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Syllabus 2026

CTET प्राइमरी गणित शिक्षण विषयवार वेटेज 2026

CTET प्राइमरी गणित शिक्षण विषयवार वेटेज की जानकारी

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-10 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) एक महत्वपूर्ण परीक्षा है जो प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की पात्रता सुनिश्चित करती है। गणित शिक्षण का विषय न केवल शिक्षण की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गणित की विभिन्न विधियों और तकनीकों का उपयोग करके, शिक्षक छात्रों को गणित के मूलभूत सिद्धांतों को समझने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि आप गणित शिक्षण के प्रत्येक टॉपिक का वेटेज समझें। इस लेख में, हम गणित शिक्षण के विभिन्न पहलुओं और उनके वेटेज पर चर्चा करेंगे।

गणित शिक्षण की परिभाषा

गणित शिक्षण का अर्थ है छात्रों को गणित के सिद्धांतों, विधियों और समस्याओं को समझाने और सुलझाने की प्रक्रिया। यह एक रचनात्मक प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षक को छात्रों की सोच और उनके सीखने के तरीके को समझना होता है। शिक्षकों को विभिन्न विधियों का उपयोग करते हुए छात्रों को ज्ञान प्रदान करना चाहिए।

जब मैं अपने छात्रों को गणित शिक्षण का यह टॉपिक पढ़ाता हूं, तो मैं उन्हें हमेशा बताता हूं कि गणित सिर्फ संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह एक सोचने की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों को केवल गणितीय समस्याओं का समाधान करना नहीं है, बल्कि उन्हें नए विचारों से परिचित कराना भी है।

गणित शिक्षण का इतिहास

गणित शिक्षण का इतिहास प्राचीन काल से शुरू होता है। प्राचीन भारतीय विद्या, मिस्र और ग्रीस में गणित का अध्ययन प्रारंभ हुआ था। विभिन्न गणितज्ञों ने अपने-अपने समय में विशेष योगदान दिया। जैसे कि, आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे गणितज्ञों ने अंकगणित और ज्यामिति के सिद्धांतों को विकसित किया।

आज के समय में, गणित शिक्षण में कई नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया जाता है। जैसे कि, टेक्नोलॉजी का समावेश, ग्रुप वर्क, और प्रोजेक्ट वर्क। इन तरीकों का उपयोग करके, शिक्षक छात्रों को एक इंटरैक्टिव और शिक्षाप्रद अनुभव प्रदान कर सकते हैं।

  • विभिन्न गणितीय विधियाँ
  • दृश्यात्मक उपकरणों का उपयोग
  • समस्या समाधान तकनीकें
  • गणितीय विचारों का विकास
  • गणितीय गतिविधियाँ
  • शिक्षण के लिए गेम्स का उपयोग

गणित शिक्षण का महत्व

गणित शिक्षण का महत्व तब समझ आता है जब हम देखते हैं कि यह छात्रों की सोचने की क्षमता को कैसे बढ़ाता है। यह न केवल उनकी गणना क्षमता को सुधारता है, बल्कि उनकी समस्या को सुलझाने की क्षमताओं को भी विकसित करता है। गणित में मजबूत आधार छात्रों को भविष्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सफल बनाने में मदद करता है।

पिछले 5 वर्षों में मैंने देखा है कि छात्रों को गणित का बुनियादी ज्ञान जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी उनके काम आता है। गणित का सही शिक्षण छात्रों को आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। इसे ध्यान में रखते हुए, शिक्षकों को गणित पढ़ाने के दौरान विशेष ध्यान देना चाहिए।

गणित शिक्षण के लिए ध्यान रखें कि व्यावहारिक उदाहरणों का उपयोग करें। इससे छात्र अधिक समझ पाते हैं। उदाहरण के लिए, दैनिक जीवन की समस्याओं को गणित के संदर्भ में समझाना।

गणित शिक्षण की विधियाँ

गणित शिक्षण में कई प्रकार की विधियाँ शामिल हैं, जैसे कि अनुसंधान विधि, प्रयोगात्मक विधि, और साधारण शिक्षण विधियाँ। अनुसंधान विधि में छात्र स्वयं समस्याओं का समाधान करते हैं। यह विधि छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। दूसरी ओर, प्रयोगात्मक विधि में छात्र गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं।

मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि प्रयोगात्मक विधियाँ छात्रों को अधिक आकर्षित करती हैं। जब छात्र किसी समस्या का समाधान स्वयं करते हैं, तो उन्हें उस विषय की गहन समझ होती है।

  • अनुसंधान विधि
  • प्रयोगात्मक विधि
  • विजुअलाइजेशन विधि
  • कोडिंग विधि
  • डेमो विधि
  • इंटरैक्टिव विधि

गणित शिक्षण के प्रकार

गणित शिक्षण को कई श्रेणियों में बांटा जा सकता है, जैसे कि प्राथमिक गणित, माध्यमिक गणित, और उच्च गणित। प्राथमिक गणित में संख्याओं, जोड़, घटाव, गुणा और भाग का अध्ययन किया जाता है। माध्यमिक गणित में ज्यामिति, त्रिकोणमिति और सांख्यिकी का समावेश होता है।

हर स्तर पर छात्रों की सीखने की क्षमता और आवश्यकताएँ भिन्न होती हैं। इसलिए, शिक्षकों को यह समझना होगा कि उन्हें किस प्रकार की विधियाँ उपयोग करनी हैं। यह उन्हें छात्रों की कमियों को दूर करने में मदद करेगा।

जानकारी के अनुसार, हर स्तर पर गणित से संबंधित टॉपिक्स का अलग-अलग वेटेज होता है। यह परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गणित शिक्षण के लिए विषयवार वेटेज

गणित शिक्षण के विषयवार वेटेज को समझना छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे समझने से छात्रों को यह पता चलता है कि उन्हें किन टॉपिक्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए। CTET परीक्षा में गणित के कई महत्वपूर्ण विषय हैं, जैसे अंकगणित, भौगोलिकता, और सांख्यिकी।

2024 की CTET परीक्षा में गणित के टॉपिक्स का वेटेज निम्नलिखित है: अंकगणित 30%, भौगोलिकता 25%, और सांख्यिकी 20%। यह वेटेज छात्रों को अपनी अध्ययन रणनीतियों को बनाने में मदद करेगा।

पुराने वर्ष के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण

पुराने वर्ष के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करना छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि किन टॉपिक्स से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। पिछले तीन वर्षों का विश्लेषण करने पर, यह स्पष्ट हुआ कि अंकगणित से औसतन 10-12 प्रश्न पूछे जाते हैं।

मेरे अनुभव में, यह देखा गया है कि कई छात्र पुराने प्रश्नपत्रों का विश्लेषण नहीं करते हैं। इससे उन्हें यह नहीं पता चलता कि उन्हें किस तरह की तैयारी करनी चाहिए। इसलिए, मैं सभी छात्रों को सलाह दूंगा कि वे यह प्रक्रिया अपनाएँ।

गणित शिक्षण में आम गलतियाँ: 1) विषय का गहरा ज्ञान नहीं होना 2) समय प्रबंधन में कमी 3) पुराने प्रश्नपत्रों की अनदेखी। ये गलतियाँ छात्रों को आगे बढ़ने में रोक सकती हैं।

गणित शिक्षण के लिए अध्ययन सामग्री

अच्छी अध्ययन सामग्री का होना बेहद आवश्यक है। CTET परीक्षा के लिए कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, जैसे कि 'CTET Mathematics by Dinesh Kumar' और 'Mathematics for Class 1 by NCERT'। इन पुस्तकों का उपयोग करके छात्र अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

मैं अक्सर अपने छात्रों को सलाह देता हूं कि वे NCERT की किताबों को पढ़ें। ये किताबें उनके लिए बहुत लाभदायक होती हैं और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद करती हैं।

गणित में लगातार अभ्यास का महत्व

गणित में निरंतर अभ्यास करना आवश्यक है। यह छात्रों को गणितीय समस्याओं को समझने और हल करने में मदद करता है। मैं हमेशा अपने छात्रों को कहता हूं कि रोजाना गणित के समस्याओं का अभ्यास करें। इससे न केवल उनकी गति बढ़ेगी बल्कि वे अधिक आत्मविश्वासी भी बनेंगे।

यह एक ट्रिक है: रात को सोने से पहले 10 मिनट में गणित के 5 सवाल हल करें। इससे आपके दिमाग में गणित के सिद्धांत अच्छे से बैठ जाते हैं।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयवेटेज (%)
अंकगणित30%
भौगोलिकता25%
सांख्यिकी20%
ज्यामिति15%
सामान्य अध्ययन10%
सामाजिक विज्ञान5%
अन्य5%
कुल100%

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकट-ऑफ (अंक)
202185
202290
202390
202492
202594
202695 (अनुमानित)

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

परीक्षा की तैयारी की रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस रणनीति बनाना जरूरी है। सबसे पहले, आपको उपलब्ध समय की सही योजना बनानी चाहिए। मेरा सुझाव है कि आप एक टाइम टेबल बनाएं और उसे नियमित रूप से फॉलो करें। इससे आप अपने सभी विषयों को संतुलित रूप से पढ़ पाएंगे।

कई छात्रों को यह समझने में कठिनाई होती है कि किस विषय पर कितना समय देना है। इसीलिए, मैं एक महीने का योजना देने की कोशिश करता हूं। पहले सप्ताह में, आप गणित के मूलभूत सिद्धांतों पर ध्यान दें। अगले सप्ताह में, समस्या समाधान तकनीकों पर ध्यान दें।

मासिक अध्ययन योजना

CTET परीक्षा के लिए महीने दर महीने अध्ययन योजना बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। यहां एक सामान्य योजना है: पहले महीने में, सभी गणितीय सिद्धांतों को कवर करें। दूसरे महीने में, गणितीय समस्याओं का अभ्यास करें। तीसरे महीने में, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें।

इस तरह, आप समय को सही से प्रबंधित कर पाएंगे और सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। मेरा व्यक्तिगत अनुभव यही है कि यह योजना छात्रों को आत्मविश्वासी बनाती है।

विषयवार अंक वेटेज

विभिन्न विषयों का परीक्षण के दौरान अंक वेटेज को समझना जरूरी है। जैसे कि, अंकगणित में 30 अंक, भौगोलिकता में 25 अंक और सांख्यिकी में 20 अंक होते हैं। छात्रों को इन टॉपिक्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

यह याद रखना चाहिए कि पिछले वर्षों में अंकगणित से हमेशा अधिक प्रश्न पूछे गए हैं। इसलिए, छात्रों को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।

व्याख्या: जैसे-जैसे आप अध्ययन करते हैं, अपने अंक वेटेज को ध्यान में रखें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किन टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करना है।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

CTET परीक्षा के लिए कोचिंग लेने के अपने फायदे और नुकसान हैं। कोचिंग सेंटर में आपको विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलता है, लेकिन इसका खर्च भी होता है। आत्म-अध्ययन आपको स्वतंत्रता देता है, लेकिन इसमें अनुशासन की जरूरत होती है।

पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि जो छात्र आत्म-अध्ययन करते हैं, वे अधिक स्वतंत्र और रचनात्मक बनते हैं। मेरा सुझाव है कि आप यदि संभव हो तो कोचिंग और आत्म-अध्ययन का संतुलन बनाएं।

  • कोचिंग के लाभ
  • आत्म-अध्ययन के लाभ
  • समय प्रबंधन का संतुलन
  • स्वतंत्रता बनाम मार्गदर्शन
  • प्रश्न पत्र की समझ
  • संसाधनों की उपलब्धता

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

समय प्रबंधन CTET परीक्षा की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कारक है। एक ठोस दैनिक अनुसूची बनाइए। प्रत्येक विषय के लिए निश्चित समय निर्धारित करें और उसे निभाने का प्रयास करें।

मैं देखता हूं कि बहुत से छात्र समय का सही उपयोग नहीं कर पाते। इसलिए, मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे अपनी दैनिक गतिविधियों की सूची बनाएं और उसे प्राथमिकता दें।

याद रखें, एक अच्छी योजना सफलता की कुंजी है। इसलिए, अपने समय का सही प्रबंधन करें।

पुनरावलोकन रणनीति

अंतिम 30 दिनों की तैयारी में पुनरावलोकन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस समय में, आपको सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स का त्वरित पुनरावलोकन करना चाहिए। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें और उनकी रणनीतियों का विश्लेषण करें।

इस दौरान, आप अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें और उन्हें दूर करने की कोशिश करें। मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि वे हर हफ्ते एक मॉक टेस्ट लें। इससे उन्हें वास्तविक परीक्षा की स्थिति का अनुभव होगा।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिन की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप सभी जरूरी चीज़ें ले जाएँ। अपने साथ पेन, पेंसिल, रबर, पहचान पत्र, और पानी की बोतल लें। यह सुनिश्चित करें कि आप परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुँचें।

अच्छी नींद लेना भी बहुत महत्वपूर्ण है। परीक्षा से एक रात पहले आप पर्याप्त नींद लें ताकि आप ताजा मन से परीक्षा में बैठ सकें।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 आम गलतियाँ

CTET परीक्षा में कई छात्र कुछ आम गलतियाँ करते हैं, जैसे:

  • अध्ययन सामग्री की कमी
  • समय प्रबंधन
  • पुनरावलोकन न करना
  • कोचिंग से ठीक से न जुड़ना
  • सकारात्मक दृष्टिकोण की कमी
  • अत्यधिक आत्मविश्वास
  • अनुशासन की कमी
  • सवालों को छोड़ना
  • पुराने प्रश्न पत्र का अध्ययन न करना
  • परीक्षा के दिन तनाव लेना

इन आम गलतियों को पहचानकर, आप उनसे बच सकते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि योजना और तैयारी का सही संतुलन बनाना परीक्षा में सफलता की कुंजी है।

अंतिम 7-दिन की काउंटडाउन पुनरावलोकन योजना

परीक्षा के अंतिम 7 दिनों में, हर दिन एक विशिष्ट विषय पर ध्यान केंद्रित करें। पहले दिन पूरे गणित के सिद्धांतों का त्वरित पुनरावलोकन करें। दूसरे दिन, महत्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान दें। तीसरे दिन, पिछले प्रश्नपत्र हल करें आदि।

इन दिनों का सही संयोजन बनाना जरूरी है। इससे आप न केवल अपने ज्ञान को पुनः प्राप्त करेंगे, बल्कि वास्तविक परीक्षा की स्थिति के लिए भी तैयार होंगे।

प्रत्याशित कट-ऑफ और तुलना

CTET परीक्षा की कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष के अनुसार, 2023 की परीक्षा में कट-ऑफ 90 अंक थी। छात्रों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कट-ऑफ हर वर्ष के ठोस परिणामों पर निर्भर करती है।

इसलिए, पिछले वर्षों की कट-ऑफ की तुलना करके, आप अपने लक्ष्य को सेट कर सकते हैं। याद रखें, आपकी तैयारी का स्तर आपकी सफलता को निर्धारित करेगा।

करियर का क्षेत्र, वेतन और पदोन्नति

CTET परीक्षा को पास करने के बाद आपके लिए कई करियर संभावनाएँ खुलती हैं। आप स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, जहां पर वेतन की शुरुआत ₹35,000 से होती है। इसके बाद, आपको पदोन्नति के अवसर भी मिलते हैं।

शिक्षक बनने के बाद, आप अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ेंगे। शिक्षण क्षेत्र में आपका अनुभव और आपके प्रदर्शन से आपकी विकास संभावनाएँ निर्धारित होंगी।

सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

मैंने कई छात्रों को देखा है जिन्होंने CTET परीक्षा में सफलता हासिल की है। जैसे कि, मयंक शर्मा ने अपनी मेहनत और अनुशासन से 2022 में परीक्षा पास की। उसने पहले से बेहतर तैयारी की और तकनीकों का सही उपयोग किया।

याद रखें, हर टॉपर एक बार बिगिनर था। अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं और एक ठोस योजना बनाते हैं, तो आप भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में गणित शिक्षण के लिए महत्वपूर्ण विषयों में अंकगणित, ज्यामिति, सांख्यिकी और भौगोलिकता शामिल हैं। इनमें से अंकगणित का वेटेज सबसे अधिक है, जो लगभग 30% है। इसके बाद, ज्यामिति 15% और सांख्यिकी 20% का वेटेज रखता है। जबकि भौगोलिकता से 25% प्रश्न पूछे जाते हैं। इन विषयों पर ध्यान देकर, छात्र अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं।

CTET परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें बी.एड या समकक्ष शिक्षा के कार्यक्रम को पूरा करना आवश्यक है। परीक्षा की कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं होती है। इसलिए, सभी आयु वर्ग के छात्र इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।

CTET परीक्षा के लिए कई उत्कृष्ट पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें 'CTET Mathematics by Dinesh Kumar', 'Objective Mathematics for CTET', और 'Mathematics for Class 1 by NCERT' शामिल हैं। ये पुस्तकें परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं और छात्रों को महत्वपूर्ण टॉपिक्स को समझने में मदद करती हैं।

CTET परीक्षा में 150 प्रश्न होते हैं, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। परीक्षा का समय 150 मिनट है। गलत उत्तर के लिए किसी भी प्रश्न पर नकारात्मक अंकन नहीं है। प्रश्नों में सामान्य ज्ञान, गणित, पर्यावास, और शिक्षण विधियों के विषय शामिल होते हैं। छात्रों को विभिन्न विषयों पर संतुलित तरीके से तैयारी करनी चाहिए।

CTET परीक्षा की कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्षों के अनुसार, 2023 में कट-ऑफ 90 अंक थी, जबकि 2026 के लिए यह 95 अंक होने की संभावना है। CTET परीक्षा को पास करने के बाद, छात्रों के लिए स्कूलों में शिक्षक बनने के कई अवसर खुलते हैं, जहां प्रारंभिक वेतन ₹35,000 से शुरू होता है। यह निश्चित रूप से छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाता है।

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