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Mock Tests 2026

Super TET के लिए गणित में वर्गमूल की तेज़ गणना तकनीकें

असाधारण टीचर परीक्षा के लिए तेज़ गणना तकनीकें!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-09 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

गणित के विषय में वर्गमूल ऐसी एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो न केवल Super TET परीक्षा में महत्वपूर्ण है, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी। बहुत से छात्र वर्गमूल की गणना करते समय कई बार समय लेते हैं, लेकिन यहाँ कुछ तेज़ तकनीकों का उपयोग करके आप इसे सरल बना सकते हैं। जब मैंने अपने छात्रों को ये तकनीकें सिखाईं, तो उन्होंने देखा कि कैसे वे आसानी से और जल्दी सवाल हल कर सकते हैं। वर्गमूल का सही उपयोग आपके अंक बढ़ाने में मदद कर सकता है, तो चलिए इन खास तकनीकों पर नज़र डालते हैं।

वर्गमूल की परिभाषा

वर्गमूल एक ऐसी संख्या है, जिसे किसी संख्या द्वारा गुणा करने पर हमें मूल संख्या प्राप्त होती है। उदाहरण के लिए, 4 का वर्गमूल 2 है क्योंकि 2×2=4। एक महत्वपूर्ण बात जो छात्रों को समझनी चाहिए, वह यह है कि वर्गमूल का उपयोग गणित में केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्यामिति और सांख्यिकी में भी व्यापक उपयोग होता है।

परीक्षा में वर्गमूल से संबंधित प्रश्न कई प्रकार से आ सकते हैं। जब मैं अपने छात्रों को ये प्रश्न हल करते देखता हूँ, तो मुझे खुशी होती है कि वे इन मूलभूत अवधारणाओं को सही तरीके से समझते हैं और उनका उपयोग करते हैं।

वर्गमूल की महत्ता

वर्गमूल की गणना परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह कई गणितीय समस्याओं का एक मूलभूत हिस्सा है। विद्यार्थी जो वर्गमूल को अच्छे से समझते हैं, वे सामान्यतः उनके प्रश्नों को तेजी से हल कर लेते हैं। इससे समय की बचत होती है, जो परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है।

मैंने देखा है कि पिछले वर्षों में Super TET परीक्षा में वर्गमूल से लगभग 8-10 प्रश्न पूछे गए हैं। अगर आप इस विषय पर अच्छी तैयारी कर लेते हैं, तो यह आपके सामान्य अंक को काफी सुधार सकता है।

वर्गमूल की गणना के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकें

वर्गमूल की गणना के लिए कई तकनीकें हैं, जैसे कि अनुमान लगाना और विशेष संख्याओं का उपयोग करना। उदाहरण के लिए, अगर हमें √50 की गणना करनी है, तो हम उसे √(25×2) लिख सकते हैं, जो कि 5√2 के बराबर होगा। यह तकनीक न केवल तेज़ है, बल्कि सही भी है।

जब मैं अपने छात्रों को ये तकनीकें दिखाता हूँ, तो उन्हें गणित में मज़ा आने लगता है। बहुत से छात्र यह गलती करते हैं कि वे केवल कच्चे ज्ञान पर निर्भर रहते हैं, लेकिन सटीक तकनीकों का उपयोग करते हुए आप विभिन्न प्रश्नों को हल कर सकते हैं।

  • √9 = 3
  • √16 = 4
  • √25 = 5
  • √36 = 6
  • √49 = 7
  • √64 = 8

साधारण वर्गमूल की पहचान

कई छात्र वर्गमूल को पहचानने में कठिनाई महसूस करते हैं। पहचानने के लिए, आपको कुछ सामान्य वर्गों को याद रखना होगा। जैसे 1 से 10 तक के वर्ग और उनके वर्गमूल। उदाहरण के लिए, 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81 और 100।

ये संख्या आपको तेजी से गणनाएँ करने में मदद करेंगी। मैं जब छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो वे अक्सर मुझसे कहते हैं कि यह याद करना आसान होता है। और यकीन मानिए, यह याद रखने से गणना सरल हो जाती है।

एक महत्वपूर्ण टिप यह है कि हमेशा कठिन संख्याओं को आसान संख्याओं से जोड़ने की कोशिश करें। यह आपकी गणना को तेज बना सकता है।

वर्गमूल के प्रकार

वर्गमूल को दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है — पूर्ण वर्ग और अपूर्ण वर्ग। पूर्ण वर्ग वह हैं, जिनका वर्गमूल एक पूर्णांक है, जैसे 1, 4, 9, 16 आदि। अपूर्ण वर्ग वे हैं, जिनका वर्गमूल पूर्णांक नहीं होता, जैसे 2, 3, 5, 7 आदि।

इनके बीच का अंतर जानकर आप अपने प्रश्नों को तेजी से हल कर सकते हैं। जब मैंने इनका अंतर समझाया, तो मेरे छात्रों ने तुरंत यह जान लिया कि उन्हें कैसे सवालों को हल करना है।

  • पूर्ण वर्ग: 1, 4, 9, 16
  • अपूर्ण वर्ग: 2, 3, 5, 7
  • संख्याओं का वर्गमूल निकालना और पहचानना
  • गणित की परीक्षा में रणनीति
  • गणितीय अभिव्यक्तियों का उपयोग
  • सामान्य संख्याएँ और उनके गुणनफल

वर्गमूल का प्रयोग

वर्गमूल का उपयोग विभिन्न गणितीय समस्याओं में होता है, जैसे त्रिकोणमिति, कैलकुलस, और सांख्यिकी। यह गणित का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आपको गहराई से समझना होगा।

अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में वर्गमूल से जुड़े प्रश्न आते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप इसे अच्छे से समझें। मैंने पिछले वर्षों में देखा है कि छात्रों को वर्गमूल के प्रश्नों में सबसे ज्यादा समस्या होती है।

जब आप वर्गमूल पर काम कर रहे हों, तो हमेशा ध्यान रखें कि कुछ गणनाओं में गड़बड़ी न हो। संभव हो तो कागज पर चीज़ें लिखकर करें।

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र

पिछले वर्षों के Super TET प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने पर यह पता चलता है कि वर्गमूल से संबंधित प्रश्न दोहराए जाते हैं। इससे आप यह समझ सकते हैं कि किस तरह के प्रश्न परीक्षा में आते हैं।

इसलिए, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करना एक अच्छी रणनीति हो सकती है। इसमें आप न केवल अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी गति भी सुधार सकते हैं।

गणित में वर्गमूल से संबंधित प्रश्नों का समाधान

एक सामान्य समस्या जो छात्र फेल करते हैं, वह है वर्गमूल के प्रश्नों को सटीकता से हल करना। विशेष रूप से साधारण और अपूर्ण वर्गों को समझना महत्वपूर्ण है।

जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो मैं उन्हें बताता हूँ कि उन्हें धैर्य से काम लेना चाहिए और पहले सभी नियमों को अच्छे से समझना चाहिए। इससे उन्हें सवाल हल करने में आसानी होगी।

  • √81 = 9
  • √18 = 3√2
  • √32 = 4√2
  • √45 = 3√5
  • √72 = 6√2
  • √50 = 5√2

Why Take Mock Tests?

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Available Mock Tests

SUPER TET Full Mock Test 1

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SUPER TET Full Mock Test 2

150 Min | 150 Qs Free

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SUPER TET Previous Year Paper

120 Min | 100 Qs

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Test Series Features

सर्वश्रेष्ठ तैयारी रणनीति

Super TET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस योजना बनाना आपको सफलता की ओर ले जा सकता है। सबसे पहले, आपको पाठ्यक्रम का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि किस विषय में आपकी स्थिति क्या है। मैंने देखा है कि कई छात्र तैयारी करते समय केवल एक या दो विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। लेकिन एक संतुलित दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।

इसके बाद, महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करें, जैसे कि गणित में वर्गमूल और उसके संबंधित मुद्दे। यदि आप इन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो इससे आपके अंकों में सुधार होगा। मेरे छात्रों ने इस माध्यम से अति उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हैं।

महिना-दर-महिना अध्ययन योजना

आप इस तरह एक महीने की योजना बना सकते हैं: पहले महीने में वर्गमूल की मूल बातें सीखें, दूसरे महीने में संबंधित प्रश्न हल करें और तीसरे महीने में मॉक टेस्ट लें। यह समय में आपकी तैयारी को विभाजित करके आपको बेहतर समझ दे सकता है। इस योजना के अनुसार पढ़ाई करने से आपको विषय गहराई में समझ में आएगा।

मैंने देखा है कि जो छात्र योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करते हैं, वे सामान्यतः घबराते नहीं हैं और परीक्षा के दिन बेहतर प्रदर्शन करते हैं। आपकी आत्म-विश्वास की भावना बढ़ जाती है।

विषयवार विभाजन और अंक का वेटेज

गणित में भिन्न, प्रतिशत, और वर्गमूल जैसे विषयों का अनुपात काफी महत्वपूर्ण होता है। मुझे याद है कि पिछले साल की परीक्षा में 20% प्रश्न गणित से आए थे।

इसलिए, विषयों का व्यवस्थित अध्ययन न केवल आपको अच्छे अंक दिला सकता है, बल्कि परीक्षा में आत्म-विश्वास भी बनाए रख सकता है। मैंने अपने छात्रों से हमेशा कहा है कि विषय का वेटेज समझना आवश्यक है।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

यहाँ उन विषयों की सूची है, जिन पर आपको ध्यान केंद्रित करना चाहिए:

  • वर्गमूल
  • भिन्न
  • प्रतिशत
  • समीकरण
  • त्रिकोणमिति
  • संख्यात्मक विश्लेषण

सर्वश्रेष्ठ किताबें

आपकी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें हैं। जैसे कि:

  • NCERT Mathematics: सरल भाषा में विषय को समझाने वाली यह पुस्तक मददगार है।
  • Quantitative Aptitude by R.S. Aggarwal: गणित के महत्वपूर्ण विषयों को कवर करती है।
  • Fast Track Objective Arithmetic by Rajesh Verma: तेज़ गणना तकनीकों पर आधारित पुस्तक।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

अधिकांश छात्रों के लिए कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच का निर्णय कठिन हो सकता है। कोचिंग के फ़ायदे यह हैं कि आपको मार्गदर्शन मिलता है।

लेकिन आत्म-अध्ययन से आपको स्वतंत्रता मिलती है। मैंने कई बार देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, वे ज्यादा आत्म-विश्वास महसूस करते हैं। लेकिन अगर आप समर्पित हैं तो आत्म-अध्ययन भी प्रभावी हो सकता है।

विशेषज्ञ टिप: खुद को अनुशासित रखना और नियमित अंतराल पर अध्ययन करना आपको सफलता दिला सकता है।

समय प्रबंधन

सही समय प्रबंधन का मतलब है कि आपको अपने अध्ययन के समय को कैसे व्यवस्थित करना है। मैं जब भी छात्रों को ये सिखाता हूँ, तो मैं कहता हूँ कि उन्हें सुबह का समय सबसे अच्छा समझना चाहिए। संख्याएँ थोड़ी ताज़गी महसूस करती हैं।

हर रोज़ एक समय पर पढ़ाई करना आपको स्थिरता दे सकता है। मैंने छात्रों को यह भी बताया है कि उनकी प्रगति की ट्रैकिंग करने के लिए एक शेड्यूल बनाना जरुरी है। यह आपको आपकी प्रगति को देखने में मदद करेगा।

अंतिम 30 दिनों की दोहराई रणनीति

परीक्षा से पहले 30 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन दिनों में आपको अपने सभी विषयों को अच्छी तरह से रिवाइज करना चाहिए। मैं अक्सर सलाह देता हूँ कि पुराने प्रश्नपत्रों को हल करें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि परीक्षा में किन प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं।

पुनरावलोकन करते समय यह ध्यान रखें कि कठिन विषयों पर ध्यान विशेष रूप से अधिक होना चाहिए। अगर एक खास विषय में कठिनाई आ रही है, तो उसे प्राथमिकता दें।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

वर्गमूल की तेज़ गणना के लिए, विशेष संख्याओं का गुणन करने वाली तकनीकों का प्रयोग करें। जैसे कि √50 को √(25 × 2) के रूप में लिखा जा सकता है, जिससे आप इसे 5√2 में परिवर्तित कर सकते हैं। लगातार अभ्यास से आप तेजी से वर्गमूल की गणना सीख सकते हैं।

हाँ, Super TET परीक्षा में वर्गमूल से संबंधित प्रश्न सामान्यतः सीधे या अनुपात में पूछे जाते हैं। पिछले वर्षों में अध्ययन करने पर पता चला है कि वर्गमूल से लगभग 8-10 प्रश्न आ सकते हैं। इसलिए, आपको इस विषय पर गहन अध्ययन करना चाहिए।

वर्गमूल के प्रश्नों की तैयारी के लिए आप पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास, अवधारणाओं की स्पष्टता और तेजी से हल करने की तकनीकों का उपयोग करें। मैंने देखा है कि गणित के बुनियादी सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करना आपको प्रश्नों को सही तरीके से हल करने में मदद करता है।

Super TET परीक्षा में नकारात्मक अंकन की व्यवस्था नहीं है। इसका मतलब है कि यदि आप किसी सवाल का उत्तर गलत देते हैं, तो आपके अंक घटाए नहीं जाएंगे। यह आपको अपनी प्रवृत्ति के अनुसार प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा।

Super TET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है। मेरा सुझाव है कि आप मॉक परीक्षण लें और कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आप परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे।

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