Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Study Notes

UPTET Alankar Definition and Examples | UPTET अलंकार की परिभाषा और उदाहरण

Master Alankar for UPTET Hindi: Definitions, Types, and Examples | UPTET हिंदी के लिए अलंकार सीखें: परिभाषाएँ, प्रकार और उदाहरण

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-04-20 · English

UPTET Alankar Definition and Examples | UPTET अलंकार की परिभाषा और उदाहरण

UPTET परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए हिंदी व्याकरण एक महत्वपूर्ण खंड है। इस खंड में 'अलंकार' एक ऐसा विषय है जो न केवल आपकी भाषा पर पकड़ मजबूत करता है बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में भी सहायक होता है। Unictest आपके लिए लेकर आया है अलंकार की विस्तृत परिभाषाएँ और उदाहरण, जो UPTET परीक्षा के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। आइए, हिंदी साहित्य की इस सुंदरता को गहराई से समझते हैं।



अलंकार क्या है? (What is Alankar?)

अलंकार का शाब्दिक अर्थ है 'आभूषण' या 'गहना'। जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाते हैं। ये ऐसे शब्द या अर्थ संबंधी तत्व होते हैं जो कविता या गद्य में चमत्कार उत्पन्न करते हैं, उसे अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बनाते हैं। UPTET में अलंकार से संबंधित प्रश्न सीधे परिभाषा, प्रकार और उदाहरणों पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें समझना अत्यंत आवश्यक है।


परिभाषा (Definition): काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं: शब्दालंकार और अर्थालंकार।


ज्ञानवर्धक तथ्य: आचार्य दण्डी के अनुसार, "काव्य शोभाकरान् धर्मानलंकारान् प्रचक्षते" अर्थात् काव्य के शोभाकारक धर्मों को अलंकार कहते हैं।

अलंकार के प्रमुख प्रकार (Main Types of Alankar)

अलंकार को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:


  • शब्दालंकार (Shabd Alankar): जहाँ शब्दों के प्रयोग से काव्य में सुंदरता या चमत्कार उत्पन्न होता है, वहाँ शब्दालंकार होता है। यदि शब्द को हटाकर उसका पर्यायवाची रख दिया जाए तो चमत्कार समाप्त हो जाता है।
  • अर्थालंकार (Arth Alankar): जहाँ काव्य में अर्थ के कारण सुंदरता या चमत्कार उत्पन्न होता है, वहाँ अर्थालंकार होता है। इसमें शब्द बदलने पर भी अर्थगत चमत्कार बना रहता है।

प्रमुख शब्दालंकार (Key Shabd Alankar)

UPTET परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण शब्दालंकार निम्नलिखित हैं:


  • अनुप्रास अलंकार (Anupras Alankar):
    जहाँ एक ही वर्ण की आवृत्ति बार-बार होती है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं जल थल में।' (यहाँ 'च' वर्ण की आवृत्ति हुई है।)
  • यमक अलंकार (Yamak Alankar):
    जहाँ एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आता है और हर बार उसका अर्थ भिन्न होता है, वहाँ यमक अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय। या खाए बौराय जग, या पाए बौराय।' (यहाँ 'कनक' शब्द दो बार आया है, एक का अर्थ सोना और दूसरे का धतूरा है।)
  • श्लेष अलंकार (Shlesh Alankar):
    जहाँ एक ही शब्द एक बार प्रयुक्त होता है, लेकिन उसके एक से अधिक अर्थ होते हैं, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।' (यहाँ 'पानी' शब्द के तीन अर्थ हैं: मोती के लिए चमक, मनुष्य के लिए इज्जत और चून (आटा) के लिए जल।)
  • वक्रोक्ति अलंकार (Vakrokti Alankar):
    जहाँ कहने वाला किसी और अभिप्राय से कोई बात कहे, परंतु सुनने वाला उसका कोई और अर्थ निकाले, वहाँ वक्रोक्ति अलंकार होता है। यह UPTET के लिए कम महत्वपूर्ण है, पर जानना अच्छा है।

इन शब्दालंकारों को समझने के लिए आपको केवल शब्दों की बनावट और उनकी पुनरावृत्ति पर ध्यान देना होगा। UPTET परीक्षा में अक्सर सीधे उदाहरण देकर अलंकार की पहचान पूछी जाती है, इसलिए अधिक से अधिक उदाहरणों का अभ्यास करें।

Important Topics Data

अलंकार का प्रकारउप-प्रकारमुख्य पहचानउदाहरण (हिंदी)UPTET महत्व
शब्दालंकारअनुप्रासएक वर्ण की आवृत्ति'तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।'उच्च
शब्दालंकारयमकएक शब्द की आवृत्ति, अर्थ भिन्न'काली घटा का घमंड घटा।'उच्च
शब्दालंकारश्लेषएक शब्द के अनेक अर्थ'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'मध्यम
अर्थालंकारउपमातुलना (सा, सी, से)'मुख चंद्रमा-सा सुंदर है।'उच्च
अर्थालंकाररूपकअभेद आरोप'मैया मैं तो चंद्र खिलौना लैहों।'उच्च
अर्थालंकारउत्प्रेक्षासंभावना (मनु, मानो, जनु)'फूले कास सकल महि छाई, जनु बरसा कृत प्रगट बुढ़ाई।'उच्च
अर्थालंकारअतिशयोक्तिबढ़ा-चढ़ाकर वर्णन'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।'मध्यम
अर्थालंकारमानवीकरणनिर्जीव पर मानव आरोप'हँसते हैं छोटे पौधे, लघु भार।'निम्न

Detailed Notes

प्रमुख अर्थालंकार (Key Arth Alankar)

अर्थालंकार, जो अर्थ के माध्यम से काव्य में सौंदर्य लाते हैं, UPTET परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ कुछ मुख्य अर्थालंकार और उनके उदाहरण दिए गए हैं:


  • उपमा अलंकार (Upma Alankar):
    जहाँ दो भिन्न वस्तुओं में समानता या तुलना की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है। इसमें उपमेय, उपमान, साधारण धर्म और वाचक शब्द (जैसे: सा, सी, से, सरिस, सम) होते हैं।
    उदाहरण: 'पीपर पात सरिस मन डोला।' (यहाँ मन की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है।)
  • रूपक अलंकार (Roopak Alankar):
    जहाँ उपमेय और उपमान में कोई भेद न हो, अर्थात् उपमेय को उपमान का रूप दे दिया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'चरण कमल बंदौ हरिराई।' (यहाँ चरण को ही कमल का रूप दे दिया गया है, कोई भेद नहीं है।)
  • उत्प्रेक्षा अलंकार (Utpreksha Alankar):
    जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना या कल्पना की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। इसके वाचक शब्द 'मनु', 'मानो', 'जनु', 'जानो', 'मनहु', 'जनहु' आदि होते हैं।
    उदाहरण: 'सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनहु नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात।' (यहाँ श्याम के शरीर पर पीले वस्त्र ऐसे लग रहे हैं मानो नीलमणि पर्वत पर प्रभात की धूप पड़ रही हो।)
  • अतिशयोक्ति अलंकार (Atishayokti Alankar):
    जहाँ किसी बात का बहुत बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया जाए, जिससे लोक सीमा का उल्लंघन हो जाए, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग, लंका सारी जल गई, गए निशाचर भाग।' (यहाँ आग लगने से पहले ही लंका जलने का वर्णन है।)
  • मानवीकरण अलंकार (Manvikaran Alankar):
    जहाँ निर्जीव वस्तुओं या अमूर्त भावों पर मानवीय चेष्टाओं या क्रियाओं का आरोप किया जाता है, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'मेघ आए बड़े बन-ठन के, सँवर के।' (मेघों को सँवरने वाले अतिथि के रूप में प्रस्तुत किया गया है।)
  • सन्देह अलंकार (Sandeh Alankar):
    जहाँ उपमेय में उपमान का संदेह हो और यह संदेह अंत तक बना रहे, वहाँ सन्देह अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'यह काया है या शेष उसी की छाया?'
  • भ्रांतिमान अलंकार (Bhrantiman Alankar):
    जहाँ भ्रमवश एक वस्तु को दूसरी वस्तु मान लिया जाए, वहाँ भ्रांतिमान अलंकार होता है।
    उदाहरण: 'नाक का मोती अधर की कांति से, बीज दाड़िम का समझकर भ्रांति से।'

UPTET के लिए अलंकार की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare Alankar for UPTET?)

UPTET परीक्षा में अलंकार से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:


  • परिभाषाएँ याद करें: प्रत्येक अलंकार की स्पष्ट परिभाषा को अच्छी तरह समझें।
  • उदाहरणों पर ध्यान दें: हर अलंकार के कम से कम 2-3 प्रमुख उदाहरणों को याद रखें और समझें। UPTET में अक्सर प्रसिद्ध उदाहरण ही पूछे जाते हैं।
  • पहचान के बिंदु: प्रत्येक अलंकार की पहचान के लिए कुछ खास शब्द या पैटर्न होते हैं (जैसे उपमा में 'सा, सी', उत्प्रेक्षा में 'मनु, मानो'), इन्हें नोट करें।
  • अभ्यास करें: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों और मॉक टेस्ट में दिए गए अलंकार संबंधी प्रश्नों का अभ्यास करें। Unictest पर आपको ऐसे कई अभ्यास प्रश्न मिलेंगे।

UPTET तैयारी टिप: अलंकार को केवल रटने के बजाय, उसके पीछे के भाव और अर्थ को समझने का प्रयास करें। इससे आप जटिल उदाहरणों को भी आसानी से पहचान पाएंगे।

Important Questions & Tips

UPTET परीक्षा में अलंकार का महत्व (Importance of Alankar in UPTET Exam)

UPTET परीक्षा के हिंदी खंड में अलंकार से 2-3 प्रश्न सीधे पूछे जा सकते हैं, जो आपको मेरिट में ऊपर लाने में मदद कर सकते हैं। ये प्रश्न आमतौर पर किसी पंक्ति में अलंकार की पहचान करने या अलंकार की परिभाषा पूछने वाले होते हैं। इसलिए, इस विषय पर अच्छी पकड़ बनाना अत्यंत आवश्यक है।


अलंकार में गलतियाँ कैसे बचें? (How to Avoid Mistakes in Alankar?)

अलंकार के प्रश्नों को हल करते समय कुछ सामान्य गलतियाँ हो सकती हैं, जिनसे बचना महत्वपूर्ण है:


  • अस्पष्टता: कई बार उपमा और रूपक या संदेह और भ्रांतिमान के बीच अंतर स्पष्ट न होने पर गलती हो जाती है। इनकी सूक्ष्मता को समझें।
  • वाचक शब्दों की अनदेखी: उपमा, उत्प्रेक्षा जैसे अलंकारों में वाचक शब्द महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हें ध्यान से देखें।
  • केवल रटना: सिर्फ परिभाषाएँ और उदाहरण रटने से काम नहीं चलेगा। हर उदाहरण में अलंकार कैसे फिट बैठता है, इसे समझना जरूरी है।

सावधान रहें: कई बार परीक्षा में ऐसे उदाहरण दिए जाते हैं जिनमें एक से अधिक अलंकार की संभावना दिखती है। ऐसे में सबसे प्रमुख और स्पष्ट अलंकार को ही चुनें।

Unictest के साथ UPTET अलंकार की तैयारी (Prepare UPTET Alankar with Unictest)

Unictest पर आपको UPTET हिंदी व्याकरण के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र मिलेंगे। हमारे विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए नोट्स और अभ्यास प्रश्न आपकी अलंकार की तैयारी को मजबूत बनाएंगे। हमारे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध क्विज़ और टेस्ट सीरीज़ के माध्यम से आप अपनी प्रगति का मूल्यांकन कर सकते हैं और कमजोर क्षेत्रों पर काम कर सकते हैं। आज ही Unictest से जुड़ें और अपनी UPTET सफलता की राह आसान बनाएं!

🎯 Ready to Crack UPTET?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (UPTET)

Alankar (अलंकार) literally means 'ornament'. In Hindi grammar, these are literary devices that enhance the beauty and effectiveness of poetry and prose. For UPTET, Alankar is crucial as 2-3 direct questions on identifying or defining them are often asked in the Hindi section, contributing significantly to your overall score.

Alankar are primarily divided into two types: Shabd Alankar (शब्दालंकार) and Arth Alankar (अर्थालंकार). Shabd Alankar focuses on the sound and arrangement of words (e.g., Anupras, Yamak, Shlesh), while Arth Alankar focuses on the meaning and sense to create beauty (e.g., Upma, Roopak, Utpreksha, Atishayokti).

To prepare Alankar effectively, focus on understanding the precise definition of each type, memorize key examples, and identify the specific markers (वाचक शब्द) for each. Regular practice with previous year's questions and mock tests, available on platforms like Unictest, is also vital to solidify your understanding and application.

Yes, several classic examples frequently appear in UPTET. For Anupras, 'चारु चंद्र की चंचल किरणें' is common. For Yamak, 'कनक कनक ते सौ गुनी' is a staple. In Arth Alankar, 'पीपर पात सरिस मन डोला' (Upma), 'चरण कमल बंदौ हरिराई' (Roopak), and 'सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनहु नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात।' (Utpreksha) are frequently tested.

In the UPTET Hindi syllabus, Alankar typically carries a weightage of 2-3 marks. While this might seem small, each mark is crucial for competitive exams. Questions usually involve identifying the Alankar in a given line or stating its definition, making it an easy scoring topic if prepared well.

UPTET Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now