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Cut Off 2026

UP Super TET Year Wise Cut Off Trends Analysis 2026 | यूपी सुपर टेट वर्षवार कट ऑफ विश्लेषण

यूपी सुपर टेट कट ऑफ ट्रेंड्स: पिछले वर्षों का विश्लेषण और 2026 के लिए तैयारी की रणनीति | UP Super TET Cut Off Trends: Analysis of Previous Years & Strategy for 2026

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SUPER TET Cut Off — Overview

Namaste, mere प्यारे छात्रों! UP Super TET परीक्षा उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षक बनने का एक सुनहरा अवसर है। लाखों उम्मीदवार हर साल इस परीक्षा में भाग लेते हैं, और ऐसे में Cut Off मार्क्स को समझना आपकी तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह जानना भी ज़रूरी है कि आपको कितना स्कोर करना है ताकि आप मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बना सकें।


जब मैं अपने छात्रों को Super TET के लिए गाइड करता हूँ, तो मैं हमेशा कहता हूँ कि कट-ऑफ सिर्फ एक नंबर नहीं है, यह एक लक्ष्य है। पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स (Year Wise Cut Off Trends) को समझना आपको 2026 की परीक्षा के लिए एक ठोस रणनीति बनाने में मदद करेगा। आइए, हम पिछले UP Super TET परीक्षाओं के कट-ऑफ का गहराई से विश्लेषण करें और समझें कि कौन से कारक इसे प्रभावित करते हैं।


Super TET Cut Off क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

Dekhiye dosto, Cut Off मार्क्स वो न्यूनतम अंक होते हैं जो किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा में सफल घोषित होने और अगले चरण में पहुंचने के लिए प्राप्त करने होते हैं। यह एक तरह का बेंचमार्क है। अगर आप कट-ऑफ से कम स्कोर करते हैं, तो आप परीक्षा में सफल नहीं माने जाएंगे। Super TET में, यह सिर्फ लिखित परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि आपके एकेडमिक रिकॉर्ड (जैसे हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और बी.एड./बी.टी.सी.) के अंकों का भी एक निश्चित प्रतिशत (40%) इसमें जोड़ा जाता है। बाकी 60% लिखित परीक्षा से आता है।


Expert Tip: कट-ऑफ को सिर्फ पासिंग मार्क्स मत समझिए। आपका लक्ष्य हमेशा कट-ऑफ से 5-10 अंक ऊपर का होना चाहिए ताकि आप सुरक्षित महसूस कर सकें और अंतिम चयन सूची में जगह बना सकें।

UP Super TET Cut Off को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक (Factors Affecting Cut Off)

Maine personally dekha hai ki bahut se students sirf पढ़ाई करते रहते हैं लेकिन ये नहीं समझते कि कट-ऑफ ऊपर-नीचे क्यों होता है। Cut Off कई चीज़ों पर निर्भर करता है:

  • कुल रिक्तियों की संख्या (Total Number of Vacancies): अगर रिक्तियां ज़्यादा होती हैं, तो आमतौर पर कट-ऑफ थोड़ा कम जा सकता है, और अगर रिक्तियां कम होती हैं, तो कट-ऑफ ऊपर जाता है क्योंकि प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है।
  • परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या (Number of Candidates Appeared): जितने ज़्यादा उम्मीदवार परीक्षा देंगे, उतनी ही प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कट-ऑफ भी ऊपर जा सकता है।
  • परीक्षा का कठिनाई स्तर (Difficulty Level of the Exam): अगर पेपर मुश्किल आता है, तो छात्रों के औसत अंक कम होते हैं, जिससे कट-ऑफ नीचे जा सकता है। इसके विपरीत, आसान पेपर में कट-ऑफ ऊपर जाता है।
  • आरक्षण नीतियां (Reservation Policies): विभिन्न श्रेणियों (General, OBC, SC, ST, EWS, PwD) के लिए कट-ऑफ अलग-अलग होता है। आरक्षण नियमों का पालन किया जाता है।
  • पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स (Previous Year Cut Off Trends): यह एक महत्वपूर्ण सूचक होता है, जिससे आगामी परीक्षा के कट-ऑफ का अनुमान लगाया जा सकता है।
  • उम्मीदवारों का प्रदर्शन (Overall Performance of Candidates): सभी उम्मीदवारों का सामूहिक प्रदर्शन भी कट-ऑफ को प्रभावित करता है। अगर ज़्यादातर छात्र अच्छा स्कोर करते हैं, तो कट-ऑफ ऊपर जाएगा।

UP Super TET Previous Year Cut Off Trends Analysis (2018 & 2019)

यूपी में Super TET की दो बड़ी भर्तियां हुई हैं – 2018 में 68,500 पदों के लिए और 2019 में 69,000 पदों के लिए। इन दोनों परीक्षाओं के कट-ऑफ को समझना हमें 2026 के लिए एक अच्छा अनुमान देगा।


UP Super TET 2018 Cut Off Analysis:
यह पहली Super TET परीक्षा थी और इसका पैटर्न थोड़ा अलग था। इसमें लिखित परीक्षा (150 अंक) के साथ-साथ एकेडमिक गुणांक (40%) और लिखित परीक्षा का गुणांक (60%) जोड़ा गया था।
मुझे याद है 2018 में, पहली बार इस तरह की भर्ती हुई थी, और कट-ऑफ को लेकर काफी कन्फ्यूजन था। फाइनल कट-ऑफ लिखित परीक्षा के साथ-साथ एकेडमिक स्कोर पर भी आधारित था।


UP Super TET 2019 Cut Off Analysis:
यह 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती थी, जिसमें करीब 4 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा में न्यूनतम कट-ऑफ को लेकर काफी विवाद भी हुआ था, जो बाद में कोर्ट के फैसले के बाद तय हुआ।
इस भर्ती में जनरल कैटेगरी के लिए कट-ऑफ 65% (97/150) और आरक्षित वर्ग के लिए 60% (90/150) तय किया गया था। लेकिन यह सिर्फ लिखित परीक्षा के पासिंग मार्क्स थे। फाइनल मेरिट लिस्ट एकेडमिक गुणांक और लिखित परीक्षा के गुणांक को मिलाकर बनी थी।


Important Note: 2019 में 69000 शिक्षक भर्ती में कट-ऑफ को लेकर काफी कानूनी लड़ाई चली थी। शुरुआत में सरकार ने 65% और 60% का कट-ऑफ तय किया, जिस पर बाद में हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया और फिर सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा। यह दिखाता है कि कट-ऑफ सिर्फ नंबर्स नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया का एक संवेदनशील हिस्सा भी है।

इन दोनों वर्षों के ट्रेंड्स से हमें यह सीख मिलती है कि कट-ऑफ केवल एक नंबर नहीं, बल्कि एक कॉम्प्लेक्स कैलकुलेशन है। 2026 की परीक्षा के लिए, आपका लक्ष्य सिर्फ कट-ऑफ क्लियर करना नहीं, बल्कि इतना ज़्यादा स्कोर करना होना चाहिए कि आप मेरिट लिस्ट में सुरक्षित रहें। आपका एकेडमिक रिकॉर्ड भी इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, इसलिए उसे भी नज़रअंदाज़ न करें।


मैंने अपने अनुभव में देखा है कि जो छात्र सिर्फ लिखित परीक्षा के अंकों पर ध्यान देते हैं और अपने एकेडमिक स्कोर को कम आंकते हैं, उन्हें बाद में मेरिट लिस्ट में जगह बनाने में मुश्किल होती है। इसलिए, हर पहलू पर ध्यान देना ज़रूरी है।

Category-wise Cut Off Marks

नीचे दी गई तालिका में पिछले वर्षों की कैटेगरी-वाइज कट ऑफ दी गई है।
परीक्षा वर्षश्रेणी (Category)लिखित परीक्षा कट-ऑफ (न्यूनतम अंक 150 में से)अंतिम चयन गुणांक (लगभग)
2019 (69000 भर्ती)General97 (65%)67-70
2019 (69000 भर्ती)OBC90 (60%)65-68
2019 (69000 भर्ती)SC90 (60%)60-63
2019 (69000 भर्ती)ST90 (60%)55-58
2018 (68500 भर्ती)General67 (लिखित परीक्षा में 45% पासिंग)63-65
2018 (68500 भर्ती)OBC60 (लिखित परीक्षा में 40% पासिंग)60-62
2018 (68500 भर्ती)SC60 (लिखित परीक्षा में 40% पासिंग)57-60
2018 (68500 भर्ती)ST60 (लिखित परीक्षा में 40% पासिंग)52-55
2026 (अपेक्षित)General100+ (67%+)70-73+
2026 (अपेक्षित)OBC95+ (63%+)68-71+

Paper 2 Cut Off Marks

कारक (Factor)2018 (68500 भर्ती)2019 (69000 भर्ती)2026 (अपेक्षित अनुमान)
कुल रिक्तियां68,50069,000~50,000-70,000 (अपेक्षित)
परीक्षा का कठिनाई स्तरमध्यम से कठिनमध्यममध्यम से कठिन
उम्मीदवारों की संख्या~1.25 लाख~4.10 लाख~5-6 लाख
लिखित परीक्षा का वेटेज60%60%60%
अकादमिक गुणांक का वेटेज40%40%40%
जनरल कैटेगरी अंतिम गुणांक63-6567-7070-73+
OBC कैटेगरी अंतिम गुणांक60-6265-6868-71+
SC कैटेगरी अंतिम गुणांक57-6060-6363-66+

Cut Off Analysis & Trends

Jab hum UP Super TET के पिछले कट-ऑफ ट्रेंड्स को समझ लेते हैं, तो अगला और सबसे महत्वपूर्ण कदम आता है – अपनी तैयारी की रणनीति बनाना ताकि हम उस कट-ऑफ को पार कर सकें। सिर्फ कट-ऑफ जानना ही काफी नहीं, उसे पार करने की योजना बनाना ही असली गेम चेंजर है।


कट-ऑफ ट्रेंड्स के आधार पर तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy based on Cut-Off Trends)

Dekho bhaiyon aur behno, अगर आपने देखा कि पिछले कुछ सालों में कट-ऑफ 65-70% के आसपास रहा है (अकादमिक गुणांक सहित), तो आपका टारगेट स्कोर हमेशा 70-75% के ऊपर होना चाहिए। यह आपको एक सेफ ज़ोन में रखेगा। अब सवाल यह है कि इस टारगेट तक पहुंचें कैसे?


Expert Tip: अपना लक्ष्य तय करते समय हमेशा 10-15% ज़्यादा का मार्जिन रखें। अगर कट-ऑफ 70% जाने की उम्मीद है, तो 80% स्कोर करने का लक्ष्य रखें। यह आपको किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति के लिए तैयार रखेगा।

विषय-वार तैयारी और महत्वपूर्ण टॉपिक्स (Subject-wise Preparation and Important Topics)

Super TET का सिलेबस काफी व्यापक है। इसे सही ढंग से कवर करने के लिए आपको हर सेक्शन पर ध्यान देना होगा।

  • भाषा (Language - Hindi, English, Sanskrit): यह 40 अंकों का सेक्शन है। हिंदी में व्याकरण, साहित्य और अपठित गद्यांश पर फोकस करें। अंग्रेजी और संस्कृत में बेसिक ग्रामर और शब्दावली (Vocabulary) महत्वपूर्ण है। मेरा सुझाव है: रोज़ाना 1 घंटा तीनों भाषाओं को दें।
  • गणित (Mathematics): 20 अंकों का यह सेक्शन अक्सर स्कोरिंग होता है। अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, और मापन (Mensuration) पर पकड़ बनाएं। एक आसान ट्रिक: रोज़ 10-15 प्रश्न हल करें, खासकर उन टॉपिक्स से जिनमें आप कमजोर हैं।
  • विज्ञान (Science): 10 अंकों के लिए NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान की किताबें बहुत ज़रूरी हैं। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों पर ध्यान दें।
  • पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन (Environment & Social Studies): 10 अंकों का यह सेक्शन भूगोल, इतिहास, नागरिक शास्त्र और पर्यावरण से जुड़ा है। NCERT और SCERT की किताबों से कवर करें।
  • शिक्षण कौशल (Teaching Aptitude): 10 अंकों का यह सेक्शन आपकी शिक्षण क्षमता का परीक्षण करता है। इसमें शिक्षण विधियां, बाल मनोविज्ञान, समावेशी शिक्षा आदि शामिल हैं। B.Ed/BTC के नोट्स और CTET/UPTET के बाल विकास के प्रश्न आपकी मदद करेंगे।
  • बाल मनोविज्ञान (Child Psychology): 10 अंकों के लिए विकास के सिद्धांत, सीखने के सिद्धांत, व्यक्तित्व और व्यक्तिगत विभिन्नताएं महत्वपूर्ण हैं।
  • सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएँ (General Knowledge & Current Affairs): यह 30 अंकों का सबसे बड़ा सेक्शन है। पिछले 6-8 महीने के करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दें। इतिहास, भूगोल, भारतीय संविधान, अर्थव्यवस्था और खेल जगत से जुड़े प्रश्न भी आते हैं। मेरा पर्सनल अनुभव: रोज़ाना न्यूज़पेपर पढ़ें या किसी अच्छी मासिक पत्रिका का सहारा लें।
  • तार्किक ज्ञान (Reasoning Ability): 5 अंकों का यह सेक्शन आमतौर पर स्कोरिंग होता है। ब्लड रिलेशन, कोडिंग-डिकोडिंग, एनालॉजी जैसे टॉपिक्स पर अभ्यास करें।
  • सूचना तकनीकी (Information Technology): 5 अंकों के लिए कंप्यूटर के बेसिक कॉन्सेप्ट्स, इंटरनेट, टीचिंग में IT का उपयोग आदि पढ़ें।
  • जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति (Life Skill Management & Attitude): 10 अंकों का यह सेक्शन नैतिक मूल्य, प्रेरणा, दंड एवं पुरस्कार व्यवस्था जैसे विषयों पर केंद्रित है।

अनुशंसित पुस्तकें और अध्ययन सामग्री (Recommended Books & Study Material)

सही किताबें चुनना आधी जंग जीतने जैसा है।

  • NCERT/SCERT की किताबें: कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा की किताबें आपकी नींव हैं।
  • सामान्य ज्ञान: Lucent's General Knowledge.
  • करंट अफेयर्स: प्रतियोगिता दर्पण या कोई अच्छी मासिक पत्रिका।
  • बाल विकास एवं शिक्षण कौशल: CTET/UPTET के लिए उपलब्ध अच्छी किताबें, जैसे घटना चक्र या यूथ कॉम्पिटिशन टाइम्स।
  • गणित: RS Aggarwal या कोई अन्य प्रतियोगी परीक्षा की गणित की किताब।
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: Super TET और UPTET के पिछले 5-7 वर्षों के प्रश्नपत्र ज़रूर हल करें। मैंने देखा है कि कई बार प्रश्न सीधे रिपीट होते हैं या पैटर्न समान रहता है।

एक प्रभावी अध्ययन अनुसूची (Effective Study Schedule)

बिना प्लान के तैयारी सिर्फ़ भाग-दौड़ है। एक व्यवस्थित शेड्यूल ज़रूरी है।

  • सुबह (Morning 6-9 AM): सबसे मुश्किल विषयों या उन विषयों को पढ़ें जिनमें आपको ज़्यादा ध्यान की ज़रूरत होती है (जैसे गणित या विज्ञान)।
  • दोपहर (Afternoon 1-3 PM): भाषा या शिक्षण कौशल जैसे विषयों को पढ़ें।
  • शाम (Evening 7-9 PM): सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स और रीज़निंग का अभ्यास करें।
  • रात (Night 10-11 PM): पूरे दिन में जो पढ़ा है, उसका रिवीजन करें और अगले दिन की योजना बनाएं।

Time Management: हर हफ्ते एक मॉक टेस्ट ज़रूर दें। इससे आपको अपनी तैयारी का स्तर पता चलेगा और आप समय प्रबंधन में भी माहिर होंगे। मॉक टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना न भूलें।

याद रखिए, सफलता कोई एक दिन का खेल नहीं है। यह निरंतर प्रयास, सही रणनीति और कड़ी मेहनत का परिणाम है। कट-ऑफ ट्रेंड्स आपको सिर्फ रास्ता दिखाते हैं, उस रास्ते पर चलना आपकी ज़िम्मेदारी है। लगे रहिए, आपकी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी!

How to Score Above Cut Off

Dosto, तैयारी का सफर लंबा होता है, लेकिन असली चुनौती आती है परीक्षा के दिन और उससे पहले की अंतिम तैयारी में। कट-ऑफ ट्रेंड्स को समझने के बाद, अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करें और उन गलतियों से बचें जो अक्सर स्टूडेंट्स कर जाते हैं।


परीक्षा के दिन के लिए महत्वपूर्ण टिप्स (Exam Day Tips)

परीक्षा का दिन सिर्फ आपके ज्ञान का नहीं, बल्कि आपके धैर्य और संयम का भी इम्तिहान होता है।

  • समय पर पहुंचें: परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुंचें। इससे आप हड़बड़ी से बचेंगे और शांत मन से परीक्षा दे पाएंगे।
  • ज़रूरी दस्तावेज़: अपना एडमिट कार्ड, पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि), और पासपोर्ट साइज़ फोटो साथ रखना न भूलें।
  • शांत रहें: परीक्षा शुरू होने से पहले गहरी सांस लें और शांत रहने की कोशिश करें। मैंने देखा है कि कई बार घबराहट में आते हुए प्रश्न भी गलत हो जाते हैं।
  • प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें: पहले 5-10 मिनट प्रश्नपत्र को सरसरी निगाह से देखें। इससे आपको पेपर का ओवरव्यू मिल जाएगा।
  • समय प्रबंधन: हर सेक्शन के लिए एक अनुमानित समय निर्धारित करें। किसी भी प्रश्न पर ज़्यादा समय न लगाएं। अगर कोई प्रश्न अटक रहा है, तो उसे छोड़कर आगे बढ़ें और बाद में देखें।
  • ओएमआर शीट (OMR Sheet) सावधानी से भरें: रोल नंबर, बुकलेट सीरीज़ और उत्तरों को बहुत सावधानी से भरें। एक छोटी सी गलती आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है।

आम गलतियाँ जो आपको कट-ऑफ से दूर कर सकती हैं (Common Mistakes to Avoid)

गलती 1: सिर्फ़ कट-ऑफ पर ध्यान देना और कम तैयारी करना।
बहुत से छात्र सोचते हैं कि 'पिछली बार 65% कट-ऑफ था, तो मैं 70% का लक्ष्य रखूंगा'। यह गलत है। आपका लक्ष्य हमेशा उच्चतम स्कोर करना होना चाहिए, न कि सिर्फ कट-ऑफ क्लियर करना। कट-ऑफ हर साल बदलता है।
गलती 2: किसी एक विषय को नज़रअंदाज़ करना।
Super TET का सिलेबस बहुत विस्तृत है। अगर आप किसी एक विषय को छोड़ देते हैं या कमज़ोर रखते हैं, तो वह आपके कुल स्कोर को प्रभावित करेगा और आपको कट-ऑफ से नीचे ला सकता है। हर विषय, भले ही वह 5 या 10 अंकों का हो, महत्वपूर्ण है।
गलती 3: रिवीजन न करना या कम करना।
जितना पढ़ना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है रिवीजन करना। बिना रिवीजन के पढ़ी हुई चीज़ें याद नहीं रहतीं। अंतिम दिनों में नए टॉपिक्स पढ़ने के बजाय पढ़े हुए को दोहराएं।
गलती 4: मॉक टेस्ट का अभ्यास न करना।
मॉक टेस्ट आपको परीक्षा के माहौल में ढालते हैं और आपकी कमियों को उजागर करते हैं। अगर आप मॉक टेस्ट नहीं देते, तो आप अपनी गलतियों को पहचान नहीं पाएंगे और परीक्षा में उन्हें दोहरा सकते हैं।

अंतिम मिनट की तैयारी और रिवीजन रणनीति (Last-Minute Revision Strategy)

परीक्षा से एक हफ्ते पहले, अपनी पूरी रणनीति बदल दें।

  • शॉर्ट नोट्स पर फोकस: इस समय सिर्फ अपने बनाए हुए शॉर्ट नोट्स, महत्वपूर्ण फॉर्मूले, तिथियां और परिभाषाएं रिवाइज करें।
  • करंट अफेयर्स: पिछले 2-3 महीनों के सबसे महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स को फिर से देखें।
  • मॉक टेस्ट का विश्लेषण: जो मॉक टेस्ट आपने दिए हैं, उनके गलत उत्तरों और उन टॉपिक्स को दोबारा देखें जिनमें आपने गलतियां की थीं।
  • पर्याप्त नींद: परीक्षा से पहले की रात अच्छी और पर्याप्त नींद लें। थका हुआ दिमाग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता।

Super TET के बाद करियर स्कोप (Career Scope After Super TET)

UP Super TET क्लियर करने के बाद, आप उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक (Assistant Teacher) के रूप में नियुक्त होते हैं। यह एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी है जो न केवल आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है, बल्कि समाज में सम्मान भी दिलाती है। एक शिक्षक के रूप में, आप देश के भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद पदोन्नति के अवसर भी होते हैं, जैसे हेडमास्टर बनना या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाना।


तो मेरे प्यारे छात्रों, UP Super TET सिर्फ एक परीक्षा नहीं है, यह आपके सपनों को साकार करने का एक माध्यम है। कट-ऑफ ट्रेंड्स का विश्लेषण आपको एक दिशा देता है, लेकिन आपकी कड़ी मेहनत और लगन ही आपको सफलता दिलाएगी। याद रखिए, 'मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है!' Unictest आपके साथ है इस पूरे सफर में। All the best!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

UP Super TET का कट-ऑफ लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों और उम्मीदवार के एकेडमिक रिकॉर्ड (हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, और बी.एड./बी.टी.सी.) के गुणांक को मिलाकर निर्धारित किया जाता है। लिखित परीक्षा के अंकों का 60% और एकेडमिक गुणांक का 40% जोड़कर अंतिम मेरिट सूची बनाई जाती है। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि सिर्फ एक परीक्षा के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की शैक्षिक पृष्ठभूमि पर भी विचार किया जाए। आरक्षण नीतियों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कट-ऑफ निर्धारित होता है।

UP Super TET 2026 के लिए अपेक्षित कट-ऑफ कई कारकों पर निर्भर करेगा जैसे रिक्तियों की संख्या, परीक्षा का कठिनाई स्तर और उम्मीदवारों की संख्या। हालांकि, पिछले ट्रेंड्स को देखते हुए, जनरल कैटेगरी के लिए अंतिम चयन गुणांक 70-73+ और आरक्षित श्रेणियों के लिए 65-70+ तक जा सकता है। यह सिर्फ एक अनुमान है, और उम्मीदवारों को हमेशा कट-ऑफ से 5-10 अंक ऊपर का लक्ष्य रखना चाहिए ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें। अपनी तैयारी को इस तरह से करें कि आप अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें।

UP Super TET की तैयारी के लिए NCERT/SCERT की कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा की किताबें बहुत महत्वपूर्ण हैं। सामान्य ज्ञान के लिए Lucent's General Knowledge, करंट अफेयर्स के लिए प्रतियोगिता दर्पण, और बाल विकास एवं शिक्षण कौशल के लिए CTET/UPTET की अच्छी गाइडबुक (जैसे घटना चक्र या यूथ कॉम्पिटिशन टाइम्स) सहायक होंगी। गणित के लिए RS Aggarwal और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन सभी स्रोतों का सही संयोजन आपको सफलता दिला सकता है।

UP Super TET परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है, जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलता है और इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा की अवधि 2.5 घंटे (150 मिनट) होती है। सिलेबस में भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत), विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन, शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएँ, तार्किक ज्ञान, सूचना तकनीकी और जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति जैसे विषय शामिल होते हैं। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है।

हाँ, UP Super TET में एकेडमिक रिकॉर्ड का बहुत महत्व है। अंतिम मेरिट लिस्ट बनाते समय लिखित परीक्षा के अंकों का 60% और उम्मीदवार के एकेडमिक रिकॉर्ड (हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और बी.एड./बी.टी.सी.) के अंकों का 40% जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और बी.एड./बी.टी.सी. के कुल प्रतिशत का 10-10% निकालकर उसे एकेडमिक गुणांक में जोड़ा जाता है। इसलिए, अपनी लिखित परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के साथ-साथ आपके एकेडमिक स्कोर भी आपकी अंतिम मेरिट लिस्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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