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Study Notes

Edward Tolman Sign Learning Theory Notes for UPTET 2026 | एडवर्ड टोलमैन का संकेत अधिगम सिद्धांत नोट्स

Edward Tolman की Sign Learning Theory: UPTET 2026 के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाएँ और नोट्स | एडवर्ड टोलमैन का संकेत अधिगम सिद्धांत: यूपीटेट 2026 के लिए मुख्य अवधारणाएं

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-04-20 · English

Edward Tolman Sign Learning Theory Notes for UPTET 2026 | एडवर्ड टोलमैन का संकेत अधिगम सिद्धांत नोट्स

UPTET (Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test) की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों का Unictest में स्वागत है! Child Development and Pedagogy (CDP) सेक्शन में अधिगम (Learning) के सिद्धांत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हीं सिद्धांतों में से एक है Edward Tolman का Sign Learning Theory, जिसे Purposive Behaviorism या Cognitive Field Theory भी कहा जाता है। यह सिद्धांत व्यवहारवाद (Behaviorism) और संज्ञानवाद (Cognitivism) के बीच एक सेतु का काम करता है, जो सीखने की प्रक्रिया को एक नई दिशा देता है।


एडवर्ड टोलमैन और उनका सिद्धांत (Edward Tolman and His Theory)

एडवर्ड चेस टोलमैन (1886-1959) एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने पारंपरिक व्यवहारवाद की आलोचना की और सुझाव दिया कि सीखना केवल उद्दीपन-प्रतिक्रिया (Stimulus-Response) संबंधों का परिणाम नहीं है। उनके अनुसार, सीखना एक उद्देश्यपूर्ण (purposive) प्रक्रिया है, जहाँ जीव अपने पर्यावरण में संकेतों (signs) को समझकर एक संज्ञानात्मक मानचित्र (cognitive map) बनाते हैं। यह मानचित्र उन्हें अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में मदद करता है। UPTET जैसे शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के लिए इस सिद्धांत को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि यह बच्चों में सीखने की प्रक्रिया को एक व्यापक दृष्टिकोण से देखने में सहायता करता है।


संकेत अधिगम सिद्धांत की मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts of Sign Learning Theory)

  • संज्ञानात्मक मानचित्र (Cognitive Map): टोलमैन के अनुसार, जीव अपने वातावरण में घूमते हुए एक आंतरिक मानसिक प्रतिनिधित्व या 'नक्शा' बनाते हैं। यह नक्शा उन्हें यह समझने में मदद करता है कि विभिन्न स्थान और रास्ते एक-दूसरे से कैसे संबंधित हैं। उदाहरण के लिए, एक बच्चा अपने घर से स्कूल तक के रास्ते का एक मानसिक मानचित्र बनाता है, भले ही वह रोज एक ही रास्ते से जाए।
  • प्रसुप्त अधिगम (Latent Learning): यह टोलमैन के सिद्धांत की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है। प्रसुप्त अधिगम तब होता है जब कोई जीव बिना किसी स्पष्ट सुदृढीकरण (reinforcement) या पुरस्कार के कुछ सीखता है, और यह अधिगम तब तक प्रकट नहीं होता जब तक कि उसे व्यक्त करने की आवश्यकता न हो। टोलमैन ने चूहों पर प्रयोग करके यह दर्शाया कि चूहे बिना पुरस्कार के भी भूल-भुलैया (maze) के रास्ते सीख लेते हैं, लेकिन जब उन्हें पुरस्कार दिया जाता है, तो उनका सीखा हुआ व्यवहार तुरंत प्रदर्शित होता है।
  • उद्देश्यपूर्ण व्यवहार (Purposive Behavior): टोलमैन का मानना था कि सभी व्यवहार उद्देश्यपूर्ण होते हैं, यानी वे किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निर्देशित होते हैं। जीव केवल यांत्रिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सचेत रूप से कार्य करते हैं।
  • मध्यवर्ती चर (Intervening Variables): टोलमैन ने व्यवहार और उसके कारण के बीच कुछ 'मध्यवर्ती चर' (जैसे उम्मीदें, मांगें, संज्ञानात्मक मानचित्र) को शामिल किया। ये चर सीधे देखे नहीं जा सकते, लेकिन वे व्यवहार को प्रभावित करते हैं।
UPTET Note: टोलमैन का सिद्धांत व्यवहारवाद की सीमाओं को चुनौती देता है और सीखने में संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर देता है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि कैसे बच्चे अपने वातावरण को समझते हैं और आंतरिक रूप से सीखते हैं।

Important Topics Data

UPTET CDP - प्रमुख अधिगम सिद्धांतमुख्य अवधारणाप्रतिपादकशैक्षणिक निहितार्थ
शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांतउद्दीपन-प्रतिक्रिया संबंध, स्वाभाविक प्रतिक्रियाइवान पावलॉवआदतों का निर्माण, भय का उपचार
क्रिया प्रसूत अनुबंधन सिद्धांतपुनर्बलन (Reinforcement), दंड (Punishment)बी.एफ. स्किनरव्यवहार को आकार देना, शिक्षण मशीनों का उपयोग
संकेत अधिगम सिद्धांतसंज्ञानात्मक मानचित्र, प्रसुप्त अधिगम, उद्देश्यपूर्ण व्यवहारएडवर्ड टोलमैनसमस्या-समाधान, समझ आधारित अधिगम
सामाजिक अधिगम सिद्धांतअवलोकन अधिगम, मॉडलिंग, आत्म-प्रभावकारिताअल्बर्ट बंडूरासामाजिक व्यवहार का सीखना, नैतिक विकास
अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांतअचानक समाधान, समग्र दृष्टिकोणवोल्फगैंग कोहलररचनात्मकता, उच्च-स्तरीय समस्या-समाधान
संरचनात्मक अधिगम सिद्धांतज्ञान का निर्माण, सक्रिय अन्वेषणजीन पियाजे, लेव वायगोत्स्कीबाल-केंद्रित शिक्षा, सहयोगात्मक अधिगम

Detailed Notes

एडवर्ड टोलमैन के संकेत अधिगम सिद्धांत को और गहराई से समझने के लिए, हमें इसकी विभिन्न घटकों और प्रयोगात्मक साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा। यह सिद्धांत शिक्षकों को यह समझने में मदद करता है कि बच्चे कैसे जानकारी को संसाधित करते हैं और समस्या-समाधान के लिए इसका उपयोग कैसे करते हैं।


टोलमैन के प्रयोग और निष्कर्ष (Tolman's Experiments and Findings)

टोलमैन ने अपने सिद्धांत को सिद्ध करने के लिए चूहों पर कई प्रसिद्ध प्रयोग किए। उनका सबसे प्रसिद्ध प्रयोग 'लेटेंट लर्निंग' पर आधारित था, जहाँ उन्होंने चूहों के तीन समूहों को भूल-भुलैया में रखा:

  • समूह 1 (नियंत्रण समूह): इन चूहों को भूल-भुलैया के अंत में कभी भी भोजन नहीं दिया गया। उन्होंने बहुत धीरे-धीरे सीखा और गलतियाँ करते रहे।
  • समूह 2 (सुदृढीकरण समूह): इन चूहों को हर बार भूल-भुलैया से बाहर निकलने पर भोजन दिया गया। उन्होंने धीरे-धीरे गलतियाँ कम कीं और रास्ता सीख लिया।
  • समूह 3 (लेटेंट लर्निंग समूह): इन चूहों को पहले 10 दिनों तक कोई भोजन नहीं दिया गया, लेकिन 11वें दिन से उन्हें भोजन मिलना शुरू हो गया। आश्चर्यजनक रूप से, 11वें दिन के बाद, इन चूहों ने समूह 2 से भी तेजी से भूल-भुलैया को हल करना शुरू कर दिया।

इस प्रयोग ने साबित किया कि समूह 3 के चूहों ने पहले 10 दिनों में ही भूल-भुलैया का एक संज्ञानात्मक मानचित्र बना लिया था, भले ही उन्हें कोई पुरस्कार नहीं मिला था। पुरस्कार मिलने पर, उनका छिपा हुआ अधिगम (latent learning) तुरंत व्यवहार में प्रकट हो गया। यह UPTET के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जो दर्शाता है कि सीखने के लिए हमेशा तत्काल सुदृढीकरण की आवश्यकता नहीं होती है।


व्यवहारवाद से भिन्नता (Difference from Behaviorism)

टोलमैन का सिद्धांत, हालांकि व्यवहारवाद से जुड़ा हुआ है, लेकिन इससे कई मायनों में भिन्न है:

  • उद्दीपन-प्रतिक्रिया (S-R) बनाम उद्दीपन-उद्दीपन (S-S): पारंपरिक व्यवहारवाद S-R संबंधों पर केंद्रित था, जबकि टोलमैन ने S-S संबंधों पर जोर दिया, जहाँ एक संकेत दूसरे संकेत की ओर ले जाता है (जैसे भूल-भुलैया का एक मोड़ भोजन की ओर संकेत करता है)।
  • आंतरिक प्रक्रियाएँ: टोलमैन ने संज्ञानात्मक मानचित्र, उम्मीदों और उद्देश्यों जैसी आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं को सीखने में महत्वपूर्ण माना, जिन्हें व्यवहारवादी अनदेखा करते थे।
  • पुरस्कार की भूमिका: व्यवहारवादियों के लिए पुरस्कार सीखने के लिए आवश्यक था, लेकिन टोलमैन ने दिखाया कि प्रसुप्त अधिगम बिना पुरस्कार के भी हो सकता है, पुरस्कार केवल प्रदर्शन को बढ़ाता है।
UPTET Preparation Tip: टोलमैन के सिद्धांत को B.F. Skinner और I.P. Pavlov के सिद्धांतों के साथ तुलना करके पढ़ना आपको अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा और UPTET में तुलनात्मक प्रश्नों को हल करने में सहायता करेगा।

Important Questions & Tips

Edward Tolman का Sign Learning Theory UPTET और अन्य शिक्षण परीक्षाओं के लिए बेहद प्रासंगिक है। यह हमें सिखाता है कि सीखना केवल रटने या प्रतिक्रिया देने से कहीं अधिक है; यह समझ, उद्देश्य और वातावरण के साथ सक्रिय जुड़ाव का परिणाम है।


शैक्षणिक निहितार्थ और अनुप्रयोग (Educational Implications and Applications)

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में टोलमैन के सिद्धांत के कई महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं:

  • समझ पर जोर: शिक्षकों को बच्चों को केवल तथ्य याद रखने के बजाय अवधारणाओं को समझने में मदद करनी चाहिए, जिससे वे अपना 'संज्ञानात्मक मानचित्र' बना सकें।
  • समस्या-समाधान कौशल: बच्चों को ऐसी गतिविधियाँ देनी चाहिए जहाँ उन्हें समस्याओं को हल करने के लिए अपने आसपास के वातावरण को समझना पड़े और विभिन्न समाधानों का पता लगाना पड़े।
  • प्रेरणा का महत्व: भले ही प्रसुप्त अधिगम बिना पुरस्कार के हो सकता है, लेकिन आंतरिक और बाहरी प्रेरणा बच्चों को अपने सीखे हुए ज्ञान को प्रदर्शित करने और उसे लागू करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
  • लचीला पाठ्यक्रम: बच्चों को अपने सीखने के लक्ष्यों को स्वयं निर्धारित करने और उन तक पहुँचने के लिए विभिन्न रास्तों का पता लगाने का अवसर देना चाहिए।

UPTET के लिए तैयारी के टिप्स (UPTET Preparation Tips)

Edward Tolman के Sign Learning Theory से संबंधित प्रश्नों को UPTET में प्रभावी ढंग से हल करने के लिए:

  • अवधारणाओं को समझें: संज्ञानात्मक मानचित्र, प्रसुप्त अधिगम, और उद्देश्यपूर्ण व्यवहार जैसी मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें।
  • उदाहरणों पर ध्यान दें: टोलमैन के चूहों के प्रयोग को याद रखें और समझें कि यह प्रसुप्त अधिगम को कैसे दर्शाता है।
  • तुलनात्मक अध्ययन: टोलमैन के सिद्धांत की तुलना स्किनर के क्रिया प्रसूत अनुबंधन और पावलॉव के शास्त्रीय अनुबंधन से करें ताकि उनके अंतर और समानताएं स्पष्ट हों।
  • प्रश्न अभ्यास: पिछले वर्षों के UPTET प्रश्न पत्रों से अधिगम सिद्धांतों पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।
महत्वपूर्ण चेतावनी: UPTET परीक्षा में अक्सर विभिन्न मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांतों के बीच सूक्ष्म अंतर पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए, प्रत्येक सिद्धांत की विशिष्ट विशेषताओं और मुख्य शब्दावली पर विशेष ध्यान दें।

Unictest आपको UPTET की सफल तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ अध्ययन सामग्री और अभ्यास प्रश्न प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। Edward Tolman के Sign Learning Theory को ध्यान से पढ़ें और अपनी तैयारी को एक नई दिशा दें!

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Frequently Asked Questions (UPTET)

एडवर्ड टोलमैन का संकेत अधिगम सिद्धांत, जिसे उद्देश्यपूर्ण व्यवहारवाद भी कहते हैं, यह बताता है कि सीखना केवल उद्दीपन-प्रतिक्रिया संबंध नहीं है, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें जीव अपने वातावरण में संकेतों को समझकर एक आंतरिक संज्ञानात्मक मानचित्र (cognitive map) बनाते हैं, जो उन्हें अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में मदद करता है। यह सिद्धांत व्यवहारवाद और संज्ञानवाद के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

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