Unictest Team
Updated: 2026-05-12 · English
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित RRB ALP (Assistant Loco Pilot) और Technician परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए लिखित परीक्षा के साथ-साथ मेडिकल फिटनेस भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को रेलवे के सख्त मेडिकल मानकों को पूरा करना होता है। इसमें बवासीर (Piles) और फिस्टुला (Fistula) जैसी स्थितियां भी शामिल हैं। आइए Unictest के साथ जानते हैं कि RRB ALP 2026 चयन प्रक्रिया में Piles और Fistula Surgery के क्या नियम हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
रेलवे मेडिकल एग्जामिनेशन: एक अवलोकन | Railway Medical Examination: An Overview
रेलवे में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग मेडिकल श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जैसे A-1, B-1, B-2, C-1 आदि। RRB ALP पद के लिए आमतौर पर उच्च मेडिकल श्रेणी (जैसे A-1) की आवश्यकता होती है, जिसमें शारीरिक और दृष्टि संबंधी मानक काफी कड़े होते हैं। मेडिकल बोर्ड एक विस्तृत जांच करता है जिसमें आंखें, कान, हृदय, फेफड़े, पेट, रीढ़ की हड्डी और अन्य सामान्य शारीरिक स्थितियां शामिल होती हैं। बवासीर (Hemorrhoids) और फिस्टुला-इन-एनो (Fistula-in-ano) गुदा क्षेत्र से संबंधित स्थितियां हैं जिनकी जांच भी गंभीरता से की जाती है।
बवासीर (Piles) और फिस्टुला (Fistula) के लिए मेडिकल मानक | Medical Standards for Piles and Fistula
रेलवे चयन प्रक्रिया में बवासीर और फिस्टुला का मूल्यांकन उनकी गंभीरता और स्थिति के आधार पर किया जाता है।
- बवासीर (Piles/Hemorrhoids): यदि बवासीर की स्थिति गंभीर है, जैसे कि रक्तस्राव (bleeding), दर्द (pain), या प्रोलैप्स (prolapse) जो दैनिक गतिविधियों में बाधा डालता है, तो उम्मीदवार को अनफिट घोषित किया जा सकता है। मामूली, बिना लक्षण वाले बवासीर आमतौर पर स्वीकार्य होते हैं, लेकिन इसका निर्णय मेडिकल अधिकारी पर निर्भर करता है।
- फिस्टुला (Fistula-in-ano): फिस्टुला एक अधिक गंभीर स्थिति है जिसमें गुदा के आसपास एक असामान्य मार्ग बन जाता है। यह संक्रमण और लगातार दर्द का कारण बन सकता है। फिस्टुला की उपस्थिति, खासकर यदि वह सक्रिय है या बार-बार संक्रमण होता है, तो आमतौर पर अनफिट घोषित किया जाता है।
सर्जरी के बाद के नियम | Rules Post-Surgery
यदि किसी उम्मीदवार ने बवासीर या फिस्टुला के लिए सर्जरी करवाई है, तो मेडिकल फिटनेस का मूल्यांकन सर्जरी की सफलता, घाव भरने की स्थिति (healing status) और किसी भी अवशिष्ट जटिलता (residual complications) के आधार पर किया जाता है।
- पूर्ण उपचार (Complete Healing): सर्जरी के बाद, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि घाव पूरी तरह से ठीक हो गया है और कोई संक्रमण या जटिलता नहीं है।
- पुनरावृत्ति नहीं (No Recurrence): मेडिकल जांच के समय यह देखा जाता है कि बीमारी फिर से तो नहीं हुई है। यदि सर्जरी सफल रही है और कोई पुनरावृत्ति नहीं हुई है, तो फिट घोषित होने की संभावना बढ़ जाती है।
- न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि (Minimum Waiting Period): हालांकि रेलवे द्वारा कोई विशिष्ट 'प्रतीक्षा अवधि' आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की जाती है, आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि सर्जरी के बाद पूर्ण रूप से ठीक होने और शरीर को सामान्य कार्यप्रणाली में लौटने के लिए कम से कम 3-6 महीने का समय दिया जाए। यह सुनिश्चित करता है कि कोई अवशिष्ट समस्या नहीं है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि रेलवे का मेडिकल बोर्ड हर मामले का व्यक्तिगत रूप से मूल्यांकन करता है। यदि आप इन स्थितियों से पीड़ित हैं या सर्जरी करवा चुके हैं, तो विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करना और रेलवे के नवीनतम मेडिकल दिशानिर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। Unictest आपको RRB ALP 2026 की तैयारी में हर कदम पर सहायता प्रदान करता है, जिसमें मेडिकल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी शामिल है।