Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Study Notes

UPTET के लिए लोकसभा और राज्यसभा के नियम: भारतीय संसद की पूरी जानकारी | Lok Sabha & Rajya Sabha Rules for UPTET: Complete Guide to Indian Parliament

भारतीय संसद के नियम: लोकसभा और राज्यसभा की कार्यप्रणाली UPTET परीक्षा के लिए समझें | Rules of Indian Parliament: Understand Lok Sabha & Rajya Sabha Working for UPTET Exam

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-04-20 · English

UPTET के लिए लोकसभा और राज्यसभा के नियम: भारतीय संसद की पूरी जानकारी | Lok Sabha & Rajya Sabha Rules for UPTET: Complete Guide to Indian Parliament

भारतीय संविधान (Indian Constitution) देश की शासन व्यवस्था का आधार है, और इसमें भारतीय संसद (Indian Parliament) एक केंद्रीय भूमिका निभाती है। UPTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारतीय संसद, विशेषकर लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इन दोनों सदनों के नियम और कार्यप्रणाली को समझना आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह लेख आपको UPTET परीक्षा के दृष्टिकोण से लोकसभा और राज्यसभा के महत्वपूर्ण नियमों और उनसे संबंधित तथ्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।


भारतीय संसद की संरचना और महत्व | Structure and Importance of Indian Parliament

भारतीय संसद भारत गणराज्य का सर्वोच्च विधायी निकाय है। यह द्विसदनीय (Bicameral) है, जिसका अर्थ है कि इसके दो सदन हैं: लोकसभा और राज्यसभा। राष्ट्रपति संसद का एक अभिन्न अंग होता है, हालांकि वह किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता। संसद का मुख्य कार्य कानून बनाना, सरकार पर नियंत्रण रखना और देश के वित्तीय मामलों को नियंत्रित करना है। UPTET उम्मीदवारों को संसद के इन मूलभूत कार्यों और इसकी संरचना को अच्छी तरह से समझना चाहिए।

लोकसभा (House of the People) के प्रमुख नियम और कार्यप्रणाली | Key Rules and Functioning of Lok Sabha

लोकसभा भारतीय संसद का निचला सदन (Lower House) है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसे 'हाउस ऑफ द पीपल' भी कहा जाता है। UPTET परीक्षा के लिए लोकसभा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण नियम और तथ्य इस प्रकार हैं:

  • सदस्य संख्या (Strength): अधिकतम 550 सदस्य (मूलतः 552 थे, लेकिन एंग्लो-इंडियन मनोनयन समाप्त कर दिया गया)। इनमें से 530 राज्यों से और 20 केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं।
  • कार्यकाल (Term): सामान्यतः 5 वर्ष, लेकिन इसे राष्ट्रपति द्वारा समय से पहले भंग किया जा सकता है।
  • अध्यक्ष (Speaker): लोकसभा के सदस्यों में से ही एक अध्यक्ष (Speaker) और एक उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) का चुनाव किया जाता है, जो सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।
  • धन विधेयक (Money Bill): धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इस संबंध में लोकसभा को राज्यसभा से अधिक शक्तियां प्राप्त हैं।
  • विश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion): सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है।
  • गणपूर्ति (Quorum): सदन की बैठक आयोजित करने के लिए कुल सदस्यों का 1/10वां हिस्सा उपस्थित होना अनिवार्य है।
UPTET Tip: लोकसभा के सदस्यों की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होती है। यह एक सीधा चुनाव सदन है, जो जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है।

राज्यसभा (Council of States) के प्रमुख नियम और कार्यप्रणाली | Key Rules and Functioning of Rajya Sabha

राज्यसभा भारतीय संसद का ऊपरी सदन (Upper House) है, जिसे 'काउंसिल ऑफ स्टेट्स' के नाम से जाना जाता है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है। UPTET के लिए राज्यसभा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु:

  • सदस्य संख्या (Strength): अधिकतम 250 सदस्य। इनमें से 238 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं, और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों से मनोनीत किया जाता है।
  • कार्यकाल (Term): राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसे भंग नहीं किया जा सकता। सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और प्रत्येक दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
  • सभापति (Chairman): भारत का उपराष्ट्रपति (Vice President) राज्यसभा का पदेन सभापति (ex-officio Chairman) होता है। उपसभापति का चुनाव सदन के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
  • विशेष शक्तियां (Special Powers): राज्यसभा को कुछ विशेष शक्तियां प्राप्त हैं, जैसे अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति और अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) का गठन करने की शक्ति।
  • गणपूर्ति (Quorum): लोकसभा की तरह, राज्यसभा में भी गणपूर्ति कुल सदस्यों का 1/10वां हिस्सा होती है।
UPTET Tip: राज्यसभा के सदस्यों की न्यूनतम आयु 30 वर्ष होती है। यह सदन संघवाद (Federalism) के सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है।

Important Topics Data

विशेषता (Feature)लोकसभा (Lok Sabha)राज्यसभा (Rajya Sabha)
नाम (Name)जनता का सदन (House of the People)राज्यों की परिषद (Council of States)
सदस्यों की अधिकतम संख्या (Max. Members)550 (पहले 552)250
सदस्यों का चुनाव (Election of Members)प्रत्यक्ष चुनाव (Direct Election)अप्रत्यक्ष चुनाव (Indirect Election)
कार्यकाल (Term)5 वर्ष (राष्ट्रपति द्वारा भंग की जा सकती है)स्थायी सदन (Permanent House), सदस्य 6 वर्ष के लिए
न्यूनतम आयु (Min. Age)25 वर्ष30 वर्ष
पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer)अध्यक्ष (Speaker)उपराष्ट्रपति (सभापति) (Vice President - Chairman)
धन विधेयक की शक्ति (Money Bill Power)अधिक शक्ति (More Power)सीमित शक्ति (Limited Power)
अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion)केवल यहीं लाया जा सकता है (Only here)नहीं लाया जा सकता (Cannot be introduced)

Detailed Notes

संसदीय प्रक्रिया और महत्वपूर्ण नियम UPTET के लिए | Parliamentary Procedures and Important Rules for UPTET

लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदन एक निश्चित प्रक्रिया और नियमों के तहत कार्य करते हैं। UPTET परीक्षा में इन प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्न भी आ सकते हैं।

  • प्रश्नकाल (Question Hour): प्रत्येक संसदीय बैठक का पहला घंटा प्रश्नकाल होता है, जिसमें सदस्य मंत्रियों से प्रश्न पूछते हैं।
  • शून्यकाल (Zero Hour): प्रश्नकाल के तुरंत बाद शून्यकाल शुरू होता है, जिसमें सदस्य बिना पूर्व सूचना के महत्वपूर्ण मुद्दे उठा सकते हैं। यह भारतीय संसदीय प्रक्रिया की एक अनूठी विशेषता है।
  • विधेयक पारित करने की प्रक्रिया (Bill Passing Procedure): कोई भी विधेयक (Bill) कानून (Act) बनने से पहले दोनों सदनों से पारित होना आवश्यक है (कुछ अपवादों को छोड़कर, जैसे धन विधेयक)। इसमें तीन वाचन (readings) होते हैं।
  • संयुक्त बैठक (Joint Sitting): यदि किसी सामान्य विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाए, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 108 के तहत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकता है। इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है।
  • संसदीय समितियां (Parliamentary Committees): संसद अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन करती है, जैसे लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee), प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) आदि। ये समितियां विधेयकों की जांच करती हैं और प्रशासन पर नियंत्रण रखती हैं।

UPTET में भारतीय संसद के नियमों की तैयारी कैसे करें? | How to Prepare Indian Parliament Rules for UPTET?

UPTET परीक्षा में भारतीय संसद से संबंधित प्रश्न मुख्य रूप से सामान्य ज्ञान (General Knowledge) और सामाजिक अध्ययन (Social Studies) खंड में आते हैं। इन विषयों की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:

  • NCERT पर ध्यान दें: कक्षा 6 से 10 तक की NCERT सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों में भारतीय संसद और संविधान के बारे में बुनियादी जानकारी दी गई है। यह UPTET के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
  • मुख्य तथ्यों को याद करें: सदस्यों की संख्या, कार्यकाल, न्यूनतम आयु, पीठासीन अधिकारी, और प्रमुख अनुच्छेद जैसे तथ्यों को कंठस्थ करें।
  • अंतर समझें: लोकसभा और राज्यसभा के बीच के मुख्य अंतरों को स्पष्ट रूप से समझें, खासकर उनकी शक्तियों के संबंध में।
  • शब्दावली पर पकड़: संसदीय शब्दावली जैसे 'प्रश्नकाल', 'शून्यकाल', 'गणपूर्ति', 'धन विधेयक', 'अविश्वास प्रस्ताव' आदि का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए।
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: UPTET और अन्य राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें ताकि आपको प्रश्नों के पैटर्न का अंदाजा लग सके।
Unictest Recommendation: नियमित रूप से करंट अफेयर्स पर भी ध्यान दें, क्योंकि संसद से जुड़े समसामयिक मुद्दे भी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

Important Questions & Tips

UPTET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अनुच्छेद और बिंदु | Important Articles and Points for UPTET Exam

भारतीय संविधान के कुछ अनुच्छेद सीधे तौर पर संसद और उसके सदनों के नियमों से संबंधित हैं, जिन्हें UPTET उम्मीदवारों को जानना आवश्यक है।

  • अनुच्छेद 79: संसद का गठन (Constitution of Parliament)
  • अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना (Composition of the Council of States)
  • अनुच्छेद 81: लोकसभा की संरचना (Composition of the House of the People)
  • अनुच्छेद 83: संसद के सदनों की अवधि (Duration of Houses of Parliament)
  • अनुच्छेद 84: संसद की सदस्यता के लिए योग्यता (Qualification for membership of Parliament)
  • अनुच्छेद 85: संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन (Sessions of Parliament, prorogation and dissolution)
  • अनुच्छेद 108: कुछ मामलों में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint sitting of both Houses in certain cases)
  • अनुच्छेद 110: धन विधेयक की परिभाषा (Definition of "Money Bills")
  • अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) (Annual financial statement)
चेतावनी: इन अनुच्छेदों को केवल याद करने के बजाय, उनके पीछे के सिद्धांतों और महत्व को समझना भी महत्वपूर्ण है ताकि आप अवधारणा-आधारित प्रश्नों का उत्तर दे सकें।

संसदीय शब्दावली और उनका महत्व | Parliamentary Terminology and Their Importance

UPTET जैसे परीक्षाओं में अक्सर संसदीय शब्दावली से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इन शब्दों का अर्थ जानना आवश्यक है:

  • अधिवेशन (Session): संसद की बैठक की अवधि। भारत में सामान्यतः तीन अधिवेशन होते हैं - बजट, मानसून और शीतकालीन।
  • सत्रावसान (Prorogation): सत्र की समाप्ति। राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • स्थगन (Adjournment): सदन की बैठक को अस्थायी रूप से निलंबित करना। पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जाता है।
  • विघटन (Dissolution): लोकसभा का कार्यकाल समाप्त करना या उसे भंग करना। केवल लोकसभा का ही विघटन होता है।
  • ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (Calling Attention Motion): सार्वजनिक महत्व के किसी तात्कालिक मामले पर मंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए।
  • कटौती प्रस्ताव (Cut Motion): बजट प्रस्तावों में कमी लाने के लिए।

Unictest आपको UPTET परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अध्ययन सामग्री और अभ्यास परीक्षण प्रदान करता है। हमारे साथ जुड़ें और अपनी तैयारी को नई दिशा दें!

🎯 Ready to Crack UPTET?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (UPTET)

UPTET के लिए मुख्य अंतरों में लोकसभा के सदस्यों का प्रत्यक्ष चुनाव, 5 साल का कार्यकाल और धन विधेयक पर उसकी अधिक शक्तियां शामिल हैं। वहीं, राज्यसभा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी जाती है, एक स्थायी सदन है जिसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल होता है, और यह राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। इन अंतरों को समझना महत्वपूर्ण है।

लोकसभा के पीठासीन अधिकारी अध्यक्ष (Speaker) होते हैं, जो सदन के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं और कार्यवाही का संचालन करते हैं। राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी भारत के उपराष्ट्रपति होते हैं, जो इसके पदेन सभापति होते हैं। दोनों ही सदन में व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

UPTET के लिए संसदीय नियमों की तैयारी हेतु NCERT की किताबों पर ध्यान दें, लोकसभा और राज्यसभा के बीच के मुख्य अंतरों को समझें, और प्रमुख अनुच्छेदों व शब्दावली को याद करें। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना और महत्वपूर्ण तथ्यों को कंठस्थ करना भी अत्यंत सहायक होगा।

धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। लोकसभा से पारित होने के बाद, इसे राज्यसभा भेजा जाता है, जिसे 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें देनी होती हैं। लोकसभा इन सिफारिशों को मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र है, जिससे धन विधेयक के संबंध में लोकसभा को राज्यसभा से अधिक शक्ति मिलती है।

संयुक्त बैठक अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति द्वारा तब बुलाई जाती है जब किसी सामान्य विधेयक पर लोकसभा और राज्यसभा के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है। इसका उद्देश्य विधेयक को पारित कराना होता है। इस संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of Lok Sabha) करते हैं।

UPTET Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now