जानें CTET कट ऑफ मार्क्स UP Super TET के लिए
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
CTET (Central Teacher Eligibility Test) प्रत्येक वर्ष लाखों उम्मीदवारों द्वारा दिया जाता है। हाल के वर्षों में, CTET और UP Super TET दोनों के लिए कट ऑफ मार्क्स का निर्धारण महत्वपूर्ण हो गया है। यह उन सभी छात्रों के लिए आवश्यक है जो प्राथमिक शिक्षा में करियर बनाना चाहते हैं। कट ऑफ मार्क्स, प्रतियोगिता के स्तर और प्रश्न पत्र की कठिनाई के अनुसार तय किए जाते हैं। यहाँ हम CTET प्राथमिक के लिए अपेक्षित कट ऑफ मार्क्स और UP Super TET रिक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहे हैं।
CTET परीक्षा, केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित की जाती है, जो कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य है। यह परीक्षा उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक द्वार खोलती है जो सरकारी स्कूलों में शिक्षण करना चाहते हैं। UP Super TET परीक्षा, उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इन दोनों परीक्षाओं के कट ऑफ मार्क्स को समझना हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य है।
इन परीक्षाओं के कट ऑफ मार्क्स, राज्य सरकार की आवश्यकताओं और परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करते हैं। जब मैं अपने छात्रों को CTET की तैयारी कराता हूँ, तो सबसे पहले हम कट ऑफ मार्क्स पर ध्यान देते हैं। छात्रों को यह समझाना जरूरी है कि कट ऑफ मार्क्स का क्या महत्व होता है।
CTET में कट ऑफ मार्क्स की गणना उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर की जाती है। परीक्षा में उपस्थित सभी छात्रों के अंकों की तुलना की जाती है, और जिनका स्कोर निश्चित मानक के ऊपर होता है, उन्हें सफल माना जाता है। हर वर्ष, सही उत्तरों की संख्या, गलत उत्तरों की संख्या और कुल उपस्थित छात्रों की संख्या के आधार पर कट ऑफ में परिवर्तन होता है।
पिछले साल की तुलना में, CTET में कट ऑफ मार्क्स में अधिकतम 5-10 अंकों का अंतर होता है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि CTET के कट ऑफ में स्थिरता और बदलाव दोनों होते हैं, इसलिए इसे ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
UP Super TET परीक्षा का कट ऑफ मार्क्स इस परीक्षा में उपस्थित सभी छात्रों के अंकों के आधार पर तय किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कट ऑफ निर्धारित होते हैं। जैसे कि सामान्य, ओबीसी, एससी, और एसटी के लिए कट ऑफ में भिन्नता होती है।
मैंने देखा है कि इतना कट ऑफ न केवल परीक्षा के कठिनाई स्तर पर निर्भर करता है, बल्कि उम्मीदवारों की संख्या पर भी निर्भर करता है। पिछले वर्षों में, जब भी प्रवेश की संख्या अधिक होती है, कट ऑफ मार्क्स भी उसके अनुपात में बढ़ते हैं।
कट ऑफ मार्क्स को समझना आवश्यक है ताकि छात्र अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जा सकें। उदाहरण के लिए, यदि किसी साल कट ऑफ मार्क्स 90 हैं और आप 85 अंक लाते हैं, तो आपको अगले साल के लिए तैयारी में सुधार करने की आवश्यकता होगी। इस तरीके से, आप अपने स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।
मेरा सुझाव है कि आप पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें और देखें कि किन विषयों से अधिक प्रश्न पूछे जा रहे हैं। जब मैं अपने छात्रों को तैयारी में मदद करता हूँ, तो हम हमेशा कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण करते हैं ताकि छात्रों को यह पता चल सके कि उन्हें किन विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
CTET और UP Super TET के कट ऑफ मार्क्स में पिछले वर्षों में भिन्नता देखी गई है। उदाहरण के लिए, 2022 में CTET के लिए सामान्य कट ऑफ 95 अंक था, जबकि 2023 में यह घटकर 90 अंक हो गया। इसी तरह, UP Super TET में कट ऑफ मार्क्स भी बदलते रहते हैं। पिछले वर्ष के आंकड़ों का विश्लेषण करके, आप अगली परीक्षा के लिए अपनी रणनीति बना सकते हैं।
मैंने नोटिस किया है कि जब उम्मीदवार एक मजबूत तैयारी करते हैं, तो वे कट ऑफ को पार करने में अधिक सफल होते हैं। इसलिए, इस विषय पर ध्यान केंद्रित करना बहुत जरूरी है।
CTET और UP Super TET के लिए तैयारी करते समय, आपको विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमेशा सिलेबस को ध्यान में रखते हुए तैयारी करें और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें। यह एक आसान ट्रिक है — रात को सोने से पहले 10 मिनट में महत्वपूर्ण तथ्य रिवाइज़ करें, इससे आपको परीक्षा के दिन बहुत मदद मिलेगी।
मैंने देखा है कि बहुत से छात्रों ने एक ही विषय पर अधिक ध्यान दिया है, जबकि अन्य विषयों को नजरअंदाज कर दिया है। यह सबसे बड़ी गलती है! आपको सभी विषयों पर समान ध्यान देने की आवश्यकता है।
CTET और UP Super TET के लिए कई पुस्तकें उपलब्ध हैं। व्यक्तिगत रूप से, मैंने इन पुस्तकों की अनुशंसा की है: 1) "CTET Success Guide" 2) "CTET Paper 1 & 2 Exam Guide" 3) "Teaching Aptitude and Educational Psychology"। ये किताबें आपकी तैयारी में बहुत सहायक होंगी।
जब मैं अपने छात्रों को इन पुस्तकों का चयन करने में मदद करता हूँ, तो मैं हमेशा यह सुनिश्चित करता हूँ कि उनकी पाठ्य सामग्री परीक्षा के लिए उपयुक्त हो।
CTET और UP Super TET परीक्षा में सफल होने के लिए कट ऑफ मार्क्स का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। हमेशा ध्यान दें कि आप किन विषयों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। आस्था और मेहनत से आप निश्चित रूप से इन परीक्षाओं में सफल होंगे।
याद रखिए — प्रत्येक प्रयास आपको सफलता की ओर ले जाता है। बस निरंतरता बनाए रखिए!
| वर्ष | CTET सामान्य कट ऑफ | CTET ओबीसी कट ऑफ | CTET एससी कट ऑफ | CTET एसटी कट ऑफ | UP Super TET कट ऑफ |
|---|---|---|---|---|---|
| 2021 | 90 | 85 | 80 | 75 | 95 |
| 2022 | 95 | 90 | 85 | 80 | 92 |
| 2023 | 90 | 85 | 80 | 75 | 90 |
| 2024 | 92 | 87 | 82 | 78 | 93 |
| 2025 | 91 | 86 | 81 | 77 | 91 |
| पेपर | मार्क्स वितरण | महत्वपूर्ण तिथियाँ | कट-ऑफ |
|---|---|---|---|
| CTET | 150 | 10 जुलाई 2026 | 90 |
| UP Super TET | 150 | 15 अगस्त 2026 | 92 |
| CTET | 150 | 10 जुलाई 2025 | 95 |
| UP Super TET | 150 | 15 अगस्त 2025 | 90 |
| CTET | 150 | 10 जुलाई 2024 | 92 |
CTET और UP Super TET की तैयारी के लिए एक प्रणालीबद्ध दृष्टिकोण आवश्यक है। सबसे पहले, आपको यह तय करना होगा कि आप कितने समय में अपनी तैयारी पूरी करना चाहते हैं। मेरा सुझाव है कि आप कम से कम 6 महीने की योजना बनाएं, ताकि आप प्रत्येक विषय पर पर्याप्त समय दे सकें।
आपकी दिनचर्या का स्थिर होना बहुत ज़रूरी है। जो छात्र योजना के अनुसार चलते हैं, वे अधिक सफल होते हैं। मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि जो छात्र धीरे-धीरे और नियमित रूप से पढ़ते हैं, वे अंततः प्रतियोगिता में सफल होते हैं।
अगले 6 महीनों के लिए एक मासिक पढ़ाई योजना बनाना बेहद महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप उन विषयों पर फोकस कर सकते हैं जिनका कट ऑफ मार्क्स में अधिक प्रभाव होता है। अगले महीनों में, अपनी शक्ति और कमजोरियों का सामान करें।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि छात्र जब मासिक योजना का पालन करते हैं, तो वे अधिक संगठित होते हैं। आप अपनी प्रगति के अनुसार अपनी योजना में बदलाव कर सकते हैं।
CTET और UP Super TET में कई विषय होते हैं, जैसे कि गणित, बाल विकास, शिक्षा शास्त्र, और अधिक। प्रत्येक विषय का अलग-अलग महत्व होता है, इसलिए इनकी तैयारी में आपको विशेष ध्यान देना होगा।
मैंने देखा है कि गणित के सवाल अक्सर छात्रों को सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। इसलिए, अगर आप गणित में मजबूत हैं, तो आपकी सफल होने की संभावना अधिक होगी।
CTET और UP Super TET में कुछ विषय ऐसे हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ये विषय परीक्षा में अधिक महत्वपूर्ण साबित होते हैं। आपका ध्यान निम्नलिखित विषयों पर होना चाहिए:
1) बाल विकास और शिक्षा शास्त्र 2) गणित के मूल सिद्धांत 3) महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान 4) भाषा का ज्ञान।
कई छात्र यह सवाल उठाते हैं कि क्या उन्हें कोचिंग लेनी चाहिए या खुद से पढ़ाई करनी चाहिए। मेरे अनुभव में, कोचिंग से भी बेहतर है आत्म-अध्ययन। यह आपको अधिक फोकस्ड और समर्पित बनाता है।
लेकिन एक संतुलन बनाना आवश्यक है। कुछ छात्र कोचिंग में आगे बढ़ते हैं, जबकि अन्य आत्म-अध्ययन में समान ध्यान देते हैं। सच्चाई यह है कि दोनों के अपने फायदे हैं।
परीक्षा के लिए समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप हर विषय पर पर्याप्त समय दे रहे हैं। मेरा सुझाव है कि आप दैनिक आधार पर एक समय सारणी बनाएं।
दैनिक अनुसूची का पालन करने से आप अपनी पढ़ाई में अनुशासन लाएंगे। मेरे छात्रों ने इस तकनीक का उपयोग किया है और उन्हें सफलता मिली है।
परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में आपको अपनी रणनीति को मजबूत करने की आवश्यकता है। इस समय के दौरान, आपको उन विषयों की पुनरावृत्ति करनी होगी जिनमें आप कमजोर हैं। मैंने देखा है कि अंतिम समय में अधिकतर छात्र प्राथमिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
एक बात याद रखें, ये अंतिम दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। आप जितना अधिक अभ्यास करेंगे, उतना ही आप शांत और आत्मविश्वासी रहेंगे।
परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीज़ें ले जा रहे हैं। जैसे कि परीक्षा कॉल लेटर, पहचान पत्र, काले पेन, पानी की बोतल, और कुछ हल्की नाश्ते की चीजें।
समय का प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि आप परीक्षा के दिन समय से पहुंचें ताकि आप तनाव में न रहें। मैंने देखा है कि कई छात्र परीक्षा केंद्र पर समय पर नहीं पहुंचते और इससे उनकी तैयारी पर असर पड़ता है।
1) समय पर नहीं पहुंचना
2) परीक्षा को हल्के में लेना
3) सभी विषयों पर समान ध्यान न देना
4) तैयारी में विघ्न डालना
5) परीक्षा से पहले अंतिम क्षण में तैयारी करना
6) गलत उत्तर पर समय बर्बाद करना
7) प्रश्नों को जल्दी हल करना
8) मानसिकता का ध्यान न रखना
9) पर्याप्त नींद न लेना
10) सही किताबें न पढ़ना
परीक्षा के अंतिम 7 दिनों में, एक विशेष योजना बनाएं। प्रत्येक दिन एक अलग विषय पर ध्यान केंद्रित करें। पहले दिन सामान्य विज्ञान, दूसरे दिन गणित, तीसरे दिन बाल विकास, और इसी तरह से आगे बढ़ें।
मेरी सलाह है कि इस समय में आप अधिकतम रिवीजन करें और किसी नई चीज़ को सीखने की कोशिश न करें। इस समय केवल आपके जानने वाले विषयों पर ध्यान दें।
CTET और UP Super TET की अपेक्षित कट-फॉल्स को समझना महत्वपूर्ण है। पिछले वर्षों में, कट ऑफ का स्तर बदलता रहा है। यदि हम 2022 की कट ऑफ की तुलना 2024 की अपेक्षाओं से करें, तो हमें यह समझ में आता है कि प्रतियोगिता बढ़ने के कारण कट ऑफ में बढ़ोतरी हो सकती है।
आपके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि पिछले वर्ष की कट-फॉल्स से आपका प्रदर्शन कैसे साबित होगा।
CTET और UP Super TET के माध्यम से करियर का दायरा बहुत बड़ा है। शिक्षक के रूप में आपके पास कई अवसर होते हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनना न केवल प्रतिष्ठित है, बल्कि इसके साथ-साथ यह स्थिरता भी प्रदान करता है।
शिक्षकों के वेतन और पदोन्नति की संभावना भी बहुत अच्छी होती है। मैंने देखा है कि शिक्षक बनने के बाद, कई छात्र आगे बढ़ते हैं और अच्छे पदों पर पहुंचते हैं।
इस क्षेत्र में सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ हमेशा छात्रों को प्रोत्साहित करती हैं। उदाहरण के लिए, टॉपर राधिका ने अपनी तैयारी को नियमित किया और सभी विषयों में संतुलित ध्यान दिया। उसने तैयारी में अपने अनुभव साझा किए, जो दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
याद रखिए, सफलता की कोई शॉर्टकट नहीं है। मेहनत और समर्पण से ही आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।