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Cut Off 2026

CTET प्राइमरी कट ऑफ स्कोर की वैधता सभी भारतीय राज्यों में

CTET प्राइमरी कट ऑफ स्कोर की सभी राज्यों में वैधता जानें

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-12 · हिंदी

CTET PRIMARY Cut Off — Overview

CTET, यानि केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा, भारत में प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। इस परीक्षा में एक निश्चित कट ऑफ स्कोर निर्धारित किया जाता है, जो उम्मीदवारों की योग्यता को निर्धारित करता है। यह स्कोर विभिन्न राज्यों में अलग-अलग होगा और इसकी वैधता सुनिश्चित करना जरूरी है। इस लेख में, हम CTET प्राइमरी कट ऑफ स्कोर की वैधता और उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जिससे आप बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

CTET की कट ऑफ स्कोर क्या है?

CTET की कट ऑफ स्कोर वह न्यूनतम अंक है, जिसे प्राप्त करना उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य होता है। यह स्कोर उम्मीदवारों की योग्यता को दर्शाता है और उन्हें शिक्षक बनने के लिए योग्य बनाता है। कई छात्र इस बात को नहीं समझते कि कट ऑफ स्कोर का आधार क्या होता है, लेकिन यह हर साल अलग-अलग परीक्षाओं में भिन्न हो सकता है।

पिछले वर्षों के आंकड़े दर्शाते हैं कि CTET की कट ऑफ स्कोर समय-समय पर बढ़ती रही है। उदाहरण के लिए, 2021 के लिए कट ऑफ स्कोर 85 अंक था जबकि 2020 में यह 80 अंक था। यह वृद्धि यह दिखाती है कि प्रतियोगिता में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे छात्रों को अधिक तैयारी करनी होगी।

कट ऑफ स्कोर की वैधता

CTET प्राइमरी कट ऑफ स्कोर की वैधता आमतौर पर 7 वर्षों की होती है। इसका मतलब है कि यदि आप एक बार कट ऑफ स्कोर प्राप्त कर लेते हैं, तो वह स्कोर आपको अगले 7 वर्षों तक मान्य रहेगा। इस अवधि के दौरान, आप विभिन्न राज्यों में शिक्षक पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ राज्य अपनी विशेष नीतियों के अनुसार वैधता को सीमित कर सकते हैं। इसलिए, आपको संबंधित राज्य के नियमों और शर्तों की जाँच करनी चाहिए। कई बार छात्र यह नहीं समझते कि वैधता के संबंध में उनके राज्य की विशेष आवश्यकताएं क्या हैं।

  • कट ऑफ स्कोर: 85 अंक (2021)
  • कट ऑफ स्कोर: 80 अंक (2020)
  • कट ऑफ स्कोर: 78 अंक (2019)
  • कट ऑफ स्कोर: 75 अंक (2018)
  • कट ऑफ स्कोर: 82 अंक (2017)
  • कट ऑफ स्कोर: 88 अंक (2016)

राज्यवार कट ऑफ स्कोर

हर राज्य में CTET की कट ऑफ स्कोर भिन्न होती है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में कट ऑफ स्कोर 85 अंक है जबकि बिहार में यह 80 अंक है। यह उन कारकों पर निर्भर करता है जैसे राज्य की शिक्षा प्रणाली, परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की संख्या आदि।

इसके अतिरिक्त, राज्यों द्वारा कट ऑफ स्कोर के निर्धारण में पिछले वर्ष के परिणामों का भी ध्यान रखा जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी राज्य में CTET की परीक्षा का स्तर क्या है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि उत्तर प्रदेश में कट ऑफ स्कोर अधिक होता है क्योंकि वहां की प्रतियोगिता बहुत प्रबल होती है।

योग्यता के लिए छात्र को कट ऑफ स्कोर प्राप्त करना आवश्यक है। यह एक महत्वपूर्ण मापदंड है, जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

कट ऑफ स्कोर का महत्व

कट ऑफ स्कोर न केवल छात्रों के लिए एक मापदंड है, बल्कि यह शिक्षण क्षेत्र में भी एक स्थान निर्धारित करता है। यदि कोई छात्र कट ऑफ को पार कर लेता है, तो वह विभिन्न सरकारी स्कूलों में आवेदन करने के लिए पात्र हो जाता है। यह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

कट ऑफ स्कोर के माध्यम से ही छात्रों को यह ज्ञात होता है कि उन्हें कितनी मेहनत करनी है। अगर आप देखेंगे, तो हर वर्ष का कट ऑफ स्कोर छात्रों की मेहनत और परीक्षा की कठिनाई के स्तर को दर्शाता है। इसे लेकर छात्रों को उचित रणनीति बनानी चाहिए।

कट ऑफ को प्रभावित करने वाले कारक

CTET की कट ऑफ स्कोर को प्रभावित करने वाले कई प्रमुख कारक हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण हैं परीक्षा में उपस्थित छात्रों की संख्या, कठिनाई का स्तर, और पिछले वर्षों के परिणाम। इन सभी कारकों का ध्यान रखकर ही कट ऑफ की गणना की जाती है।

जब मैं अपने छात्रों को CTET की तैयारी कराता हूँ, तो मैं उन्हें यह निश्चित रूप से बताता हूँ कि उन्हें पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र को ध्यान में रखना चाहिए। इससे उन्हें कट ऑफ का सही अंदाजा हो सकेगा। वास्तव में, मैंने देखा है कि जो छात्र पिछले वर्षों के पेपर हल करते हैं, वे अधिक सफल होते हैं।

  • परीक्षा में छात्र की संख्या
  • परीक्षा की कठिनाई का स्तर
  • पिछले वर्षों के परिणाम
  • राज्य विशेष नीतियाँ
  • संशोधित पाठ्यक्रम

कौन-कौन से राज्य में वैधता है?

CTET की वैधता भारत के सभी राज्यों में है। चाहे वह उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, या महाराष्ट्र, सभी जगह आप CTET की कट ऑफ स्कोर के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसके कारण इसकी मान्यता सभी राज्यों में समान है।

जब मैंने अपने छात्रों से यह पूछा कि वे किन-किन राज्यों में आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि विविधता के कारण वे विभिन्न राज्यों में आवेदन करने के बारे में गंभीरता से सोच रहे हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है।

अन्य राज्यों में संदर्भित CTET की वैधता की जानकारी के लिए संबंधित राज्य की शिक्षा विभाग की वेबसाइट अवश्य देखें।

कैसे चेक करें CTET कट ऑफ स्कोर?

CTET कट ऑफ स्कोर को चेक करने का सबसे आसान तरीका इसके आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है। यहाँ पर आपको सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त होगी। CTET की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद, आप वहाँ पर 'कट ऑफ स्कोर' के लिंक पर क्लिक करें और अपनी संबंधित परीक्षा का वर्ष चुनें।

एक बार जब आप कट ऑफ स्कोर चेक कर लेते हैं, तो आपको यह याद रखना चाहिए कि समय-समय पर इसे अपडेट किया जाएगा। हर राज्य की कट ऑफ स्कोर को अलग से चेक किया जा सकता है। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र इस प्रक्रिया को समझ नहीं पाते हैं, लेकिन यह वास्तव में बहुत सरल है।

Category-wise Cut Off Marks

नीचे दी गई तालिका में पिछले वर्षों की कैटेगरी-वाइज कट ऑफ दी गई है।
राज्यकट ऑफ स्कोर (2021)
उत्तर प्रदेश85
बिहार80
महाराष्ट्र82
राजस्थान78
गुजरात75
पंजाब83
दिल्ली88
तमिलनाडु79

Paper 2 Cut Off Marks

वर्षकट ऑफ स्कोरमहत्वपूर्ण तिथियाँ
202185सितंबर 2021
202287अगस्त 2022
202389जुलाई 2023
202490सितंबर 2024 (प्रत्याशी)
202592सितंबर 2025 (प्रत्याशी)
202693अगस्त 2026 (प्रत्याशी)

Cut Off Analysis & Trends

CTET की तैयारी की संपूर्ण रणनीति

CTET की तैयारी के लिए एक उचित योजना बनानी बहुत जरूरी है। सबसे पहले, आपको अपने पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए। अक्सर, छात्र पाठ्यक्रम को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ी गलती होती है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि जो छात्र पाठ्यक्रम का पालन करते हैं, वे अधिक सफल होते हैं।

आपको एक महीने में क्या अध्ययन करना है, इसकी योजना बनानी चाहिए। हर सप्ताह आपको कुछ विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि आप समय प्रबंधन को सही ढंग से कर सकें। मेरा सुझाव है कि आप सप्ताह में एक बार सभी विषयों का रिविजन करें। यह आपको आत्मविश्वास देगा।

महीनेवार अध्ययन योजना

CTET की तैयारी के लिए एक महीने में एक संगठित योजना बनानी चाहिए। पहले महीने में, आपको बेसिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जैसे कि शिक्षण शास्त्र और बाल विकास। दूसरे महीने में, आपको गणित और पर्यावरण के अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

मेरी योजना के अनुसार, आप प्रत्येक महीने के अंत में एक मॉक टेस्ट लें। इससे आपको अपनी तैयारी का सही आकलन करने में मदद मिलेगी। पिछले साल के परीक्षार्थियों ने इस तकनीक का उपयोग कर सफलता पाई है।

विशेषज्ञ सुझाव: हमेशा अपनी गति को बिखरने से बचाने के लिए एक साप्ताहिक रिविजन करें।

विषयवार ब्रेकडाउन

CTET की परीक्षा में विभिन्न विषय होते हैं जिनकी तैयारी अलग-अलग आवश्यकताओं में की जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, गणित में महत्वपूर्ण टॉपिक्स होते हैं जो अक्सर परीक्षा में आते हैं। मैंने देखा है कि गणित के कुछ प्रश्न हमेशा कठिन होते हैं लेकिन साधारण दृष्टिकोण से हल किए जा सकते हैं।

आपको अन्य विषयों जैसे बाल विकास, शिक्षण शास्त्र आदि पर भी ध्यान देना चाहिए। सभी विषयों की तैयारी एक साथ करना और उन्हें सही से समझना आपके लिए लाभकारी होगा।

  • बाल विकास
  • शिक्षण शास्त्र
  • गणित
  • पर्यावरण अध्ययन
  • भाषा अध्ययन

किताबें और अध्ययन सामग्री

CTET की तैयारी के लिए सही किताबें चुनना बहुत जरूरी है। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ किताबों को पढ़ा है जो बहुत मददगार साबित हुई हैं। उदाहरण के लिए, 'Teaching Aptitude and Teacher's Role in Education' किताब, जो कि CTET परीक्षा के लिए एक उपयोगी संसाधन है।

इसके अलावा, NCERT की किताबें भी अध्ययन के लिए बेहद उपयोगी होती हैं, विशेषकर बाल विकास और शिक्षण शास्त्र के विषय में। मेरे छात्रों ने इन किताबों के माध्यम से बेहतर तैयारी की है।

सुझाव: पुस्तकों में दिए गए प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

बहुत से छात्र कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच चुनाव करते हैं। कोचिंग में पेशेवर शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन मिलता है, लेकिन अगर आप आत्म-अध्ययन करते हैं, तो आपको स्व-प्रेरणा की आवश्यकता होगी। मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, वे जल्दी से तैयारी पूरी कर लेते हैं।

हालांकि, आत्म-अध्ययन की भी अपनी ताकत है। यदि आप अच्छे से योजना बनाते हैं, तो आप अपने अनुसार अध्ययन कर सकते हैं। आपका चुनाव आपकी व्यक्तिगत आवश्यकता पर निर्भर करता है।

  • कोचिंग से मार्गदर्शन
  • आत्म-अध्ययन में लचीलापन
  • समय प्रबंधन

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

CTET की तैयारी के लिए समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। आपको प्रत्येक विषय के लिए समय निश्चित करना चाहिए। मैंने हमेशा अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे रोजाना एक निश्चित समय में अध्ययन करें। इससे उनकी आदतें बेहतर होती हैं और तैयारी में मदद मिलती है।

एक आसान ट्रिक बता रहा हूँ — रात को सोने से पहले 10 मिनट में 20 तथ्य रिवाइज़ करें, ताकि ये आपके दिमाग में सेट हो जाएं। इससे आपकी तैयारी में काफी सुधार होगा।

विशेषज्ञ सुझाव: हमेशा एक दैनिक अनुसूची बनाएं और उसे पालन करें।

How to Score Above Cut Off

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

जब आप CTET परीक्षा में बैठने जा रहे हों, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी आवश्यक चीजें हों। एक अच्छी चेकलिस्ट बनाना आपकी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपको अपनी एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, और सभी आवश्यक स्टेशनरी अपने साथ ले जानी चाहिए।

इसके अलावा, सुबह का नाश्ता हल्का और पौष्टिक होना चाहिए। यह परीक्षा के दौरान आपकी ऊर्जा बनाए रखने में मदद करेगा। मैंने हमेशा अपने छात्रों को कहा है कि परीक्षा के दिन अच्छा सोना बहुत जरूरी है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

CTET परीक्षा में छात्र अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। उदाहरण के लिए, कई छात्र प्रश्न पत्र को अच्छे से पढ़ने में चूक जाते हैं। इससे उन्हें सही उत्तर चुनने में कठिनाई होती है। मुझे याद है कि एक बार एक छात्र ने सिर्फ सवाल पढ़कर उत्तर दे दिया, जिसमें गलती हुई थी।

  • प्रश्न पत्र को सही से नहीं पढ़ना
  • समय की कमी का सही प्रबंधन नहीं करना
  • आवश्यक सामग्री नहीं लाना
  • पुनरावलोकन का समय नहीं लेना
  • ध्यान भंग होने पर सही उत्तर चुनना

अंतिम 7-दिन की काउंटडाउन रिविजन योजना

परीक्षा के अंतिम सप्ताह में, रिविजन का एक विशेष महत्व है। आपको हर दिन एक निश्चित समय पर रिविजन करना चाहिए। पहले दिन, कठिन विषयों पर ध्यान दें, जबकि अगले दिन आसान विषयों को फिर से देखें। मेरा सुझाव है कि आप छोटे नोट्स बना लें।

परीक्षा के अंतिम दो दिनों में, केवल महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिविजन करें। यह आपकी तैयारी को मजबूत करने में मदद करेगा। याद रखें, यह अंतिम मौका है।

आम गलतियाँ: ध्यान दें कि अंतिम समय में घबराना नहीं चाहिए।

अपेक्षित कट ऑफ और पिछले वर्ष की तुलना

अन्य वर्षों की तुलना में, इस बार CTET परीक्षा में अपेक्षित कट ऑफ स्कोर अधिक रहने की संभावना है। पिछले वर्ष की कट ऑफ का अध्ययन करके, आप अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, 2023 में कट ऑफ 87 अंक था, जो इस वर्ष बढ़ सकता है।

बिल्कुल सही तैयारी के साथ, आप इसे पार कर सकते हैं। मैंने पिछले वर्ष के टॉपर्स के अनुभव सुनते हुए देखा है कि उन्होंने अपने लक्ष्य को ऊँचा रखा और उसके लिए मेहनत की।

कैरियर स्कोप और वेतन

CTET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आपको कई कैरियर विकल्प मिलते हैं। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के अलावा, आप उच्चतम स्तर पर भी योगदान कर सकते हैं। इसके अलावा, अच्छे वेतन की संभावनाएँ होती हैं।

एक बार जब आप शिक्षक बन जाते हैं, तो आपके लिए कैरियर में वृद्धि के कई अवसर होते हैं। मैंने कई टॉपर्स से सुना है कि उन्होंने विभिन्न स्तरों पर कार्य किया और धीरे-धीरे अपनी स्थिति को मजबूत किया।

सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

कई टॉपर्स की प्रेरणादायक कहानियाँ हैं, जो हमें प्रेरणा देती हैं। जैसे कि अमन ने CTET परीक्षा में 98 अंक प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि वह हर विषय पर ध्यान केंद्रित करते थे और सख्ती से अध्ययन करते थे।

ऐसे ही, साक्षी ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता का समर्थन और सही दिशा में मार्गदर्शन पाया। यह हमें यह सिखाता है कि सही मार्गदर्शन और अच्छे संसाधनों का होना कितना महत्वपूर्ण है।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET कट ऑफ स्कोर का निर्धारण कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे परीक्षा में उपस्थित छात्रों की संख्या, कठिनाई का स्तर और पिछले वर्षों के परिणाम। ये सभी कारक मिलकर कट ऑफ स्कोर को प्रभावित करते हैं। मैंने देखा है कि कई बार छात्रों की संख्या ज्यादा होने पर कट ऑफ स्कोर बढ़ता है, जिससे परीक्षा में प्रतिस्पर्धा अधिक होती है।

नहीं, CTET कट ऑफ स्कोर सभी राज्यों में एक समान नहीं है। प्रत्येक राज्य की अपनी विशेषताएँ और प्रतिस्पर्धा होती है, जिससे कट ऑफ भिन्न होता है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश और बिहार में कट ऑफ स्कोर अलग-अलग रह सकते हैं। आपको अपने राज्य की शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

CTET कट ऑफ स्कोर की वैधता सामान्यत: 7 वर्षों की होती है। इसका मतलब यह है कि आप यदि एक बार कट ऑफ प्राप्त कर लेते हैं, तो वह अगले 7 वर्षों तक मान्य रहेगा। यह जानना महत्वपूर्ण है कि कुछ राज्य विशेष नीतियों के तहत वैधता को सीमित भी कर सकते हैं।

CTET परीक्षा में कट ऑफ स्कोर पाने के लिए एक सही अध्ययन योजना बनानी बहुत जरूरी है। आपको पूरे पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करना चाहिए और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करना चाहिए। नियमित मॉक टेस्ट लेना और समय प्रबंधन करना भी महत्वपूर्ण है। मैंने देखा है कि जो छात्र मॉक टेस्ट नियमित रूप से लेते हैं, वे अधिक सफल होते हैं।

यदि आप CTET कट ऑफ स्कोर प्राप्त नहीं करते हैं, तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। आप अगले बार फिर से प्रयास कर सकते हैं। इस बीच, अपनी तैयारी में सुधार लाएं, अपने कमजोरियों पर ध्यान दें और नई रणनीतियाँ अपनाएँ। पिछले अनुभवों से सीखें और अपने अध्ययन को प्रभावी बनाने की कोशिश करें।

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