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Notes

Super TET EVS वातावरण की परतें नोट्स

अपने Super TET 2026 की तैयारी को सरल बनाएं

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-09-11 · हिंदी

SUPER TET Notes — Overview

Super TET EVS Layers of Atmosphere Notes

सुपर टीईटी 2026: पर्यावरण अध्ययन के लिए वायुमंडल की परतें

सुपर टीईटी परीक्षा, जोकि शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है, में पर्यावरण अध्ययन (EVS) एक महत्वपूर्ण विषय है। इस विषय में वायुमंडल की परतों का अध्ययन आवश्यक है। वायुमंडल की परतों का ज्ञान न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी उपयोगी है।

वायुमंडल की परतें

वायुमंडल, जो धरती के चारों ओर घेरता है, कई परतों में विभाजित होता है। प्रत्येक परत की अपनी विशेषताएँ और विशेष कार्य होते हैं। वायुमंडल की प्रमुख परतें निम्नलिखित हैं:

  • 1. स्थिरता
  • 2. समतापमंडल
  • 3. मध्यमंडल
  • 4. थर्मोस्फीयर
  • 5. एक्सोस्फीयर

1. स्थिरता (Troposphere)

यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जो धरती की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। यहां मौसम की घटनाएँ होती हैं जैसे वर्षा, बर्फबारी, और तूफान। स्थिरता में वायु का तापमान सामान्यतः ऊंचाई के साथ घटता है।

इस परत में वायु प्रदूषण की समस्या भी बहुत बड़ी है। मैंने अपने छात्रों के साथ इस विषय पर कई चर्चाएँ की हैं, जहां उन्होंने साझा किया कि कैसे प्रदूषण उनका स्वास्थ्य प्रभावित करता है।

2. समतापमंडल (Stratosphere)

यह परत स्थिरता के ऊपर होती है और लगभग 15 से 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली होती है। समतापमंडल में ओजोन परत पाई जाती है, जो सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) विकिरण से सुरक्षित करती है।

छात्र अक्सर यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि ओजोन परत का क्षय कैसे होता है। मैंने उन्हें बताया है कि कैसे कुछ रासायनिक यौगिक इस परत को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे त्वचा कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।

3. मध्यमंडल (Mesosphere)

यह परत समतापमंडल के ऊपर और थर्मोस्फीयर के नीचे होती है, लगभग 50 से 85 किलोमीटर की ऊंचाई पर। इस परत का तापमान फिर से ऊंचाई के साथ घटता है।

मैंने देखा है कि छात्र अक्सर इस परत में उल्काओं के जलने की प्रक्रिया के बारे में उत्सुक होते हैं। यह जानकारी उन्हें यह समझने में मदद करती है कि धरती पर आने वाली उल्काएँ कैसे जल जाती हैं और यह प्रक्रिया कितनी रोमांचक होती है।

4. थर्मोस्फीयर (Thermosphere)

यह परत लगभग 85 से 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैली होती है। थर्मोस्फीयर में तापमान बहुत अधिक होता है, लेकिन यहाँ वायु बहुत पतली होती है।

थर्मोस्फीयर में उपग्रहों का संचालन किया जाता है और यहाँ ऑरोरा जैसे प्राकृतिक दृश्य भी होते हैं। मैंने कई बार अपने छात्रों को इसके बारे में बताया है, जिससे वे विज्ञान के प्रति अधिक रुचि रखने लगे हैं।

5. एक्सोस्फीयर (Exosphere)

यह वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है, जो लगभग 600 किलोमीटर से शुरू होकर अंतरिक्ष में फैली हुई है। यहाँ वायु बहुत कम है और यह अंतरिक्ष में जाने की पहली कड़ी है।

छात्र अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि क्या यहाँ कोई जीवन है? मैंने उन्हें बताया कि यहाँ जीवन संभव नहीं है क्योंकि यहाँ कोई ऑक्सीजन नहीं है और तापमान अत्यधिक होता है।

वायुमंडल की परतों का महत्व

वायुमंडल की परतें हमारे जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह ग्रीनहाउस गैसों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं और हमारे जलवायु को स्थिर रखने में सहायक होती हैं।

मेरे छात्रों का कहना है कि जब वे वायुमंडल के महत्व को समझते हैं, तो वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक सक्रिय हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, वे वृक्षारोपण के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित होते हैं।

सुपर टीईटी 2026 परीक्षा के लिए तैयारी के सुझाव

यदि आप सुपर टीईटी 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:

  1. 1. सिलेबस को समझें: वायुमंडल को लेकर पाठ्यक्रम को समझें और यह जानें कि किस विषय पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है।
  2. 2. अभ्यास करें: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का हल करें ताकि आप परीक्षा में आने वाले प्रश्नों का अंदाज़ा लगा सकें।
  3. 3. ग्रुप स्टडी: दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें ताकि आप एक-दूसरे से ज्ञान साझा कर सकें।
  4. 4. नोट्स बनाएं: छोटे-छोटे नोट्स बनाएं ताकि आप महत्वपूर्ण तथ्यों को याद रख सकें।
  5. 5. स्वास्थ्य का ध्यान रखें: स्वस्थ रहें ताकि आप अच्छी तरह से पढ़ाई कर सकें।

निष्कर्ष

वायुमंडल की परतें न केवल विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि ये हमारे जीवन में भी गहरा प्रभाव डालती हैं। सुपर टीईटी 2026 की तैयारी के दौरान, इस विषय को गंभीरता से लेना आवश्यक है। हमेशा याद रखें, मेहनत का फल मीठा होता है।

आशा करता हूँ कि ये नोट्स आपको परीक्षा में मदद करेंगे और आपको वायुमंडल के बारे में अधिक जानने की प्रेरणा देंगे।

SUPER TET Study Notes & Material

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SUPER TET Notes Details

नीचे दी गई तालिका में महत्वपूर्ण विवरण दिए गए हैं। (Important details are provided in the table below.)
पदार्थविशेषताएँउदाहरण
ट्रोपोस्फियरहमारी पृथ्वी के सबसे निकट, मौसम संबंधी गतिविधियाँ होती हैं।बारिश, बादल
स्ट्रेटोस्फियरओजोन परत यहाँ है, वायुमंडल का दूसरा स्तर।ओजोन परत
मेसोस्फियरउच्चतम तापमान, उल्काओं का जलना यहाँ होता है।उल्का
थर्मोस्फियररॉकेट उड़ान और आइसोफेरिक गतिविधियाँ होती हैं।चमकदार आकाश
एक्सोस्फियरवायुमंडल का अंतिम स्तर, उपग्रह यहाँ होते हैं।उपग्रह

SUPER TET Additional Notes Details

वायुमंडलीय परतऊंचाई (किमी)मुख्य घटक
ट्रोपोस्फियर0-12नाइट्रोजन, ऑक्सीजन
स्ट्रेटोस्फियर12-50ओजोन
मेसोस्फियर50-85हाइड्रोजन, हीलियम
थर्मोस्फियर85-600ऑक्सीजन, नाइट्रोजन
एक्सोस्फियर600+हाइड्रोजन, हीलियम

SUPER TETविस्तृत जानकारी (Detailed Information)

Super TET EVS Layers of Atmosphere Notes

Super TET 2026: पर्यावरण अध्ययन में वायुमंडल की परतें

भविष्य के शिक्षकों के लिए Super TET परीक्षा एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परीक्षा में सफल होने के लिए एक ठोस अध्ययन सामग्री की आवश्यकता होती है। इस लेख में, हम वायुमंडल की परतों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जो कि पर्यावरण अध्ययन (EVS) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वायुमंडल की परतें

वायुमंडल को विभिन्न परतों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशेषताएँ और कार्य हैं। वायुमंडल का मुख्य कार्य पृथ्वी की सतह को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना और जीवन को बनाए रखना है। यहाँ हम वायुमंडल की पाँच प्रमुख परतों का अध्ययन करेंगे:

  1. ट्रोपोस्फीयर
  2. स्ट्रेटोस्फीयर
  3. मेसोस्फीयर
  4. थर्मोस्फीयर
  5. एक्सोस्‍फीयर
1. ट्रोपोस्फीयर

ट्रोपोस्फीयर पृथ्वी की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली हुई है। यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है और यहाँ मौसम की घटनाएँ होती हैं।

  • इस परत में वायुमंडलीय गैसों का उच्चतम घनत्व होता है।
  • यहाँ तापमान ऊँचाई के साथ कम होता है।
  • बादल और वर्षा इसी परत में बनते हैं।
2. स्ट्रेटोस्फीयर

स्ट्रेटोस्फीयर ट्रोपोस्फीयर के ऊपर स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 50 किलोमीटर तक होती है। यहाँ ओजोन परत होती है, जो पृथ्वी के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  • इस परत में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है।
  • यहाँ सामान्यत: मौसम की गतिविधियाँ नहीं होती।
  • ओजोन गैस सूर्य की हानिकारक UV किरणों को अवशोषित करती है।
3. मेसोस्फीयर

मेसोस्फीयर लगभग 50 से 85 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली हुई है। यहाँ तापमान फिर से कम होने लगता है। यह परत सामान्यत: उल्काओं के जलने का स्थान होती है।

  • यहाँ तापमान -90 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है।
  • उल्का इसी परत में जलते हैं और चमकदार तल का निर्माण करते हैं।
4. थर्मोस्फीयर

थर्मोस्फीयर लगभग 85 से 600 किलोमीटर तक फैली हुई है। इस परत में तापमान बहुत अधिक होता है और यहाँ आयनोज़ीन गैसें पाई जाती हैं।

  • यहाँ तापमान 2000 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है।
  • यहाँ पर प्राणाली और रेडियो तरंगों का संचार होता है।
5. एक्सोस्‍फीयर

एक्सोस्‍फीयर वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है, जिसकी ऊँचाई 600 किलोमीटर से अधिक है। यहाँ पर गैसें बहुत पतली होती हैं और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से मुक्त होने लगती हैं।

  • यहाँ की गैसें मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम होती हैं।
  • यहाँ से उपग्रह भी प्रक्षिप्त होते हैं।

वायुमंडल की परतों का महत्व

वायुमंडल की परतों का हमारा जीवन में अत्यधिक महत्व है। इनकी मदद से हम सुरक्षित रह सकते हैं और पृथ्वी पर जीवन का निरंतरता संभव हो पाता है। ये परतें:

  • सूर्य की विकिरण से सुरक्षा करती हैं।
  • पृथ्वी पर मौसम के घातक परिवर्तन को संतुलित करती हैं।
  • जीवों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन का चक्र बनाए रखती हैं।

अध्ययन के उपयोगी सुझाव

Super TET परीक्षा के लिए अध्ययन करते समय कुछ सुझावों का पालन करना आवश्यक है:

  1. नियमितता: रोजाना अध्ययन करें, ताकि आप सभी विषयों को अच्छी तरह से समझ सकें।
  2. समस्या हल करना: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी।
  3. ग्रुप स्टडी: अपने दोस्तों के साथ मिलकर अध्ययन करें। इससे आप एक-दूसरे के ज्ञान को बढ़ा सकेंगे।

संबंधित प्रश्न और उत्तर

प्रश्न उत्तर
वायुमंडल की सबसे निचली परत कौन सी है? ट्रोपोस्फीयर
ओजोन परत किस परत में स्थित है? स्ट्रेटोस्फीयर
एक्सोस्‍फीयर की ऊँचाई कितनी है? 600 किलोमीटर से अधिक

छात्रों की चुनौतियाँ

मेरे अनुभव के अनुसार, छात्रों को वायुमंडल की परतों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में अक्सर कठिनाइयाँ होती हैं। कुछ सामान्य चुनौतियाँ हैं:

  • जटिलता: परतों की जटिलता और उनकी विशेषताएँ समझने में समय लग सकता है।
  • याद करना: छात्रों को विभिन्न परतों के कार्य और ऊँचाई को याद रखने में समस्या होती है।
  • प्रवृत्तियों का अध्ययन: छात्रों को अक्सर यह पता नहीं होता कि किस प्रकार के प्रश्न परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

निष्कर्ष

वायुमंडल की परतें न केवल विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि ये जीवन के लिए भी आवश्यक हैं। Super TET परीक्षा में सफलता पाने के लिए, छात्रों को इन परतों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अगर आप नियमित अध्ययन करें, कठिनाईयों का सामना करें और उचित संसाधनों का उपयोग करें, तो आप निश्चित रूप से परीक्षा में सफल होंगे।

सामग्री लेखक: [आपका नाम]

परीक्षा वर्ष: 2026

SUPER TET Important Tips & Guidelines

Super TET EVS Layers of Atmosphere Notes

Super TET 2026: पर्यावरण अध्ययन (EVS) - वायुमंडल की परतें

वायुमंडल हमारे ग्रह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पृथ्वी के चारों ओर फैला हुआ है। यह जीवन के लिए आवश्यक विभिन्न तत्वों को प्रदान करता है। सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी करते समय, वायुमंडल की परतों का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस नोट्स में हम वायुमंडल की परतों, उनकी विशेषताओं, और उनकी महत्वपूर्णता के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

वायुमंडल की परतें

वायुमंडल चार मुख्य परतों में विभाजित है:

  • ट्रॉपोस्फीयर (Troposphere)
  • स्ट्रैटोस्फीयर (Stratosphere)
  • मेसोस्फीयर (Mesosphere)
  • थर्मोस्फीयर (Thermosphere)
  • एक्सोस्फीयर (Exosphere)

1. ट्रॉपोस्फीयर (Troposphere)

ट्रॉपोस्फीयर वायुमंडल की सबसे निचली परत है और यह लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली होती है। इस परत में मौसम संबंधी सभी घटनाएँ होती हैं। यहाँ पर वायुमंडल का लगभग 75% गैसें पाई जाती हैं।

विशेषताएँ:

  • यहाँ तापमान ऊँचाई के साथ घटता है।
  • यह पृथ्वी के जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान करता है।
  • इसमें वाष्पीकरण और वर्षा जैसी प्रक्रियाएँ होती हैं।
  • यहाँ वायु की घनत्व अधिक होती है।

2. स्ट्रैटोस्फीयर (Stratosphere)

स्ट्रैटोस्फीयर ट्रॉपोस्फीयर के ऊपर स्थित है और यह लगभग 15 से 50 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली है। इस परत में ओजोन परत पाई जाती है, जो सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से सुरक्षा करती है।

विशेषताएँ:

  • यहाँ तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है।
  • ओजोन परत के कारण यह UV विकिरण से रक्षा करती है।
  • इस परत में जलवायु परिवर्तन और वायुमंडलीय प्रक्रिया का प्रभाव कम होता है।

3. मेसोस्फीयर (Mesosphere)

मेसोस्फीयर स्ट्रैटोस्फीयर के उपर है, जो लगभग 50 से 85 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। यहाँ तापमान फिर से गिरता है।

विशेषताएँ:

  • यहाँ तापमान फिर से ऊँचाई के साथ घटता है।
  • इस परत में उल्काएँ जलती हैं।
  • यह सबसे कम गैसों की घनत्व वाले क्षेत्रों में से एक है।

4. थर्मोस्फीयर (Thermosphere)

थर्मोस्फीयर मेसोस्फीयर के ऊपर है और यह लगभग 85 से 600 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैलता है। यहाँ तापमान बहुत अधिक हो सकता है, लेकिन घनत्व बहुत कम होता है।

विशेषताएँ:

  • यहाँ तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है।
  • यह वातावरण के चारों ओर उपग्रहों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
  • यहाँ आइसोलेटर और आयन होते हैं।

5. एक्सोस्फीयर (Exosphere)

एक्सोस्फीयर वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है, जो लगभग 600 किलोमीटर से शुरू होती है और आगे बढ़ती जाती है। इस परत में गैसें बहुत ही कम घनत्व में होती हैं।

विशेषताएँ:

  • यहाँ अंतरिक्ष और वायुमंडल का मेल होता है।
  • यहाँ गैसें अक्सर मुक्त रूप में होती हैं।
  • यह ग्रह के बाहरी वातावरण की सीमा बनाती है।

वायुमंडल का महत्व

वायुमंडल हमारे लिए जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल जलवायु और मौसम को प्रभावित करता है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, कृषि, और पारिस्थितिकी तंत्र पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

वायुमंडल की परतें हमें हानिकारक विकिरण से बचाती हैं। जब ओजोन परत में कमी आती है, तो यह त्वचा कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

कृषि पर प्रभाव

विभिन्न जलवायु परिस्थितियाँ खेती के लिए अनुकूल होती हैं। इसलिए, वायुमंडल का स्थायित्व कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव

प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए, वायुमंडल की संरचना महत्वपूर्ण है। इसके बिना, जीवन को बनाए रखना बहुत कठिन हो जाएगा।

परीक्षा की तैयारी के टिप्स

सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण टिप्स का पालन करना आवश्यक है। यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  1. नियमित अध्ययन: रोजाना कम से कम 2-3 घंटे का अध्ययन समय निर्धारित करें। यह आपको ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा।
  2. पुनरावलोकन: जो आपने सीखा है, उसका नियमित रूप से पुनरावलोकन करें। इससे आपके ज्ञान को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
  3. मॉक टेस्ट: नियमित मॉक टेस्ट लें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न और समय प्रबंधन में मदद मिलेगी।
  4. समय प्रबंधन: सब्जेक्ट्स को कैसे प्राथमिकता देनी है, इसका एक योजना बनायें।
  5. सकारात्मक सोच: सकारात्मक सोच रखें और खुद पर विश्वास करें। यह आपको तनाव कम करने में मदद करेगा।

व्यक्तिगत अनुभव

जब मैं सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहा था, तो मैंने वायुमंडल की परतों पर एक विशेष ध्यान दिया था। मेरे शिक्षक ने हमें कई बार बताया था कि यह विषय परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है। मुझे याद है कि मैंने वायुमंडल की परतों का अध्ययन करते समय कुछ चित्र बनाए थे, जिससे मुझे बेहतर समझने में मदद मिली।

बहुत से छात्रों को वायुमंडल की परतें समझने में कठिनाई होती है, लेकिन अगर आप उन्हें नियमित अध्ययन और चित्रण के माध्यम से समझें, तो यह विषय आसान हो जाएगा।

निष्कर्ष

वायुमंडल की परतें न केवल पृथ्वी के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह सुपर टीईटी परीक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सही तैयारी और नियमित अध्ययन करके, आप इस विषय में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

अंत में, अपने अध्ययन में धैर्य और समर्पण रखना न भूलें। आपकी मेहनत और लगन निश्चित रूप से आपको सफलता दिलाएगी।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

ट्रोपोस्फियर वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जहां जीवन के लिए आवश्यक अधिकांश गतिविधियाँ होती हैं। इसका औसत ऊँचाई लगभग 12 किलोमीटर होती है। यहाँ मौसम, बादल और वर्षा जैसी घटनाएँ होती हैं। यह परत हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सभी जीव-जंतु और पौधे इसी में रहते हैं। इसमें वायुमंडल की अन्य परतों की तुलना में सबसे अधिक घनत्व होता है।

स्ट्रेटोस्फियर, ट्रोपोस्फियर के ऊपर स्थित है, और इसकी ऊँचाई लगभग 12 से 50 किलोमीटर तक होती है। यहाँ ओजोन परत स्थित है, जो पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से बचाने में मदद करती है। यह परत मौसम के परिवर्तन में कम योगदान देती है और स्थिर होती है। इसमें ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है, जो इसे विशेष बनाता है। यह पायलट और विमानों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उड़ान भरने का एक सुरक्षित स्थान है।

मेसोस्फियर, वायुमंडल की तीसरी परत है, जो 50 से 85 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह परत तापमान में कमी के लिए जानी जाती है, जो लगभग -90 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यहाँ जलती हुई उल्काएँ देखी जा सकती हैं, जो हमें एक अद्भुत दृश्य प्रदान करती हैं। यह परत ऊपरी वायुमंडल में अच्छी स्थिति प्रदान करती है। इस परत में मैसोस्फेरिक बादल भी देखे जाते हैं।

थर्मोस्फियर लगभग 85 से 600 किलोमीटर की ऊँचाई पर फैली होती है। यहाँ तापमान बहुत अधिक होता है, जो कि लगभग 2,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। इस परत में रॉकेटों की उड़ान होती है और आइसोफेरिक गतिविधियाँ होती हैं। यह परत आंतरिक्ष में जाने वाले उपग्रहों के लिए महत्वपूर्ण है। इस परत में अलग-अलग गैसों का मिश्रण होता है, जिसमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन प्रमुख हैं।

एक्सोस्फियर वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है, जो 600 किलोमीटर से अधिक ऊँचाई पर स्थित है। इसमें गैसें इतनी पतली होती हैं कि ये सीधे अंतरिक्ष में समाहित हो जाती हैं। यहाँ उपग्रह और अंतरिक्ष यात्री होते हैं। यह परत अन्य परतों के मुकाबले अधिक विस्तृत है और इसमें हाइड्रोजन और हीलियम का प्रमुख योगदान होता है। एक्सोस्फियर में अंतरिक्ष में जाने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाई जाती है।

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