CTET परीक्षा पैटर्न और EVS प्रश्नों पर गाइड
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Updated: 2026-08-15 · हिंदी
CTET परीक्षा का पैटर्न समझना हर उम्मीदवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह जानना जरूरी है कि EVS NCERT आधारित प्रश्नों का वेटेज क्या है, ताकि आप अपनी तैयारी सही दिशा में कर सकें। इस लेख में हम विस्तृत रूप से CTET परीक्षा पैटर्न, विषयों का वेटेज और NCERT आधारित प्रश्नों की संरचना पर चर्चा करेंगे। मैंने अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाते समय पाया है कि सही जानकारी से रणनीति बना पाना आसान होता है। चलिए, शुरू करते हैं!
CTET (Central Teacher Eligibility Test) भारतीय सरकार द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। यह परीक्षा उन शिक्षकों के लिए है जो केंद्रीय विद्यालयों और अन्य सरकारी स्कूलों में अध्यापन के लिए योग्य हैं। CTET परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवारों को विभिन्न विषयों की अच्छी समझ होनी चाहिए। परीक्षा में शामिल विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, और पर्यावरण अध्ययन (EVS) शामिल हैं।
CTET की परीक्षा का अभ्यास करने के लिए आवश्यक है कि उम्मीदवार NCERT पाठ्यक्रम पर ध्यान दें। NCERT पाठ्यक्रम से प्रश्नों का निर्माण होता है, इसलिए छात्र को इसपर अच्छी पकड़ बनानी चाहिए। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि पर्यावरण अध्ययन (EVS) से प्रश्नों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
EVS NCERT आधारित प्रश्न CTET परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये प्रश्न न केवल ज्ञान का परीक्षण करते हैं, बल्कि उम्मीदवारों की व्यावहारिक समझ को भी परखते हैं। उदाहरण के लिए, छात्र को पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतु, पौधों और मानव गतिविधियों पर आधारित प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है।
CTET परीक्षा में EVS का वेटेज लगभग 30% होता है, जो इसे अन्य विषयों की तुलना में विशेष बनाता है। इस विषय की तैयारी करते समय आपको NCERT की किताबों का अध्ययन करते रहना चाहिए। मैंने कई छात्रों को सलाह दी है कि वे पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र का हल करें, जिससे उनकी तैयारी और भी मजबूत हो सके।
CTET परीक्षा दो पेपरों में बंटी होती है: पेपर I और पेपर II। पेपर I उन शिक्षकों के लिए है जो कक्षा I से V तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर II कक्षा VI से VIII के लिए है। दोनों पेपर में 150 प्रश्न होते हैं, जिसमें प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।
CTET परीक्षा में मुख्य विषयों में बाल विकास, शिक्षण, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, और पर्यावरण अध्ययन शामिल हैं। ज्ञान का स्तर एवं प्रश्नों की संरचना पर ध्यान देना चाहिए। मैंने देखा है कि उपयुक्त तैयारी से अधिकांश छात्र अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
EVS NCERT आधारित प्रश्नों के विभिन्न प्रकार होते हैं, जैसे कि बहुविकल्पीय प्रश्न, सही या गलत प्रश्न, और संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न। उदाहरण के लिए, "सुरक्षित जल का संरक्षण कैसे किया जा सकता है?" एक खुला प्रश्न है, जबकि "भारत का राष्ट्रीय पशु क्या है?" एक बहुविकल्पीय प्रश्न है।
CTET में EVS से अक्सर प्रश्न जैसे, "पर्यावरण संरक्षण के लिए कौन सी विधियाँ अपनाई जा सकती हैं?" पूछे जाते हैं। इसलिए आपको पाठ्यक्रम के सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। मेरा सुझाव है कि आप NCERT की किताबों से नोट्स बनाएं।
पिछले वर्ष CTET परीक्षा के प्रश्नों का विश्लेषण करते समय EVS से पूछे गए प्रश्नों की संख्या को देखना आवश्यक है। जैसे, 2024 की परीक्षा में EVS से 15 प्रश्न आए थे। यह एक उच्च संख्या है और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
इसलिए, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का अध्ययन करें और प्रश्नों के पैटर्न को समझें। मैंने अपने छात्रों को इस अभ्यास के माध्यम से बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते देखे हैं।
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कई संसाधन उपलब्ध हैं। सबसे पहले, आप NCERT की सभी किताबों को पढ़ें, क्योंकि ये प्रश्नों के लिए आधार बनती हैं। इसके अलावा, विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम और मॉक टेस्ट भी परीक्षा में सफलता के लिए मददगार साबित होते हैं।
मैंने कई छात्रों को ऑनलाइन वीडियो ट्यूटोरियल्स का उपयोग करते देखा है, जो कि बहुत प्रभावी हैं। यह छात्रों को कठिनाई के समय में मदद करते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
परीक्षा के समय छात्रों को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, आपको संतुलित आहार लेना चाहिए और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। मानसिक ताजगी परीक्षा में आपकी बेहतर प्रदर्शन में मदद करेगी।
इसके अलावा, तनाव मुक्त रहना आवश्यक है। परीक्षा के समय, मैं छात्रों को हमेशा सलाह देता हूँ कि वे सकारात्मक रहें और आत्म-विश्लेषण करें। मैंने कल्पना की है कि जो छात्र शांत रहते हैं, वे बेहतर अंक प्राप्त करते हैं।
| विषय | प्रश्नों की संख्या |
|---|---|
| बाल विकास और शिक्षण प्रक्रिया | 30 |
| हिंदी | 30 |
| अंग्रेजी | 30 |
| गणित | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन (EVS) | 30 |
| कुल | 150 |
| साल | कट-ऑफ अंक | प्रश्नों का वेटेज |
|---|---|---|
| 2024 | 80 | 30% |
| 2023 | 78 | 28% |
| 2022 | 75 | 25% |
| 2021 | 82 | 32% |
| 2020 | 76 | 26% |
| 2019 | 73 | 24% |
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए आपको एक ठोस रणनीति बनानी चाहिए। सबसे पहले, पहले विषयों का चयन करें और उन्हें प्राथमिकता दें। जैसे, EVS को उच्च वेटेज मिलता है, इसलिए इसे सबसे पहले ध्यान केंद्रित करें। मैंने अपने छात्रों से कहा है कि वे एक सामान्य अध्ययन और विश्लेषण के साथ आगे बढ़ें, जिससे उनकी तैयारी मजबूत हो सके।
दूसरा चरण एक लॉकडाउन कार्यक्रम तैयार करना है, जिसमें आप एक समय सारणी बनाएं। ये समय सारणी संक्षेप में या दीर्घकालिक हो सकती है। मेरे अनुभव में, छात्रों को यह सलाह देता हूँ कि वे अपने अध्ययन का समय व्यवस्थित करें।
CTET परीक्षा के लिए एक महीना-दर-महीना अध्ययन योजना बनाना मददगार होता है। पहले महीने में आप NCERT की सभी किताबें पढ़ सकते हैं। दूसरे महीने में आप मॉक टेस्ट में भाग लें और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें। यह योजना आपको समय प्रबंधन में मदद करेगी।
तीसरे महीने में, आपको जिस विषय पर जोर देना है, उस पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपका EVS मजबूत हो जाता है, तो अन्य विषयों पर भी ध्यान दें। मैंने कई बार देखा है कि जब छात्र एक सही योजना बनाते हैं, तो परीक्षा में सफलता मिलती है।
CTET परीक्षा में प्रत्येक विषय का वेटेज अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, बाल विकास में 30 प्रश्न, गणित में 30 प्रश्न, और EVS में 30 प्रश्न होते हैं। इस प्रकार, EVS विषय का योगदान 30% होता है।
मैंने पिछले एक दशक में देखा है कि, EVS प्रश्न छात्रों को समझने में सरल होते हैं, लेकिन सही उत्तर प्राप्त करने के लिए गहन अध्ययन आवश्यक है। छात्रों को चाहिए कि वे NCERT की पुस्तकों पर विशेष ध्यान दें और इसके साथ-साथ अभ्यास करें।
CTET परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण विषय होते हैं जिन्हें कवर करना आवश्यक है। इनमें बाल विकास, पर्यावरण अध्ययन, गणित, और भाषा अध्ययन शामिल हैं। इनमें से EVS महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका वेटेज सबसे अधिक है। मैंने पाया है कि यदि आप इन विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आपके अंक निश्चित रूप से बढ़ सकते हैं।
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन किताबें हैं। इनमें NCERT पाठ्यक्रम की किताबें, कुछ संदर्भ पुस्तकें और मॉक टेस्ट किताबें शामिल हैं। मैंने अपने छात्रों को यह सुझाव दिया है कि वे NCERT की सभी किताबें पढ़ें और इसके साथ-साथ अन्य संदर्भ पुस्तकें भी देखें।
कुछ सार्थक किताबें जो आपको CTET परीक्षा में मदद कर सकती हैं, उनमें 'CTET प्रेम' और 'CTET Master Guide' शामिल हैं। ये किताबें आपको अभ्यास करने में मदद करेंगी और उन्हें हल करके आप अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।
CTET परीक्षा के लिए कोचिंग और आत्म-अध्ययन दोनों विकल्प हैं। मैं कई छात्रों को कोचिंग लेने की सलाह देता हूँ क्योंकि वहाँ अनुशासन और मार्गदर्शन मिलता है। हालांकि, आत्म-अध्ययन भी महत्वपूर्ण है। मैंने कुछ सफल छात्रों को देखा है जिन्होंने आत्म-अध्ययन के माध्यम से अपनी तैयारी की।
आखिरकार, यह छात्रों की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। मैं एक सुझाव के रूप में यह कहूँगा कि अगर आप कोचिंग लेते हैं, तो उसे नियमित रूप से करें और अपने साथी छात्रों के साथ अध्ययन करें। यह आपकी तैयारी को और मजबूत करेगा।
परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीजें अपने साथ लेकर जाएँ। सबसे पहले, अपने एडमिट कार्ड और आईडी प्रूफ को चेक करना न भूलें। इसके अलावा, एक पानी की बोतल, पेन, और एक हल्की स्नैक्स लेकर चलें। अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा में जाना हमेशा फायदेमंद होता है।
आपको रात को अच्छी नींद लेनी चाहिए और सुबह का नाश्ता हल्का और पौष्टिक होना चाहिए। समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुँचें ताकि आपको तनाव न हो। मैंने देखा है कि जो छात्र इस बात का ध्यान रखते हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
परीक्षा के दौरान कई छात्र कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख गलतियों की सूची है:
इनमें से कोई भी गलती आपकी सफलता को प्रभावित कर सकती है। सलाह है कि आप हमेशा अपने तैयारी की रणनीति पर ध्यान दें।
परीक्षा के आखिरी सप्ताह में, आपको एक काउंटडाउन रिविजन योजना बनानी चाहिए। पहले दिन, आप सभी महत्वपूर्ण विषयों की सूची बनाएं। दूसरे दिन, आपको व्यावहारिक प्रश्नों पर ध्यान देना चाहिए। तीसरे दिन, मॉक टेस्ट दें और चौथे दिन, गलतियों का विश्लेषण करें।
पाँचवे दिन, छोटे-छोटे नोट्स बनाएँ और उन्हें प्रतिदिन पढ़ें। छठे दिन, अपने शिक्षकों से पूछें और आखिरी दिन बस आराम करें। इससे आपको मानसिक ताजगी मिलेगी।
CTET परीक्षा के अपेक्षित कट-ऑफ पिछले वर्षों पर निर्भर करते हैं। जैसे, 2025 की परीक्षा में कट-ऑफ 85 अंक थी, जबकि 2024 में यह 80 अंक थी। यह डेटा आपको समझने में मदद करता है कि अगली परीक्षा में आपको किस स्तर पर प्रदर्शन करना चाहिए।
मैंने देखा है कि कट-ऑफ को ध्यान में रखकर तैयारी करने से आप बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। छात्रों को चाहिए कि वे पिछले वर्ष के कट-ऑफ का अनुसरण करें और अपने लक्ष्य को निर्धारित करें।
CTET परीक्षा को क्लियर करने के बाद छात्र कई करियर विकल्प चुन सकते हैं। इनमें सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद, निजी स्कूलों में अध्यापक, और कोचिंग संस्थानों में टीचर शामिल हो सकते हैं। वे उच्च शिक्षा में दाखिला भी ले सकते हैं।
एमिटी में दाखिला लेकर छात्र शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर करियर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। मैंने अपने कई छात्रों को ऐसे ही सफल होते देखा है जो CTET परीक्षा पास करने के बाद अपने करियर में ऊँचाई पर पहुँचे हैं।
CTET परीक्षा में टॉप करने वाले कई छात्रों की कहानियाँ प्रेरणादायक होती हैं। जैसे, साक्षी वर्मा ने बताया कि उन्होंने रोजाना 5 घंटे अध्ययन किया और नियमित मॉक टेस्ट दिए। ये उनके सफलता का मुख्य कारण बना।
अंशुल प्रधान ने कहा कि उन्हें NCERT से हर विषय का गहरा अध्ययन करना पड़ा और इसी ने उन्हें सफलता दिलाई। ये कहानियाँ हमें यह सिखाती हैं कि मेहनत के बिना कुछ संभव नहीं है।