सुपर टीईटी की तैयारी के लिए अंग्रेजी नॉन फिनाइट क्रियाएँ!
Start Free Mock Test Now!Founder & Director, Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.
Updated: 2026-08-10 · हिंदी
देखिए दोस्तों, जब हम अंग्रेजी भाषा में सीखते हैं, तो नॉन फिनाइट वर्ब्स का महत्व बहुत अधिक होता है। नॉन फिनाइट वर्ब्स, जिनमें इंग्लिश के इनफिनिटिव शामिल हैं, हमें वाक्य में क्रिया के विभिन्न रूपों का उपयोग करने की अनुमति देते हैं। इनफिनिटिव्स को 'to' के साथ प्रयोग किया जाता है और वे बिना किसी विशेषता के होते हैं। इस अध्याय में, हम इन वर्ब्स के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे, जो सुपर टीईटी परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि यह टॉपिक कई छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अगर इसे अच्छे से समझ लिया जाए तो आपकी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
नॉन फिनाइट वर्ब्स वे क्रियाएँ होती हैं जो एक वाक्य में विशेषता या काल का प्रदर्शन नहीं करती हैं। इसे हम 'infinitives', 'gerunds', और 'participles' के रूप में वर्गीकृत कर सकते हैं। इनफिनिटिव्स का निर्माण 'to' के साथ मुख्य क्रिया के रूप में होता है, जैसे 'to run', 'to dance' आदि। उन्हें वाक्य में कई स्थानों पर प्रयोग किया जा सकता है, जैसे कि वाक्य के आरंभ में, मध्य में, या अंत में।
जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें इसका मुख्य सिद्धांत समझाता हूँ। उदाहरण के लिए, 'to eat' एक इनफिनिटिव है जो भोजन करने की प्रक्रिया को दर्शाता है, लेकिन यह किसी विशिष्ट समय या व्यक्ति के साथ जुड़ा नहीं होता। इस कारण, यह छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
इनफिनिटिव्स का उपयोग अंग्रेजी में बहुत समय से होता आ रहा है। भाषा के विकास के साथ-साथ इनका प्रयोग भी विस्तारित हुआ है। उदाहरण के लिए, शेक्सपियर के समय में इनफिनिटिव्स का प्रयोग अधिक औपचारिक तरीके से किया जाता था। यह भाषा में रचनात्मकता और विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, इनफिनिटिव्स के अध्ययन में एक नई दिशा देखने को मिली है। अब यह छात्रों के लिए न केवल भाषा का एक हिस्सा हैं, बल्कि उन्हें परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का एक साधन भी माना जाता है।
इनफिनिटिव्स का महत्व न केवल भाषा में, बल्कि दैनिक बातचीत में भी है। जब आप किसी क्रिया को सामान्य रूप से व्यक्त करना चाहते हैं, तो इनफिनिटिव्स का प्रयोग करने से आपका वाक्य अधिक स्पष्ट और अर्थपूर्ण बनता है। यह विशेष रूप से छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें पढ़ाई और संवाद में अधिक प्रभावी बना सकता है।
बहुत से छात्र यह गलती करते हैं कि वे इनफिनिटिव्स का प्रयोग केवल लिखित भाषा में करते हैं, लेकिन इसे मौखिक भाषा में भी उपयोग करना चाहिए। इससे आपकी भाषा अधिक धाराप्रवाह और स्वाभाविक लगेगी।
अंग्रेजी में मुख्यतः दो प्रकार के इनफिनिटिव्स होते हैं: पूर्ण और अपूर्ण। पूर्ण इनफिनिटिव्स में 'to' का उपयोग किया जाता है, जैसे 'to go', जबकि अपूर्ण इनफिनिटिव्स में 'to' का प्रयोग नहीं होता है, जैसे 'go'. इस तरह के विभाजन से छात्रों को समझने में मदद मिलती है कि किस संदर्भ में किस प्रकार का इनफिनिटिव्स प्रयोग करना है।
जब मैंने पिछले साल के छात्रों को यह सिखाया, तो मैंने देखा कि उनका ध्यान इनफिनिटिव्स के इन प्रकारों पर ज्यादा केंद्रित था। इससे उन्हें अपनी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने में सहायता मिली।
नॉन फिनाइट वर्ब्स की अन्य श्रेणियाँ भी हैं जैसे Gerunds और Participles। Gerunds वर्ब्स को -ing के साथ उपयोग करते हैं और यह एक क्रिया का नाम देते हैं। उदाहरण के लिए, 'running' या 'swimming'. यह एक गतिविधि को दर्शाते हैं, जबकि Participles विशेषण का काम करते हैं।
जब मैं छात्रों को यह टॉपिक समझाता हूँ, तो मैं उन्हें उदाहरणों के माध्यम से इसकी व्याख्या करता हूँ। उदाहरण के लिए, 'running water' में 'running' एक Participial है, जो जल की स्थिति को स्पष्ट करता है। इस प्रकार के उदाहरण देकर उन्हें सब कुछ आसानी से समझाने में मदद मिलती है।
सुपर टीईटी परीक्षा में इनफिनिटिव्स से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। मैंने देखा है कि पिछले कुछ वर्षों में इस टॉपिक से लगभग 8-10 प्रश्न हर बार आते हैं। यदि आप इनफिनिटिव्स को सही से समझ लेते हैं, तो आपको परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सिर्फ ग्रंथों में नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी इनफिनिटिव्स का उपयोग अक्सर किया जाता है। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप अपनी विचारों को स्पष्टता से व्यक्त कर पाएंगे।
जब हम इनफिनिटिव्स के बारे में बात करते हैं, तो हमें उनके वास्तविक उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। जैसे 'to learn' एक इनफिनिटिव है, जिससे हम यह व्यक्त करते हैं कि किसी विषय को जानने की इच्छा है। जब मैं अपने विद्यार्थियों को यह बताता हूँ, तो उनके लिए इसे समझना आसान हो जाता है।
हमें हमेशा इनफिनिटिव्स के साथ प्रयोग करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। जैसे 'to study' को एक योजना के रूप में उपयोग करना, जो आपको मार्गदर्शन देता है कि आपको क्या करना है।
Exact pattern questions with timed interface
Subject-wise performance report
Focus your preparation strategically
Practice in your preferred language
सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी करना एक सुनियोजित प्रक्रिया होती है। सबसे पहले, आपको विषयों की रूपरेखा को समझना होगा। ध्यान दें कि परीक्षा की संरचना का एक स्पष्ट रूपरेखा है, जिसमें सबसे अधिक अंक जितने वाले विषयों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे पहले उन विषयों पर ध्यान दें, जिनसे सबसे अधिक अंक मिलते हैं।
पिछले साल मैंने देखा कि छात्रों ने विशेष रूप से नॉन फिनाइट वर्ब्स पर ध्यान केंद्रित किया और उनका परिणाम भी बेहतर आया। यदि आप अध्ययन की योजना बनाते हैं, तो अपनी रुचियों के अनुसार स्कोर करने वाले विषयों को प्राथमिकता दें।
एक व्यवस्थित महीना-दर-महीना अध्ययन योजना बनाना महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख पास आती है, आप अपने अध्ययन में सुधार कर सकते हैं। पहले महीने में, आपको सामान्य सिद्धांतों का अध्ययन करना चाहिए और पिछले प्रश्न पत्रों को हल करना चाहिए।
दूसरे महीने में, आपके पास ज्ञान को मजबूत करने का समय होगा। इसमें आप प्रत्येक विषय पर विशेष ध्यान देंगे, और इससे आपको आत्म-संवर्धन में मदद मिलेगी। इस तरह की योजना बनाई जाए तो सफलता की संभावना अधिक होती है।
सुपर टीईटी परीक्षा में प्रत्येक विषय का विशिष्ट अंक भार होता है। जैसे कि अंग्रेजी में नॉन फिनाइट वर्ब्स से 20 अंक की उम्मीद की जा सकती है। मैंने पिछले कुछ सालों में यह देखा है कि ऐसे विषयों से प्रश्न अधिक बार आते हैं, इसलिए इन्हे ध्यान से अध्ययन करना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, अन्य विषयों जैसे गणित, विज्ञान, और गणित से 15-20 अंक की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए, कुल 150 अंकों की परीक्षा में, अंग्रेजी का एक अच्छा हिस्सा होना चाहिए।
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए:
इस विषय पर अध्ययन करने के लिए कुछ बेहतरीन पुस्तकें निम्नलिखित हैं:
कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच कई फायदे और नुकसान होते हैं। कोचिंग में एक structured गाइडेंस मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन में स्वायत्तता होती है। मैंने अपने छात्रों से सुना है कि कोचिंग कर रहे छात्रों को विषयों की बेहतर स्पष्टता होती है।
हालांकि, आत्म-अध्ययन में लचीलापन होता है, जिससे आप व्यक्तिगत गति से अध्ययन कर सकते हैं। यह छात्रों के लिए प्राथमिकता के अनुसार बदल सकता है।
समय प्रबंधन सुपर टीईटी की तैयारी में महत्वपूर्ण है। एक संरचित दैनिक कार्यक्रम बनाएं जो आपके सभी विषयों को कवर कर सके। मैं अपने छात्रों को अक्सर कहता हूँ कि सुबह का समय सुनहरा होता है, इसलिए इसे पढ़ाई के लिए उचित रूप से उपयोग करें।
एक योजना बनाएं जिसमें एक संतुलित अध्ययन समय और आराम का समय हो ताकि आप थकावट से बचे रहें।
परीक्षा से 30 दिन पहले, आपको एक सख्त पुनरावृत्ति कार्यक्रम शुरू करना चाहिए। इससे आपकी सभी महत्वपूर्ण जानकारी को रिफ्रेश करने का समय मिलेगा। मैंने नोटिस किया है कि इस चरण में पिछले प्रश्न पत्र हल करने से बहुत मदद मिलती है।
दिन प्रतिदिन के लक्ष्यों का निर्माण करें ताकि आप एक निश्चित दिशा में बढ़ सकें। पुनरावृत्ति के दौरान, आप अपने कमजोर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें।