Jatra Bhagat और Tana Bhagat आंदोलन: JTET परीक्षा के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका | Jatra Bhagat and Tana Bhagat Movement: A Complete Guide for JTET Exam
Practice QuestionsUnictest Team
Updated: 2026-04-22 · English
झारखंड के इतिहास में आदिवासी आंदोलनों का एक महत्वपूर्ण स्थान है, और इनमें Jatra Bhagat तथा Tana Bhagat आंदोलन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। JTET (Jharkhand Teacher Eligibility Test) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इन आंदोलनों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। यह आंदोलन न केवल एक धार्मिक-सामाजिक सुधार था, बल्कि इसने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और जमींदारी प्रथा के खिलाफ एक सशक्त राजनीतिक संघर्ष का रूप भी लिया। Unictest आपके लिए इस महत्वपूर्ण विषय की विस्तृत जानकारी लेकर आया है, ताकि आप JTET 2026 की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।
जतरा भगत आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1914 में तत्कालीन छोटानागपुर क्षेत्र (मुख्यतः गुमला, लोहरदगा, रांची जिलों) में हुई थी। इसके प्रणेता Jatra Oraon (जतरा उरांव) थे, जिन्हें बाद में जतरा भगत के नाम से जाना गया। जतरा भगत ने उरांव समुदाय के बीच नैतिक और धार्मिक शुद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास 'धर्मेश' (सर्वोच्च देवता) का संदेश है, जिसके तहत उरांव लोगों को मांस, शराब और नाच-गान का त्याग करना चाहिए। यह आंदोलन शुरुआती दौर में एक socio-religious reform movement (सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन) था, जिसका उद्देश्य उरांव समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना था।
जतरा भगत के उपदेशों ने जल्द ही एक बड़े जनसमूह को आकर्षित किया। उनके अनुयायी खुद को 'भगत' कहने लगे। इस आंदोलन ने धीरे-धीरे ब्रिटिश सरकार और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ एक राजनीतिक मोड़ ले लिया। जतरा भगत ने अपने अनुयायियों से कहा कि वे जमींदारों को लगान (rent) न दें, बेगारी (forced labour) न करें और ब्रिटिश सरकार के अधिकारियों के आदेशों का पालन न करें। यह एक प्रकार का अहिंसक असहयोग आंदोलन था, जो महात्मा गांधी के विचारों के भारत आगमन से पहले ही शुरू हो गया था।
जतरा भगत की मृत्यु के बाद भी यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ, बल्कि इसने एक नया रूप ले लिया और 'टाना भगत आंदोलन' के नाम से जाना गया। यह चरण अधिक राजनीतिक और संगठित था, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। JTET परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इस आंदोलन के हर पहलू को गहराई से समझना चाहिए, क्योंकि यह झारखंड के इतिहास का एक अभिन्न अंग है।
| आंदोलन का पहलू | जतरा भगत आंदोलन (शुरुआती चरण) | टाना भगत आंदोलन (बाद का चरण) |
|---|---|---|
| नेतृत्व | जतरा उरांव (जतरा भगत) | जतरा भगत के अनुयायी (गांधीवादी प्रभाव) |
| प्रारंभ वर्ष | 1914 | 1916 के बाद (गांधी के आगमन के साथ तीव्रता) |
| मुख्य क्षेत्र | गुमला, लोहरदगा, रांची (छोटानागपुर) | पूरा छोटानागपुर क्षेत्र |
| प्रकृति | सामाजिक-धार्मिक सुधार और अहिंसक प्रतिरोध | सशक्त राजनीतिक, आर्थिक एवं गांधीवादी आंदोलन |
| प्रमुख मांगें | एकेश्वरवाद, मांसाहार/शराब त्याग, बेगारी का विरोध, लगान न देना, स्वशासन | लगान न देना, बेगारी का विरोध, स्वशासन, सविनय अवज्ञा, शराबबंदी, भूमि अधिकार |
| प्रभाव | उरांव समाज में नैतिक उत्थान, ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ प्रतिरोध की शुरुआत | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ाव, गांधीवादी विचारधारा का प्रसार, भूमि अधिकारों की वकालत |
जतरा भगत की मृत्यु के बाद, उनके अनुयायियों ने इस आंदोलन को जारी रखा, जिसे अब टाना भगत आंदोलन के नाम से जाना गया। 'टाना' शब्द का अर्थ खींचना या खींचकर सीधा करना है, जो इस बात का प्रतीक था कि वे अपने समाज और जीवन को सीधा करना चाहते थे। यह आंदोलन अपने शुरुआती सामाजिक-धार्मिक सुधारों से आगे बढ़कर एक सशक्त राजनीतिक और आर्थिक प्रतिरोध में बदल गया। टाना भगतों ने महात्मा गांधी के विचारों और असहयोग आंदोलन से बहुत प्रेरणा ली।
JTET परीक्षा में Jatra Bhagat और Tana Bhagat आंदोलन से संबंधित प्रश्नों का सामना करने के लिए आपको कुछ विशेष बातों पर ध्यान देना होगा:
इन आंदोलनों को समझने के लिए झारखंड के इतिहास पर आधारित प्रामाणिक पुस्तकों और Unictest द्वारा प्रदान की गई अध्ययन सामग्री का उपयोग करें। नियमित रूप से मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना आपकी तैयारी को और मजबूत करेगा।
JTET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में Jatra Bhagat और Tana Bhagat आंदोलन जैसे विषयों पर पकड़ बनाना महत्वपूर्ण है। आपकी तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यहां कुछ अतिरिक्त रणनीतियाँ दी गई हैं:
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Jatra Bhagat और Tana Bhagat आंदोलन झारखंड के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन आंदोलनों को गहराई से समझकर आप न केवल JTET परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की भी बेहतर समझ विकसित कर पाएंगे। Unictest के साथ जुड़ें और अपनी सफलता की राह आसान बनाएं!