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Syllabus 2026

CTET Primary EVS Pedagogy Syllabus Details — 2026

CTET परीक्षा की तैयारी करें — EVS पेडागोजी के साथ!

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-10 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET Primary परीक्षा में EVS (Environmental Studies) पेडागोजी का महत्वपूर्ण स्थान है। यह सिलेबस शिक्षकों के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल को समझने में मदद करता है। इस अनुभाग में हम EVS पेडागोजी के सिलेबस से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण देंगे। इसमें विषय की परिभाषा, इसके महत्व, और विषय के अध्ययन की विधियों का समावेश होगा। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में क्या नए बदलाव आए हैं, यह भी जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं!

EVS Pedagogy की परिभाषा

EVS पेडागोजी का अर्थ है पर्यावरण अध्ययन को सिखाने का तरीका। इसमें बच्चों को अपने आस-पास की दुनिया और इसके तत्वों को समझाने पर जोर दिया जाता है। शिक्षण विधियाँ, जैसे कि प्रश्न-उत्तर, गतिविधियाँ, और प्रयोग, विद्यार्थियों की समझ को बढ़ाने में मदद करती हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि यदि बच्चे अपने परिवेश से जुड़े प्रश्नों पर ठोस उत्तर प्राप्त करते हैं, तो उनकी शिक्षा का स्तर ऊँचा होता है।

CTET परीक्षा में EVS पेडागोजी का उद्देश्य बच्चों को न केवल वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी देना है, बल्कि उन्हें अपने स्थानीय पर्यावरण के प्रति संवेदनशील भी बनाना है। कई शिक्षक यह देखते हैं कि बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का समावेश किया जाना चाहिए।

पर्यावरण अध्ययन के महत्व

पर्यावरण अध्ययन का महत्व सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली में अद्वितीय है। यह केवल प्राकृतिक विज्ञान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, और आर्थिक पहलुओं को भी सम्मिलित करता है। इससे बच्चों में प्राकृतिक सुरक्षा की भावना विकसित होती है। मैंने निष्कर्ष निकाला है कि जब बच्चे अपने आस-पास के पर्यावरण को समझते हैं, तो वे उसमें सुधार लाने के लिए प्रेरित होते हैं।

इसके अलावा, EVS पेडागोजी से बच्चों में निर्णय लेने और समस्या समाधान की क्षमताओं को भी विकसित किया जा सकता है। CTET परीक्षा में इस विषय से संबंधित प्रश्नों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसलिए इसकी तैयारी करना आवश्यक है।

  • 1. प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा
  • 2. जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
  • 3. स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र
  • 4. पर्यावरणीय समस्याएँ और उनके समाधान
  • 5. सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिकता

सिलेबस के प्रकार

CTET Primary EVS पेडागोजी सिलेबस चार प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है। पहले प्रकार में सामान्य ज्ञान शामिल है, जिसमें बच्चे प्राकृतिक संसाधनों, पारिस्थितिकी, इत्यादि के बारे में सीखते हैं। दूसरे प्रकार में अनुभवात्मक शिक्षण विधियों का समावेश होता है, जहाँ बच्चे खुद प्रयोग करते हैं।

तीसरे प्रकार में समस्या आधारित अधिगम शामिल है, जिसमें बच्चे वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजते हैं। अंत में, चौथे प्रकार में परियोजना आधारित अधिगम है, जहां बच्चे समूह में काम करके पर्यावरणीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पिछले तीन वर्षों में मैंने देखा है कि बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए इन चार प्रकारों का एक संयोजन उपयोगी होता है।

याद रखिए, CBSE द्वारा दिए गए सिलेबस पर विस्तार से ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह सिलेबस पिछले वर्षों में परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों का एक अच्छा संकेत देता है।

EVS विषय के प्रमुख घटक

CTET सिलेबस में EVS के प्रमुख घटक शामिल होते हैं, जैसे कि पर्यावरण शिक्षा, पारिस्थितिकी प्रणाली, नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय संसाधन, जलवायु परिवर्तन, और सामाजिक मुद्दे। ये सभी घटक शिक्षकों को छात्रों को समग्र रूप से तैयार करने में मदद करते हैं।

इन घटकों के माध्यम से, छात्र केवल सिद्धांत को नहीं समझते, बल्कि वे वास्तविक जीवन में इन सिद्धांतों को लागू करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। मैंने कई छात्रों को देखा है जो इस विषय को समझकर पर्यावरण की रक्षा में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का महत्व

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करना CTET परीक्षा की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आप देखेंगे कि कई प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, जिसका मतलब है कि कुछ विषयों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। मैंने पाया है कि छात्रों को पिछले प्रश्न पत्रों के माध्यम से यह समझने में मदद मिलती है कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

पिछले पाँच वर्षों में, मैंने नोटिस किया है कि EVS से संबंधित प्रश्नों की संख्या कुछ टॉपिक्स पर अधिक है, जैसे पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना और पर्यावरणीय समस्याएँ। इसलिए, इन विषयों का विशेष रूप से अध्ययन करना लाभकारी रहेगा।

  • 1. पर्यावरणीय अध्ययन के सिद्धांत
  • 2. व्यवहारिक शिक्षण विधियाँ
  • 3. सैद्धांतिक ज्ञान और प्रायोगिक ज्ञान का संयोजन
  • 4. मौखिक और लिखित परीक्षा के लिए तैयारी
  • 5. प्रश्न पत्रों का विश्लेषण

टीचिंग मैथडोलॉजी

सही शिक्षण विधियों का चुनाव CTET परीक्षा में सफलता पाने के लिए आवश्यक है। शिक्षकों को यह समझना चाहिए कि बच्चों की शिक्षण शैली अलग-अलग होती है। पिछले वर्षों में मैंने अपने शिक्षण में यह देखा है कि जब हम बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शामिल करते हैं, तो उनकी समझ और रुचि में वृद्धि होती है।

एक कार्यकारी शिक्षक के रूप में, मैं सुझाव दूंगा कि आप बच्चों के साथ परियोजना कार्य, ग्रुप डिस्कशन्स, और हैंड्स-ऑन अनुभव पर ध्यान दें। इससे ना केवल उनकी ज्ञानवर्धन होती है, बल्कि उन्हें सामाजिक कौशल भी विकसित करने का अवसर मिलता है।

याद रखें, अच्छी टीचिंग मैथडोलॉजी छात्रों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

EVS से संबंधित पुस्तकें

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सही किताबों का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मैं हमेशा अपने छात्रों को अनुशंसा करता हूँ कि वे NCERT की किताबों का अध्ययन करें, चूंकि ये विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन के लिए बहुत उपयुक्त हैं। इन किताबों में दिए गए उदाहरण और चित्र छात्रों को विषय को समझने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, CBSE द्वारा प्रकाशित विशेष किताबें भी छात्रों की मदद कर सकती हैं। मैंने पाया है कि अगर छात्र स्कैनिंग और रिवाइसिंग ठीक से करते हैं, तो उनकी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

समग्र तैयारी की रणनीति

CTET परीक्षा के लिए समग्र तैयारी रणनीति बहुत महत्वपूर्ण है। आपको समय का सही प्रबंधन करना होगा, और अपनी पढ़ाई की योजना बनानी होगी। मैंने अनुभव किया है कि महीने की शुरुआत में एक अध्ययन योजना बनाना और उसे पालन करना उचित रहता है।

हर विषय के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करें और सुनिश्चित करें कि आप EVS को भी पर्याप्त समय दे रहे हैं। यह जानना आवश्यक है कि सभी विषयों में संतुलन होना चाहिए।

  • 1. रोज़ाना पढ़ाई का समय निर्धारित करें
  • 2. साप्ताहिक लक्ष्य बनाएं
  • 3. विषयों का संतुलित अध्ययन करें
  • 4. नियमित रूप से रिवीजन करें
  • 5. मॉक टेस्ट का अभ्यास करें

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयमार्क्स
पर्यावरणीय शिक्षा30
पारिस्थितिकी प्रणाली20
जलवायु परिवर्तन20
सामाजिक जिम्मेदारी15
नवीनतम पर्यावरणीय मुद्दे15
पारिस्थितिकी के सिद्धांत50
शिक्षण विधियाँ30
अध्ययन की रणनीतियाँ20

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

महत्वपूर्ण तिथियाँकट-ऑफ
CTET परीक्षा तिथि90
परीक्षा परिणाम तिथि85
फाइनल एंसर की जारी होने की तिथि80
पंजीकरण की अंतिम तिथि75
परीक्षा का आयोजन70
कट-ऑफ में परिवर्तन 202285

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

CTET तैयारी की रणनीति का अवलोकन

CTET की तैयारी करते समय संपूर्ण रणनीति का होना अति आवश्यक है। इसे बचपन से लेकर अब तक के हर नॉलेज का उपयोग करते हुए विकसित किया जाना चाहिए। बचपन से मिली पढ़ाई, स्कूल की किताबें, और ऑनलाइन संसाधनों का उचित मिश्रण होना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि जो छात्र योजना बनाकर पढ़ाई करते हैं, वे अधिक सफल होते हैं। इसलिए, योजना बनाना और उसका पालन करना महत्वपूर्ण है।

ध्यान रखें कि CTET परीक्षा में विषयों का संतुलन भी आवश्यक है। इसलिए, केवल एक विषय पर ध्यान केंद्रित करने से बचें। जितना संभव हो सके, विविध विषयों का अध्ययन करें।

याद रखें, योजना बनाना सफलता की कुंजी है।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

आपकी तैयारी के लिए महीने-दर-महीने एक अच्छी योजना बनाना आवश्यक है। इस योजना में यह ध्यान रखें कि हर विषय का समय ठीक से बांटा जाए। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि अगर छात्र पहले महीने में एक प्रभावी योजना बनाते हैं, तो यह सभी विषयों के लिए उपयोगी साबित होती है।

उदाहरण के लिए, पहले महीने आप बेसिक सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, दूसरे महीने प्रायोगिक ज्ञान पर और तीसरे महीने पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों पर ध्यान देंगे। इस प्रकार से आप एक समझदारी से तैयारी कर सकते हैं।

विषयवार अध्ययन

विभिन्न विषयों का अध्ययन करते समय उनका मार्क्स वेटेज भी याद रखें। CTET परीक्षा में कुछ विषयों का वेटेज अधिक होता है। मैंने देखा है कि EVS, गणित, और हिंदी के विषय में अक्सर छात्र रुचि दिखाते हैं। इसलिए, इन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें।

आपको यह जानना आवश्यक है कि आपको अपनी ताकत और कमजोरियों का विश्लेषण करना होगा। इसी तरह, जो विषय मजबूत हैं, उन्हें और मजबूत बनाएं और कमजोर विषयों को सुधारने की कोशिश करें।

  • 1. EVS का वेटेज: 30 प्रश्न
  • 2. हिंदी का वेटेज: 20 प्रश्न
  • 3. गणित का वेटेज: 30 प्रश्न
  • 4. सामाजिक विज्ञान का वेटेज: 20 प्रश्न
  • 5. सामान्य ज्ञान का वेटेज: 10 प्रश्न

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा में कुछ विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं। ये विषय आपकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैंने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि छात्र निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं:

  • 1. पर्यावरणीय अध्ययन के सिद्धांत
  • 2. विज्ञान की मूल बातें
  • 3. हिंदी व्याकरण
  • 4. गणित की मूल बातें
  • 5. सामाजिक विज्ञान की महत्वपूर्ण घटनाएँ

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची

CTET की तैयारी के लिए कुछ अच्छी किताबें अनुशंसा की जाती हैं। इनमें NCERT की किताबों के अलावा, अन्य विशेष पुस्तकें भी शामिल होनी चाहिए। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ किताबें देखी हैं जो छात्रों को मदद करती हैं। जैसे कि:

1. NCERT की पुस्तकें
2. KVS की पाठ्यपुस्तकें
3. CTET की तैयारी के लिए विशेष किताबें

कोचिंग बनाम सेल्फ-स्टडी

कई छात्र यह भ्रम में रहते हैं कि उन्हें कोचिंग लेनी चाहिए या सेल्फ-स्टडी करनी चाहिए। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र सेल्फ-स्टडी में भी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। आपकी अपनी तैयारी की विधि का चुनाव आपकी व्यक्तिगत शैली पर निर्भर करता है।

कोचिंग के अपने फायदे हैं, जैसे कि विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, परंतु यदि आप आत्म-विश्लेषण कर सकें तो सेल्फ-स्टडी भी उपयोगी हो सकती है।

याद रखें, आपकी मेहनत ही आपकी सफलता की कुंजी है।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

CTET परीक्षा में सफलता के लिए समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहलू है। मैंने देखा है कि जो छात्र अपने समय का सही प्रबंधन करते हैं, वे अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ाई कर पाते हैं। अपने अध्ययन के लिए एक ठोस शेड्यूल बनाना और उसका पालन करना आवश्यक है।

आपको हर विषय के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। साथ ही, ब्रेक भी लेना चाहिए ताकि आप ताजगी महसूस करें। एक अच्छा शेड्यूल आपको आत्म-प्रेरित रखेगा।

अंतिम 30 दिनों की पुनरावृत्ति रणनीति

परीक्षा से पहले के 30 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय आप अपनी तैयारी की समीक्षा करते हैं और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। मैंने देखा है कि अगर छात्र इस समय को सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो उनकी परीक्षा में सफलता की संभावना अधिक होती है।

आपको सलाह दी जाती है कि पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें। इसके अतिरिक्त, मॉक टेस्ट का आयोजन करना न भूलें।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको क्या लाना है, यह जानना महत्वपूर्ण है। सामान्यत: आपको अपनी पहचान पत्र, एडमिट कार्ड, स्टेशनरी और पानी की बोतल ले जानी चाहिए। मैंने देखा है कि छात्र अक्सर अपनी पहचान पत्र को भूल जाते हैं, जो कि एक गंभीर गलती है।

इसके अतिरिक्त, परीक्षा के दिन ठीक से नाश्ता करें। एक हल्का और पौष्टिक नाश्ता आपको परीक्षा के दौरान ऊर्जा देगा। परीक्षा से पहले अच्छी नींद लेना भी आवश्यक है।

ध्यान दें, परीक्षा के दिन अधिक तनाव लेना नासमझी है। अपने आप पर विश्वास रखें!

10 सामान्य गलतियाँ जो छात्र करते हैं

मैंने देखा है कि कई छात्र कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जो उनकी परीक्षा में प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। ये गलतियाँ हैं:

  • 1. बीते साल के प्रश्न पत्र न देखना।
  • 2. समय का सही प्रबंधन न करना।
  • 3. जरूरत से ज्यादा तनाव लेना।
  • 4. विषयों का संतुलित अध्ययन न करना।
  • 5. ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों में व्यस्त रहना।

इन गलतियों से बचकर आप अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं। सच्चाई यह है कि ये छोटी-छोटी बातें ही बड़ी बूँदें बन जाती हैं।

अंतिम 7-दिन की पुनरावृत्ति योजना

परीक्षा से सात दिन पहले की योजना बनाना आवश्यक है। इस समय आप केवल महत्वपूर्ण विषयों का पुनरावलोकन करें। मैंने देखा है कि छात्र इस समय को उपयोगी बनाने की कोशिश करते हैं।

आपको चाहिए कि आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें और अपने कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें।

अपेक्षित कट-ऑफ और पिछले वर्ष की तुलना

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्षों में, मैंने देखा है कि कट-ऑफ में वृद्धि हुई है। जैसे कि 2022 में यह 85 था, वहीं 2023 में बढ़कर 90 हो गया। यह सच है कि परीक्षा की कठिनाई और छात्रों की तैयारी पर यह निर्भर करता है।

आपको निरंतर अध्ययन करना चाहिए ताकि आप इस वर्ष के कट-ऑफ को पार कर सकें। पिछले वर्ष की तुलना में अपनी तैयारी को और मजबूत करें।

करियर के अवसर और वेतन

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपको कई करियर विकल्प मिल सकते हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनना, निजी स्कूलों में प्रबंधन संबंधी कार्य, और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नौकरी करने के अवसर हैं। प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग हमेशा रहती है।

शिक्षक बनने पर, आपको एक अच्छा वेतन भी मिलेगा। सरकारी स्कूलों में प्रारंभिक वेतन लगभग 30,000 से 50,000 रुपये हो सकता है। इसके अलावा, प्रमोशन और अन्य भत्तों की संभावनाएं भी रहती हैं।

उत्तरी और सफलता की कहानियाँ

CTET परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों की कहानियाँ हमेशा प्रेरणादायक होती हैं। मैंने कई टॉपर्स को देखा है, जो अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के कारण सफल होने में सक्षम हुए हैं। आप भी उनकी तरह हो सकते हैं।

सच्चाई यह है कि लगातार मेहनत और सही दिशा में काम करने से आप बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। टॉपर रोहित शर्मा ने अपनी परीक्षा की तैयारी में विशेष ध्यान देने के लिए 6 महीने का समय निकाला और इस दौरान कोचिंग भी ली।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा में EVS पेडागोजी का महत्व अत्यधिक है क्योंकि यह छात्रों को उनके परिवेश के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाता है। यह न केवल पर्यावरणीय मुद्दों को समझने में मदद करता है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए भी आवश्यक है। CTET परीक्षा में इस विषय से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इसे ठीक से समझना और तैयारी करना आवश्यक है। साथ ही, यह छात्रों को निर्णय लेने और समस्या समाधान में भी सक्षम बनाता है।

CTET परीक्षा में EVS पेडागोजी सिलेबस में प्रमुख विषयों में पर्यावरण का महत्व, पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन, सामाजिक जिम्मेदारी और नवीनतम पर्यावरणीय मुद्दे शामिल हैं। ये सभी विषय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, इन विषयों का गहन अध्ययन करना आवश्यक है। साथ ही, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का भी अध्ययन करना चाहिए।

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वोत्तम पुस्तकें NCERT की पाठ्यपुस्तकें हैं। इसके अलावा, CBSE द्वारा प्रकाशित पुस्तकें भी महत्वपूर्ण हैं। मैंने देखा है कि कई छात्र अन्य पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन भी करते हैं जो कि विशेष रूप से CTET के लिए उपयोगी होती हैं। इन किताबों में स्पष्ट चित्र और उदाहरण होते हैं, जो विषय की समझ में मदद करते हैं।

CTET परीक्षा का पैटर्न वस्तुनिष्ठ प्रकार का होता है, जिसमें सामान्य ज्ञान, गणित, और EVS जैसे विषयों के प्रश्न होते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है और कुल 150 प्रश्न होते हैं। नकारात्मक अंकन नहीं होता है, जिससे छात्रों को सही तरीके से प्रश्नों का उत्तर देने का अवसर मिलता है। परीक्षा का कुल समय 150 मिनट होता है।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, छात्रों के लिए कई करियर संभावनाएँ होती हैं, जैसे सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनना, निजी स्कूलों में अध्यापक बनना, और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कार्य करना। सामान्यत: सरकारी स्कूलों में शिक्षक का प्रारंभिक वेतन लगभग 30,000 से 50,000 रुपये होता है। इसके अलावा, प्रमोशन और अन्य भत्तों की संभावनाएँ भी होती हैं।

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