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Eligibility 2026

Is NIOS DElEd Valid For UP Super TET Exam 2026? सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला!

NIOS DElEd की UP Super TET 2026 में वैधता: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद क्या है सच्चाई? Is NIOS DElEd valid for UP Super TET 2026 after the SC verdict?

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SUPER TET Eligibility Criteria 2026

नमस्ते मेरे प्यारे साथियों! Unictest पर आपका स्वागत है। आज हम एक ऐसे ज्वलंत मुद्दे पर बात करने जा रहे हैं जिसने हजारों शिक्षक aspirants की नींद उड़ा रखी है – क्या NIOS DElEd UP Super TET Exam 2026 के लिए वैध है या नहीं? यह सवाल सिर्फ एक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया का नहीं, बल्कि कई सपनों और मेहनत का सवाल है। मैं Yadvendra Singh Pal, Unictest की ओर से, आपको इस पूरी स्थिति को विस्तार से समझाने वाला हूँ, खासकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के आलोक में।


देखिये dosto, जब NIOS DElEd कोर्स शुरू हुआ था, तो इसका उद्देश्य बहुत नेक था। सरकार उन लाखों untrained in-service teachers को प्रशिक्षित करना चाहती थी जो पहले से स्कूलों में पढ़ा रहे थे लेकिन उनके पास NCTE-मान्यता प्राप्त कोई शिक्षण डिग्री नहीं थी। यह 18 महीने का कोर्स खास तौर पर उन्हीं के लिए डिज़ाइन किया गया था, ताकि वे अपनी जॉब करते हुए अपनी योग्यता पूरी कर सकें। उस समय यह एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम था, और हजारों शिक्षकों को इसका लाभ मिला।


NIOS DElEd की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

NIOS (National Institute of Open Schooling) द्वारा संचालित DElEd प्रोग्राम उन शिक्षकों के लिए था जो प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत थे लेकिन उनके पास न्यूनतम पेशेवर योग्यता नहीं थी। यह कार्यक्रम शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के तहत अनिवार्य योग्यता को पूरा करने में मदद करने के लिए शुरू किया गया था। इसका मुख्य फोकस उन शिक्षकों को मुख्यधारा में लाना था जो पहले से पढ़ा रहे थे। मुझे याद है, जब यह कोर्स लॉन्च हुआ था, तब कई टीचर्स बहुत खुश थे कि अब उन्हें नौकरी छोड़कर डिग्री लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


Expert Tip: हमेशा किसी भी कोर्स की 'Validity' उसके 'Purpose' से जुड़ी होती है। NIOS DElEd का मूल उद्देश्य in-service teachers को प्रशिक्षित करना था, न कि freshers को सामान्य शिक्षक भर्ती में शामिल करना। यह अंतर समझना बहुत जरूरी है।


सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: क्या बदल गया?

अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात पर। 28 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसने NIOS DElEd की वैधता पर एक तरह से पूर्णविराम लगा दिया है। इस फैसले के अनुसार, NIOS से 18 महीने का DElEd कोर्स करने वाले अभ्यर्थी सामान्य शिक्षक भर्ती (freshers के लिए) के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह 18 महीने का कोर्स 24 महीने के रेगुलर DElEd/BTC कोर्स के बराबर नहीं है, खासकर जब बात नई भर्तियों की आती है।


इस फैसले की जड़ें पटना हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले में थीं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा। पटना हाईकोर्ट ने पहले ही कह दिया था कि NIOS DElEd सिर्फ इन-सर्विस टीचर्स के लिए है और यह सामान्य भर्ती के लिए मान्य नहीं है। कई राज्यों में इस मुद्दे पर अलग-अलग राय थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अब पूरे देश पर लागू होता है।


Warning: बहुत से छात्र अभी भी भ्रमित हैं और पुरानी जानकारियों पर निर्भर कर रहे हैं। याद रखिए, सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम है और अब NIOS DElEd को सामान्य शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में अमान्य माना जाएगा।


UP Super TET और NIOS DElEd की स्थिति

तो, UP Super TET 2026 के संदर्भ में इसका क्या मतलब है? सीधी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, NIOS DElEd धारक UP Super TET 2026 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता D.El.Ed (पहले BTC) या B.Ed है, जिसकी अवधि 2 साल होती है। चूंकि NIOS DElEd 18 महीने का कोर्स है और इसे रेगुलर 2 साल के कोर्स के बराबर नहीं माना गया है, इसलिए आप UP Super TET में प्राथमिक शिक्षक के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।


मैंने अपने कई स्टूडेंट्स को देखा है जो NIOS DElEd करके बैठे थे और Super TET की तैयारी कर रहे थे। उनके लिए यह खबर वाकई दिल तोड़ने वाली है। लेकिन सच्चाई को स्वीकार करना और आगे के लिए सही रणनीति बनाना ही बुद्धिमानी है। दोस्तों, यह सिर्फ UP Super TET के लिए नहीं, बल्कि देश भर की सभी प्राथमिक शिक्षक भर्तियों (जैसे KVS, DSSSB, CTET eligibility for PRT) पर भी लागू हो सकता है जहां रेगुलर 2 साल का DElEd अनिवार्य है।


NCTE की भूमिका और भविष्य की संभावनाएं

NCTE (National Council for Teacher Education) ही भारत में शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के लिए मानक तय करता है। NIOS DElEd को NCTE ने ही मान्यता दी थी, लेकिन यह मान्यता एक विशेष उद्देश्य (in-service teachers) के लिए थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में NCTE के नियमों और गजट नोटिफिकेशन का हवाला दिया है। अब यह देखना होगा कि भविष्य में NCTE इस संबंध में कोई नया स्पष्टीकरण या गाइडलाइन जारी करता है या नहीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, इसकी संभावना कम ही लगती है कि NIOS DElEd को सामान्य भर्ती के लिए वैध किया जाएगा।


मेरे अनुभव में, ऐसे कानूनी पेंच अक्सर छात्रों को बहुत परेशान करते हैं। जब मैं अपने छात्रों को पढ़ाता हूँ, तो मैं हमेशा कहता हूँ कि किसी भी परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले, उसकी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को 100% क्लियर कर लें। अगर आप NIOS DElEd होल्डर हैं और UP Super TET 2026 की तैयारी का सोच रहे हैं, तो आपको इस फैसले को गंभीरता से लेना होगा और अपने विकल्पों पर विचार करना होगा।


याद रखिए, हार नहीं माननी है। अगर एक रास्ता बंद होता है, तो दूसरा खुलता है। बस हमें सही जानकारी और सही दिशा की जरूरत है। आगे के सेक्शन में हम बात करेंगे कि NIOS DElEd धारकों के पास अब क्या विकल्प हैं और UP Super TET के लिए अन्य योग्यताएं क्या हैं।

Eligibility at a Glance

Education

Graduation + B.Ed / D.El.Ed

Age Limit

18 – 35 Years (Relaxation applicable)

Nationality

Indian Citizen

Category-wise Eligibility

UP Super TET Eligibility Criteria (Overview)Details
Educational QualificationGraduation from a recognized University
Professional Qualification2-year D.El.Ed (BTC) OR B.Ed degree (NIOS DElEd NOT valid for fresh recruitment as per SC verdict)
Teacher Eligibility Test (TET)UPTET Primary Level OR CTET Primary Level Qualified
Age Limit (General Category)Minimum 21 years, Maximum 40 years
Age RelaxationAs per UP Government rules for reserved categories (e.g., OBC, SC, ST)
DomicileNot strictly mandatory for UP, but a valid TET certificate is required.
Academic Weightage40% weightage given to academic scores (High School, Intermediate, Graduation, D.El.Ed/B.Ed) in final selection.
Marital StatusNo specific bar, but relevant documents required for female candidates after marriage.

SUPER TET — विस्तृत पात्रता मानदंड

चलिए, अब बात करते हैं उन छात्रों के लिए जिन्होंने NIOS DElEd किया है और UP Super TET या अन्य प्राथमिक शिक्षक भर्तियों का सपना देख रहे थे। जैसा कि हमने पिछले सेक्शन में देखा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद NIOS DElEd की सामान्य प्राथमिक शिक्षक भर्ती में वैधता पर सवालिया निशान लग गया है। तो अब आपके पास क्या विकल्प हैं? और जो छात्र अन्य योग्यताओं के साथ UP Super TET की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?


NIOS DElEd धारकों के लिए आगे का रास्ता क्या है?

यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। ईमानदारी से कहूँ तो, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, NIOS DElEd धारकों के लिए प्राथमिक शिक्षक बनने का सीधा रास्ता फिलहाल बंद हो गया है, खासकर नई भर्तियों के लिए। लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है। आपके पास अभी भी कुछ विकल्प हैं:


  • रेगुलर DElEd/BTC करें: यदि आपकी आयु सीमा और अन्य योग्यताएं अनुमति देती हैं, तो आप किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 2 वर्षीय रेगुलर DElEd (या UP में BTC) कोर्स कर सकते हैं। यह सबसे सुरक्षित और मान्य रास्ता है। इसमें समय और पैसा दोनों लगेगा, लेकिन यह आपको भविष्य की सभी प्राथमिक शिक्षक भर्तियों के लिए पात्र बना देगा।
  • B.Ed करें: यदि आप स्नातक हैं, तो आप B.Ed कर सकते हैं। B.Ed के बाद आप उच्च प्राथमिक (Junior Level) और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए पात्र हो जाते हैं। हालांकि, B.Ed को भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल करने पर कानूनी विवाद चल रहा है, लेकिन जूनियर स्तर पर इसकी वैधता निर्विवाद है।
  • अन्य राज्यों की नीतियों पर नज़र रखें: कुछ राज्यों में NIOS DElEd को लेकर अभी भी अलग-अलग स्थिति हो सकती है, या भविष्य में कोई नया स्पष्टीकरण आ सकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरे देश पर लागू होता है, इसलिए बहुत ज्यादा उम्मीद रखना ठीक नहीं होगा।
  • अन्य करियर विकल्प तलाशें: यदि शिक्षण ही आपका एकमात्र लक्ष्य नहीं है, तो आप अपनी स्नातक डिग्री के आधार पर अन्य सरकारी या निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए प्रयास कर सकते हैं।

Expert Tip: मेरा व्यक्तिगत सुझाव है कि यदि आप प्राथमिक शिक्षक ही बनना चाहते हैं, तो 2 वर्षीय रेगुलर DElEd/BTC करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। इसमें थोड़ी मेहनत और समय लगेगा, लेकिन आपका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।


UP Super TET 2026 के लिए सामान्य पात्रता मानदंड

जो छात्र NIOS DElEd धारक नहीं हैं और UP Super TET 2026 के लिए पात्र हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि इस परीक्षा के लिए क्या-क्या योग्यताएं चाहिए होती हैं:


  • शैक्षणिक योग्यता: स्नातक की डिग्री (Graduation) किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से।
  • शिक्षण योग्यता: 2 वर्षीय D.El.Ed (BTC) या B.Ed की डिग्री। (NIOS DElEd अब मान्य नहीं है)।
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा: UP TET (उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) या CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्राथमिक स्तर (Primary Level) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
  • आयु सीमा: सामान्यतः 21 वर्ष से 40 वर्ष तक। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिलती है।
  • निवास: उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन UP TET उत्तीर्ण होना या CTET उत्तीर्ण होना जरूरी है।

यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप UP Super TET 2026 की आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) का इंतजार करें। उसमें सभी पात्रता मानदंड स्पष्ट रूप से दिए होंगे। कभी-कभी छोटे-मोटे बदलाव भी हो सकते हैं।


UP Super TET 2026 की तैयारी रणनीति (अन्य योग्य उम्मीदवारों के लिए)

अगर आपकी एलिजिबिलिटी क्लियर है, तो अब बात करते हैं तैयारी की। Super TET एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जिसमें लगभग 14 विषय शामिल होते हैं। इसे हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती होगी!


  • पाठ्यक्रम को समझें: सबसे पहले, Super TET का विस्तृत पाठ्यक्रम (syllabus) डाउनलोड करें और उसे अच्छी तरह से समझें। हर विषय का वेटेज देखें।
  • विषय-वार तैयारी:
    • भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत): Grammar, Literature, Comprehension पर फोकस करें। ये स्कोरिंग होते हैं।
    • गणित: बेसिक से एडवांस तक के सवाल आते हैं। प्रतिदिन प्रैक्टिस करें।
    • विज्ञान: NCERT की 6वीं से 10वीं तक की किताबें पढ़ें।
    • पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन: इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, पर्यावरण के महत्वपूर्ण टॉपिक्स कवर करें।
    • शिक्षण कौशल एवं बाल मनोविज्ञान: ये विषय आपकी टीचिंग एप्टीट्यूड और बच्चों को समझने की क्षमता को परखते हैं। B.Ed/DElEd की किताबें बहुत मददगार होंगी।
    • सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएँ: पिछले 6-8 महीने के करेंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दें।
    • तार्किक ज्ञान (Reasoning) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT): ये कम वेटेज के होते हैं लेकिन आसान होते हैं, इन्हें छोड़ें नहीं।
    • जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति: यह भी शिक्षण से जुड़ा विषय है।
  • स्टडी मटेरियल: NCERT की किताबें आधार हैं। इसके अलावा, Unictest के स्टडी नोट्स और प्रीवियस ईयर पेपर्स सबसे महत्वपूर्ण हैं।
  • टाइम मैनेजमेंट: एक संतुलित स्टडी प्लान बनाएं। हर विषय को पर्याप्त समय दें, खासकर उन विषयों को जिनमें आप कमजोर हैं।
  • मॉक टेस्ट: नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। इससे आपको अपनी कमजोरियों का पता चलेगा और आप टाइम मैनेजमेंट सीख पाएंगे। मैंने देखा है कि जो छात्र मॉक टेस्ट को गंभीरता से लेते हैं, वे एग्जाम में बेहतर परफॉर्म करते हैं।

Important Note: Super TET में अकादमिक मेरिट (हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, DElEd/B.Ed के मार्क्स) का भी 40% वेटेज होता है। इसलिए, सिर्फ लिखित परीक्षा ही नहीं, आपके पिछले अकादमिक रिकॉर्ड भी मायने रखते हैं।


याद रखिए, सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन एक दिन जरूर मिलती है। बस सही दिशा में लगातार प्रयास करते रहिए। अगली सेक्शन में हम कुछ और महत्वपूर्ण बातें, जैसे एग्जाम डे टिप्स और आम गलतियों पर चर्चा करेंगे।

Important Notes

दोस्तों, हमने NIOS DElEd की वैधता और UP Super TET 2026 की तैयारी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। अब बात करते हैं कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातों की जो आपकी सफलता में निर्णायक साबित हो सकती हैं – एग्जाम डे टिप्स, सामान्य गलतियाँ, और सबसे महत्वपूर्ण, एक सकारात्मक दृष्टिकोण।


परीक्षा के दिन की तैयारी और टिप्स

परीक्षा का दिन सिर्फ आपके ज्ञान का नहीं, बल्कि आपके धैर्य और टाइम मैनेजमेंट का भी इम्तिहान होता है।


  • एडमिट कार्ड और ID: परीक्षा से एक दिन पहले अपना एडमिट कार्ड, फोटो ID (आधार कार्ड, पैन कार्ड) और आवश्यक पेन/पेंसिल तैयार रख लें। आखिरी मिनट की हड़बड़ी से बचें।
  • समय पर पहुंचें: परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुंचें। इससे आपको सेंटर ढूंढने और मानसिक रूप से तैयार होने का समय मिल जाएगा।
  • प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें: पेपर मिलते ही, पहले 5-10 मिनट पूरे प्रश्न पत्र को सरसरी निगाह से पढ़ें। इससे आपको पेपर के पैटर्न और कठिनाई स्तर का अंदाजा हो जाएगा।
  • पहले आसान प्रश्न हल करें: उन प्रश्नों को पहले हल करें जिनमें आप confident हैं। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और समय भी बचेगा।
  • नकारात्मक अंकन (Negative Marking): UP Super TET में सामान्यतः कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है (हालांकि, आधिकारिक अधिसूचना देखें)। अगर नेगेटिव मार्किंग नहीं है, तो सभी प्रश्न attempt करने का प्रयास करें।
  • समय प्रबंधन: हर सेक्शन के लिए एक अनुमानित समय तय करें। किसी एक प्रश्न पर बहुत ज्यादा समय बर्बाद न करें। अगर अटक रहे हैं, तो आगे बढ़ें और बाद में वापस आएं।
  • शांत रहें: घबराहट में अक्सर हम सिली मिस्टेक्स कर देते हैं। गहरी सांस लें और शांत मन से पेपर दें।

सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए

मैंने अपने शिक्षण करियर में देखा है कि कई छात्र कुछ ऐसी गलतियाँ करते हैं जो उनकी सफलता में बाधा बनती हैं। इनसे बचना बहुत जरूरी है:


Common Mistakes to Avoid:
  • एलिजिबिलिटी को अनदेखा करना: NIOS DElEd के मामले में यही हुआ। हमेशा आधिकारिक नोटिफिकेशन में एलिजिबिलिटी को सबसे पहले और सबसे अच्छे से चेक करें।
  • अधूरा सिलेबस कवर करना: Super TET का सिलेबस विशाल है। कई छात्र कुछ विषयों को छोड़ देते हैं, यह सोचकर कि उनका वेटेज कम है। लेकिन हर एक नंबर मायने रखता है।
  • रिवीजन की कमी: सिर्फ पढ़ते रहना ही काफी नहीं है। नियमित और मल्टीपल रिवीजन सफलता की कुंजी है।
  • मॉक टेस्ट न देना: मॉक टेस्ट सिर्फ प्रैक्टिस नहीं, बल्कि आपकी परीक्षा की रणनीति का हिस्सा होते हैं। इन्हें गंभीरता से लें।
  • सोशल मीडिया पर अफवाहों पर विश्वास करना: केवल आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों (जैसे Unictest) से ही जानकारी लें।
  • आत्मविश्वास की कमी या अति-आत्मविश्वास: दोनों ही हानिकारक हैं। संतुलित दृष्टिकोण रखें।

अंतिम मिनट की रिवीजन रणनीति

परीक्षा से ठीक पहले का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। उस समय क्या करें और क्या न करें:


  • शॉर्ट नोट्स: आपने तैयारी के दौरान जो शॉर्ट नोट्स बनाए थे, उन्हें रिवाइज करें।
  • फॉर्मूले और फैक्ट्स: गणित के फॉर्मूले, विज्ञान के फैक्ट्स, इतिहास की तिथियां, और करेंट अफेयर्स के मुख्य बिंदु दोहराएं।
  • पुराने प्रश्न पत्र: पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को एक बार फिर से देखें, खासकर उन प्रश्नों को जिनमें आपको पहले दिक्कत हुई थी।
  • नया कुछ न पढ़ें: परीक्षा से ठीक पहले कोई नया टॉपिक शुरू न करें। इससे अनावश्यक तनाव बढ़ेगा और जो पढ़ा है, वह भी भूल सकते हैं।
  • पर्याप्त नींद लें: परीक्षा से एक रात पहले अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। एक फ्रेश माइंड ही अच्छा परफॉर्म कर पाता है।

करियर स्कोप और प्रेरणा

UP Super TET को क्लियर करने के बाद आप उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त होते हैं। यह एक सम्मानित और स्थिर करियर है, जिसमें समाज सेवा का भी अवसर मिलता है। सैलरी, भत्ते और अन्य लाभ भी काफी अच्छे होते हैं।


मुझे पता है कि NIOS DElEd को लेकर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला कई छात्रों के लिए निराशाजनक हो सकता है। लेकिन याद रखिए, जीवन में चुनौतियाँ आती रहती हैं। एक दरवाजा बंद होता है, तो दूसरा खुलता है। अगर आपका सपना शिक्षक बनना ही है, तो दृढ़ संकल्प के साथ सही रास्ता चुनें और उस पर मेहनत करें। आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी।


Unictest हमेशा आपके साथ है। सही मार्गदर्शन और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण सामग्री के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। अपनी तैयारी जारी रखें और कभी हार न मानें। आप निश्चित रूप से सफल होंगे! 'करो या मरो' का नहीं, बल्कि 'करो और सीखो' का सिद्धांत अपनाओ!

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Frequently Asked Questions (SUPER TET)

नहीं, सुप्रीम कोर्ट के 28 नवंबर 2023 के फैसले के अनुसार, NIOS से 18 महीने का DElEd कोर्स करने वाले अभ्यर्थी सामान्य शिक्षक भर्ती (freshers के लिए) के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। यह फैसला पूरे देश पर लागू होता है, और UP Super TET 2026 में भी NIOS DElEd धारकों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अयोग्य माना जाएगा। यह कोर्स केवल उन इन-सर्विस टीचर्स के लिए था जो पहले से पढ़ा रहे थे और अपनी योग्यता पूरी करना चाहते थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखते हुए यह स्पष्ट किया कि NIOS DElEd का 18 महीने का कोर्स रेगुलर 2 साल के DElEd/BTC कोर्स के बराबर नहीं है। कोर्ट ने कहा कि NIOS DElEd को विशेष रूप से उन अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डिज़ाइन किया गया था जो पहले से स्कूलों में कार्यरत थे। इसलिए, इसे नई शिक्षक भर्तियों में सामान्य उम्मीदवारों के लिए मान्य नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह 24 महीने के अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि को पूरा नहीं करता है।

UP Super TET के लिए D.El.Ed/B.Ed के अलावा, उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री (Graduation) होनी चाहिए। साथ ही, उन्हें UP TET (उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) या CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्राथमिक स्तर (Primary Level) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। आयु सीमा सामान्यतः 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, जिसमें आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट मिलती है। उम्मीदवारों को हमेशा आधिकारिक अधिसूचना की जांच करनी चाहिए।

यदि NIOS DElEd धारक अभी भी प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं और UP Super TET जैसी परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें अब 2 वर्षीय रेगुलर D.El.Ed (या UP में BTC) कोर्स करना होगा। यह सबसे सुरक्षित और मान्य रास्ता है जो उन्हें भविष्य की सभी प्राथमिक शिक्षक भर्तियों के लिए पात्र बना देगा। वैकल्पिक रूप से, यदि वे स्नातक हैं, तो वे B.Ed कर सकते हैं और उच्च प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की शिक्षक भर्तियों के लिए प्रयास कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरे देश पर लागू होता है, जिसका मतलब है कि NIOS DElEd को अब देश भर में सामान्य प्राथमिक शिक्षक भर्तियों (freshers के लिए) के लिए अमान्य माना जाएगा। यह सिर्फ UP Super TET के लिए नहीं, बल्कि KVS, DSSSB, और अन्य राज्यों की प्राथमिक शिक्षक भर्तियों पर भी लागू होगा, जहाँ 2 साल का रेगुलर DElEd/BTC अनिवार्य है। इसलिए, NIOS DElEd धारकों को अन्य राज्यों या केंद्रीय शिक्षक भर्ती बोर्डों की नीतियों के बजाय सुप्रीम कोर्ट के इस व्यापक फैसले को ध्यान में रखना चाहिए।

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