Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Notes

सुपर टीईटी गणित लाभ और हानि अवधारणा नोट्स

गणित में लाभ और हानि के लिए आपकी अंतिम मार्गदर्शिका

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-09-11 · हिंदी

SUPER TET Notes — Overview

Super TET Math Profit and Loss Concept Notes

Super TET Math: Profit and Loss Concept Notes

प्रिय छात्रों, हमें यह जानकर खुशी हो रही है कि आप Super TET 2026 की तैयारी कर रहे हैं। इस लेख में, हम 'लाभ और हानि' यानी Profit and Loss की अवधारणा को विस्तार से समझेंगे। यह एक महत्वपूर्ण विषय है जो न केवल आपके परीक्षा में, बल्कि आपके दैनिक जीवन में भी उपयोगी हो सकता है।

नोट: Super TET परीक्षा देश भर में शिक्षकों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा केवल विषय ज्ञान की जांच नहीं करती है, बल्कि आपके तर्कशक्ति और समस्या को सुलझाने की क्षमता को भी परखती है।

लाभ और हानि की परिभाषा

लाभ और हानि एक मौलिक व्यापारिक अवधारणा है, जो व्यापार में लागत और राजस्व के संबंध में होती है।

  • लाभ (Profit): जब किसी वस्तु को उसके खरीद मूल्य से अधिक कीमत पर बेचा जाता है, तो उसे लाभ कहते हैं।
  • हानि (Loss): जब किसी वस्तु को उसके खरीद मूल्य से कम कीमत पर बेचा जाता है, तो उसे हानि कहते हैं।

लाभ और हानि की सूत्र

लाभ और हानि की गणना के लिए कुछ प्रमुख सूत्र निम्नलिखित हैं:

  1. लाभ (Profit) = बिक्री मूल्य (Selling Price, SP) - लागत मूल्य (Cost Price, CP)
  2. हानि (Loss) = लागत मूल्य (CP) - बिक्री मूल्य (SP)
  3. लाभ प्रतिशत (Profit Percentage) = (लाभ / लागत मूल्य) * 100
  4. हानि प्रतिशत (Loss Percentage) = (हानि / लागत मूल्य) * 100

उदाहरण के माध्यम से समझें

आइए कुछ उदाहरणों के माध्यम से लाभ और हानि की अवधारणा को समझें।

उदाहरण 1:

मान लीजिए, आपने किसी सामान को ₹500 में खरीदा और उसे ₹600 में बेचा।

विवरण मूल्य
लागत मूल्य (CP) ₹500
बिक्री मूल्य (SP) ₹600
लाभ (Profit) ₹600 - ₹500 = ₹100
लाभ प्रतिशत (Profit Percentage) =(100/500)*100 = 20%

उदाहरण 2:

अब मान लीजिए, आपने सामान को ₹500 में खरीदा और उसे ₹450 में बेचा।

विवरण मूल्य
लागत मूल्य (CP) ₹500
बिक्री मूल्य (SP) ₹450
हानि (Loss) ₹500 - ₹450 = ₹50
हानि प्रतिशत (Loss Percentage) =(50/500)*100 = 10%

लाभ और हानि की विशेषताएँ

लाभ और हानि का ज्ञान व्यापार को सही तरीके से चलाने में मदद करता है। कुछ विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • लाभ, व्यवसाय के विकास और वृद्धि का संकेत है।
  • हानि, व्यवसाय में संकट का संकेत देती है।
  • व्यापार में लाभ और हानि का सही आकलन आवश्यक है, ताकि उचित निर्णय लिए जा सकें।

लाभ और हानि में व्यापारिक रणनीतियाँ

व्यापार में लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ रणनीतियाँ महत्वपूर्ण होती हैं:

  1. विपणन रणनीतियाँ (Marketing Strategies): सही विपणन से ग्राहक आकर्षित होते हैं।
  2. लागत को कम करना (Cost Reduction): अपनी उत्पाद की लागत को कम करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए।
  3. उत्पाद की गुणवत्ता (Product Quality): उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद अधिक मूल्य पर बिकते हैं।

सामान्य शब्दावली

लाभ और हानि से संबंधित कुछ आवश्यक शब्दावली का परिचय दिया जा रहा है:

  • लागत मूल्य (Cost Price): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है।
  • बिक्री मूल्य (Selling Price): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है।
  • लाभ (Profit): लागत मूल्य और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर जब बिक्री मूल्य अधिक हो।
  • हानि (Loss): लागत मूल्य और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर जब बिक्री मूल्य कम हो।

शिक्षण अनुभव: लाभ और हानि की समझदारी

मेरे अध्यापन अनुभव के अनुसार, छात्रों के लिए लाभ और हानि की अवधारणा को समझना थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई छात्रों ने मुझसे कहा है कि उन्हें प्रतिशत निकालने में दिक्कत होती है। इसलिए जब आप इस विषय की तैयारी करें, तो विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास करना न भूलें।

छात्रों की चुनौतियाँ

कुछ सामान्य समस्याएँ जो छात्रों को लाभ और हानि समझने में आती हैं:

  • संधारित्र (Formula) का उपयोग करना।
  • सही प्रतिशत निकालना।
  • प्रश्नों को हल करने में समय प्रबंधन।

सुझाव: कैसे करें तैयारी

लाभ और हानि के प्रश्नों की तैयारी करने के लिए निम्नलिखित सुझावों का पालन कर सकते हैं:

  1. सिद्धांत को समझें और उसके बाद प्रश्नों का अभ्यास करें।
  2. अभ्यास करते समय समय सीमा निर्धारित करें ताकि आप जल्दी हल करने की आदत डाल सकें।
  3. अधिक से अधिक प्रश्नपत्र हल करें, ताकि आप परीक्षा के पैटर्न के अनुसार तैयार हो सकें।

निष्कर्ष

लाभ और हानि का ज्ञान न केवल आपकी परीक्षा में सहायक होगा, बल्कि यह आपके जीवन के कई पहलुओं में भी महत्वपूर्ण है। इसे समझकर आप अपनी वित्तीय स्थिति को भी बेहतर कर सकते हैं। Super TET 2026 की तैयारी करते समय इस अवधारणा पर ध्यान दें।

आशा है कि यह नोट्स आपको लाभ और हानि के विषय को समझने में मदद करेंगे। यदि आपके कोई प्रश्न हैं, तो कृपया उन्हें पूछने में संकोच न करें। हम आपके साथ हैं इस यात्रा में!

SUPER TET Study Notes & Material

Subject-wise study notes — Download PDF, read offline, and prepare smartly!

SUPER TET Notes Details

नीचे दी गई तालिका में महत्वपूर्ण विवरण दिए गए हैं। (Important details are provided in the table below.)
विषयसूत्रउदाहरण
लाभलाभ = बिक्री मूल्य - लागत मूल्ययदि लागत मूल्य 1000 है और बिक्री मूल्य 1200 है, तो लाभ = 1200 - 1000 = 200
हानिहानि = लागत मूल्य - बिक्री मूल्ययदि लागत मूल्य 1000 है और बिक्री मूल्य 800 है, तो हानि = 1000 - 800 = 200
लाभ प्रतिशतलाभ प्रतिशत = (लाभ / लागत मूल्य) × 100लाभ 200 और लागत मूल्य 1000 है, तो लाभ प्रतिशत = (200 / 1000) × 100 = 20%
हानि प्रतिशतहानि प्रतिशत = (हानि / लागत मूल्य) × 100हानि 200 और लागत मूल्य 1000 है, तो हानि प्रतिशत = (200 / 1000) × 100 = 20%

SUPER TET Additional Notes Details

समय (वर्ष)अवधिलाभहानि
11 वर्ष500300
22 वर्ष1000600
33 वर्ष1500900
44 वर्ष20001200

SUPER TETविस्तृत जानकारी (Detailed Information)

Super TET Math Profit and Loss Concept Notes

सुपर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (Super TET) 2026: गणित - लाभ और हानि (Profit and Loss) की संकल्पना

सुपर टीट 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए, लाभ और हानि का विषय एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह विषय न केवल प्रतियोगी परीक्षा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन में भी बहुत उपयोगी है। इस लेख में, हम लाभ और हानि की संकल्पना को विस्तार से समझेंगे, जिसमें हम कुछ महत्वपूर्ण सूत्र, समस्याएं और उनके समाधान भी देखेंगे।

लाभ और हानि की परिभाषा (Definition of Profit and Loss)

लाभ (Profit) उस राशि को कहते हैं जो किसी उत्पाद की बिक्री पर होती है जब इसकी बिक्री मूल्य (Selling Price) लागत मूल्य (Cost Price) से अधिक होता है। वहीं, हानि (Loss) उस स्थिति को दर्शाता है जब बिक्री मूल्य लागत मूल्य से कम होता है।

लाभ और हानि के मूल बातें (Fundamentals of Profit and Loss)

  • लागत मूल्य (Cost Price - CP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है।
  • बिक्री मूल्य (Selling Price - SP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है।
  • लाभ (Profit): जब SP > CP, तो लाभ = SP - CP
  • हानि (Loss): जब SP < CP, तो हानि = CP - SP
  • लाभ प्रतिशत (Profit Percentage): (लाभ / CP) × 100%
  • हानि प्रतिशत (Loss Percentage): (हानि / CP) × 100%

लाभ और हानि के सूत्र (Formulas for Profit and Loss)

प्रकार सूत्र
लाभ SP = CP + Profit
हानि SP = CP - Loss
लाभ प्रतिशत Profit Percentage = (Profit / CP) × 100
हानि प्रतिशत Loss Percentage = (Loss / CP) × 100

लाभ और हानि से संबंधित कुछ उपयोगी समस्याएं (Useful Problems Related to Profit and Loss)

अब हम कुछ सरल समस्याओं का समाधान करते हैं जो आपको लाभ और हानि के अवधारणा को समझने में मदद करेगी।

समस्या 1:

एक विक्रेता ने 500 रुपये में एक सामान खरीदा। यदि वह उसे 600 रुपये में बेचता है, तो उसका लाभ या हानि क्या होगा?

हल:

  • CP = 500 रुपये
  • SP = 600 रुपये
  • लाभ = SP - CP = 600 - 500 = 100 रुपये
  • लाभ प्रतिशत = (लाभ / CP) × 100 = (100 / 500) × 100 = 20%

इसलिए, विक्रेता को 20% लाभ हुआ है।

समस्या 2:

मोहित ने एक किताब को 250 रुपये में खरीदा और उसे 200 रुपये में बेचा। हानि की गणना करें।

हल:

  • CP = 250 रुपये
  • SP = 200 रुपये
  • हानि = CP - SP = 250 - 200 = 50 रुपये
  • हानि प्रतिशत = (हानि / CP) × 100 = (50 / 250) × 100 = 20%

इसलिए, मोहित को 20% हानि हुई है।

प्रतिस्पर्धी परीक्षा में लाभ और हानि का महत्व (Importance of Profit and Loss in Competitive Exams)

लाभ और हानि के सवाल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। जैसे की सुपर टीईटी, बैंकिंग परीक्षा, चक्रीय परीक्षा आदि में। यह प्रश्न न केवल गणितीय कौशल को परखते हैं, बल्कि आपकी तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को भी दर्शाते हैं।

लाभ और हानि के प्रश्नों के लिए अध्ययन सामग्री (Study Material for Profit and Loss Questions)

सुपर टीईटी की तैयारी के लिए कई पुस्तकें और ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध हैं। यहाँ कुछ सलाहें हैं:

  1. NCERT की गणित की किताबें: ये बुनियादी अवधारणाओं के लिए बहुत अच्छी होती हैं।
  2. प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष पुस्तकें जैसे की “Quantitative Aptitude” by R.S. Aggarwal।
  3. ऑनलाइन कोर्स और वीडियो ट्यूटोरियल्स। जहां आप विस्तृत व्याख्या और उदाहरण देख सकते हैं।
  4. अभ्यास पत्र और मॉक टेस्ट: इन्हें हल करने से आपको परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी।

अवधारणात्मक त्रुटियाँ (Common Conceptual Mistakes)

कई बार विद्यार्थी लाभ और हानि के सवालों को हल करते समय कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। उदाहरण स्वरूप:
  • लाभ को हानि में बदलने के समय गलत गणना करना।
  • CP और SP के बीच अंतर को समझने में परेशानी होना।
  • लाभ और हानि प्रतिशत की गणना में गलतियाँ।

सुपर टीट 2026 की तैयारी में लाभ और हानि की विशेषताएँ (Features of Profit and Loss in Super TET 2026 Preparation)

इस विषय की तैयारी में, आपको यह याद रखना चाहिए कि:

  1. हर प्रश्न का हल विधिपूर्वक करें। अपने समय का सही प्रबंधन करें।
  2. महत्वपूर्ण सूत्रों को अच्छे से याद करें और नियमित रूप से अभ्यास करें।
  3. मॉक टेस्ट लेने से आपको प्रश्नों की तैयारी और परीक्षा के दबाव में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष (Conclusion)

लाभ और हानि की अवधारणा Super TET 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्यतः, यह विषय विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन उचित ज्ञान और नियमित अभ्यास से, आप इसे आसानी से समझ सकते हैं। मैं भी अपने छात्रों को यही सलाह देता हूँ कि वे हमेशा अभ्यास करते रहें और अपने समय का सही उपयोग करें।

आपका सफलता की ओर आगे बढ़ने की यात्रा में शुभकामनाएँ!

SUPER TET Important Tips & Guidelines

Super TET Math Profit and Loss Concept Notes

Super TET 2026: Profit and Loss Concept Notes

नमस्ते बच्चों! आज हम Super TET 2026 परीक्षा के लिए 'Profit and Loss' के महत्वपूर्ण सिद्धांतों के बारे में चर्चा करेंगे। यह विषय गणित का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है। इसलिए, इसे समझना और अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।

Profit and Loss: एक संक्षिप्त परिचय

Profit और Loss का मतलब है लाभ और हानि। जब हम कोई सामान खरीदते हैं और उसे बेचते हैं, तब हम उस पर लाभ या हानि प्राप्त कर सकते हैं। यह गणित का एक ऐसा अनुभाग है जो वाणिज्यिक गणना में बहुत महत्वपूर्ण है।

Profit और Loss के प्रमुख घटक

  • Cost Price (CP): वह कीमत जिस पर सामान खरीदा जाता है।
  • Selling Price (SP): वह कीमत जिस पर सामान बेचा जाता है।
  • Profit: यदि SP > CP, तो हमें लाभ होता है। इसे निम्नलिखित सूत्र से निकाला जाता है:

Profit = Selling Price - Cost Price

  • Loss: यदि CP > SP, तो हमें हानि होती है। इसे निम्नलिखित सूत्र से निकाला जाता है:
  • Loss = Cost Price - Selling Price

    Profit और Loss के प्रतिशत सूत्र

    लाभ और हानि को प्रतिशत में व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित सूत्रों का उपयोग किया जाता है:

    1. Profit Percentage = (Profit / CP) × 100
    2. Loss Percentage = (Loss / CP) × 100

    उदाहरण: Profit और Loss की गणना

    मान लीजिए कि आपने एक पेन को 100 रुपये में खरीदा (CP) और उसे 120 रुपये में बेचा (SP)।

    विवरणमूल्य (रुपये)
    Cost Price (CP)100
    Selling Price (SP)120
    Profit20
    Profit Percentage20%

    अब, यदि आपने एक किताब को 200 रुपये में खरीदा (CP) और उसे 150 रुपये में बेचा (SP), तो:

    विवरणमूल्य (रुपये)
    Cost Price (CP)200
    Selling Price (SP)150
    Loss50
    Loss Percentage25%

    Profit और Loss के प्रश्नों के प्रकार

    Super TET परीक्षा में Profit और Loss से संबंधित प्रश्नों के कई प्रकार होते हैं:

    • सीधा प्रश्न: जैसे, "यदि CP 500 है और SP 600 है, तो लाभ क्या है?"
    • प्रतिशत प्रश्न: जैसे, "यदि लाभ 20% है और CP 400 है, तो SP क्या होगा?"
    • संयुक्त प्रश्न: जैसे, "यदि एक सामान का CP 500 है, और वह 20% लाभ पर बेचा गया है, और बाद में 10% छूट दी गई है, तो अंतिम SP क्या होगा?"

    आवश्यक तैयारी रणनीतियाँ

    Profit और Loss के इस विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

    1. **सिद्धांतों को समझें:** सबसे पहले, सभी मूलभूत सिद्धांतों को अच्छे से पढ़ें और समझें।
    2. **उदाहरणों का अभ्यास करें:** कई उदाहरणों पर काम करें ताकि आप विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को समझ सकें।
    3. **मॉक टेस्ट लें:** परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट लेना न भूलें। यह आपकी तैयारी की स्थिति को जानने में मदद करेगा।
    4. **समय प्रबंधन का अभ्यास करें:** परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, अपने उत्तरों को समय पर हल करने की आदत डालें।

    पुनरावलोकन और समापन

    Super TET 2026 परीक्षा में सफलता के लिए अच्छी तैयारी आवश्यक है। Profit और Loss के सिद्धांतों को समझना और किसी भी प्रश्न को हल करना आपकी गणितीय क्षमता को बढ़ा सकता है।

    परीक्षा में नकारात्मक संकेत

    परीक्षा में कुछ छात्रों को गलत उत्तर देने पर नकारात्मक मार्किंग का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आप केवल उन प्रश्नों का उत्तर दें जिनके बारे में आप पूरी तरह से सुनिश्चित हैं। यदि आप किसी प्रश्न पर संदेह में हैं, तो उसे छोड़ दें।

    अंत में, एक शिक्षक के रूप में मेरा अनुभव

    छात्रों के साथ मेरा अनुभव बताते हैं कि कई बार लोग गलतियों से डरते हैं। लेकिन, डर को दूर करने के लिए, एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। जब आप गलतियाँ करते हैं, तो उनसे सीखें।

    अभ्यास के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

    नीचे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं जिनका अभ्यास करना बहुत फायदेमंद हो सकता है:

    1. 1. यदि एक सामान का CP 1500 है और वह 20% लाभ पर बेचा जाता है, तो उसका SP क्या होगा?
    2. 2. एक विक्रेता ने एक किताब को 80 रुपये में खरीदा और उसे 60 रुपये में बेचा, तो उसे कितना नुकसान हुआ?
    3. 3. यदि एक सामान का CP 800 है और SP 720 है, तो हानि प्रतिशत क्या होगा?

    अंतिम सुझाव

    शेष समय में, लगातार अभ्यास करते रहें, और संदेह होने पर शिक्षकों या साथी छात्रों से सहायता लें। नियमित रूप से मॉक परीक्षण करना न भूलें और अपनी गलतियों का विश्लेषण करें।

    सफलता की कुंजी मेहनत और समर्पण है। आपको अपनी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। आप सभी को Super TET 2026 के लिए शुभकामनाएँ!

    🎯 Ready to Crack SUPER TET?

    Start with a free mock test — No credit card required

    Start Free Mock Test — It's Free!

    Frequently Asked Questions (SUPER TET)

    लाभ और हानि दोनों व्यापारिक गणित के महत्वपूर्ण घटक हैं। लाभ तब होता है जब बिक्री मूल्य लागत मूल्य से अधिक होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी वस्तु को 1000 रुपये में खरीदते हैं और उसे 1200 रुपये में बेचते हैं, तो आपके पास 200 रुपये का लाभ होगा। दूसरी ओर, हानि तब होती है जब बिक्री मूल्य लागत मूल्य से कम होता है। यदि आप उसी वस्तु को 800 रुपये में बेचते हैं, तो आपको 200 रुपये की हानि होगी।

    लाभ प्रतिशत की गणना करने के लिए, आपको पहले लाभ ज्ञात करना होगा। लाभ ज्ञात करने के लिए, बिक्री मूल्य से लागत मूल्य घटाएं। फिर, उस लाभ को लागत मूल्य से विभाजित करें और 100 से गुणा करें। उदाहरण के लिए, यदि आपकी लागत मूल्य 1000 रुपये है और बिक्री मूल्य 1200 रुपये है, तो लाभ 200 रुपये है। इसका लाभ प्रतिशत 20% होगा क्योंकि (200/1000) × 100 = 20।

    हानि प्रतिशत की गणना भी लाभ प्रतिशत की तरह की जाती है। पहले, आपको हानि ज्ञात करनी होगी। हानि ज्ञात करने के लिए लागत मूल्य से बिक्री मूल्य को घटाएं। इसके बाद, उस हानि को लागत मूल्य से विभाजित करें और 100 से गुणा करें। मान लीजिए, आपकी लागत मूल्य 1000 रुपये है और बिक्री मूल्य 800 रुपये है। तो आपकी हानि 200 रुपये होगी, और हानि प्रतिशत 20% होगा क्योंकि (200/1000) × 100 = 20।

    लाभ और हानि के कई सामान्य उदाहरण हैं। मान लीजिए, आप एक किताब 500 रुपये में खरीदते हैं और उसे 600 रुपये में बेचते हैं, तो आपको 100 रुपये का लाभ होगा। दूसरी ओर, यदि आप एक गाड़ी 1 लाख रुपये में खरीदते हैं और उसे 90,000 रुपये में बेचते हैं, तो आपको 10,000 रुपये की हानि होती है। ये उदाहरण आपको समझने में मदद करेंगे कि बाजार में मूल्य कैसे बदलता है और आपके लाभ या हानि को प्रभावित करता है।

    सुपर टीईटी परीक्षा में लाभ और हानि से संबंधित प्रश्नों की तैयारी के लिए, आपको अवधारणाओं को अच्छी तरह से समझना होगा। नोट्स बनाना और महत्वपूर्ण सूत्रों को याद करना आवश्यक है। आप पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और मॉक टेस्ट का उपयोग करके प्रैक्टिस कर सकते हैं। समय-समय पर अपने प्रगति को मापें और आवश्यकता अनुसार सुधारें। इसके अलावा, अध्ययन के साथ-साथ नियमित रूप से रिवीजन करें ताकि आप परीक्षा के दिन आत्मविश्वास के साथ रह सकें।

    SUPER TET Test Series

    500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

    Start Now