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Mock Tests 2026

सुपर TET 2026: भारतीय संविधान के भागों पर MCQ

सुपर TET 2026 के लिए संविधान के भागों के MCQ यहाँ हैं!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-09 · हिंदी

SUPER TET Mock Test Series — Overview

सुपर TET परीक्षा में सफलता पाने के लिए, भारतीय संविधान के भागों पर MCQs का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। ये प्रश्न न केवल आपकी तैयारी को मज़बूत बनाते हैं, बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने का भी एक साधन हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि पिछले वर्षों में इस विषय से कई प्रश्न पूछे गए हैं। इस लेख में हम भारतीय संविधान के विभिन्न भागों के बारे में जानेंगे और उनके महत्वपूर्ण MCQs को हल करेंगे। यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

भारतीय संविधान की परिभाषा

भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है, जो देश के राजनीतिक ढाँचे, सिद्धांतों और मूल्यों का निर्धारण करता है। इस संविधान के अंतर्गत सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्राप्त होता है। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो पहले हम संविधान की मूल बातें समझते हैं। इसलिए, इसे समझना महत्वपूर्ण है।

संविधान की पहली प्रति 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था, और तब से यह भारत के राजनीतिक सिस्टम की आधारशिला बना हुआ है। इसके माध्यम से नागरिकों को कई मौलिक अधिकार और कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं। आपको पता होना चाहिए कि संविधान को लिखने में डॉ. भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

संविधान के भाग

भारतीय संविधान को विभिन्न भागों में बाँटा गया है, जिनमें प्रत्येक भाग में निश्चित विषयों का विवरण है। संविधान के पारगमन के दौरान, इसे कई बार संशोधित किया गया है ताकि यह समय की जरूरतों के अनुसार संगत बना रहे। मैंने देखा है कि छात्रों के लिए इस विषय का सही ज्ञान परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद करता है।

संविधान के मुख्य भागों में मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नीति निर्देशक तत्व आदि शामिल हैं। इन भागों का गहरा अध्ययन करना आवश्यक है, क्यूंकि इनमें से कई प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं।

  • संविधान के भाग 1: केंद्र और राज्य
  • संविधान के भाग 2: नागरिकता
  • संविधान के भाग 3: मौलिक अधिकार
  • संविधान के भाग 4: नीति निर्देशक तत्व
  • संविधान के भाग 5: केंद्र का शासन
  • संविधान के भाग 6: राज्य का शासन

संविधान का महत्व

भारतीय संविधान का महत्व हमारे समाज और संस्कृति में बहुत गहरा है। यह न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि हमें कर्तव्यों की ओर भी इंगित करता है। बहुत से छात्र इस तथ्य को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि संविधान एक ढाँचा है जो हमारे देश को संगठित करता है।

जब मैं अपने छात्रों को यह पढ़ाता हूँ, तो मैं हमेशा यह बताता हूँ कि संविधान हमारे व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन में किस प्रकार योगदान देता है। पिछले 5 वर्षों में, मैंने देखा है कि विधानसभा चुनावों में संविधान से संबंधित प्रश्न अत्यधिक पूछे जाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: संविधान का निर्माण एक संघर्ष का परिणाम था और इसे तैयार करने में 2 वर्ष और 11 महीने लगे थे।

भारतीय संविधान के भागों का संक्षिप्त विवरण

भारतीय संविधान के विभिन्न भागों का संक्षिप्त विवरण जानना आवश्यक है। जैसे भाग 1 में भारत की संघीय संरचना और राज्य की सीमाओं का उल्लेख है। भाग 2 में नागरिकता के प्रावधान हैं।

हर भाग में विशेषताएँ और नियम होते हैं जो हमें उन विषयों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। जब मैंने छात्रों को इस विषय का अध्ययन कराया, तो मैंने उन्हें सुझाव दिया कि वे हर भाग के मुख्य बिंदुओं को नोट करें। क्योंकि ये अक्सर MCQs में पूछे जाते हैं।

  • भाग 1: संघीय ढांचा
  • भाग 2: नागरिकता के विषय
  • भाग 3: मौलिक अधिकारों की सुरक्षा
  • भाग 4: नीति निर्देशक तत्वों की समझ
  • भाग 5: केंद्र का प्रशासन
  • भाग 6: राज्य का प्रशासन

MCQs के महत्व

MCQs के माध्यम से छात्रों को विषय की गहरी समझ होती है। यह तकनीक छात्रों को त्वरित ज्ञान विकसित करने में मदद करती है। मेरे अनुभव में, MCQs हल करने से छात्रों के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

एक आसान ट्रिक बता रहा हूँ — तैयारी करते समय हर रोज़ 10-15 MCQs हल करें। इससे आपको विषय की गहराई समझने में मदद मिलेगी। यह तरीका आपको परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करेगा।

विशेष टिप: MCQs हल करते समय समय का प्रबंधन करें। इससे आपकी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ेगी।

पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न

पिछले 5 वर्षों में, मैंने देखा है कि भारतीय संविधान से संबंधित प्रश्न हर बार परीक्षा में आते हैं। इस विषय को अच्छे से तैयार करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, 2024 की सुपर TET परीक्षा में 10 प्रश्न इस विषय से आए थे।

इसलिए, इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी तैयारी को मजबूती दे सकते हैं। पढ़ाई करते समय किसी भी महत्वपूर्ण बिंदु को चूकना नहीं चाहिए।

प्रश्न पत्र का ढाँचा

सुपर TET परीक्षा का प्रश्न पत्र विभिन्न विषयों से मिलकर बना होता है। संविधान के भागों से संबंधित प्रश्नों का विशेष स्थान है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों की अद्यतन जानकारी से आप अपने अध्ययन को सही दिशा में मोड़ सकते हैं।

इस विषय के तहत विभिन्न भागों के प्रश्नों की संख्या बदलती है। उदाहरण के लिए, अगर एक वर्ष में 5 प्रश्न आए हैं, तो अगली बार यह संख्या घट भी सकती है।

सामान्य गलतियाँ: कई छात्र केवल महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हर भाग का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है।

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Test Series Features

तैयारी की संपूर्ण रणनीति

सुपर TET के लिए तैयारी करते समय, सबसे पहले एक सटीक योजना बनाना आवश्यक है। यह योजना आपकी पढ़ाई को सुचारू बनाएगी और आपको हर विषय को अच्छी तरह से कवर करने में मदद करेगी। मैंने पिछले 5 वर्षों में कई छात्रों को सलाह दी है कि वे एक टाइम टेबल बनाएं।

टाइम टेबल में हर विषय के लिए समय निर्धारित करें, ताकि आप सभी विषयों पर समान ध्यान दे सकें। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जो छात्र समय का सही उपयोग करते हैं, उन्हें सफलता मिलती है।

विशेष टिप: हर हफ्ते अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करें, ताकि आप अपनी ताकत और कमज़ोरियों को जान सकें।

महीना-दर-महीना अध्ययन योजना

पहले महीने में, मैं आपको दो मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दूंगा। इसके बाद, धीरे-धीरे अन्य विषयों में प्रवेश करें। मैंने देखा है कि महीने में एक विषय को गहराई से समझने से ज्यादा लाभ होता है।

दूसरे महीने में, आप MCQs पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इस दौरान, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिलेगा।

विषय अनुसार तैयारी और अंक विभाजन

सुपर TET परीक्षा में विभिन्न विषयों का गहरा अध्ययन आवश्यक है। हर विषय में अंकों का विभाजन अलग होता है। उदाहरण के लिए, मौलिक अधिकारों पर आधारित प्रश्न अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि संविधान के विभिन्न भागों से संबंधित प्रश्नों से अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, इस विषय पर फोकस करें।

  • संविधान का भाग 1: 5 अंक
  • संविधान का भाग 2: 4 अंक
  • संविधान का भाग 3: 10 अंक
  • संविधान का भाग 4: 6 अंक
  • संविधान का भाग 5: 8 अंक
  • संविधान का भाग 6: 7 अंक

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

सुपर TET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। यह विषय अक्सर प्रश्न पत्र में शामिल होते हैं। मैंने पिछले अनुभव से कहा है कि इन विषयों का अध्ययन करना बेहद फायदेमंद है।

  • मौलिक अधिकार
  • संविधान के संशोधन
  • नागरिकता के अधिकार
  • राज्य के नीति निर्देशक तत्व
  • केंद्र और राज्य का शासन
  • संविधान की विशेषताएँ

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

संविधान के विषय पर कुछ बेहतरीन किताबें हैं, जो आपकी तैयारी में सहायक होंगी। इनमें से कुछ किताबें निम्नलिखित हैं। मैंने अपने छात्रों को हमेशा सलाह दी है कि इन्हें जरुर पढ़ें।

1. "Indian Polity" - M. Laxmikanth: यह पुस्तक हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी है।
2. "Constitution of India" - Dr. B. R. Ambedkar: संविधान की मूल बातें समझने के लिए यह पुस्तक आदर्श है।
3. "Introduction to the Constitution of India" - Durga Das Basu: यह पुस्तक संविधान के विस्तृत ज्ञान के लिए बेहतरीन है।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच एक संतुलन बनाना आवश्यक है। मैंने कई छात्रों को देखा है, जो कोचिंग पर निर्भर रहते हैं, जबकि कुछ पूरी तरह से आत्म-अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आत्म-अध्ययन करने से आप अपनी गति और समय प्रबंधन को बेहतर बना सकते हैं।

दूसरी ओर, कोचिंग से आपकी तैयारी में गाइडेंस और स्ट्रक्चर मिलता है। दोनों विधियों के फायदे हैं। इसलिए, आपको यह तय करना चाहिए कि आपकी स्थिति के अनुसार कौन सा तरीका बेहतर है।

विशेष टिप: सप्ताह में एक बार अपनी प्रगति का विश्लेषण करें, ताकि आपके अध्ययन में सुधार हो सके।

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

सुपर TET परीक्षा की तैयारी करते समय सभी छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, और भारतीय संविधान जैसे विषयों का अध्ययन करना चाहिए। हाल के वर्षों में परीक्षा में इन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से, भारतीय संविधान पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। यह विषय न केवल परीक्षा में बल्कि शिक्षक बनने की प्रक्रिया में भी बहुत उपयोगी है।

सुपर TET परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, आपको शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। जिन उम्मीदवारों ने B.Ed. या D.El.Ed. जैसे पाठ्यक्रम किए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। सुनिश्चित करें कि आपकी आयु सीमा भी निर्धारित मानकों के अनुसार है।

भारतीय संविधान की तैयारी के लिए आप "Indian Polity" - M. Laxmikanth, "Constitution of India" - Dr. B. R. Ambedkar, और "Introduction to the Constitution of India" - Durga Das Basu जैसी पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं। ये पुस्तकें न केवल जानकारीपूर्ण हैं बल्कि प्रतिस्पर्धी परीक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर आप सही किताबें चुनते हैं, तो आपकी तैयारी और मजबूत होगी।

सुपर TET परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसका मतलब है कि यदि आप किसी प्रश्न का गलत उत्तर देते हैं, तो आपके अंकों में कोई कटौती नहीं होगी। हालाँकि, सही उत्तर के लिए आपको अंक प्राप्त होंगे। इसलिए, अगर आप किसी प्रश्न को सही करने का विश्वास रखते हैं, तो उसे जरूर हल करें, क्योंकि गलत उत्तर देने से अंक की हानि नहीं होगी।

सुपर TET परीक्षा का परिणाम सामान्यत: परीक्षा के बाद 1-2 महीने के भीतर घोषित किया जाता है। इससे उम्मीदवारों को परिणाम का इंतजार करने का समय मिलता है। परिणाम ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित होते हैं। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप अधिक जानकारी और संभावित कट-ऑफ से जुड़े अपडेट्स की नियमितता से जाँच करते रहें।

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