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Study Notes

Super TET Hindi Sahitya: महत्वपूर्ण लेखक और उनकी रचनाएँ (Important Writers & Books) 2026

Super TET हिंदी साहित्य: महत्वपूर्ण लेखक और रचनाएँ - अपनी तैयारी को दें नई दिशा! | Super TET Hindi Literature: Key Writers & Books - Guide to Success!

Practice Questions
Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-06-17 · हिंदी

Super TET Hindi Sahitya: महत्वपूर्ण लेखक और उनकी रचनाएँ (Important Writers & Books) 2026

नमस्ते मेरे प्यारे साथियों! Super TET की तैयारी में हिंदी साहित्य का सेक्शन कितना महत्वपूर्ण है, यह आप सब जानते हैं। यह सिर्फ स्कोरिंग ही नहीं, बल्कि आपकी भाषा और संस्कृति की समझ को भी दर्शाता है। आज हम Super TET Hindi Sahitya के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों और उनकी रचनाओं पर विस्तार से बात करेंगे, जो आपको 2026 की परीक्षा में सफलता दिलाएंगे।


जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो अक्सर देखता हूँ कि उन्हें लेखकों के नाम और उनकी रचनाएँ याद रखने में मुश्किल होती है। लेकिन trust me, अगर आप इसे कहानी की तरह समझेंगे और बार-बार रिवाइज करेंगे, तो यह आपका सबसे मजबूत पक्ष बन सकता है। पिछले 5 साल में मैंने नोटिस किया है कि इस सेक्शन से 8-10 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए इसे हल्के में लेना बहुत बड़ी गलती होगी!


हिंदी साहित्य का काल-विभाजन और महत्वपूर्ण लेखक (Periodization of Hindi Literature and Key Writers)

हिंदी साहित्य को मुख्य रूप से चार कालों में विभाजित किया गया है। हर काल की अपनी विशेषताएँ और प्रमुख रचनाकार रहे हैं। Super TET में इन्हीं कालों से प्रश्न बनते हैं।


  • आदिकाल (वीरगाथा काल) - लगभग 7वीं शताब्दी से 14वीं शताब्दी तक:
    यह हिंदी साहित्य का प्रारंभिक काल है, जहाँ वीर रस प्रधान रचनाएँ अधिक मिलती हैं।
    प्रमुख लेखक और उनकी रचनाएँ:
    • चंदबरदाई: पृथ्वीराज रासो (हिंदी का प्रथम महाकाव्य माना जाता है)
    • नरपति नाल्ह: बीसलदेव रासो
    • दलपति विजय: खुमान रासो
    • जगनीक: आल्हाखंड (परमाल रासो)
    • अमीर खुसरो: पहेलियाँ, मुकरियाँ (खड़ी बोली हिंदी के प्रारंभिक कवि)
  • भक्तिकाल (पूर्व मध्यकाल) - लगभग 14वीं शताब्दी से 17वीं शताब्दी तक:
    यह हिंदी साहित्य का 'स्वर्ण युग' कहलाता है। इस काल में भक्ति भावना से ओतप्रोत रचनाएँ लिखी गईं। इसे दो प्रमुख धाराओं में बांटा गया है: निर्गुण भक्तिधारा और सगुण भक्तिधारा।
    निर्गुण भक्तिधारा (ज्ञानमार्गी और प्रेममार्गी):
    • कबीरदास: बीजक (साखी, सबद, रमैनी) - निर्गुण ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख कवि।
    • गुरु नानक: जपुजी, आस दीवार, रहिरास।
    • जायसी: पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम - प्रेममार्गी (सूफी) शाखा के प्रमुख कवि।
    • कुतुबन: मृगावती
    • मंझन: मधुमालती

    सगुण भक्तिधारा (रामभक्ति और कृष्णभक्ति):
    • तुलसीदास: रामचरितमानस, विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली, गीतावली - रामभक्ति शाखा के शिरोमणि।
    • सूरदास: सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी - कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख कवि।
    • मीराबाई: मीरा पदावली
    • रसखान: प्रेमवाटिका, सुजान रसखान
  • रीतिकाल (उत्तर मध्यकाल) - लगभग 17वीं शताब्दी से 19वीं शताब्दी तक:
    इस काल में श्रृंगार रस की प्रधानता रही। कवियों ने राजाओं के आश्रय में रहकर रचनाएँ कीं।
    प्रमुख लेखक और उनकी रचनाएँ:
    • केशवदास: रामचंद्रिका, कविप्रिया, रसिकप्रिया - इन्हें 'कठिन काव्य का प्रेत' कहा जाता है।
    • बिहारी: बिहारी सतसई (गागर में सागर भरने वाले कवि)
    • भूषण: शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक - वीर रस के कवि।
    • घनानंद: सुजान सागर, विरह लीला
    • मतिराम: रसराज, ललित ललाम
  • आधुनिक काल - लगभग 19वीं शताब्दी से अब तक:
    यह काल हिंदी साहित्य में गद्य के विकास के लिए जाना जाता है। इसमें कई धाराएँ विकसित हुईं - भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता आदि।
    प्रमुख लेखक और उनकी रचनाएँ:
    • भारतेंदु हरिश्चंद्र: भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, सत्य हरिश्चंद्र - 'आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक'।
    • महावीर प्रसाद द्विवेदी: रसज्ञ रंजन, साहित्य संदर्भ।
    • जयशंकर प्रसाद: कामायनी (महाकाव्य), आँसू, लहर (काव्य); चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी (नाटक); कंकाल, तितली, इरावती (उपन्यास) - छायावाद के प्रमुख स्तंभ।
    • सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला': अनामिका, परिमल, गीतिका, सरोज स्मृति, राम की शक्ति पूजा।
    • सुमित्रानंदन पंत: चिदंबरा (ज्ञानपीठ पुरस्कार), पल्लव, वीणा, गुंजन।
    • महादेवी वर्मा: यामा (ज्ञानपीठ पुरस्कार), नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत।
    • रामधारी सिंह 'दिनकर': उर्वशी (ज्ञानपीठ पुरस्कार), रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, संस्कृति के चार अध्याय।
    • प्रेमचंद: गोदान, गबन, सेवासदन, कर्मभूमि (उपन्यास); ईदगाह, कफन, पूस की रात (कहानियाँ)।
    • अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन): कितनी नावों में कितनी बार (ज्ञानपीठ पुरस्कार), शेखर: एक जीवनी, नदी के द्वीप।
    • फणीश्वरनाथ 'रेणु': मैला आँचल (आंचलिक उपन्यास)।
    • मोहन राकेश: आषाढ़ का एक दिन, आधे-अधूरे (नाटक)।
    • यशपाल: झूठा सच, दादा कामरेड (उपन्यास)।
    • नागार्जुन: युगधारा, सतरंगे पंखों वाली (काव्य)।

गुरु मंत्र: इन सभी लेखकों और उनकी प्रमुख रचनाओं को एक चार्ट बनाकर अपने स्टडी टेबल के सामने लगा लें। रोज सुबह 5-10 मिनट इन्हें देखें। यकीन मानिए, दोहराते-दोहराते आपको ये सब याद हो जाएंगे। मैंने खुद देखा है कि इस तरीके से मेरे कई छात्रों ने अच्छा स्कोर किया है।

Super TET में हिंदी साहित्य का महत्व (Importance of Hindi Literature in Super TET)

Super TET में हिंदी भाषा का सेक्शन कुल 20 अंकों का होता है, जिसमें से हिंदी साहित्य से 5-7 प्रश्न सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। ये प्रश्न लेखकों, उनकी रचनाओं, उपनामों, पुरस्कारों और काल-विभाजन से संबंधित होते हैं। एक-एक नंबर कीमती होता है, और यह सेक्शन आपको दूसरों से आगे निकलने में मदद कर सकता है।


बहुत से स्टूडेंट्स सिर्फ व्याकरण पर ध्यान देते हैं और साहित्य को छोड़ देते हैं – यह सबसे बड़ी गलती है! अगर आपको सरकारी शिक्षक बनना है, तो कोई भी सेक्शन छोड़ना अफोर्ड नहीं कर सकते। इसलिए, हिंदी साहित्य को भी उतनी ही गंभीरता से लें जितनी व्याकरण या शिक्षण कौशल को।

Important Topics Data

काल (Period)प्रमुख लेखक (Key Writer)महत्वपूर्ण रचनाएँ (Important Works)विशेष (Special Notes)
आदिकालचंदबरदाईपृथ्वीराज रासोहिंदी का प्रथम महाकाव्य
आदिकालअमीर खुसरोपहेलियाँ, मुकरियाँखड़ी बोली के प्रारंभिक कवि
भक्तिकाल (निर्गुण)कबीरदासबीजक (साखी, सबद, रमैनी)ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख
भक्तिकाल (निर्गुण)मलिक मुहम्मद जायसीपद्मावत, अखरावटप्रेममार्गी (सूफी) शाखा
भक्तिकाल (सगुण)तुलसीदासरामचरितमानस, विनय पत्रिकारामभक्ति शाखा के शिरोमणि
भक्तिकाल (सगुण)सूरदाससूरसागर, सूरसारावलीकृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख
रीतिकालकेशवदासरामचंद्रिका, कविप्रिया'कठिन काव्य का प्रेत'
रीतिकालबिहारीबिहारी सतसईगागर में सागर भरने वाले
आधुनिक कालभारतेंदु हरिश्चंद्रभारत दुर्दशा, अंधेर नगरीआधुनिक हिंदी साहित्य के जनक
आधुनिक कालजयशंकर प्रसादकामायनी, चंद्रगुप्त, आँसूछायावाद के प्रमुख स्तंभ
आधुनिक कालप्रेमचंदगोदान, गबन, ईदगाहउपन्यास सम्राट
आधुनिक कालरामधारी सिंह 'दिनकर'उर्वशी, रश्मिरथीज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता

Detailed Notes

चलिए, अब बात करते हैं कि Super TET Hindi Sahitya के लिए तैयारी कैसे की जाए। सिर्फ पढ़ने से काम नहीं चलेगा, एक सही रणनीति (strategy) होनी बहुत ज़रूरी है। मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि बिना योजना के की गई तैयारी अक्सर अधूरी रह जाती है।


Super TET Hindi Sahitya तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy)

  • NCERT को आधार बनाएं: कक्षा 6 से 12 तक की हिंदी NCERT की किताबें पढ़ें। इनमें आपको साहित्य का एक अच्छा आधार मिल जाएगा, खासकर प्रमुख लेखकों और उनकी रचनाओं का परिचय।
  • काल-क्रमानुसार अध्ययन: साहित्य को आदिकाल से आधुनिक काल तक क्रमबद्ध तरीके से पढ़ें। इससे आपको विकास क्रम समझने में आसानी होगी और चीजें याद रहेंगी।
  • नोट्स बनाएं: हर लेखक और उसकी 2-3 सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं के शॉर्ट नोट्स बनाएं। उपनाम (जैसे 'निराला' सूर्यकांत त्रिपाठी का, 'प्रेमचंद' धनपत राय का) भी नोट करें।
  • ट्रिक्स और निमोनिक्स का उपयोग करें: कई बार जटिल नामों और रचनाओं को याद रखने के लिए आप अपनी खुद की ट्रिक्स बना सकते हैं। जैसे, 'पद्मावत' जायसी की है, 'बीजक' कबीर की। इन्हें किसी छोटी कहानी या वाक्य से जोड़कर याद कर सकते हैं।
  • Previous Year Papers (PYQs) हल करें: पिछले वर्षों के Super TET, CTET, UPTET, KVS, DSSSB (जहाँ हिंदी साहित्य आता हो) के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको प्रश्नों का पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अंदाज़ा होगा। मैंने देखा है कि 40% प्रश्न पैटर्न में रिपीट होते हैं!
  • मॉक टेस्ट दें: नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। इससे आपकी टाइम मैनेजमेंट स्किल्स सुधरेंगी और आप अपनी कमजोरियों को पहचान पाएंगे।
  • रिवीजन ही कुंजी है: हर हफ्ते जो पढ़ा है, उसे रिवाइज ज़रूर करें। साहित्य में चीजें भूलना स्वाभाविक है, इसलिए रिवीजन बहुत ज़रूरी है।

Expert Tip: एक easy trick बता रहा हूँ – रात को सोने से पहले 10 मिनट में कम से कम 20-30 लेखकों और उनकी रचनाओं को बस एक बार पलट कर देख लें। यह आपके मस्तिष्क में स्थायी रूप से स्टोर हो जाएंगे। इसे 'स्लीपिंग रिवीजन' कहते हैं और यह बहुत प्रभावी होता है!

महत्वपूर्ण टॉपिक्स और सेक्शन-वार तैयारी (Important Topics & Section-wise Preparation)

  • आदिकाल: चंदबरदाई, नरपति नाल्ह, अमीर खुसरो और उनकी प्रमुख रचनाएँ।
  • भक्तिकाल: कबीर, जायसी, तुलसी, सूर, मीरा। इनकी मुख्य कृतियाँ, दार्शनिक विचार और किस धारा से संबंधित हैं, यह जानना ज़रूरी है।
  • रीतिकाल: केशव, बिहारी, भूषण, घनानंद। इनकी रचनाओं की विशेषताएँ और किस रस पर आधारित हैं।
  • आधुनिक काल: यह सबसे विस्तृत है। भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ। विशेषकर जयशंकर प्रसाद, निराला, पंत, महादेवी वर्मा, प्रेमचंद, दिनकर, अज्ञेय, फणीश्वरनाथ 'रेणु' पर ज़्यादा ध्यान दें। ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी जैसे पुरस्कार प्राप्त रचनाएँ और लेखक बहुत महत्वपूर्ण हैं।
  • हिंदी साहित्य के प्रमुख पुरस्कार: ज्ञानपीठ पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार, व्यास सम्मान, सरस्वती सम्मान - किन लेखकों को किन रचनाओं के लिए कब मिले, यह याद रखें।
  • उपनाम: कवियों और लेखकों के प्रचलित उपनाम (जैसे 'अज्ञेय', 'निराला', 'प्रेमचंद', 'भारतेंदु')।

अनुशंसित पुस्तकें (Recommended Books)

Super TET Hindi Sahitya के लिए कुछ किताबें जो मैंने अपने छात्रों को हमेशा सुझाए हैं:


  • लुसेंट सामान्य हिंदी: यह एक कॉम्पैक्ट बुक है जो Super TET के लिए पर्याप्त जानकारी देती है। साहित्य वाला सेक्शन इसमें बहुत अच्छे से दिया गया है।
  • आदित्य पब्लिकेशन की सामान्य हिंदी: इसमें ऑब्जेक्टिव प्रश्नों का अच्छा संग्रह है, जो अभ्यास के लिए बहुत उपयोगी है।
  • डॉ. हरदेव बाहरी की हिंदी व्याकरण और रचना: हालांकि यह व्याकरण पर अधिक केंद्रित है, लेकिन इसमें साहित्य के कुछ महत्वपूर्ण अंश भी मिल जाते हैं।
  • NCERT हिंदी की किताबें (कक्षा 9-12): ये बेसिक कॉन्सेप्ट्स और प्रमुख लेखकों को समझने के लिए अनिवार्य हैं।

याद रखिए, सिर्फ किताबें इकट्ठी करने से कुछ नहीं होगा। उन्हें पढ़ना और समझना ज़रूरी है। मेरा सुझाव है कि आप किसी एक अच्छी किताब को बार-बार पढ़ें, बजाय इसके कि 10 किताबें एक-एक बार पढ़ें।

Important Questions & Tips

Super TET की तैयारी में आखिरी चरण होता है परीक्षा का दिन और अंतिम मिनट की रणनीति। हिंदी साहित्य जैसे सेक्शन में जहाँ तथ्यों को याद रखना होता है, वहाँ कुछ गलतियाँ भारी पड़ सकती हैं।


परीक्षा के दिन के लिए टिप्स (Exam Day Tips)

  • शांत रहें: परीक्षा हॉल में घबराहट से बचें। आपने जितनी तैयारी की है, उस पर विश्वास रखें।
  • प्रश्न ध्यान से पढ़ें: हिंदी साहित्य के प्रश्न कई बार घुमावदार होते हैं। 'नहीं है', 'कौन सा गलत है' जैसे शब्दों पर विशेष ध्यान दें।
  • समय प्रबंधन: हिंदी सेक्शन के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें। इसमें बहुत ज़्यादा समय न लगाएं, क्योंकि यह स्कोरिंग होता है और अगर आता है तो तुरंत आता है।
  • रिवीजन के लिए समय: अगर समय मिले तो एक बार पूरे पेपर को रिवाइज ज़रूर करें, खासकर उन प्रश्नों को जिन पर आपको थोड़ा डाउट था।

सामान्य गलतियाँ और उनसे कैसे बचें (Common Mistakes to Avoid)

गलती 1: सिर्फ रटना और समझना नहीं।
कई छात्र सिर्फ लेखकों के नाम और रचनाएँ रट लेते हैं, लेकिन उनके काल या संदर्भ को नहीं समझते। इससे कन्फ्यूजन बढ़ जाता है।
बचाव: हर रचनाकार को उसके काल और उस काल की विशेषताओं से जोड़कर पढ़ें।

गलती 2: आधुनिक काल को नज़रअंदाज़ करना।
छात्र अक्सर आदिकाल और भक्तिकाल पर ज़्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन आधुनिक काल से भी बड़ी संख्या में प्रश्न आते हैं।
बचाव: आधुनिक काल के सभी उप-भागों (भारतेंदु, द्विवेदी, छायावाद, प्रगतिवाद आदि) के प्रमुख लेखकों और उनकी कृतियों को गंभीरता से पढ़ें।

गलती 3: सिर्फ प्रमुख रचनाओं पर ध्यान देना।
कभी-कभी परीक्षा में किसी लेखक की थोड़ी कम प्रसिद्ध रचना भी पूछ ली जाती है।
बचाव: प्रमुख रचनाओं के साथ-साथ, हर लेखक की 2-3 अन्य महत्वपूर्ण रचनाओं पर भी एक नज़र डालें।

गलती 4: रिवीजन की कमी।
हिंदी साहित्य एक ऐसा विषय है जहाँ बार-बार रिवीजन न करने पर चीज़ें भूल जाती हैं।
बचाव: साप्ताहिक और मासिक रिवीजन का एक शेड्यूल बनाएं और उसका सख्ती से पालन करें।

अंतिम मिनट की तैयारी और रिवीजन (Last-Minute Preparation & Revision)

परीक्षा से कुछ दिन पहले, आपको नए टॉपिक पढ़ने से बचना चाहिए। इस समय सिर्फ अपने बनाए हुए नोट्स, हाइलाइट किए गए पॉइंट्स और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का रिवीजन करें। उन चार्ट्स को देखें जो आपने लेखकों और रचनाओं के बनाए थे। जितना ज़्यादा आप रिवाइज करेंगे, उतना ही कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।


Super TET के बाद करियर स्कोप (Career Scope After Super TET)

Super TET क्लियर करने के बाद आप उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त होते हैं। यह एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी है जिसमें अच्छी सैलरी, जॉब सिक्योरिटी और समाज सेवा का अवसर मिलता है। एक शिक्षक के रूप में, आप देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक पेशा है।


मेरे प्यारे साथियों, Super TET Hindi Sahitya को समझना और उसमें अच्छा स्कोर करना बिल्कुल संभव है। बस ज़रूरत है सही दिशा, कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास की। याद रखिए – 'प्रयत्न करने वालों की कभी हार नहीं होती!' अगर आप Unictest के साथ जुड़े हैं, तो हम हर कदम पर आपके साथ हैं। अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें और अपने सपनों को साकार करें। आपको ढेर सारी शुभकामनाएँ!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

Super TET परीक्षा में हिंदी भाषा सेक्शन से कुल 20 प्रश्न आते हैं, जिनमें से 5 से 8 प्रश्न सीधे हिंदी साहित्य (लेखक और रचनाएँ) से संबंधित होते हैं। यह सेक्शन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी स्कोरिंग को काफी बढ़ा सकता है और आपको अन्य उम्मीदवारों से आगे निकलने में मदद करता है। एक-एक नंबर कीमती होता है, और हिंदी साहित्य के प्रश्न अगर आपको आते हैं तो बहुत कम समय में हल हो जाते हैं। इसे अनदेखा करना एक बड़ी गलती हो सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आपकी मेरिट लिस्ट को प्रभावित करता है।

Super TET 2026 के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार के पास स्नातक की डिग्री के साथ D.El.Ed (BTC) या B.Ed. की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार को CTET या UPTET (प्राथमिक स्तर) उत्तीर्ण होना चाहिए। आयु सीमा सामान्यतः 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, जिसमें आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट प्रदान की जाती है। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए, आपको UPBEB द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) का अवलोकन करना चाहिए, क्योंकि इसमें छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं।

Super TET हिंदी साहित्य की तैयारी के लिए NCERT की कक्षा 6 से 12 तक की हिंदी की किताबें एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। इसके अलावा, आप लुसेंट सामान्य हिंदी या आदित्य पब्लिकेशन की सामान्य हिंदी जैसी पुस्तकों का उपयोग कर सकते हैं। रणनीति के तौर पर, काल-क्रमानुसार अध्ययन करें (आदिकाल से आधुनिक काल तक), महत्वपूर्ण लेखकों और उनकी प्रमुख रचनाओं के शॉर्ट नोट्स बनाएं, और उन्हें याद रखने के लिए ट्रिक्स या निमोनिक्स का प्रयोग करें। नियमित रूप से पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करना और मॉक टेस्ट देना भी बहुत ज़रूरी है ताकि आप अपनी तैयारी का सही मूल्यांकन कर सकें।

Super TET परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है, जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। परीक्षा की अवधि 2.5 घंटे (150 मिनट) होती है। परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं होता है, जिसका अर्थ है कि आप सभी प्रश्नों का उत्तर बिना किसी डर के दे सकते हैं। विभिन्न विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन, शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, सामान्य ज्ञान, तार्किक ज्ञान, सूचना तकनीकी और जीवन कौशल शामिल हैं।

Super TET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, आप उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त होते हैं। यह एक स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी है जिसमें आकर्षक वेतनमान, भत्ते और पदोन्नति के अवसर मिलते हैं। पिछले कट-ऑफ ट्रेंड्स देखें तो, यह सामान्यतः 60-65% के आसपास रहता है, लेकिन यह रिक्तियों की संख्या और परीक्षा के कठिनाई स्तर पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, 69000 शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ 65% (97 अंक) और आरक्षित वर्ग के लिए 60% (90 अंक) था। सफल होने के लिए आपको लगातार मेहनत और सही रणनीति के साथ कम से कम 70-75% अंक लाने का लक्ष्य रखना चाहिए।

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