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Mock Tests 2026

Super TET EVS जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग: संपूर्ण अध्ययन सामग्री एवं महत्वपूर्ण MCQs 2026

Super TET EVS पर्यावरण अध्ययन: जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न | Master Climate Change & Global Warming for Super TET EVS

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

नमस्ते मेरे प्यारे Super TET aspirants! Unictest में आपका स्वागत है। आज हम Super TET EVS (पर्यावरण अध्ययन) के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय, 'जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग' पर गहराई से चर्चा करेंगे। यह ऐसा टॉपिक है जिससे हर साल परीक्षा में 5-7 प्रश्न सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। Dekhiye dosto, सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि समझना भी जरूरी है कि ये मुद्दे हमारे लिए और हमारी पृथ्वी के लिए कितने गंभीर हैं। एक भावी शिक्षक के रूप में, आपको इन विषयों की अच्छी समझ होनी चाहिए, क्योंकि आपको अगली पीढ़ी को भी इसके बारे में जागरूक करना होगा।


जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो अक्सर देखता हूँ कि वे 'जलवायु परिवर्तन' और 'ग्लोबल वार्मिंग' को एक ही समझ लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। ये दोनों शब्द आपस में जुड़े हुए हैं, पर इनके अर्थ और प्रभाव अलग-अलग हैं। आइए, पहले इन्हें विस्तार से समझते हैं और फिर कुछ महत्वपूर्ण MCQs के माध्यम से अपनी तैयारी को परखते हैं।


जलवायु परिवर्तन (Climate Change) क्या है?

जलवायु परिवर्तन से तात्पर्य है किसी क्षेत्र या पूरे ग्रह की औसत जलवायु में होने वाले दीर्घकालिक (long-term) बदलाव। इसमें तापमान, वर्षा, हवा के पैटर्न और अन्य मौसमी घटनाओं में दशकों से लेकर लाखों वर्षों तक के पैमाने पर होने वाले महत्वपूर्ण और स्थायी परिवर्तन शामिल हैं। यह प्राकृतिक कारणों से भी हो सकता है, जैसे ज्वालामुखी विस्फोट या पृथ्वी की कक्षा में बदलाव, लेकिन वर्तमान में जो जलवायु परिवर्तन हो रहा है, उसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियाँ हैं।


Expert Tip: Super TET में अक्सर जलवायु परिवर्तन के कारणों और प्रभावों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। प्राकृतिक और मानवजनित (anthropogenic) कारणों को अलग-अलग समझना बहुत जरूरी है।

ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) क्या है?

ग्लोबल वार्मिंग जलवायु परिवर्तन का एक विशिष्ट पहलू है। यह पृथ्वी के वायुमंडल और महासागरों के औसत तापमान में लगातार हो रही वृद्धि को संदर्भित करता है। इसका मुख्य कारण ग्रीनहाउस गैसों (Greenhouse Gases) का वायुमंडल में अत्यधिक जमाव है, जो सूर्य की गर्मी को पृथ्वी पर रोक लेती हैं। इसे 'ग्रीनहाउस प्रभाव' (Greenhouse Effect) कहते हैं। ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी को गर्म रखती है और जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण यह प्रभाव अब असंतुलित हो गया है।


ग्रीनहाउस गैसें (Greenhouse Gases) और उनके स्रोत

चलिए, अब उन गैसों के बारे में बात करते हैं जो ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार हैं। Super TET में इन गैसों के नाम और उनके प्रमुख स्रोतों पर आधारित प्रश्न अक्सर आते हैं:


  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2): जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल, गैस) के जलने, वनों की कटाई और औद्योगिक प्रक्रियाओं से। यह सबसे प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है।
  • मीथेन (CH4): कृषि (धान के खेत, पशुधन), लैंडफिल, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम प्रणालियों से। मीथेन, CO2 से कहीं अधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, हालांकि इसकी वायुमंडलीय सांद्रता कम है।
  • नाइट्रस ऑक्साइड (N2O): कृषि (नाइट्रोजन-आधारित उर्वरकों का उपयोग), जीवाश्म ईंधन का दहन और औद्योगिक प्रक्रियाओं से।
  • फ्लोरीनेटेड गैसें (CFCs, HFCs, PFCs, SF6): ये मानव निर्मित गैसें हैं जो रेफ्रिजरेशन, एयर कंडीशनिंग और औद्योगिक प्रक्रियाओं में उपयोग होती हैं। ये बहुत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं और लंबे समय तक वायुमंडल में रहती हैं।
  • जल वाष्प (Water Vapour): यह भी एक ग्रीनहाउस गैस है, लेकिन यह मानवीय गतिविधियों से सीधे उत्सर्जित नहीं होती, बल्कि तापमान बढ़ने पर इसकी मात्रा बढ़ती है, जिससे वार्मिंग का चक्र चलता रहता है।

चेतावनी: बहुत से छात्र सिर्फ CO2 पर ध्यान देते हैं और बाकी ग्रीनहाउस गैसों को भूल जाते हैं। यह गलती आपको Super TET में भारी पड़ सकती है! सभी प्रमुख गैसों और उनके स्रोतों को याद रखें।

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव

इन बदलावों के क्या परिणाम हो रहे हैं? यह जानना भी उतना ही जरूरी है जितना इनके कारणों को जानना।:


  • समुद्र स्तर में वृद्धि (Sea Level Rise): ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों के पिघलने से समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ रहा है।
  • चरम मौसमी घटनाएँ (Extreme Weather Events): बाढ़, सूखा, तूफान और हीटवेव जैसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है।
  • जैव विविधता पर प्रभाव (Impact on Biodiversity): कई प्रजातियाँ अपने प्राकृतिक आवास खो रही हैं या जलवायु परिवर्तन के अनुकूल नहीं हो पा रही हैं, जिससे उनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ रहा है।
  • कृषि और खाद्य सुरक्षा (Agriculture and Food Security): बदलती बारिश के पैटर्न और तापमान से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर संकट आ सकता है।
  • मानव स्वास्थ्य (Human Health): गर्मी से संबंधित बीमारियाँ, वायु प्रदूषण और जल-जनित रोग बढ़ रहे हैं।

Pichle 5 saal mein maine notice kiya hai ki is section se 8-10 questions zaroor aate hain, खासकर प्रभावों और उनसे निपटने के वैश्विक प्रयासों पर।


जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयास

वैश्विक स्तर पर इस समस्या से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते और पहल की गई हैं:


  • क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol, 1997): यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए एक कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता था।
  • पेरिस समझौता (Paris Agreement, 2015): इसका लक्ष्य वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2°C से काफी नीचे रखना और 1.5°C तक सीमित करने का प्रयास करना है। यह समझौता सभी देशों को अपने उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों (Nationally Determined Contributions - NDCs) को निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP - Conference of the Parties): ये वार्षिक बैठकें हैं जहाँ जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के सदस्य देश मिलकर नीतियों और समझौतों पर चर्चा करते हैं।

भारत के प्रयास (Indian Initiatives)

भारत भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है:


  • जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC): 2008 में शुरू की गई, इसमें 8 राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं जो ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण आदि पर केंद्रित हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance - ISA): भारत और फ्रांस द्वारा शुरू किया गया, इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
  • ई-वाहन नीति और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा: भारत ने 2030 तक अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 40% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।

चलो, अब कुछ MCQs देखते हैं ताकि आप अपनी तैयारी का स्तर जान सकें। मैंने पर्सनली देखा है कि ऐसे प्रैक्टिस प्रश्न आपको एग्जाम पैटर्न समझने में बहुत मदद करते हैं।


Super TET EVS Climate Change & Global Warming MCQs (Part 1)

Q.1) निम्नलिखित में से कौन सी गैस ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है?
  • A) ऑक्सीजन
  • B) नाइट्रोजन
  • C) कार्बन डाइऑक्साइड
  • D) आर्गन
Answer: C) कार्बन डाइऑक्साइड
Q.2) क्योटो प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
  • A) ओजोन परत का संरक्षण
  • B) ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना
  • C) जैव विविधता का संरक्षण
  • D) मरुस्थलीकरण को रोकना
Answer: B) ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना
Q.3) 'ग्रीनहाउस प्रभाव' शब्द का सबसे पहले प्रयोग किसने किया था?
  • A) जोसेफ फोरियर
  • B) अल्बर्ट आइंस्टीन
  • C) जॉन टिंडल
  • D) आइजैक न्यूटन
Answer: A) जोसेफ फोरियर
Q.4) निम्नलिखित में से कौन सी ग्रीनहाउस गैस कृषि गतिविधियों, विशेषकर धान के खेतों से उत्सर्जित होती है?
  • A) कार्बन डाइऑक्साइड
  • B) मीथेन
  • C) नाइट्रस ऑक्साइड
  • D) CFCs
Answer: B) मीथेन
Q.5) पेरिस समझौते का मुख्य लक्ष्य क्या है?
  • A) केवल विकसित देशों द्वारा उत्सर्जन कम करना
  • B) वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को 2°C से काफी नीचे रखना
  • C) ओजोन परत में छेद को ठीक करना
  • D) वनों की कटाई को पूरी तरह से रोकना
Answer: B) वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को 2°C से काफी नीचे रखना
Q.6) 'ब्लैक कार्बन' क्या है, और इसका जलवायु परिवर्तन में क्या योगदान है?
  • A) एक ग्रीनहाउस गैस जो तापमान बढ़ाती है
  • B) एक प्रदूषक जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है और वातावरण को गर्म करता है
  • C) एक प्रकार का कोयला जो ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होता है
  • D) एक रसायन जो ओजोन परत को नष्ट करता है
Answer: B) एक प्रदूषक जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है और वातावरण को गर्म करता है
Q.7) UNFCCC का पूर्ण रूप क्या है?
  • A) United Nations Framework Convention on Climate Change
  • B) United Nations Federal Convention on Climate Control
  • C) Union of Nations for Future Climate Cooperation
  • D) Universal National Forum for Carbon Control
Answer: A) United Nations Framework Convention on Climate Change
Q.8) भारत में 'जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना' (NAPCC) किस वर्ष शुरू की गई थी?
  • A) 2005
  • B) 2008
  • C) 2010
  • D) 2012
Answer: B) 2008
Q.9) निम्नलिखित में से कौन ग्लोबल वार्मिंग का एक संभावित परिणाम नहीं है?
  • A) समुद्र के स्तर में वृद्धि
  • B) कृषि उत्पादकता में वृद्धि
  • C) चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि
  • D) ग्लेशियरों का पिघलना
Answer: B) कृषि उत्पादकता में वृद्धि
Q.10) ओजोन परत का क्षरण मुख्य रूप से किस रसायन के कारण होता है?
  • A) कार्बन डाइऑक्साइड
  • B) मीथेन
  • C) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
  • D) नाइट्रस ऑक्साइड
Answer: C) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)

Dekhiye dosto, अगर आप इन सवालों को सही से हल कर पाए, तो आपकी नींव मजबूत है। अगर नहीं, तो घबराने की जरूरत नहीं है, अभी भी समय है सुधार करने का। Unictest आपके साथ है!

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Test Series Features

Super TET EVS: जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की तैयारी की रणनीति

Ab yahan ek important baat samajh lijiye – Super TET में EVS सिर्फ पर्यावरण के बारे में नहीं है, बल्कि यह आपकी जागरूकता और सामान्य ज्ञान का भी परीक्षण करता है। खासकर 'जलवायु परिवर्तन' और 'ग्लोबल वार्मिंग' जैसे टॉपिक्स पर आपको गहरी पकड़ बनानी होगी। मेरा सुझाव है कि आप इसे सिर्फ एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे के रूप में देखें।


विषय-वार महत्वपूर्ण बिंदु (Subject-wise Important Points)

  • परिभाषाएँ और अवधारणाएँ: 'जलवायु परिवर्तन', 'ग्लोबल वार्मिंग', 'ग्रीनहाउस प्रभाव', 'ओजोन परत क्षरण', 'अम्लीय वर्षा' जैसी मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें। इनकी परिभाषाएँ और इनके बीच के अंतर को याद रखें।
  • कारण और प्रभाव: हर घटना के प्राकृतिक और मानवजनित कारणों को जानें। इसके वैश्विक और स्थानीय प्रभावों को भी समझें। उदाहरण के लिए, ग्लोबल वार्मिंग के कारण क्या हैं और भारत के किन क्षेत्रों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है।
  • ग्रीनहाउस गैसें: सभी प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों (CO2, CH4, N2O, CFCs) के नाम, उनके स्रोत और पर्यावरण पर उनके विशिष्ट प्रभावों को याद करें।
  • अंतर्राष्ट्रीय समझौते और पहल: क्योटो प्रोटोकॉल, पेरिस समझौता, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, UNFCCC जैसी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संधियों के वर्ष, उद्देश्य और प्रमुख प्रावधानों को जानें।
  • भारत के प्रयास: NAPCC के 8 मिशनों, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), स्वच्छ भारत अभियान, नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों जैसे भारत के प्रमुख पर्यावरणीय कार्यक्रमों और पहलों पर ध्यान दें।
  • समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs): पर्यावरण से संबंधित नवीनतम रिपोर्टें, सूचकांक, सरकारी योजनाएँ और प्रमुख पर्यावरणीय घटनाएँ (जैसे COP सम्मेलन) पर नजर रखें। 2024 और 2025 के प्रमुख घटनाक्रमों को नोट करें।

Expert Tip: मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है कि जो स्टूडेंट्स NCERT को बेस बनाकर पढ़ते हैं, उनका फाउंडेशन सबसे मजबूत होता है। क्लास 6 से 10 तक की साइंस और EVS की NCERT किताबें इस टॉपिक के लिए रामबाण हैं।

अनुशंसित पुस्तकें (Recommended Books)

सही किताबों का चुनाव आपकी तैयारी को बहुत आसान बना देता है। मैंने अपने कई सफल छात्रों को ये किताबें रेफर की हैं:


  • NCERT Science Books (Class 6-10): पर्यावरण और पारिस्थितिकी के मूल सिद्धांतों को समझने के लिए ये सबसे अच्छी हैं।
  • Lucent's General Knowledge: इसमें पर्यावरण का एक संक्षिप्त और सटीक सेक्शन होता है जो रिवीजन के लिए बहुत उपयोगी है।
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (शंकर IAS या दृष्टि IAS): यदि आप थोड़ा और गहराई में जाना चाहते हैं, तो इन किताबों के चुनिंदा अध्यायों को पढ़ सकते हैं।
  • Super TET EVS Practice Sets & Previous Year Papers: Unictest पर उपलब्ध प्रैक्टिस सेट्स और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र आपको परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण प्रश्नों को समझने में मदद करेंगे।

अध्ययन अनुसूची (Study Schedule)

एक प्रभावी स्टडी प्लान आपको भटकने से बचाता है। यहाँ एक सप्ताह-वार दृष्टिकोण दिया गया है:


  • दिन 1-2: अवधारणाएँ स्पष्ट करें: जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीनहाउस प्रभाव, ओजोन परत क्षरण की परिभाषाएँ, कारण और प्रभाव। NCERT से पढ़ें और नोट्स बनाएँ।
  • दिन 3: ग्रीनहाउस गैसें और प्रदूषण: प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें, उनके स्रोत और अन्य प्रकार के प्रदूषण (वायु, जल, मृदा) पर ध्यान दें। अम्लीय वर्षा, स्मॉग आदि को समझें।
  • दिन 4-5: अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रयास: क्योटो, पेरिस, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, UNFCCC, NAPCC, ISA जैसे समझौतों और पहलों को विस्तार से पढ़ें। उनके उद्देश्य और भारत की भूमिका को समझें।
  • दिन 6: रिवीजन और MCQs प्रैक्टिस: सप्ताह भर में पढ़े गए सभी टॉपिक्स का तेजी से रिवीजन करें। कम से कम 20-30 MCQs सॉल्व करें। Unictest के मॉक टेस्ट आपकी बहुत मदद करेंगे।
  • दिन 7: समसामयिक घटनाएँ और कमजोरियों पर काम: पर्यावरण से संबंधित नवीनतम करंट अफेयर्स पढ़ें। पिछले दिन के MCQs में हुई गलतियों का विश्लेषण करें और उन टॉपिक्स को दोबारा पढ़ें जहाँ आपको दिक्कत आ रही है।

समय प्रबंधन (Time Management)

Super TET में समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। EVS सेक्शन के लिए:


  • रोजाना 1 घंटा EVS को दें: इसमें से 40 मिनट पढ़ाई और 20 मिनट रिवीजन/MCQs के लिए रखें।
  • छोटे लक्ष्य बनाएँ: एक दिन में एक छोटा टॉपिक (जैसे सिर्फ ग्रीनहाउस गैसें) पूरा करने का लक्ष्य रखें।
  • मॉक टेस्ट अनिवार्य: हर हफ्ते कम से कम एक फुल-लेंथ मॉक टेस्ट दें। इससे आपको अपनी गति और सटीकता का अंदाजा लगेगा।

Bahut se students is chapter ko skip kar dete hain ya superficially padhte hain — yeh sabse badi galti hai! याद रखें, Super TET में हर एक नंबर मायने रखता है।


Super TET EVS Climate Change & Global Warming MCQs (Part 2)

Q.11) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल किससे संबंधित है?
  • A) ग्लोबल वार्मिंग
  • B) ओजोन परत का क्षरण
  • C) अम्लीय वर्षा
  • D) जल प्रदूषण
Answer: B) ओजोन परत का क्षरण
Q.12) 'ग्रीनहाउस प्रभाव' शब्द का अर्थ क्या है?
  • A) वायुमंडल में हरे पौधों का प्रभाव
  • B) वायुमंडल द्वारा ऊष्मा को फँसाना जिससे पृथ्वी गर्म होती है
  • C) ग्रीनहाउस में सब्जियां उगाना
  • D) ओजोन परत का पतला होना
Answer: B) वायुमंडल द्वारा ऊष्मा को फँसाना जिससे पृथ्वी गर्म होती है
Q.13) भारत में 'अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन' (ISA) को किस देश के साथ मिलकर शुरू किया गया था?
  • A) जर्मनी
  • B) संयुक्त राज्य अमेरिका
  • C) फ्रांस
  • D) जापान
Answer: C) फ्रांस
Q.14) निम्नलिखित में से कौन सी एक प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस है जो सीधे मानवीय गतिविधियों से उत्सर्जित नहीं होती लेकिन वार्मिंग से बढ़ती है?
  • A) मीथेन
  • B) कार्बन डाइऑक्साइड
  • C) नाइट्रस ऑक्साइड
  • D) जल वाष्प
Answer: D) जल वाष्प
Q.15) 'कार्बन फुटप्रिंट' क्या दर्शाता है?
  • A) किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा उत्पादित कुल कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा
  • B) कार्बनिक पदार्थों के पैरों के निशान
  • C) कार्बनिक यौगिकों का रासायनिक सूत्र
  • D) कार्बन परमाणुओं की संख्या
Answer: A) किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा उत्पादित कुल कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा
Q.16) 'अम्लीय वर्षा' के लिए मुख्य रूप से कौन सी गैसें जिम्मेदार हैं?
  • A) कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन
  • B) सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड
  • C) ओजोन और ऑक्सीजन
  • D) क्लोरोफ्लोरोकार्बन और मीथेन
Answer: B) सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड
Q.17) निम्नलिखित में से कौन सा NAPCC (जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना) का एक मिशन नहीं है?
  • A) राष्ट्रीय सौर मिशन
  • B) राष्ट्रीय जल मिशन
  • C) राष्ट्रीय कृषि विकास मिशन
  • D) राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण मिशन
Answer: C) राष्ट्रीय कृषि विकास मिशन
Q.18) ग्लोबल वार्मिंग के कारण होने वाले समुद्र स्तर में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
  • A) नदियों में पानी का बढ़ना
  • B) ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों का पिघलना
  • C) वायुमंडलीय दबाव में वृद्धि
  • D) समुद्री जीवों की संख्या में वृद्धि
Answer: B) ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों का पिघलना
Q.19) 'जलवायु न्याय' (Climate Justice) की अवधारणा क्या है?
  • A) जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सभी देशों पर समान रूप से वितरित करना
  • B) यह सुनिश्चित करना कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से सबसे अधिक प्रभावित लोग और समुदाय न्याय प्राप्त करें
  • C) जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार देशों को दंडित करना
  • D) सभी देशों को समान रूप से उत्सर्जन कम करने के लिए बाध्य करना
Answer: B) यह सुनिश्चित करना कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से सबसे अधिक प्रभावित लोग और समुदाय न्याय प्राप्त करें
Q.20) भारत का 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) कब शुरू किया गया था?
  • A) 2015
  • B) 2017
  • C) 2019
  • D) 2021
Answer: C) 2019

याद रखिए – हर टॉपर भी एक बार beginner था। बस consistency रखिए और Unictest के साथ जुड़े रहिए, सफलता जरूर मिलेगी!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET EVS में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग सेक्शन का बहुत महत्व है। यह पर्यावरण अध्ययन के एक बड़े हिस्से को कवर करता है और इससे सीधे 5-7 प्रश्न पूछे जाते हैं। इन विषयों की गहरी समझ आपको न केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाएगी, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और भावी शिक्षक के रूप में पर्यावरण के प्रति आपकी जागरूकता को भी बढ़ाएगी। 2024-2025 की परीक्षाओं में इन टॉपिक्स से करंट अफेयर्स आधारित प्रश्न भी आने की पूरी संभावना है, इसलिए इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। यह सेक्शन आपकी मेरिट को काफी प्रभावित कर सकता है।

जलवायु परिवर्तन से तात्पर्य किसी क्षेत्र या पूरे ग्रह की औसत जलवायु में होने वाले दीर्घकालिक बदलावों से है, जिसमें तापमान, वर्षा, हवा के पैटर्न आदि शामिल हैं। यह एक व्यापक शब्द है। वहीं, ग्लोबल वार्मिंग जलवायु परिवर्तन का एक विशिष्ट पहलू है, जो पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार हो रही वृद्धि को संदर्भित करता है। यह मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैसों के अत्यधिक उत्सर्जन के कारण होता है, जिससे पृथ्वी का वायुमंडल गर्म होता है। संक्षेप में, ग्लोबल वार्मिंग जलवायु परिवर्तन का एक कारण और परिणाम दोनों है, जबकि जलवायु परिवर्तन एक अधिक व्यापक अवधारणा है जिसमें तापमान के अलावा अन्य मौसमी बदलाव भी शामिल हैं।

Super TET EVS में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की तैयारी के लिए NCERT की कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन की किताबें सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, Lucent's General Knowledge और पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर आधारित कोई भी प्रामाणिक पुस्तक (जैसे शंकर IAS का संक्षिप्त संस्करण) सहायक होगी। रणनीति के तौर पर, पहले अवधारणाओं को स्पष्ट करें, फिर ग्रीनहाउस गैसों, अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और भारत के प्रयासों पर विशेष ध्यान दें। रोजाना नोट्स बनाएं, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें और Unictest के मॉक टेस्ट देना न भूलें। समसामयिक घटनाओं पर भी नजर रखें।

Super TET EVS में ग्रीनहाउस गैसों पर कई तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। अक्सर सीधे तौर पर पूछा जाता है कि कौन सी गैस ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए जिम्मेदार है (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, CFCs)। इसके अलावा, उनके प्रमुख स्रोतों पर भी प्रश्न आते हैं, जैसे धान के खेतों से कौन सी गैस निकलती है (मीथेन), या जीवाश्म ईंधन के जलने से कौन सी गैस उत्सर्जित होती है (कार्बन डाइऑक्साइड)। कभी-कभी गैसों की सापेक्षिक शक्ति (जैसे मीथेन CO2 से अधिक शक्तिशाली है) पर भी प्रश्न आ सकते हैं। इसलिए, प्रत्येक गैस का नाम, उसका स्रोत और उसके मुख्य प्रभाव को याद रखना महत्वपूर्ण है।

Super TET EVS के लिए कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय जलवायु समझौते हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए। इनमें क्योटो प्रोटोकॉल (1997), पेरिस समझौता (2015), और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) प्रमुख हैं। क्योटो प्रोटोकॉल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित था, पेरिस समझौता वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5-2°C के भीतर रखने का लक्ष्य रखता है, और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों (जैसे CFCs) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने से संबंधित है। इन समझौतों के वर्ष, उनके मुख्य उद्देश्य और उनमें भारत की भूमिका को अच्छी तरह से समझ लें, क्योंकि इन पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

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