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Study Notes

Difference Between First Angle and Third Angle Projection (प्रथम और तृतीय कोणीय प्रक्षेप में अंतर)

First Angle और Third Angle Projection में अंतर समझें: RRB ALP 2026 के लिए महत्वपूर्ण | Master the Differences for RRB ALP 2026

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-05-12 · English

Difference Between First Angle and Third Angle Projection (प्रथम और तृतीय कोणीय प्रक्षेप में अंतर)

इंजीनियरिंग ड्राइंग (Engineering Drawing) में किसी वस्तु (object) को 2D प्लेन पर दिखाने के लिए प्रोजेक्शन (Projection) का उपयोग किया जाता है। वस्तु के विभिन्न दृश्यों (views) को सही ढंग से दर्शाने के लिए दो मुख्य विधियाँ हैं: फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन (First Angle Projection) और थर्ड एंगल प्रोजेक्शन (Third Angle Projection)। RRB ALP 2026 जैसी परीक्षाओं के लिए इन दोनों के बीच के अंतर को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। आइए, इन दोनों प्रक्षेप विधियों को विस्तार से समझते हैं।


फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन (First Angle Projection)

फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन एक ऐसी विधि है जहाँ वस्तु को पहले क्वाड्रेंट (First Quadrant) में रखा जाता है। इसमें, ऑब्जर्वर (देखने वाला), वस्तु और प्रोजेक्शन प्लेन (projection plane) के बीच होता है। इसका मतलब है कि आप जिस दृश्य को देखते हैं, वह वस्तु के दूसरी तरफ बनता है। उदाहरण के लिए, अगर आप वस्तु के सामने से देख रहे हैं, तो फ्रंट व्यू (Front View) प्रोजेक्शन प्लेन पर वस्तु के पीछे बनेगा। यह विधि मुख्य रूप से ISO (International Organization for Standardization) के अनुसार यूरोप और एशियाई देशों में उपयोग की जाती है।


मुख्य सिद्धांत:

  • ऑब्जेक्ट की स्थिति: वस्तु ऑब्जर्वर और प्लेन के बीच में होती है।
  • प्लेन की पारदर्शिता: प्रोजेक्शन प्लेन को अपारदर्शी (opaque) माना जाता है।
  • व्यू का स्थान: फ्रंट व्यू हमेशा टॉप व्यू के ऊपर और साइड व्यू फ्रंट व्यू के विपरीत दिशा में बनता है। उदाहरण के लिए, अगर आप राइट साइड से देख रहे हैं, तो राइट साइड व्यू फ्रंट व्यू के लेफ्ट साइड में बनेगा।
  • क्वाड्रेंट: यह विधि पहले क्वाड्रेंट में काम करती है।

ध्यान दें: फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन में 'प्लेन ऑफ प्रोजेक्शन' ऑब्जर्वर और ऑब्जेक्ट के बीच में नहीं होता, बल्कि ऑब्जेक्ट के पीछे होता है। यह एक महत्वपूर्ण अंतर है जिसे समझना चाहिए।

थर्ड एंगल प्रोजेक्शन (Third Angle Projection)

थर्ड एंगल प्रोजेक्शन वह विधि है जहाँ वस्तु को तीसरे क्वाड्रेंट (Third Quadrant) में रखा जाता है। इसमें, प्रोजेक्शन प्लेन ऑब्जर्वर और वस्तु के बीच में होता है। इसका मतलब है कि आप जिस दृश्य को देखते हैं, वह सीधे प्रोजेक्शन प्लेन पर बनता है। अगर आप वस्तु के सामने से देख रहे हैं, तो फ्रंट व्यू प्रोजेक्शन प्लेन पर वस्तु के सामने ही बनेगा। यह विधि मुख्य रूप से ANSI (American National Standards Institute) के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और जापान जैसे देशों में उपयोग की जाती है।


मुख्य सिद्धांत:

  • ऑब्जेक्ट की स्थिति: प्रोजेक्शन प्लेन ऑब्जर्वर और वस्तु के बीच में होता है।
  • प्लेन की पारदर्शिता: प्रोजेक्शन प्लेन को पारदर्शी (transparent) माना जाता है।
  • व्यू का स्थान: फ्रंट व्यू हमेशा टॉप व्यू के नीचे और साइड व्यू फ्रंट व्यू के उसी दिशा में बनता है। उदाहरण के लिए, अगर आप राइट साइड से देख रहे हैं, तो राइट साइड व्यू फ्रंट व्यू के राइट साइड में ही बनेगा।
  • क्वाड्रेंट: यह विधि तीसरे क्वाड्रेंट में काम करती है।

RRB ALP परीक्षा में इंजीनियरिंग ड्राइंग से संबंधित प्रश्न अक्सर इन प्रोजेक्शन विधियों पर आधारित होते हैं। आपको इनके सिंबल, लेआउट और उपयोग के बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। Unictest पर आपको इन कॉन्सेप्ट्स को समझने के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री और प्रैक्टिस प्रश्न मिलेंगे। अपनी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए आज ही हमारे साथ जुड़ें!

Important Topics Data

विशेषता (Feature)फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन (First Angle Projection)थर्ड एंगल प्रोजेक्शन (Third Angle Projection)
क्वाड्रेंट (Quadrant)प्रथम क्वाड्रेंट (First Quadrant)तृतीय क्वाड्रेंट (Third Quadrant)
ऑब्जेक्ट की स्थितिऑब्जर्वर और प्रोजेक्शन प्लेन के बीच मेंप्रोजेक्शन प्लेन ऑब्जर्वर और ऑब्जेक्ट के बीच में
प्लेन की पारदर्शिताअपारदर्शी (Opaque)पारदर्शी (Transparent)
फ्रंट व्यू के सापेक्ष दृश्यटॉप व्यू नीचे, राइट साइड व्यू लेफ्ट मेंटॉप व्यू ऊपर, राइट साइड व्यू राइट में
प्रतीक (Symbol)शंकु (Frustum) का छोटा आधार बाईं ओरशंकु (Frustum) का बड़ा आधार बाईं ओर
उपयोग क्षेत्रयूरोप, भारत, एशिया (ISO Standard)उत्तरी अमेरिका, जापान (ANSI Standard)
दृश्य का स्थानऑब्जेक्ट के पीछे बनता हैऑब्जेक्ट के सामने बनता है

Detailed Notes

फर्स्ट और थर्ड एंगल प्रोजेक्शन के बीच मुख्य अंतर (Key Differences)

इन दोनों प्रोजेक्शन विधियों को उनके मूल सिद्धांतों और दृश्य (view) के प्लेसमेंट के आधार पर अलग किया जा सकता है। एक इंजीनियर या टेक्नीशियन के रूप में, यह जानना महत्वपूर्ण है कि कौन सी विधि कहाँ और क्यों उपयोग की जाती है। यह न केवल RRB ALP जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि औद्योगिक अनुप्रयोगों (industrial applications) में भी इसका बहुत महत्व है।


मानक और अनुप्रयोग:

  • फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन: यह ISO (International Organization for Standardization) मानक द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे यूरोप, भारत और एशिया के कई अन्य देशों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इंजीनियरिंग ड्राइंग में यह एक पारंपरिक विधि है।
  • थर्ड एंगल प्रोजेक्शन: यह ANSI (American National Standards Institute) मानक द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे उत्तरी अमेरिका (USA, Canada) और जापान में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है। आधुनिक CAD (Computer-Aided Design) सॉफ्टवेयर भी अक्सर थर्ड एंगल प्रोजेक्शन को डिफ़ॉल्ट रूप से उपयोग करते हैं।

RRB ALP 2026 के लिए तैयारी के टिप्स (Preparation Tips for RRB ALP 2026)

RRB ALP परीक्षा के पार्ट B (ट्रेड टेस्ट) में इंजीनियरिंग ड्राइंग एक महत्वपूर्ण विषय है। फर्स्ट और थर्ड एंगल प्रोजेक्शन से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए आपको इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • सिद्धांतों को समझें: दोनों विधियों के मूल सिद्धांतों, जैसे ऑब्जर्वर, वस्तु और प्लेन की सापेक्ष स्थिति को अच्छी तरह से समझें।
  • प्रतीकों को याद रखें: प्रत्येक प्रोजेक्शन विधि का एक विशिष्ट प्रतीक (symbol) होता है, जो ड्राइंग के टाइटल ब्लॉक में दर्शाया जाता है। इन प्रतीकों को पहचानना सीखें।
  • दृश्य प्लेसमेंट का अभ्यास करें: विभिन्न 3D वस्तुओं के लिए फर्स्ट और थर्ड एंगल में फ्रंट, टॉप और साइड व्यू कैसे बनते हैं, इसका अभ्यास करें। Sketching और visualizing skills विकसित करें।
  • पिछले वर्षों के प्रश्न: RRB ALP के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से इंजीनियरिंग ड्राइंग के प्रश्नों को हल करें। इससे आपको परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अंदाजा होगा।
  • Unictest के साथ अभ्यास करें: Unictest पर उपलब्ध मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेट का उपयोग करके अपनी तैयारी को मजबूत करें। हमारे विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई सामग्री आपको सफलता की ओर ले जाएगी।

इन अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने से आप RRB ALP 2026 परीक्षा में इंजीनियरिंग ड्राइंग सेक्शन में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। यह न केवल सैद्धांतिक ज्ञान है, बल्कि व्यावहारिक कौशल का भी हिस्सा है जो एक Loco Pilot या Technician के लिए आवश्यक है।

Important Questions & Tips

प्रोजेक्शन की पहचान कैसे करें? (How to Identify Projections?)

किसी भी इंजीनियरिंग ड्राइंग को देखकर यह पहचानना कि वह फर्स्ट एंगल या थर्ड एंगल प्रोजेक्शन में है, एक महत्वपूर्ण कौशल है। इसकी पहचान मुख्य रूप से व्यू के प्लेसमेंट और ड्राइंग सिंबल से की जाती है।


  • व्यू के प्लेसमेंट से:
    • फर्स्ट एंगल: टॉप व्यू फ्रंट व्यू के नीचे और राइट साइड व्यू फ्रंट व्यू के लेफ्ट में होता है।
    • थर्ड एंगल: टॉप व्यू फ्रंट व्यू के ऊपर और राइट साइड व्यू फ्रंट व्यू के राइट में होता है।
  • प्रोजेक्शन सिंबल से:
    • दोनों विधियों के लिए एक विशिष्ट मानक प्रतीक होता है जो ड्राइंग के टाइटल ब्लॉक (title block) में दर्शाया जाता है। फर्स्ट एंगल का प्रतीक एक शंकु (frustum of a cone) के समान होता है जिसमें छोटा आधार बाईं ओर और बड़ा आधार दाईं ओर होता है, और उसके बगल में दो वृत्त होते हैं। थर्ड एंगल का प्रतीक ठीक इसका उल्टा होता है, जिसमें बड़ा आधार बाईं ओर और छोटा आधार दाईं ओर होता है।

सामान्य गलतियाँ और उनसे कैसे बचें (Common Mistakes and How to Avoid Them)

छात्र अक्सर फर्स्ट और थर्ड एंगल प्रोजेक्शन के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इन सामान्य गलतियों से बचने के लिए:

  • रटने से बचें: केवल नियमों को रटने के बजाय, प्रत्येक विधि के पीछे के तर्क (logic) और क्वाड्रेंट सिस्टम को समझें।
  • विज़ुअलाइज़ेशन का अभ्यास करें: एक 3D वस्तु की कल्पना करें और मानसिक रूप से उसके विभिन्न दृश्यों को फर्स्ट और थर्ड एंगल में बनाने का प्रयास करें।
  • लगातार अभ्यास: विभिन्न वस्तुओं के लिए मल्टी-व्यू प्रोजेक्शन (multi-view projection) बनाने का लगातार अभ्यास करें।

महत्वपूर्ण चेतावनी: RRB ALP परीक्षा में, गलत प्रोजेक्शन की पहचान या गलत व्यू प्लेसमेंट से सीधे अंक कट सकते हैं। इसलिए, इस विषय पर पूर्ण स्पष्टता आवश्यक है। Unictest के साथ अपनी तैयारी को त्रुटिहीन बनाएं!

यह विषय RRB ALP के अलावा अन्य इंजीनियरिंग और तकनीकी परीक्षाओं जैसे SSC JE, DRDO, ISRO Technician आदि के लिए भी महत्वपूर्ण है। अपनी तैयारी को समग्र बनाने के लिए इन मूल अवधारणाओं पर पकड़ बनाना अनिवार्य है।

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Frequently Asked Questions (RRB ALP)

फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन में वस्तु ऑब्जर्वर और प्रोजेक्शन प्लेन के बीच होती है, जबकि थर्ड एंगल प्रोजेक्शन में प्रोजेक्शन प्लेन ऑब्जर्वर और वस्तु के बीच होता है। इस मूलभूत अंतर से ही दृश्यों (views) के प्लेसमेंट में बदलाव आता है।

RRB ALP के पार्ट B (ट्रेड टेस्ट) में इंजीनियरिंग ड्राइंग एक अनिवार्य विषय है। फर्स्ट और थर्ड एंगल प्रोजेक्शन की समझ तकनीकी ड्राइंग को सही ढंग से पढ़ने और बनाने के लिए आवश्यक है, जो एक Loco Pilot या Technician के लिए महत्वपूर्ण कौशल है।

फर्स्ट एंगल प्रोजेक्शन का उपयोग मुख्य रूप से ISO मानक के तहत यूरोप, भारत और एशिया के कई देशों में होता है। वहीं, थर्ड एंगल प्रोजेक्शन का उपयोग ANSI मानक के तहत उत्तरी अमेरिका (USA, Canada) और जापान में व्यापक रूप से किया जाता है।

आप इसे दो तरीकों से पहचान सकते हैं: पहला, दृश्यों के प्लेसमेंट से (जैसे टॉप व्यू फ्रंट व्यू के ऊपर या नीचे है)। दूसरा, ड्राइंग के टाइटल ब्लॉक में दिए गए विशिष्ट प्रोजेक्शन सिंबल से। प्रत्येक विधि का एक अद्वितीय प्रतीक होता है।

हाँ, दोनों प्रोजेक्शन विधियों के लिए मानक प्रतीक होते हैं जो ड्राइंग के टाइटल ब्लॉक में दर्शाए जाते हैं। फर्स्ट एंगल का प्रतीक एक शंकु (frustum of a cone) जैसा होता है जिसमें छोटा आधार बाईं ओर होता है, जबकि थर्ड एंगल का प्रतीक इसका उल्टा होता है।

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