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Mock Tests 2026

Super TET EVS पंचायती राज व्यवस्था MCQ | Super TET EVS Panchayati Raj System MCQs 2026

Super TET 2026 EVS के लिए पंचायती राज व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें और अपनी तैयारी को नई दिशा दें! Practice important Panchayati Raj MCQs for Super TET 2026 EVS and boost your preparation!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे Super TET aspirants! Unictest पर आपका स्वागत है। आज हम बात करेंगे Super TET EVS सेक्शन के एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक, 'पंचायती राज व्यवस्था' (Panchayati Raj System) के बारे में। यह वो टॉपिक है जिससे हर साल कुछ न कुछ प्रश्न जरूर आते हैं, और अगर आप इसे अच्छे से समझ लेते हैं, तो आपके कुछ मार्क्स पक्के हो जाते हैं।


देखिये दोस्तों, Super TET परीक्षा में EVS (पर्यावरण अध्ययन) का सेक्शन सिर्फ पर्यावरण तक ही सीमित नहीं रहता। इसमें आपको भारतीय संविधान, भूगोल, और स्थानीय स्वशासन जैसे विषयों से भी प्रश्न देखने को मिलते हैं। पंचायती राज व्यवस्था इसी 'स्थानीय स्वशासन' (Local Self-Government) का एक अभिन्न अंग है और EVS के syllabus का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब मैं अपने स्टूडेंट्स को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो हमेशा कहता हूँ कि इसे सिर्फ रटना नहीं है, बल्कि समझना है कि यह कैसे हमारे देश की नींव को मजबूत करता है।


पंचायती राज व्यवस्था: एक परिचय और इसका महत्व (Introduction & Importance of Panchayati Raj)

पंचायती राज व्यवस्था भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की एक प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य गाँवों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद करने की शक्ति देना और लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक ले जाना है। सोचिए, एक गाँव में सड़क बनानी है, या पानी की समस्या है, तो उसके लिए दिल्ली या लखनऊ से कोई फैसला नहीं लेगा, बल्कि गाँव के लोग खुद मिलकर फैसला लेंगे। यह कितना सशक्तिकरण वाला कदम है!


Expert Tip: Super TET में इस सेक्शन से सीधे-सीधे प्रश्न आते हैं जैसे 'कौन सी समिति पंचायती राज से संबंधित है?' या '73वां संविधान संशोधन कब लागू हुआ?' इसलिए, फैक्ट्स पर खास ध्यान दें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संवैधानिक दर्जा (Historical Background & Constitutional Status)

पंचायती राज का इतिहास भारत में बहुत पुराना है। प्राचीन काल से ही हमारे गाँवों में अपनी-अपनी सभाएँ होती थीं जो गाँव के मामलों का निपटारा करती थीं। आधुनिक भारत में, महात्मा गांधी पंचायती राज के प्रबल समर्थक थे। उनका मानना था कि 'ग्राम स्वराज' ही असली स्वराज है।


स्वतंत्रता के बाद, संविधान के अनुच्छेद 40 में पंचायती राज के गठन का प्रावधान किया गया, लेकिन इसे कानूनी दर्जा नहीं मिला था। फिर कई समितियों का गठन हुआ, जैसे बलवंत राय मेहता समिति (1957), अशोक मेहता समिति (1977), जी.वी.के. राव समिति (1985), और एल.एम. सिंघवी समिति (1986)। इन समितियों की सिफारिशों के आधार पर ही 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया। यह संशोधन 24 अप्रैल, 1993 को लागू हुआ, जिसे अब 'पंचायती राज दिवस' के रूप में मनाया जाता है। मेरे अनुभव में, यह तारीख और संशोधन अधिनियम हर दूसरे एग्जाम में पूछा जाता है!


पंचायती राज की त्रि-स्तरीय संरचना (Three-Tier Structure of Panchayati Raj)

73वें संविधान संशोधन के तहत, भारत में पंचायती राज की त्रि-स्तरीय प्रणाली अपनाई गई है (कुछ छोटे राज्यों को छोड़कर):


  • ग्राम स्तर पर (Village Level): ग्राम पंचायत (Gram Panchayat)
    यह सबसे निचली इकाई है। इसमें एक सरपंच (प्रधान) और कई पंच होते हैं, जिनका चुनाव सीधे गाँव के लोग करते हैं। ग्राम सभा, जिसमें गाँव के सभी वयस्क मतदाता शामिल होते हैं, ग्राम पंचायत के कार्यों की निगरानी करती है।
  • ब्लॉक/जनपद स्तर पर (Block Level): पंचायत समिति / जनपद पंचायत (Panchayat Samiti / Janpad Panchayat)
    यह मध्यवर्ती स्तर है जो कई ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। इसके सदस्यों का चुनाव भी सीधे होता है, और यह ग्राम पंचायतों और जिला परिषद के बीच कड़ी का काम करती है।
  • जिला स्तर पर (District Level): जिला परिषद (Zila Parishad)
    यह सबसे ऊपरी स्तर है। इसके सदस्यों का चुनाव सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से होता है। जिला परिषद पूरे जिले के लिए विकास योजनाएँ बनाती है और पंचायत समितियों के कार्यों का समन्वय करती है।

ध्यान दें: 20 लाख से कम आबादी वाले राज्यों में मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक समिति) का गठन अनिवार्य नहीं है। Super TET में ऐसे अपवादों पर भी प्रश्न आ सकते हैं।

पंचायती राज के कार्य और शक्तियाँ (Functions and Powers of Panchayati Raj)

पंचायती राज संस्थाओं को 11वीं अनुसूची में कुल 29 विषयों पर कार्य करने की शक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कार्य हैं:


  • कृषि और भूमि सुधार
  • लघु सिंचाई, जल प्रबंधन
  • पशुपालन, डेयरी और कुक्कुट पालन
  • मत्स्य उद्योग
  • सामाजिक वानिकी और फार्म वानिकी
  • लघु उद्योग
  • ग्रामीण आवास
  • पीने का पानी
  • सड़कें, पुलिया, घाट, जलमार्ग और अन्य संचार साधन
  • ग्रामीण विद्युतीकरण, जिसमें बिजली का वितरण भी शामिल है
  • गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत
  • गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम
  • शिक्षा, जिसमें प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं
  • तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा
  • वयस्क शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा
  • पुस्तकालय
  • सांस्कृतिक गतिविधियाँ
  • बाजार और मेले
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता, जिसमें अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और औषधालय भी शामिल हैं
  • परिवार कल्याण
  • महिला और बाल विकास
  • समाज कल्याण, जिसमें विकलांग और मानसिक रूप से मंद व्यक्तियों का कल्याण भी शामिल है
  • कमजोर वर्गों का कल्याण, और विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का कल्याण
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली
  • सामुदायिक संपत्तियों का रखरखाव

इतने सारे विषय देखकर घबराना नहीं है! मुख्य-मुख्य बातों को समझना है। मेरा पर्सनल अनुभव है कि छात्र अक्सर इन 29 विषयों को रटने की कोशिश करते हैं, जो कि जरूरी नहीं। आपको बस ये समझना है कि पंचायती राज का दायरा कितना बड़ा है और यह ग्रामीण विकास में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


Super TET EVS Panchayati Raj System MCQs Practice Set 1

तो चलिए, कुछ MCQs के साथ अपनी तैयारी को परखते हैं:


Q. 1. भारतीय संविधान के किस भाग में पंचायती राज से संबंधित प्रावधान हैं?
  • A) भाग IX
  • B) भाग X
  • C) भाग XI
  • D) भाग XII
Answer: A) भाग IX

Q. 2. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान में कौन सी अनुसूची जोड़ी गई?
  • A) नौवीं अनुसूची
  • B) दसवीं अनुसूची
  • C) ग्यारहवीं अनुसूची
  • D) बारहवीं अनुसूची
Answer: C) ग्यारहवीं अनुसूची

Q. 3. पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा किस समिति की सिफारिश पर मिला?
  • A) बलवंत राय मेहता समिति
  • B) अशोक मेहता समिति
  • C) एल.एम. सिंघवी समिति
  • D) पी.के. थुंगन समिति
Answer: C) एल.एम. सिंघवी समिति

Q. 4. भारत में 'पंचायती राज दिवस' कब मनाया जाता है?
  • A) 2 अक्टूबर
  • B) 24 अप्रैल
  • C) 15 अगस्त
  • D) 26 जनवरी
Answer: B) 24 अप्रैल

Q. 5. पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का निर्णय किसके द्वारा लिया जाता है?
  • A) केंद्र सरकार
  • B) राज्य सरकार
  • C) चुनाव आयोग
  • D) जिला मजिस्ट्रेट
Answer: B) राज्य सरकार

Q. 6. पंचायती राज की त्रि-स्तरीय प्रणाली में कौन सा स्तर शामिल नहीं है?
  • A) ग्राम पंचायत
  • B) पंचायत समिति
  • C) नगर निगम
  • D) जिला परिषद
Answer: C) नगर निगम

Q. 7. किस समिति ने पंचायती राज को दो-स्तरीय बनाने की सिफारिश की थी?
  • A) बलवंत राय मेहता समिति
  • B) अशोक मेहता समिति
  • C) जी.वी.के. राव समिति
  • D) एल.एम. सिंघवी समिति
Answer: B) अशोक मेहता समिति

Q. 8. ग्राम पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
  • A) 18 वर्ष
  • B) 21 वर्ष
  • C) 25 वर्ष
  • D) 30 वर्ष
Answer: B) 21 वर्ष

Q. 9. पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
  • A) 3 वर्ष
  • B) 4 वर्ष
  • C) 5 वर्ष
  • D) 6 वर्ष
Answer: C) 5 वर्ष

Q. 10. पंचायती राज के चुनाव में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं?
  • A) 25%
  • B) 30%
  • C) 33%
  • D) 50%
Answer: C) 33% (कुछ राज्यों में 50%)

Q. 11. 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज व्यवस्था सबसे पहले किस राज्य में लागू हुई?
  • A) राजस्थान
  • B) आंध्र प्रदेश
  • C) मध्य प्रदेश
  • D) कर्नाटक
Answer: C) मध्य प्रदेश (संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद)

Q. 12. किस अनुच्छेद के तहत राज्य वित्त आयोग का गठन किया जाता है जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है?
  • A) अनुच्छेद 243I
  • B) अनुच्छेद 243K
  • C) अनुच्छेद 243G
  • D) अनुच्छेद 243D
Answer: A) अनुच्छेद 243I

याद रखिए, सिर्फ MCQ सॉल्व करना ही काफी नहीं है। आपको हर प्रश्न के पीछे का कॉन्सेप्ट भी समझना होगा। अगर किसी प्रश्न में डाउट है, तो तुरंत अपनी किताबों या नोट्स में उस टॉपिक को रिवाइज करें। यही सही तरीका है तैयारी का।

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Test Series Features

मेरे प्यारे छात्रों, Super TET EVS में पंचायती राज व्यवस्था से अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाना बहुत ज़रूरी है। यह सिर्फ रटने वाला विषय नहीं है, बल्कि समझकर याद रखने वाला है। पिछले कई सालों में मैंने देखा है कि जो छात्र सिर्फ ऊपरी-ऊपरी पढ़ लेते हैं, वे छोटी-छोटी गलतियाँ कर बैठते हैं, जबकि यह सेक्शन स्कोरिंग होता है।


पंचायती राज व्यवस्था की तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy for Panchayati Raj)

सबसे पहले, आपको इस टॉपिक के महत्व को समझना होगा। EVS सेक्शन में भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, और पंचायती राज उनमें से एक प्रमुख है।


  • सिलेबस को समझें: Super TET EVS के सिलेबस में 'स्थानीय स्वशासन' स्पष्ट रूप से मेंशन होता है। इसके तहत आपको पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय (नगरपालिकाएँ) दोनों पढ़ने होते हैं।
  • बेसिक्स क्लियर करें: 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियम को बहुत गहराई से पढ़ें। इनके मुख्य प्रावधान, जैसे त्रि-स्तरीय प्रणाली, आरक्षण, चुनाव, वित्त आयोग, और 11वीं व 12वीं अनुसूचियाँ, आपकी जुबान पर होने चाहिए।
  • समितियों पर ध्यान दें: बलवंत राय मेहता, अशोक मेहता, जी.वी.के. राव, और एल.एम. सिंघवी समितियों के गठन का वर्ष और उनकी मुख्य सिफारिशें याद रखें। अक्सर मिलान वाले प्रश्न (matching questions) आते हैं।
  • अनुच्छेद याद करें: अनुच्छेद 243 से 243O तक के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों को याद करें। जैसे, चुनाव आयोग (243K), वित्त आयोग (243I) आदि।
  • करंट अफेयर्स से जोड़ें: अगर पंचायती राज से संबंधित कोई नई सरकारी योजना या पहल शुरू हुई है, तो उसे भी पढ़ें। हालांकि, Super TET में ज्यादा डायनेमिक प्रश्न नहीं आते, फिर भी एक नज़र डालना अच्छा रहता है।

Expert Tip: 'Mind Maps' बनाएं! पंचायती राज की त्रि-स्तरीय संरचना, समितियों और अनुच्छेदों को एक बड़े चार्ट पर बनाकर अपने स्टडी टेबल के सामने चिपका लें। जब भी आप चाय पीने या ब्रेक लेने उठें, एक नज़र उस पर डाल लें। यह विजुअल मेमोरी को बढ़ाता है।

महत्वपूर्ण टॉपिक्स और सेक्शन-वाइज ब्रेकडाउन (Important Topics & Section-wise Breakdown)

इस टॉपिक को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर पढ़ें:


  • संवैधानिक प्रावधान: भाग IX, 73वां संशोधन, 11वीं अनुसूची, अनुच्छेद 243 से 243O.
  • समितियाँ: बलवंत राय मेहता (त्रि-स्तरीय), अशोक मेहता (द्वि-स्तरीय), एल.एम. सिंघवी (संवैधानिक दर्जा).
  • संरचना: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद – इनके सदस्य, चुनाव प्रक्रिया, प्रमुख अधिकारी (जैसे ग्राम सचिव).
  • कार्य और शक्तियाँ: 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषय (मुख्य-मुख्य याद रखें).
  • आरक्षण: SC/ST, महिलाएँ (1/3), OBC (राज्य विधानमंडल तय करेगा).
  • चुनाव और कार्यकाल: राज्य चुनाव आयोग, 5 वर्ष का कार्यकाल, 6 महीने के भीतर चुनाव यदि भंग हो.
  • वित्त: राज्य वित्त आयोग, पंचायतों को कर लगाने की शक्ति.

अनुशंसित पुस्तकें और संसाधन (Recommended Books & Resources)

Super TET के लिए, आपको बहुत महंगी या मोटी किताबों की ज़रूरत नहीं है। स्मार्ट स्टडी करें:


  • NCERT की किताबें: कक्षा 6-10 की सामाजिक विज्ञान की किताबें, खासकर 'लोकतांत्रिक राजनीति' वाले भाग में स्थानीय स्वशासन पर अध्याय। यह आपका बेस बनाएगा।
  • किसी भी अच्छी भारतीय राजव्यवस्था की किताब: जैसे एम. लक्ष्मीकांत की 'भारतीय राजव्यवस्था' (Indian Polity) का पंचायती राज वाला चैप्टर। इसे पूरा पढ़ने की बजाय, सिर्फ पंचायती राज और नगरपालिका वाले अध्याय को पढ़ें।
  • Unictest के स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट: हमारे प्लेटफॉर्म पर आपको इस टॉपिक के लिए स्पेशलाइज्ड नोट्स और MCQs मिलेंगे, जो सीधे Super TET पैटर्न पर आधारित हैं।
  • Previous Year Papers: सबसे महत्वपूर्ण! पिछले वर्षों के Super TET, CTET, UPTET, KVS, DSSSB के EVS सेक्शन में पंचायती राज से आए प्रश्नों को ज़रूर देखें। पैटर्न समझने में मदद मिलेगी।

अध्ययन अनुसूची और समय प्रबंधन (Study Schedule & Time Management)

इस टॉपिक के लिए आप एक सप्ताह का समय निकाल सकते हैं:


  • पहला दिन: पंचायती राज का परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, बलवंत राय मेहता और अशोक मेहता समिति।
  • दूसरा दिन: 73वां संविधान संशोधन, मुख्य प्रावधान (भाग IX, 11वीं अनुसूची, अनुच्छेद 243-243O)।
  • तीसरा दिन: त्रि-स्तरीय संरचना (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद) और उनके कार्य।
  • चौथा दिन: चुनाव, कार्यकाल, आरक्षण, राज्य चुनाव आयोग, राज्य वित्त आयोग।
  • पांचवां दिन: 11वीं अनुसूची के 29 विषय और पंचायती राज से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण समितियाँ (जी.वी.के. राव, एल.एम. सिंघवी)।
  • छठा दिन: सभी पढ़े हुए कॉन्सेप्ट्स का क्विक रिवीजन और आज तक पढ़े गए सभी MCQs का अभ्यास।
  • सातवां दिन: कम से कम 2-3 मॉक टेस्ट दें, जिनमें पंचायती राज के प्रश्न शामिल हों। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें।

टाइम मैनेजमेंट के लिए, हर दिन कम से कम 1-1.5 घंटा EVS को दें, और उसमें से 30-45 मिनट पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को। ईमानदारी से कहूँ तो, मैंने कई छात्रों को देखा है जो एक ही दिन में सब कुछ पढ़ने की कोशिश करते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। Consistency is the key, मेरे दोस्त!


Super TET EVS Panchayati Raj System MCQs Practice Set 2

चलिए, कुछ और प्रश्नों का अभ्यास करते हैं:


Q. 13. पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?
  • A) अनुच्छेद 243A
  • B) अनुच्छेद 243B
  • C) अनुच्छेद 243C
  • D) अनुच्छेद 243D
Answer: D) अनुच्छेद 243D

Q. 14. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत, पंचायतों को कितने विषयों पर कानून बनाने की शक्ति दी गई है?
  • A) 18
  • B) 29
  • C) 36
  • D) 42
Answer: B) 29

Q. 15. यदि पंचायत भंग होती है, तो कितने समय के भीतर नए चुनाव कराना अनिवार्य है?
  • A) 3 महीने
  • B) 6 महीने
  • C) 1 वर्ष
  • D) 2 वर्ष
Answer: B) 6 महीने

Q. 16. पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित्त का प्रमुख स्रोत क्या है?
  • A) केंद्रीय अनुदान
  • B) राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें
  • C) स्थानीय कर और शुल्क
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी

Q. 17. किस समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की सिफारिश की थी?
  • A) बलवंत राय मेहता समिति
  • B) अशोक मेहता समिति
  • C) एल.एम. सिंघवी समिति
  • D) सरकारीया आयोग
Answer: C) एल.एम. सिंघवी समिति

Q. 18. ग्राम सभा के सदस्य कौन होते हैं?
  • A) गाँव के केवल निर्वाचित पंच और सरपंच
  • B) गाँव के सभी वयस्क पुरुष नागरिक
  • C) गाँव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क व्यक्ति
  • D) केवल सरकारी अधिकारी
Answer: C) गाँव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क व्यक्ति

Q. 19. पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किस संशोधन द्वारा किया गया?
  • A) 72वां संविधान संशोधन
  • B) 73वां संविधान संशोधन
  • C) 74वां संविधान संशोधन
  • D) 75वां संविधान संशोधन
Answer: B) 73वां संविधान संशोधन

Q. 20. भारत में पंचायती राज का जनक किसे माना जाता है?
  • A) महात्मा गांधी
  • B) लॉर्ड रिपन
  • C) जवाहरलाल नेहरू
  • D) सरदार वल्लभभाई पटेल
Answer: B) लॉर्ड रिपन

Q. 21. पंचायती राज प्रणाली में ग्राम पंचायत का चुनाव किसके द्वारा किया जाता है?
  • A) जिला मजिस्ट्रेट
  • B) राज्य चुनाव आयोग
  • C) ग्राम सभा
  • D) ब्लॉक विकास अधिकारी
Answer: B) राज्य चुनाव आयोग

Q. 22. किस अनुच्छेद के तहत राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया जाता है जो पंचायतों के चुनाव कराता है?
  • A) अनुच्छेद 243J
  • B) अनुच्छेद 243K
  • C) अनुच्छेद 243L
  • D) अनुच्छेद 243M
Answer: B) अनुच्छेद 243K

Q. 23. पंचायती राज व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • A) ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना
  • B) राजनीतिक विकेंद्रीकरण
  • C) लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना
  • D) उपरोक्त सभी
Answer: D) उपरोक्त सभी

Q. 24. 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव लड़ने के लिए एक व्यक्ति की न्यूनतम आयु क्या है?
  • A) 18 वर्ष
  • B) 21 वर्ष
  • C) 25 वर्ष
  • D) 30 वर्ष
Answer: B) 21 वर्ष

यह सिर्फ शुरुआत है! इन प्रश्नों के माध्यम से आपने कुछ महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स को रिवाइज किया होगा। अब बारी है लगातार अभ्यास की। याद रखिए, सफल होने के लिए सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि पढ़े हुए को याद रखना और सही समय पर इस्तेमाल करना भी आना चाहिए।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

पंचायती राज व्यवस्था भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की एक प्रणाली है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संवैधानिक रूप से स्थापित किया गया था। Super TET EVS सेक्शन में यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय संविधान और स्थानीय प्रशासन से संबंधित है, जिससे अक्सर 2-3 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह टॉपिक ग्रामीण विकास और शासन की समझ के लिए आवश्यक है, जो एक शिक्षक के रूप में आपकी जागरूकता को दर्शाता है।

पंचायती राज व्यवस्था Super TET के EVS सिलेबस का एक हिस्सा है, इसलिए इसके लिए सीधे कोई अलग योग्यता मानदंड नहीं हैं। Super TET परीक्षा के लिए सामान्य योग्यता मानदंड लागू होते हैं: आपके पास स्नातक की डिग्री और B.Ed/BTC/D.El.Ed जैसी शिक्षण प्रशिक्षण योग्यता होनी चाहिए। साथ ही, आपको CTET या UPTET (पेपर II) उत्तीर्ण होना चाहिए। आयु सीमा सामान्यतः 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, जिसमें आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है। पंचायती राज का ज्ञान आपकी परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए एक महत्वपूर्ण योग्यता है।

Super TET EVS में पंचायती राज व्यवस्था की तैयारी के लिए आप NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की सामाजिक विज्ञान की किताबें (विशेषकर 'लोकतांत्रिक राजनीति') पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, एम. लक्ष्मीकांत की 'भारतीय राजव्यवस्था' का पंचायती राज वाला अध्याय भी बहुत उपयोगी है। Unictest के विशेष स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट भी आपको सटीक और केंद्रित तैयारी में मदद करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण संसाधन पिछले वर्षों के Super TET और अन्य TET परीक्षाओं के प्रश्न पत्र हैं, जिनसे आपको प्रश्नों के पैटर्न और महत्व का अंदाजा होगा।

Super TET परीक्षा में EVS सेक्शन कुल 10 अंकों का होता है, जिसमें पंचायती राज से आमतौर पर 2-3 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलता है। Super TET परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है, जिसका अर्थ है कि गलत उत्तर देने पर आपके अंक काटे नहीं जाते हैं। इसलिए, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सभी प्रश्न अटेम्प्ट करें। पंचायती राज के प्रश्न अक्सर तथ्यात्मक होते हैं, जैसे समितियों के नाम, संशोधन अधिनियम और अनुच्छेद, इसलिए इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

Super TET में पंचायती राज व्यवस्था का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह EVS और भारतीय संविधान दोनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे सीधे-सीधे तथ्यात्मक प्रश्न (जैसे 73वां संशोधन कब हुआ, कौन सी समिति संबंधित है, कितने विषय हैं) और कभी-कभी अवधारणात्मक प्रश्न (जैसे पंचायती राज का उद्देश्य क्या है, त्रि-स्तरीय प्रणाली क्या है) पूछे जाते हैं। 2024 और 2025 की परीक्षाओं में इस सेक्शन से 2-3 प्रश्न आने की पूरी संभावना है। यह टॉपिक आपको ग्रामीण भारत की प्रशासनिक संरचना की समझ देता है, जो एक भावी शिक्षक के लिए एक आवश्यक गुण है।

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