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List

सुपर टीईटी 2026 के लिए शीर्ष 10 EVS टॉपिक्स

Super TET 2026 के लिए EVS टॉपिक्स की जानकारी

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.Founder & Director Unictest. M.Sc (Maths) MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET KVS DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-10 · हिंदी

SUPER TET List — Overview

दोस्तों, आज हम सुपर टीईटी परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण EVS टॉपिक्स के बारे में चर्चा करेंगे। परीक्षा की तैयारी में सही विषयों की पहचान करना बहुत जरूरी है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि ये टॉपिक्स हर साल परीक्षा में काफी अंक लेकर आते हैं। इसलिए, इसमें ध्यान देने से आपका स्कोर बेहतर होगा। चलिए, इन टॉपिक्स को विस्तार से समझते हैं!

1. पर्यावरण प्रदूषण

पर्यावरण प्रदूषण एक महत्वपूर्ण विषय है जो शुद्धता और स्थिरता में बाधा डालता है। इसमें जल, वायु और भूमि प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं को समझा जाता है। पिछले वर्ष की परीक्षा में इस विषय से 10 अंक के प्रश्न आए थे।

इस विषय में हम विभिन्न प्रदूषकों, उनके स्रोतों और उनके प्रभावों के बारे में अध्ययन करते हैं। मेरा सुझाव है कि आप इस विषय को गहराई से समझें, क्योंकि यह न केवल परीक्षा में मददगार है बल्कि वास्तविक जीवन में भी महत्वपूर्ण है।

2. पारिस्थितिकी एवं पारिस्थितिक तंत्र

पारिस्थितिकी और पारिस्थितिक तंत्र का अध्ययन जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है। इसमें जीवों के बीच संबंध और उनका पर्यावरण पर प्रभाव शामिल है। इस विषय को सही तरीके से समझने से परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ती है।

पारिस्थितिक तंत्र के प्रकार, उनके घटक और उनके कार्यों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। इसे पिछले वर्ष की परीक्षाओं में 8 अंक का महत्व दिया गया था।

  • समुद्री पारिस्थितिकी
  • स्थलीय पारिस्थितिकी
  • ऊर्जा प्रवाह
  • पारिस्थितिक संतुलन
  • पर्यावरण संतुलन
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन

3. जैव विविधता

जैव विविधता का महत्व आजकल के बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में अत्यधिक बढ़ गया है। यह विषय जीवों की विविधता और उनके संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करता है।

हमारे आसपास की जैव विविधता का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि यह पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इस विषय पर पिछले साल 12 अंक के प्रश्न पूछे गए थे।

इस विषय की तैयारी में ध्यान दें कि आप स्थानीय जैव विविधता के पहलुओं को भी शामिल करें।

4. जल चक्र

जल चक्र पृथ्वी पर जल के निरंतर प्रवाह की प्रक्रिया को दर्शाता है। यह हमें समझाता है कि जल किस प्रकार से वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा के माध्यम से चक्कर लगाता है। इस विषय पर प्रश्नों का महत्व परीक्षा में अत्यधिक है।

पिछले वर्षों में इस विषय से 10 से 15 अंक तक के प्रश्न आने की संभावना रहती है। इसे अच्छे से समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भूगोल से भी संबंधित है।

  • वाष्पीकरण
  • सघनन
  • वर्षा
  • जल निकासी
  • जल पुनर्चक्रण
  • जल का महत्व

5. जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन का विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण है, विशेषकर आज की वैश्विक समस्याओं के संदर्भ में। इसमें विभिन्न जलवायु बदलावों के प्रभाव और मानव जीवन पर इसके प्रभावों की चर्चा होती है।

पिछले साल की परीक्षाओं में इस विषय से 10 अंक के प्रश्न पूछे गए थे। इसे गहराई से समझने से आपको न केवल परीक्षा में बल्कि समाज में भी बेहतर विचारधारा विकसित करने में मदद मिलेगी।

6. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक महत्वपूर्ण विषय है। यह हमें सिखाता है कि कैसे हमें अपनी उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। इस विषय में जल, वायु और भूमि संसाधनों का संरक्षण शामिल है।

इस विषय की सही समझ से आप न केवल खुद को परीक्षा में बेहतर बना सकेंगे, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बढ़ा सकेंगे। परीक्षा में इस विषय से प्रश्नों की संख्या 8-10 होती है।

ध्यान दें, बहुत से छात्र इस विषय को हल्के में लेते हैं, यह एक बड़ी गलती है!

7. खाद्य श्रृंखला

खाद्य श्रृंखला का समझना जीवों के बीच संबंधों को स्पष्ट करने में मदद करता है। यह हमें यह सिखाता है कि कौन से जीव दूसरों का पोषण करते हैं और इससे पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन कैसे बनता है।

पिछले वर्ष इस विषय से 10 अंक का महत्व था। इसे ध्यान में रखते हुए, खाद्य श्रृंखला से संबंधित चार्ट और ग्राफ का अध्ययन करना सहायक होगा।

8. पर्यावरणीय नीतियाँ

पर्यावरणीय नीतियाँ एक महत्वपूर्ण विषय है। वर्तमान में सरकार द्वारा लागू की जाने वाली नीतियों को समझना बेहद जरूरी है। इसमें ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण की नीतियाँ शामिल हैं।

इस विषय को समझने का लाभ यह है कि जो भी प्रश्न इस विषय पर पूछे जाते हैं, उनका सीधा संदर्भ वर्तमान घटनाओं से होता है। पिछले साल इस विषय से 8-10 अंक के प्रश्न आए थे।

  • प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम
  • जलवायु परिवर्तन अधिनियम
  • जैव विविधता अधिनियम
  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन
  • सूखे से निपटने की नीति
  • वन संरक्षण नीतियाँ

9. पर्यावरणीय कानून

पर्यावरणीय कानूनों की जानकारी होना आवश्यक है। इससे हम समझ सकते हैं कि कैसे विभिन्न कानूनों का पालन करके हम पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। यह विषय पिछले वर्ष 6-8 अंक का महत्व रखता है।

इस विषय के अंतर्गत आने वाले कुछ महत्वपूर्ण कानूनों को जानकर आप किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम होंगे।

10. जल संरक्षण

जल संरक्षण आज के समय का सबसे महत्वपूर्ण विषय है। इसमें जल के सही उपयोग और उसके संरक्षण के उपायों की चर्चा होती है।

इस विषय पर कई परीक्षाओं में 10-12 अंक के प्रश्न आते हैं। इसे समझना न केवल परीक्षा में बल्कि समाज में भी महत्वपूर्ण है।

SUPER TET List Details

नीचे दी गई तालिका में महत्वपूर्ण विवरण दिए गए हैं। (Important details are provided in the table below.)
विषयमहत्व
पर्यावरण प्रदूषण10 अंक
पारिस्थितिकी एवं पारिस्थितिक तंत्र8 अंक
जैव विविधता12 अंक
जल चक्र10 अंक
जलवायु परिवर्तन10 अंक
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण8-10 अंक
खाद्य श्रृंखला10 अंक
पर्यावरणीय नीतियाँ8-10 अंक
पर्यावरणीय कानून6-8 अंक
जल संरक्षण8-10 अंक

SUPER TET Additional List Details

पिछले वर्ष के कट-ऑफआवश्यक तिथियाँ
2024: 75 अंकपरीक्षा तिथि: 2026
2025: 78 अंकआवेदन की अंतिम तिथि: 2026
2023: 70 अंकसिलेबस की घोषणा: 2026
2022: 65 अंकपरीक्षा का प्रारूप: 2026
2021: 60 अंकचिंतन बैठक की तिथि: 2026
2020: 55 अंकप्रवेश पत्र की जारी तिथि: 2026

SUPER TETविस्तृत जानकारी (Detailed Information)

सर्वश्रेष्ठ तैयारी रणनीति

दोस्तों, सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी के लिए एक सही रणनीति का होना बहुत आवश्यक है। सबसे पहले, आपको निर्धारित विषयों को अच्छी तरह से समझना होगा। आप माइंड मैप्स बनाकर और नोट्स तैयार करके अपने ज्ञान को संक्षेप में रख सकते हैं।

मैंने अपने छात्रों को सुझाव दिया है कि वे प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे इन टॉपिक्स पर ध्यान दें। इससे आपको विषयों की गहराई समझने में मदद मिलेगी।

माह-दर-माह अध्ययन योजना

आपकी तैयारी की गति को बनाए रखने के लिए एक मासिक अध्ययन योजना बनाना बहुत ही फायदेमंद है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में आप सभी 10 टॉपिक्स में से 3-4 विषयों को कवर करें। दूसरे महीने में शेष विषयों पर ध्यान केंद्रित करें।

अपनी योजना में एग्जाम से 2 महीने पहले रिवीजन का समय अवश्य शामिल करें। यह समय आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण रहेगा।

Expert Tip: कठिन विषयों पर समय अधिक दें।

विषयवार वितरण

सुपर टीईटी परीक्षा में विषयों का वितरण और अंक का महत्व समझना बहुत जरूरी है। जैसे कि पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं और इससे संबंधित प्रश्न अधिक आते हैं।

परीक्षा में 150 अंकों में से लगभग 30-35 अंक इन विषयों से आते हैं। इसलिए, इन्हें प्राथमिकता देना सही रहेगा।

महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची

अब मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची प्रदान कर रहा हूँ, जिन पर ध्यान देना चाहिए:

  • जल चक्र
  • पारिस्थितिकी
  • जैव विविधता
  • प्रदूषण
  • जल संरक्षण
  • पर्यावरणीय नीति

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

आपकी तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन पुस्तकें हैं, जैसे कि NCERT की किताबें और अन्य पर्यावरण विज्ञान की विशेष किताबें। ये आपको समझने में मदद करेंगी और आप उन्हें अपनी अध्ययन सामग्री में शामिल कर सकते हैं।

अन्य अच्छी किताबों में टीचर एलीमेंटरी विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान शामिल हैं। ये पुस्तकें आपको गहराई से ज्ञान प्रदान करेंगी।

Expert Tip: हमेशा नवीनतम संस्करणों को खरीदें।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्यान

बेशक, कोचिंग का लाभ उठाना एक अच्छा विकल्प है लेकिन आत्म-अध्यान करना भी अत्यधिक लाभकारी हो सकता है। हालाँकि, इसमें अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है।

मैंने देखा है कि छात्र यदि सही संसाधनों का उपयोग करें तो आत्म-अध्यान से अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

समय प्रबंधन और दैनिक अनुसूची

समय प्रबंधन में दक्षता प्राप्त करना सफलता की कुंजी है। मैं सलाह दूंगा कि आप अपनी दिनचर्या में अध्ययन के लिए निश्चित समय निर्धारित करें। यदि आप सुबह की दिनचर्या में सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करते हैं, तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

मैंने अपने कई छात्रों से सुना है कि उन्हें सोने से पहले महत्वपूर्ण टॉपिक्स की समीक्षा करना अच्छा लगता है। यह प्रभावी भी होता है।

SUPER TET Important Tips & Guidelines

परीक्षा के दिन की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आराम से उठना बहुत आवश्यक है। सुनिश्चित करें कि आप समय पर तैयार हों और अपने सभी आवश्यक दस्तावेज़ साथ रखें जैसे कि एडमिट कार्ड और पहचान पत्र।

परीक्षा में जाने से पहले हल्का और पौष्टिक नाश्ता करना न भूलें। यह आपकी ऊर्जा को बनाए रखने में मदद करेगा।

ध्यान दें, कई छात्र जरूरी वस्तुओं को लाना भूल जाते हैं!

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

हमेशा परीक्षा की तैयारी में कुछ सामान्य गलतियाँ होती हैं। इसे समझना और उनसे बचना बहुत महत्वपूर्ण है।

  • अंतिम समय में तैयारी
  • महत्वपूर्ण टॉपिक्स को नजरअंदाज करना
  • असंगठित अध्ययन
  • ज्यादा तनाव लेना
  • अवांछित सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना
  • समय का सही उपयोग न करना

अंतिम 7-दिन रिवीजन योजना

परीक्षा से पहले के 7 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। आपको प्रत्येक विषय का पुनरावलोकन करना चाहिए और उन टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आपको कमजोर लगते हैं।

एक दैनिक योजना बनाएं कि आप किस विषय पर दिन में कितने घंटे देंगे। यह आपको ज़रूरत के अनुसार सही दिशा में ले जाएगा।

याद रखें, इस आखिरी हफ्ते में आप प्राथमिकता टॉपिक्स पर ध्यान दें।

अपेक्षित कट-ऑफ

पिछले वर्षों के अनुसार, सुपर टीईटी परीक्षा का कट-ऑफ स्तर वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है। जैसे 2024 में यह 75 अंक था, वहीं 2025 में यह 78 अंक तक पहुंच गया।

इस बार उम्मीद है कि कट-ऑफ और भी अधिक होने की संभावना है। इसलिए, सही तैयारी और समझ जरूरी है।

करियर स्कोप और सफलता के बाद

सुपर टीईटी परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद आपको कई अवसर मिल सकते हैं। जैसे, आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं, और यह आपके करियर की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

जो छात्र इस परीक्षा में सफल होते हैं, उन्होंने अपनी मेहनत और सही तैयारी से यह सफलताएँ प्राप्त की हैं।

आपको हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए और बार-बार प्रयास करते रहना चाहिए!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

सुपर टीईटी परीक्षा में EVS विषय से लगभग 25-30 प्रश्न आते हैं। इन प्रश्नों का वजन परीक्षा के कुल अंकों में 30-35 अंक होता है। यह प्रतिशत हर साल भिन्न हो सकता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यही पैटर्न देखा गया है। इसलिए, इस विषय के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

जी हाँ, सुपर टीईटी परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 साल और अधिकतम आयु सीमा 40 साल है। हालांकि, विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कुछ छूटें दी जा सकती हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।

सुपर टीईटी परीक्षा की तैयारी के लिए NCERT की किताबें अच्छी होती हैं, विशेषकर कक्षा 6-8 की पर्यावरण अध्ययन की किताबें। इसके अलावा, 'टीचर एलीमेंटरी विज्ञान' और 'पर्यावरण विज्ञान' की विशेष किताबें भी सहायक हो सकती हैं। इनका चयन आपके ज्ञान को गहरा बनाने में मदद करेगा।

सुपर टीईटी परीक्षा में कुल 150 अंक होते हैं, जिसमें 150 प्रश्न होते हैं। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं और सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाता है। गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की नकारात्मक मार्किंग होती है। यह पैटर्न आपको अपने उत्तरों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा।

सुपर टीईटी परीक्षा के परिणाम आमतौर पर परीक्षा के 4-6 सप्ताह बाद घोषित किए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसा देखा गया है कि परिणाम की घोषणा पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित समय पर होती है। इसलिए, परीक्षा के बाद संबंधित वेबसाइट पर नियमित रूप से चेक करें।

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