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Syllabus 2026

CTET प्राइमरी सिलेबस: बिहार SCERT बनाम NCERT पैटर्न

बिहार SCERT बनाम NCERT पैटर्न - CTET प्राइमरी सिलेबस की तुलना करें!

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

दोस्तों, CTET (केंद्र सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा) की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब बात सिलेबस की हो। बिहार SCERT और NCERT दोनों के पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण अंतर हैं, जो आपकी तैयारी को प्रभावित कर सकते हैं। यहाँ हम इन दोनों पैटर्न की तुलना करेंगे, ताकि आप अच्छे से समझ सकें कि किसका चुनाव करना बेहतर है। मैं जानता हूँ, बहुत से छात्र इस विषय में उलझन में रहते हैं, लेकिन चिंता मत कीजिए, सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से कवर करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं!

SCERT और NCERT का परिचय

SCERT (State Council of Educational Research and Training) और NCERT (National Council of Educational Research and Training) दोनों भारत में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थान हैं। SCERT बिहार राज्य के लिए स्थानीय स्तर पर पाठ्यक्रम तैयार करता है, जबकि NCERT पूरे देश के लिए एक मानक पाठ्यक्रम विकसित करता है। देखिए दोस्तों, SCERT का पाठ्यक्रम बिहार की भाषा, संस्कृति और संदर्भ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

दूसरी ओर, NCERT का पाठ्यक्रम सभी राज्यों के लिए एक समान होता है और यह केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। SCERT के पाठ्यक्रम में स्थानीयता का तत्व अधिक होता है, जिससे कि छात्र अपने परिवेश से जुड़ाव महसूस कर सकें। NCERT पाठ्यक्रम छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर एक समान शिक्षा प्रदान करता है, जिससे उन्हें एक समान प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है।

बिहार SCERT और NCERT सिलेबस की तुलना

सिलेबस के दृष्टिकोण से, SCERT और NCERT के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं। SCERT में पाठ्यक्रम स्थानीय संदर्भों और शिक्षण विधियों को प्राथमिकता देता है। उदाहरण के लिए, बिहार की ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश किया जाता है, जो छात्रों के लिए अधिक संबंधित होता है।

NCERT में, पाठ्यक्रम अधिक सामान्यीकृत है और इसमें विज्ञान, गणित, भाषा और सामाजिक विज्ञान के विषयों को अधिक विस्तृत और जटिल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस तरह के अंतर को ध्यान में रखते हुए, छात्रों को यह देखना होगा कि कौन सा पाठ्यक्रम उनके लिए अधिक अनुकूल है।

  • SCERT में स्थानीय शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाता है।
  • NCERT पाठ्यक्रम में अधिक वैज्ञानिक और तार्किक दृष्टिकोण है।
  • SCERT में बिहार के विशिष्ट मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है।
  • NCERT पाठ्यक्रम देशव्यापी मानक पर आधारित होता है।
  • SCERT पाठ्यक्रम में प्रायोगिक शिक्षा का अधिक प्रयोग होता है।
  • NCERT में अधिक स्पष्ट और सटीक परिभाषाएँ होती हैं।

CTET परीक्षा की महत्वता

CTET परीक्षा का महत्व केवल इसके उत्तीर्ण होने में नहीं, बल्कि इसके द्वारा मिलने वाली शिक्षण योग्यता में भी है। यह परीक्षा आपको एक प्रमाण पत्र प्रदान करती है, जो यह साबित करता है कि आप प्राथमिक स्तर पर शिक्षा देने के लिए योग्य हैं। मेरा सुझाव है कि आप इस परीक्षा की तैयारी में सभी महत्वपूर्ण सिलेबस बिंदुओं को ध्यान में रखें, ताकि आप आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें।

पिछले वर्षों में मैंने देखा है कि CTET परीक्षा में कुछ विषयों से प्रश्न अधिकतर आते हैं, जैसे कि बाल विकास और शिक्षण विधियां। इसलिए, इन विषयों की तैयारी विशेष रूप से जरूरी है। छात्रों को यह समझकर चलना चाहिए कि CTET केवल एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह आपकी शिक्षण करियर की नींव रखता है।

गौर करें, CTET की तैयारी में अनुशासन और निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण हैं। खुद को नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए निर्धारित करें और साथ ही प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।

सिलेबस के महत्वपूर्ण विषय

CTET प्राइमरी सिलेबस में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं, जैसे कि बाल विकास, हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन। SCERT और NCERT दोनों में इन विषयों का अध्ययन आवश्यक है, लेकिन पाठ्यक्रम को पढ़ाने का तरीका भिन्न हो सकता है। मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूँ कि छात्रों को इन विषयों को गहराई से समझना चाहिए, क्योंकि इनमें से कई प्रश्न सीधे परीक्षा में पूछे जाते हैं।

उदाहरण के लिए, गणित की अवधारणाएं जैसे संख्या प्रणाली और भिन्न, CTET परीक्षा में अक्सर प्राथमिकता दी जाती हैं। छात्रों को चाहिए कि वह गणित के इन बुनियादी अवधारणाओं को अच्छे से समझें, ताकि उन्हें प्रश्नों का सही उत्तर देने में किसी प्रकार की समस्या ना हो।

  • बाल विकास और शिक्षण विधियां
  • गणित की अवधारणाएं
  • हिंदी भाषा व्याकरण
  • सामाजिक विज्ञान के प्रमुख सिद्धांत
  • पर्यावरण अध्ययन
  • शिक्षण विधियों का ज्ञान

पुनरावलोकन और तैयारी के टिप्स

पुनरावलोकन और तैयारी के दौरान एक ठोस रणनीति बनाना जरूरी है। मैं अपने छात्रों को अक्सर सुझाव देता हूँ कि वे एक महीने तक अपनी पढ़ाई की योजना बनाएं। इसके अंतर्गत हर विषय के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करें। साथ ही, पुराने प्रश्न पत्रों का हल करें, जिससे आपको परीक्षा का माहौल समझ में आएगा।

बहुत से छात्र यह गलती करते हैं कि वे सभी विषयों को एक साथ पढ़ने की कोशिश करते हैं, जो कि सही नहीं है। मेरा सुझाव है कि आप एक समय पर एक विषय पर ध्यान दें। इससे आपको गहराई से अध्ययन करने में मदद मिलेगी।

याद रखें, निरंतरता और अनुशासन से आप किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। हर दिन छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करने का प्रयास करें।

पिछले सालों के प्रश्न पत्र

पिछले साल के प्रश्न पत्रों को हल करने से आपको यह पता चल जाएगा कि किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। मैंने बहुत से छात्रों को यह कहते सुना है कि उन्हें परीक्षा में पुराने प्रश्नपत्र हल करने से बहुत मदद मिली है। यह न केवल आपकी तैयारी को मजबूत करेगा, बल्कि आपको आत्मविश्वास भी देगा।

2024 की CTET परीक्षा में मैंने देखा कि 25% प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न से थे। इसलिए, पुराने प्रश्नपत्रों पर ध्यान देना न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक रणनीतिक कदम भी है। आप एक निश्चित समय सीमा में करें, जिससे आपको परीक्षा के वास्तविक परिदृश्य का अनुभव हो।

सफलता के लिए मानसिक तैयारी

CTET की सही तैयारी केवल शैक्षणिक ज्ञान पर निर्भर नहीं करती बल्कि आपकी मानसिक तैयारी पर भी होती है। परीक्षा के दिन मानसिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण होती है। मैंने कई छात्रों को देखा है कि वे परीक्षा से पहले चिंता करते हैं, जो कि सही नहीं है। आप अपनी मानसिक तैयारी को सही से करें, जैसे कि ध्यान लगाना और सकारात्मक सोच रखना।

परीक्षा के दिन एक सकारात्मक मनोभाव के साथ जाना न केवल आपकी प्रदर्शन पर असर डालेगा, बल्कि आपको तनाव मुक्त भी करेगा। यह महत्वपूर्ण है कि आप खुद पर विश्वास रखें और अपनी तैयारी पर ध्यान दें।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयSCERT का पाठ्यक्रमNCERT का पाठ्यक्रम
बाल विकासस्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।विस्तृत और सामान्यीकृत दृष्टिकोण।
गणितस्थानिक समस्याओं को प्राथमिकता दी जाती है।सार्वभौमिक अवधारणाएँ शामिल हैं।
हिंदीबिहार की स्थानीय बोलियों का अध्ययन।समान स्तर की हिंदी भाषा।
सामाजिक विज्ञानराज्य की ऐतिहासिक घटनाएं शामिल हैं।राष्ट्रीय घटनाओं को ध्यान में रखा गया है।
पर्यावरण अध्ययनस्थानीय पारिस्थितिकी पर ध्यान।सम्पूर्ण पारिस्थितिकी का अध्ययन।
शिक्षण विधियाँप्रायोगिक और स्थानीय दृष्टिकोण।वैज्ञानिक और सैद्धांतिक।
संक्षेपस्थानीय परिप्रेक्ष्य पर आधारित।एकीकृत और व्यापक दृष्टिकोण।

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकटौती अंकमहत्वपूर्ण तिथियाँ
20208515 मार्च 2020
20218820 अप्रैल 2021
20229025 मई 2022
20237830 जून 2023
20248215 जुलाई 2024
20258010 अगस्त 2025

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

भविष्य की तैयारी की रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे पहले एक ठोस तैयारी रणनीति बनाना जरूरी है। आपने देखा होगा कि बहुत से छात्र तैयारी करते हुए समय प्रबंधन में समस्या का सामना करते हैं। इसलिए, मैं हमेशा सुझाव देता हूँ कि एक महीने पहले से तैयारी शुरू करें। पहले सिलेबस को विभाजित करें, फिर विषय विशेष पर ध्यान दें।

मेरे अनुभव के अनुसार, एक अध्ययन योजना बनाना और उसे पालन करना सबसे प्रभावी तरीका है। यहाँ एक योजना दी गई है: पहले सप्ताह गणित और हिंदी पर ध्यान दें, दूसरे सप्ताह विज्ञान और सामाजिक अध्ययन पर ध्यान दें, और तीसरे सप्ताह पुनरावलोकन करें।

गर्व करें, आपकी मेहनत ही आपकी सफलता का आधार है।

महीने दर महीने अध्ययन योजना

अध्ययन योजना को महीने दर महीने बांटना आपको सीधे आपकी प्राथमिकताओं के अनुसार मार्गदर्शन करेगा। जनवरी में CTET परीक्षा की तारीख तय होती है। इसलिए, दिसंबर से ही अपनी तैयारी की गति बढ़ा दें।

फरवरी और मार्च के बीच में, विषयों का अध्ययन करें और उनसे संबंधित पुराने प्रश्न पत्रों का भी हल करें। इसका उद्देश्य है कि आप हर विषय को अच्छी तरह समझ सकें और फिर उन्हें पूरी तरह से रिवाइज कर सकें।

विषय वार अध्ययन विधि

हर विषय की पढ़ाई करते समय, उन्हें व्यक्तिगत रूप से समझें और उनकी महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर ध्यान दें। जैसे गणित में आप संख्या प्रणाली और भिन्नों को समझें। हिंदी में व्याकरण और लेखन कौशल पर ध्यान दें।

अन्य विषयों जैसे कि सामाजिक विज्ञान में प्रमुख नाम और घटनाओं पर ध्यान दें। मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि वे विषयों में संतुलन बनाए रखें, ताकि आपकी तैयारी में विविधता बनी रहे।

ध्यान दें, विषयों में संतुलन बनाए रखना हमेशा प्रभावी साबित होता है!

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

CTET की तैयारी के लिए कई पुस्तकें उपलब्ध हैं। निम्नलिखित शीर्ष 5 पुस्तकों की सिफारिश की जाती है:

  • NCERT की किताबें: गर्मियों की छुट्टियों में NCERT पाठों का अध्ययन करें।
  • CTET की पुस्तकों के लिए प्रकाशकों का चयन करें जो वित्तीय विश्वसनीयता रखते हों।
  • बाल विकास और शिक्षण विधि के लिए R.D. Sharma की किताब।
  • भाषा के लिए K.L. Gupta की किताब।
  • समाजशास्त्र के लिए R.N. Dhingra की किताब।

कोचिंग बनाम आत्म-शिक्षा

कोचिंग और आत्म-शिक्षा में निर्णय लेना हमेशा से छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। मैंने बहुत से छात्रों को दिखा है कि जो लोग कोचिंग संस्थानों में जाते हैं, उन्हें सतत मार्गदर्शन मिलता है। वहीं, आत्म-शिक्षा में आप अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन खुद की प्रगति की निगरानी रखना जरूरी है।

इस बात पर विचार करें कि आपका अध्ययन करने का तरीका क्या है। क्या आपको एक संरचित ढांचे की आवश्यकता है, या आप स्वायत्तता पसंद करते हैं? इसके अनुसार निर्णय लें।

कोचिंग का लाभ लें, लेकिन आत्म-शिक्षा में भी आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है, जो आपकी CTET तैयारियों में मदद करता है। मेरे अनुभव में, सटीक योजना बनाकर ही आप बेहतर तरीके से समय प्रबंधित कर सकते हैं।

एक नियमित दिनचर्या बनाएं, जिसमें अध्ययन के लिए प्राथमिक समय निर्धारित करें। मैंने अपने विद्यार्थियों को सुझाव दिया है कि वे एक निर्धारित समय पर पढ़ाई करें ताकि उनका मन सही दिशा में चल सके।

अंतिम 30 दिनों की पुनरावलोकन रणनीति

परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में, आपको पुनरावलोकन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। महत्वपूर्ण अवधारणाओं को बार-बार देखने से आपके ज्ञान में वृद्धि होगी। मैं हमेशा अपने विद्यार्थियों को कहता हूँ कि वे जेब में नोट्स रखें और समय-समय पर उन्हें पढ़ते रहें।

आपके पाठ्यक्रम के हर भाग का पुनरावलोकन करें, खासकर उन विषयों का जिन पर आपको थोड़ा संदेह है। इस समय में, कई प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिन चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन यह सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीजें लेकर चलें। जैसे कि आपकी प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, और स्टेशनरी सामग्री। मैंने अपने छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें एक दिन पहले से सभी चीजें बाहर तैयार रखें, ताकि परीक्षा के दिन कोई तनाव न हो।

साथ ही, सुनिश्चित करें कि आप अच्छा नाश्ता करें और सही समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। यह आपके मूड और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

छात्र परीक्षा में जाने से पहले कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। जैसे कि

  • नियमित अभ्यास न करना
  • परीक्षा की तैयारी में अंतिम क्षण पर घबराना
  • अधिक समय पर ध्यान केंद्रित न करना
  • पुस्तकों से अध्ययन करने में असंगति रखना
  • परीक्षा के दिन जल्दी नहीं उठना
  • इन गलतियों से बचने के लिए, किसी भी प्रश्न पर जवाब देने से पहले अच्छे से पढ़ें और अपने ज्ञान के अनुसार उत्तर देने का प्रयास करें।

    याद रखें, तैयारी से मनोविज्ञान की तैयारी करना भी आवश्यक है!

    अंतिम 7-दिन रिवीजन योजना

    परीक्षा से पहले के अंतिम 7 दिनों में, आपको अपने अभ्यास को सुव्यवस्थित करना चाहिए। हर दिन निर्धारित विषयों को चुनें और उन पर ध्यान केंद्रित करें। इस समय में, पुराने प्रश्न पत्रों का हल करना और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को फिर से देखना न भूलें।

    पुनरावलोकन करते समय, ध्यान दें कि कई विषयों को एक ही दिन में न लें। इस तरह, आप मानसिक थकावट से बचते हैं और प्रभावी ढंग से पढ़ाई कर पाते हैं।

    उम्मीदित कटौती और पिछले वर्ष की तुलना

    CTET परीक्षा की कटौतियाँ पिछले वर्षों के पेपरों के आधार पर भिन्न होती हैं। पिछले वर्ष, कटौती लगभग 80 अंक थी, जो कि काफी महत्वपूर्ण थी। हर वर्ष की कटौती का आंकड़ा पिछले वर्ष की परीक्षा के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

    अगर आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल कर लेते हैं, तो आपको एक एहसास होगा कि आपकी तैयारी कितनी मजबूत है और आप किस दिशा में जा रहे हैं।

    करियर के संभावित मार्ग और वेतन

    CTET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, आप प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। इसे लेकर अक्सर प्रश्न उठता है कि करियर की संभावित राहें क्या हैं। इस परीक्षा के बाद, शिक्षक की नौकरी में कई अवसर होते हैं, जैसे कि सरकारी और निजी स्कूलों में कार्य करना।

    दूसरी ओर, वेतनमान की भी बात करें, तो प्रारंभिक स्तर के शिक्षक को लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह की सैलरी मिल सकती है, जो कि अनुभव और स्कूल के अनुसार भिन्न हो सकती है।

    सफलता की प्रेरक कहानियाँ

    कई टॉपरों की कहानियाँ बताती हैं कि कैसे उन्होंने कठिनाइयों का सामना किया और सफलता प्राप्त की। जैसे कि टॉपर राधिका सिंह, जिन्होंने CTET परीक्षा को केवल एक साल में बिना किसी कोचिंग के पास किया। उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें उत्कृष्टता की ऊंचाईयों तक पहुँचाया।

    इस प्रकार की प्रेरणादायक कहानियाँ हमें यह समझाती हैं कि निरंतरता और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।

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    Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

    CTET परीक्षा के लिए SCERT का पाठ्यक्रम बिहार की स्थानीय शिक्षा प्रणाली को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जबकि NCERT का पाठ्यक्रम सभी राज्यों के लिए एक समान होता है। SCERT में स्थानीय मुद्दों, भाषा और संस्कृति पर ध्यान दिया जाता है, जो छात्रों को अधिक संबंधित बनाता है। NCERT का पाठ्यक्रम सामान्यीकृत होता है और जहाँ विज्ञान और गणित की कठिनाइयों को शामिल किया जाता है। इसलिए, छात्रों को यह समझना चाहिए कि किस पाठ्यक्रम से उन्हें अधिक लाभ होगा।

    यह छात्रों की आवश्यकता और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। अगर आप बिहार के स्थानीय मुद्दों और संस्कृति से संबंधित अध्ययन करना चाहते हैं, तो SCERT आपके लिए बेहतर है। दूसरी ओर, अगर आप मानकीकरण और एक समान शिक्षा की तलाश में हैं, तो NCERT सिलेबस अधिक उपयुक्त है। दोनों सिलेबस के अपने लाभ हैं और छात्रों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार चुनना चाहिए।

    CTET परीक्षा की तैयारी के लिए NCERT की किताबें, R.D. Sharma की गणित की किताब, K.L. Gupta की हिंदी व्याकरण की किताब, और R.N. Dhingra की समाजशास्त्र की किताबें उपयोगी मानी जाती हैं। ये किताबें विषयों की गहरी समझ प्रदान करती हैं और प्रश्न पत्रों के लिए आवश्यक अवधारणाओं को शामिल करती हैं। छात्रों को अपने पाठ्यक्रम के अनुसार सही पुस्तकें चुननी चाहिए।

    CTET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं, जो कि 150 अंकों के होते हैं। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होता है और इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं है। प्रश्न पत्र को दो भागों में बांटा गया है: पेपर I (प्राथमिक स्तर) और पेपर II (माध्यमिक स्तर)। यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक प्रश्न को सही तरीके से हल करने पर एक अंक मिलेगा, इसलिए आपको अपनी तैयारी को मजबूत करना होगा।

    CTET परीक्षा पास करने के बाद, आप प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षण के अवसर भी उपलब्ध हैं। औसत वेतन लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह हो सकता है, जो अनुभव और कार्यस्थल के अनुसार भिन्न हो सकता है। यह परीक्षा आपको एक प्रमाण पत्र प्रदान करती है जो आपके शिक्षण करियर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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