल किस प्रबलन अनुसूची का सबसे अच्छा उदाहरण हैं?
  • A) निश्चित अनुपात अनुसूची
  • B) परिवर्तनीय अनुपात अनुसूची
  • C) निश्चित अंतराल अनुसूची
  • D) परिवर्तनीय अंतराल अनुसूची
Answer: B) परिवर्तनीय अनुपात अनुसूची

Q. 17. एक बच्चा जो पहले डॉक्टर के क्लिनिक से डरता था, अब डॉक्टर के सफेद कोट को देखकर डरने लगता है। यह किसका उदाहरण है?
  • A) उद्दीपक विभेदन
  • B) उद्दीपक सामान्यीकरण
  • C) स्वतः पुनर्लाभ
  • D) विलोपन
Answer: B) उद्दीपक सामान्यीकरण

Q. 18. स्किनर के अनुसार, 'नकारात्मक प्रबलन' का अर्थ है:
  • A) किसी अप्रिय उद्दीपक को जोड़ना
  • B) किसी अप्रिय उद्दीपक को हटाना
  • C) किसी सुखद उद्दीपक को जोड़ना
  • D) किसी सुखद उद्दीपक को हटाना
Answer: B) किसी अप्रिय उद्दीपक को हटाना

Q. 19. अधिगम की प्रक्रिया में 'विलोप' कब होता है?
  • A) जब CS को UCS के साथ बार-बार प्रस्तुत किया जाता है।
  • B) जब CS को UCS के बिना बार-बार प्रस्तुत किया जाता है।
  • C) जब UCS को CS के बिना प्रस्तुत किया जाता है।
  • D) जब CR को प्रबलित किया जाता है।
Answer: B) जब CS को UCS के बिना बार-बार प्रस्तुत किया जाता है।

Q. 20. कौन सा सिद्धांत मुख्य रूप से अनैच्छिक, प्रतिक्षेपी व्यवहारों (involuntary, reflexive behaviors) से संबंधित है?
  • A) क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • B) शास्त्रीय अनुबंधन
  • C) संज्ञानात्मक अधिगम
  • D) सामाजिक अधिगम
Answer: B) शास्त्रीय अनुबंधन

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Pavlov's Classical Conditioning focuses on involuntary, reflexive responses learned through association between a neutral stimulus and a natural one (e.g., dog salivating at a bell). The learner is passive. In contrast, Skinner's Operant Conditioning deals with voluntary behaviors that are strengthened or weakened by their consequences (e.g., a child cleaning their room to avoid nagging). Here, the learner is active, and the behavior is emitted to receive a reward or avoid punishment. Understanding this fundamental difference is crucial for Super TET questions.

Certainly! In Pavlov's Classical Conditioning, UCS (Unconditioned Stimulus) is the natural trigger, UCR (Unconditioned Response) is the natural reaction. CS (Conditioned Stimulus) is the learned trigger, and CR (Conditioned Response) is the learned reaction. For example, if a child (UCR) naturally feels anxious (UCR) about a difficult exam (UCS), and every time before the exam, the teacher announces it with a specific stern tone (CS), eventually the child might start feeling anxious (CR) just by hearing that stern tone (CS), even without an immediate exam announcement. This illustrates how emotions can be conditioned in a classroom.

Skinner's theory includes four main types. Positive Reinforcement adds a desirable stimulus to increase a behavior (e.g., praising a student for answering correctly). Negative Reinforcement removes an undesirable stimulus to increase a behavior (e.g., allowing a student to skip a small chore for completing homework). Positive Punishment adds an undesirable stimulus to decrease a behavior (e.g., giving extra assignments for misbehavior). Negative Punishment removes a desirable stimulus to decrease a behavior (e.g., taking away playtime for fighting). Teachers often use these to manage classroom behavior and motivate learning effectively.

For a strong foundation, I highly recommend NCERT Psychology books for Class 11th and 12th, as they explain these theories clearly with good examples. For Super TET-specific content and practice, you can refer to comprehensive CDP guides from publishers like Arihant or Upkar. Additionally, any B.Ed/D.El.Ed textbooks on educational psychology will provide in-depth knowledge. Don't forget to utilize Unictest's curated study material and mock tests, which are specifically designed for the Super TET exam pattern and cover these topics extensively.

Based on previous Super TET patterns and other teaching exams, you can expect approximately 5-7 questions directly or indirectly related to learning theories in the CDP section. Out of these, 2-3 questions are highly likely to come specifically from Pavlov's Classical Conditioning and Skinner's Operant Conditioning. The difficulty level is usually moderate, focusing on conceptual understanding, application-based scenarios, and distinguishing between key terms. Rarely are they extremely complex, but they often require careful reading and critical thinking to avoid common misconceptions, especially regarding reinforcement and punishment.

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