Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Eligibility 2026

UP Assistant Teacher Reservation Criteria 2026: Caste-wise Details for SUPER TET | यूपी सहायक अध्यापक आरक्षण

UP Assistant Teacher Bharti 2026: Caste-wise Reservation Criteria Explained | यूपी सहायक अध्यापक भर्ती आरक्षण नीति

Start Free Mock Test

SUPER TET Eligibility Criteria 2026

Namaste future teachers! यूपी सहायक अध्यापक भर्ती, जिसे हम SUPER TET के नाम से भी जानते हैं, लाखों युवाओं का सपना है। इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि इसके नियमों को समझना भी उतना ही ज़रूरी है। खासकर आरक्षण नीति (Reservation Policy) को लेकर अक्सर छात्रों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं। कौन सी कैटेगरी को कितना आरक्षण मिलेगा? EWS क्या है? OBC नॉन-क्रीमी लेयर का मतलब क्या है? आज इस डिटेल्ड गाइड में, हम इन सभी सवालों के जवाब देंगे और UP Assistant Teacher Bharti 2026 के लिए जाति-वार आरक्षण (Caste-wise Reservation) के हर पहलू को बारीकी से समझेंगे।


Dekhiye dosto, सरकारी नौकरी में आरक्षण का प्रावधान समाज के विभिन्न वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है। उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक भर्ती में भी यह नियम लागू होता है। मेरी सालों की टीचिंग एक्सपीरियंस में मैंने देखा है कि कई बार स्टूडेंट्स को आरक्षण के नियमों की सही जानकारी न होने के कारण वे आवेदन में गलती कर देते हैं या फिर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय परेशानी झेलते हैं। इसलिए, यह सेक्शन आपके लिए एक मास्टर गाइड की तरह काम करेगा।


उत्तर प्रदेश सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण का मूल ढाँचा

यूपी में सरकारी भर्तियों में आरक्षण मुख्यतः दो प्रकार का होता है: Vertical Reservation (ऊर्ध्वाधर आरक्षण) और Horizontal Reservation (क्षैतिज आरक्षण)।
1. Vertical Reservation (ऊर्ध्वाधर आरक्षण): यह आरक्षण SC (अनुसूचित जाति), ST (अनुसूचित जनजाति) और OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) को उनकी जनसंख्या के अनुपात में दिया जाता है। यह आरक्षण सामान्य श्रेणी की सीटों को प्रभावित करता है और इन श्रेणियों के उम्मीदवार अपनी मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी की सीटों पर भी चयनित हो सकते हैं।
2. Horizontal Reservation (क्षैतिज आरक्षण): यह आरक्षण महिलाओं, दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities - PwD), भूतपूर्व सैनिकों (Ex-servicemen) और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों (Dependents of Freedom Fighters - DFF) को दिया जाता है। यह आरक्षण उनकी संबंधित Vertical Category (जैसे, एक OBC महिला को OBC श्रेणी में ही महिला आरक्षण का लाभ मिलेगा) के भीतर ही लागू होता है।


Expert Tip: बहुत से छात्र सोचते हैं कि क्षैतिज आरक्षण से उनकी कैटेगरी की सीटें कम हो जाती हैं। ऐसा नहीं है! यह सिर्फ आपकी कैटेगरी के भीतर कुछ सीटें विशेष वर्गों के लिए आरक्षित करता है, ताकि सभी को प्रतिनिधित्व मिल सके।

श्रेणी-वार आरक्षण प्रतिशत (Category-wise Reservation Percentage)

उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के अनुसार, UP Assistant Teacher भर्ती में विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित आरक्षण प्रतिशत लागू होते हैं:


  • अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC): आमतौर पर, SC वर्ग के उम्मीदवारों को लगभग 21% आरक्षण प्रदान किया जाता है। यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी आरक्षित श्रेणियों में से एक है।
  • अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe - ST): ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए लगभग 2% आरक्षण निर्धारित है। इस वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या UP में कम होने के कारण यह प्रतिशत SC से कम होता है।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (Other Backward Class - OBC): OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को 27% आरक्षण का लाभ मिलता है। यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके लिए 'नॉन-क्रीमी लेयर' का प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (Economically Weaker Section - EWS): सामान्य श्रेणी के उन उम्मीदवारों के लिए EWS आरक्षण लागू होता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके तहत 10% आरक्षण दिया जाता है। यह 2019 से लागू हुआ है और SUPER TET 2026 में भी इसका लाभ मिलेगा।
  • दिव्यांगजन (Persons with Disabilities - PwD): दिव्यांग उम्मीदवारों को 4% क्षैतिज आरक्षण मिलता है। यह आरक्षण उनकी डिसेबिलिटी के प्रकार के अनुसार विभिन्न सब-कैटेगरी में बांटा जा सकता है।
  • महिला उम्मीदवार (Female Candidates): उत्तर प्रदेश में महिला उम्मीदवारों को सभी सरकारी भर्तियों में 20% क्षैतिज आरक्षण प्राप्त होता है। यह आरक्षण उनकी मूल श्रेणी (General, OBC, SC, ST, EWS) के भीतर ही लागू होता है।
  • भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen): भूतपूर्व सैनिकों को 5% क्षैतिज आरक्षण मिलता है। यह उनके सेवाकाल और अन्य नियमों पर आधारित होता है।
  • स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित (Dependents of Freedom Fighters - DFF): इन उम्मीदवारों को भी 2% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है।

मैंने कई बार देखा है कि EWS और OBC नॉन-क्रीमी लेयर को लेकर स्टूडेंट्स में बहुत कन्फ्यूजन रहता है। चलिए इसे थोड़ा और साफ करते हैं।


OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) की अवधारणा

OBC आरक्षण का लाभ केवल 'नॉन-क्रीमी लेयर' (Non-Creamy Layer) के उम्मीदवारों को ही मिलता है। 'क्रीमी लेयर' वे OBC उम्मीदवार होते हैं जिनके परिवार की वार्षिक आय एक निश्चित सीमा (वर्तमान में 8 लाख रुपये) से अधिक होती है या जिनके माता-पिता उच्च पदों पर कार्यरत होते हैं। अगर आप 'क्रीमी लेयर' में आते हैं, तो आपको OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा और आपको सामान्य श्रेणी में ही माना जाएगा। इसके लिए आपको 'OBC नॉन-क्रीमी लेयर' प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो हर साल या निर्धारित अवधि के बाद रीन्यू करवाना पड़ता है। मेरा सुझाव है कि आप आवेदन करने से पहले अपने प्रमाण पत्र की वैधता (validity) ज़रूर जांच लें।


EWS आरक्षण: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए

EWS आरक्षण उन सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित हैं:


  • परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार के पास 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक का आवासीय फ्लैट नहीं होना चाहिए।
  • अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट नहीं होना चाहिए।
  • गैर-अधिसूचित नगरपालिकाओं में 200 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट नहीं होना चाहिए।

EWS प्रमाण पत्र आपके तहसील या जिला कार्यालय से बनवाया जा सकता है। यह भी हर वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है। 2026 की भर्ती के लिए आपको नवीनतम वित्तीय वर्ष का EWS प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। मैंने देखा है कि कई छात्र EWS सर्टिफिकेट बनवाने में देर कर देते हैं और फिर अंतिम समय में परेशान होते हैं। समय रहते यह काम निपटा लें!


महत्वपूर्ण चेतावनी: आरक्षण का दावा करने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास सभी आवश्यक और वैध प्रमाण पत्र हों। गलत जानकारी या अमान्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर आपका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

याद रखिए, यह सिर्फ सीटों का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है उन सभी मेहनती छात्रों के लिए जो अपनी श्रेणी के कारण या आर्थिक स्थिति के कारण पीछे रह जाते हैं। Unictest पर हम हमेशा आपको सही और सटीक जानकारी देने का प्रयास करते हैं ताकि आपकी तैयारी में कोई बाधा न आए। अब आगे बढ़ते हैं और समझते हैं कि यह आरक्षण आपकी तैयारी और चयन प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है।

Eligibility at a Glance

Education

Graduation + B.Ed / D.El.Ed

Age Limit

18 – 35 Years (Relaxation applicable)

Nationality

Indian Citizen

Category-wise Eligibility

श्रेणी (Category)आरक्षण प्रतिशत (Reservation Percentage)टिप्पणी (Remarks)
सामान्य (General)कोई आरक्षण नहींमेरिट के आधार पर चयन, EWS को छोड़कर
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)10%सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) (नॉन-क्रीमी लेयर)27%केवल नॉन-क्रीमी लेयर के उम्मीदवारों के लिए
अनुसूचित जाति (SC)21%उत्तर प्रदेश के मूल निवासी SC उम्मीदवारों के लिए
अनुसूचित जनजाति (ST)2%उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ST उम्मीदवारों के लिए
महिला (Female)20% (क्षैतिज)उनकी मूल श्रेणी के भीतर
दिव्यांगजन (PwD)4% (क्षैतिज)विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता के लिए
भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen)5% (क्षैतिज)रक्षा सेवाओं में न्यूनतम सेवा के साथ
स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित (DFF)2% (क्षैतिज)स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों के लिए

SUPER TET — विस्तृत पात्रता मानदंड

Chaliye dosto, अब बात करते हैं कि इस आरक्षण नीति का आपकी SUPER TET 2026 की तैयारी और अंतिम चयन पर क्या असर पड़ेगा। सिर्फ नियमों को जानना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी रणनीति में शामिल करना भी ज़रूरी है। एक Mentor होने के नाते, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि 'Knowledge is Power' – और सही जानकारी आपको सही दिशा देती है।


आरक्षण का कट-ऑफ पर प्रभाव

यह एक सच्चाई है कि विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक अक्सर सामान्य वर्ग की तुलना में कम होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि सामान्य वर्ग का कट-ऑफ 100 है, तो OBC का 95, SC का 90 और ST का 85 हो सकता है (ये केवल सांकेतिक अंक हैं)। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कम मेहनत करनी है! मेरा सुझाव है कि आप हमेशा सामान्य वर्ग के कट-ऑफ को ही अपना लक्ष्य बनाएं। अगर आप उससे ऊपर स्कोर करते हैं, तो आपका चयन निश्चित है, चाहे आप किसी भी श्रेणी से हों। मैंने अपने कई छात्रों को देखा है जो आरक्षित श्रेणी से होने के बावजूद सामान्य वर्ग की कट-ऑफ क्लियर करके अपनी सीट पक्की करते हैं – यह दिखाता है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।


Expert Tip: Previous Year Cut-offs का विश्लेषण ज़रूर करें। इससे आपको अपनी श्रेणी और सामान्य वर्ग के कट-ऑफ का एक मोटा-मोटा अंदाजा लग जाएगा। Unictest की वेबसाइट पर आपको SUPER TET के पिछले वर्षों के कट-ऑफ का विस्तृत विश्लेषण मिल जाएगा।

आवश्यक प्रमाण पत्र और उनका सत्यापन (Document Verification)

आरक्षण का लाभ उठाने के लिए आपके पास सही और वैध प्रमाण पत्र होना सबसे ज़रूरी है। ये कुछ मुख्य दस्तावेज़ हैं जिनकी आपको आवश्यकता होगी:


  • जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): SC, ST, OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए। यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी होना चाहिए। OBC नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र की वैधता एक निश्चित अवधि की होती है, जिसे समय पर रीन्यू करवाना ज़रूरी है।
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): EWS और OBC नॉन-क्रीमी लेयर के लिए आवश्यक हो सकता है। EWS के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): उत्तर प्रदेश का अधिवास प्रमाण पत्र। यह दर्शाता है कि आप उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जो आरक्षण का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य है।
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate): PwD उम्मीदवारों के लिए, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी।
  • भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र (Ex-Servicemen Certificate): संबंधित सैन्य अथॉरिटी द्वारा जारी।
  • स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र (DFF Certificate): संबंधित अथॉरिटी द्वारा जारी।

सामान्य गलतियां जो छात्र करते हैं:
  • पुराना या अमान्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना।
  • केंद्र सरकार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना (राज्य सरकार की भर्तियों के लिए राज्य सरकार का प्रमाण पत्र चाहिए)।
  • नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग में गलती।
  • अंतिम तिथि तक प्रमाण पत्र न बनवा पाना।

मेरी सलाह है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपने सभी प्रमाण पत्र तैयार रखें। अगर कोई प्रमाण पत्र पुराना हो गया है, तो उसे तुरंत रीन्यू करवा लें। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान छोटी सी गलती भी आपके सपने को तोड़ सकती है। मैंने खुद देखा है कि कैसे कुछ छात्रों को सिर्फ इसलिए बाहर कर दिया गया क्योंकि उनके सर्टिफिकेट में एक छोटी सी टाइपिंग मिस्टेक थी। इसलिए, हर दस्तावेज़ को बहुत सावधानी से जांचें।


परीक्षा की तैयारी में आरक्षण का दृष्टिकोण

क्या आरक्षण को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए? मेरा जवाब है - हाँ और ना! हाँ, क्योंकि आपको अपनी श्रेणी के लाभ पता होने चाहिए। ना, क्योंकि आपका ultimate goal अधिकतम स्कोर करना होना चाहिए।


  • लक्ष्य ऊँचा रखें: हमेशा सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से 5-10 अंक अधिक लाने का लक्ष्य रखें। यह आपको एक सुरक्षित स्थिति में रखेगा।
  • कमजोरियों पर काम करें: उन विषयों पर ज़्यादा ध्यान दें जहाँ आप कमजोर महसूस करते हैं। हर अंक महत्वपूर्ण है।
  • मॉक टेस्ट का महत्व: नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें और अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करें। देखें कि आप अपनी श्रेणी और सामान्य वर्ग के अनुसार कहाँ खड़े हैं। Unictest पर आपको SUPER TET के लिए बेहतरीन मॉक टेस्ट सीरीज मिलेगी।
  • सही रणनीति: अपनी तैयारी को इस तरह से प्लान करें कि आप सभी विषयों पर बराबर ध्यान दे सकें। केवल आरक्षण के भरोसे न रहें, बल्कि अपनी काबिलियत पर भरोसा करें।

याद रखिए, सरकारी नौकरी में चयन एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। हर कदम सोच-समझकर उठाना होता है। आरक्षण एक सुविधा है, लेकिन आपकी मेहनत ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, सही जानकारी रखें और Unictest की टीम हमेशा आपके साथ है।

Important Notes

Toh chaliye, ab hum apne safar के अंतिम पड़ाव पर हैं। हमने आरक्षण के नियमों को समझा, उनके प्रभाव को जाना, और अब बात करते हैं कुछ अंतिम लेकिन बहुत महत्वपूर्ण बातों की – exam day tips, आम गलतियाँ और एक मोटिवेशनल क्लोजिंग। क्योंकि अंत भला तो सब भला!


परीक्षा के दिन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

परीक्षा का दिन सिर्फ आपकी पढ़ाई का नहीं, बल्कि आपकी तैयारी और सतर्कता का भी होता है।


  • सभी दस्तावेज़ तैयार रखें: एडमिट कार्ड के साथ, अपने जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र की मूल प्रति और फोटोकॉपी साथ रखें। कई बार सेंटर पर इनकी ज़रूरत पड़ सकती है, या कम से कम आपको मानसिक शांति रहेगी।
  • समय पर पहुँचें: परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुँचें। अंतिम समय की हड़बड़ी से बचें।
  • OMR शीट सावधानी से भरें: अपनी श्रेणी (Category) को OMR शीट पर सही से मार्क करें। यह एक छोटी सी गलती है जो बहुत भारी पड़ सकती है।
  • शांत रहें: अगर आपको लगता है कि किसी नियम को लेकर कोई कन्फ्यूजन है, तो तुरंत इनविजिलेटर से पूछें। गलत अनुमान न लगाएं।

आम गलतियाँ जो आपको नहीं करनी चाहिए

मैंने अपने करियर में बहुत से छात्रों को छोटी-छोटी गलतियों के कारण मौका गंवाते देखा है। आप ये गलतियाँ न करें:


Common Mistakes to Avoid:
  • आवेदन फॉर्म में गलत श्रेणी भरना: अगर आप आरक्षित श्रेणी से हैं लेकिन गलती से सामान्य भर देते हैं, तो बाद में सुधारना बहुत मुश्किल या असंभव हो सकता है।
  • जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर ध्यान न देना: खासकर OBC नॉन-क्रीमी लेयर के लिए, प्रमाण पत्र की अंतिम तिथि बहुत महत्वपूर्ण है।
  • केंद्र सरकार के प्रमाण पत्र जमा करना: यूपी की भर्ती के लिए यूपी सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे।
  • अंतिम समय में दस्तावेज़ बनवाने की कोशिश: सरकारी दफ्तरों में समय लगता है। हमेशा पर्याप्त समय पहले आवेदन करें।
  • गलत जानकारी देना: किसी भी दस्तावेज़ में गलत या झूठी जानकारी न दें। पकड़े जाने पर न केवल उम्मीदवारी रद्द होगी बल्कि कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

SUPER TET में चयन के बाद करियर स्कोप

एक बार जब आप SUPER TET क्लियर करके UP Assistant Teacher बन जाते हैं, तो आपके लिए एक स्थिर और सम्मानजनक करियर खुल जाता है। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक की नौकरी सिर्फ एक जॉब नहीं, बल्कि समाज सेवा और एक सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है। वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाएं इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं। आप प्राइमरी शिक्षा की नींव रखने वाले होते हैं, जो देश के भविष्य को आकार देते हैं। यह एक बहुत ही संतोषजनक करियर है।


Motivational Closing:
Dekhiye, दोस्तों! यह सफर आसान नहीं होगा, लेकिन असंभव भी नहीं है। हर मुश्किल आपको मजबूत बनाती है। आरक्षण एक सुविधा है, लेकिन आपकी लगन, आपकी मेहनत, आपका दृढ़ संकल्प ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। मुझे याद है, एक बार मेरे एक छात्र ने कहा था, 'सर, जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं!' यही जज्बा आपको रखना है। अपनी तैयारी पर विश्वास रखें, Unictest पर भरोसा रखें और अपने लक्ष्य पर अटल रहें। अगर आप यह लेख पढ़ रहे हैं, तो आप पहले से ही सही दिशा में हैं। अब बस एक्शन लेने का समय है। Go for it, future teachers! आपकी सफलता हमारा लक्ष्य है। जय हिंद!

🎯 Ready to Crack SUPER TET?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (SUPER TET)

UP Assistant Teacher भर्ती में ऊर्ध्वाधर (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) दोनों प्रकार का आरक्षण लागू होता है। ऊर्ध्वाधर आरक्षण SC (21%), ST (2%), और OBC नॉन-क्रीमी लेयर (27%) को मिलता है। EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए 10% ऊर्ध्वाधर आरक्षण का प्रावधान है। वहीं, क्षैतिज आरक्षण महिलाओं (20%), दिव्यांगजनों (4%), भूतपूर्व सैनिकों (5%) और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों (2%) को उनकी संबंधित श्रेणियों के भीतर दिया जाता है। यह नीति समाज के विभिन्न वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती है।

EWS (Economically Weaker Section) आरक्षण सामान्य वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिसके तहत 10% सीटें आरक्षित होती हैं। इसके लिए परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। साथ ही, परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि, 1000 वर्ग फुट से अधिक का आवासीय फ्लैट, या अधिसूचित/गैर-अधिसूचित नगरपालिकाओं में क्रमशः 100/200 वर्ग गज से अधिक का आवासीय प्लॉट नहीं होना चाहिए। इस आरक्षण का लाभ उठाने के लिए वैध EWS प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जो प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।

OBC आरक्षण का लाभ केवल 'नॉन-क्रीमी लेयर' (Non-Creamy Layer) के उम्मीदवारों को मिलता है, अर्थात जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं है और जिनके माता-पिता उच्च सरकारी पदों पर नहीं हैं। यदि कोई उम्मीदवार 'क्रीमी लेयर' में आता है, तो उसे सामान्य श्रेणी में ही माना जाएगा। इस आरक्षण का दावा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी 'OBC नॉन-क्रीमी लेयर' प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। यह प्रमाण पत्र एक निश्चित अवधि के लिए वैध होता है और आवेदन करते समय इसका वैध होना आवश्यक है।

हाँ, UP Assistant Teacher भर्ती में महिलाओं, दिव्यांगजनों (PwD) और भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है। महिला उम्मीदवारों को 20% क्षैतिज आरक्षण मिलता है, जो उनकी मूल श्रेणी (जैसे सामान्य, OBC, SC, ST) के भीतर ही लागू होता है। दिव्यांगजनों के लिए 4% और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5% क्षैतिज आरक्षण निर्धारित है। स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को भी 2% क्षैतिज आरक्षण मिलता है। इन सभी श्रेणियों को अपने आरक्षण का लाभ उठाने के लिए वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

आरक्षण का लाभ उठाने के लिए कई मुख्य दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है जाति प्रमाण पत्र (SC, ST, OBC नॉन-क्रीमी लेयर के लिए), आय प्रमाण पत्र (EWS और OBC नॉन-क्रीमी लेयर के लिए), और उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)। दिव्यांग उम्मीदवारों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, और भूतपूर्व सैनिकों को संबंधित सैन्य अथॉरिटी द्वारा जारी प्रमाण पत्र देना होता है। सभी दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी और आवेदन की अंतिम तिथि तक वैध होने चाहिए।

SUPER TET Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now