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Study Notes

Work (कार्य): JTET Exam 2026 Physics MCQs – Complete Guide & Practice

Master the concept of Work (कार्य) for JTET 2026 Physics MCQs and score high.

Practice Questions
Author

Unictest Team

Updated: 2026-04-30 · English

Work (कार्य): JTET Exam 2026 Physics MCQs – Complete Guide & Practice

JTET Exam 2026 की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए, Physics का 'Work' (कार्य) टॉपिक अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल एक Fundamental Concept है बल्कि इससे कई Numerical और Conceptual Questions भी बनते हैं। Unictest आपको इस टॉपिक को गहराई से समझने में मदद करेगा ताकि आप Jharkhand Teacher Eligibility Test (JTET) में शानदार प्रदर्शन कर सकें। इस सेक्शन में हम कार्य की परिभाषा, उसके प्रकार, मात्रक और JTET परीक्षा के लिए इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा करेंगे।


What is Work (कार्य) in Physics?

भौतिकी में, कार्य (Work) तब किया जाता है जब किसी वस्तु पर बल (Force) लगाने से वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित (Displacement) होती है। यदि बल लगाया जाए और वस्तु विस्थापित न हो, तो भौतिकी की दृष्टि से कोई कार्य नहीं हुआ माना जाता है। यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है, जिसका अर्थ है कि इसमें केवल परिमाण (Magnitude) होता है, दिशा (Direction) नहीं।


JTET Tip: Remember, for work to be done, both force and displacement are essential, and the displacement must have a component along the direction of the force.

Formula for Work Done (कार्य का सूत्र)

कार्य की गणना निम्नलिखित सूत्र से की जाती है:

  • W = F × d × cos θ

जहाँ:

  • W = Work Done (किया गया कार्य)
  • F = Force applied (लगाया गया बल)
  • d = Displacement of the object (वस्तु का विस्थापन)
  • θ = Angle between the direction of force and displacement (बल और विस्थापन की दिशा के बीच का कोण)

यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (जैसे किसी वस्तु को खींचना), तो θ = 0°, cos 0° = 1, और W = F × d होगा।


Units of Work (कार्य के मात्रक)

कार्य का SI मात्रक जूल (Joule, J) है। 1 जूल वह कार्य है जो 1 न्यूटन (N) बल लगाने पर वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर (m) विस्थापित करने में होता है।

  • SI Unit: Joule (J)
  • CGS Unit: Erg (अर्ग)
  • Relation: 1 Joule = 107 Erg

JTET Physics MCQs में इन मात्रकों और उनके संबंधों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।


Types of Work (कार्य के प्रकार)

कार्य को बल और विस्थापन के बीच के कोण (θ) के आधार पर तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • 1. Positive Work (धनात्मक कार्य): जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (0° ≤ θ < 90°)। उदाहरण: किसी वस्तु को उठाना या खींचना।
  • 2. Negative Work (ऋणात्मक कार्य): जब बल और विस्थापन विपरीत दिशा में हों (90° < θ ≤ 180°)। उदाहरण: घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य, या किसी वस्तु को ऊपर फेंकने पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
  • 3. Zero Work (शून्य कार्य): जब बल और विस्थापन एक दूसरे के लंबवत हों (θ = 90°), या जब कोई विस्थापन न हो (d = 0), या जब कोई बल न लगाया जाए (F = 0)। उदाहरण: कुली द्वारा सिर पर बोझ रखकर क्षैतिज रूप से चलना (गुरुत्वाकर्षण बल के सापेक्ष), दीवार को धकेलना, या एक उपग्रह का पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार गति करना।

इन तीनों प्रकारों को समझना JTET के conceptual questions के लिए बहुत ज़रूरी है। Unictest पर आपको ऐसे कई उदाहरण और MCQ मिलेंगे जो आपकी समझ को और मजबूत करेंगे।

Important Topics Data

Topic (विषय)Sub-topics (उप-विषय)Key Concepts (प्रमुख अवधारणाएँ)Expected MCQs (संभावित प्रश्न)
Work (कार्य)Definition, Conditions for WorkForce, Displacement, Conditions (F≠0, d≠0, angle≠90°)2-3
Types of WorkPositive, Negative, Zero WorkAngle (θ) between F & d, Examples1-2
Formula & UnitsW = Fd cos θ, Joule, ErgSI & CGS units, Relation (1J = 10^7 Erg)2-3
Work-Energy TheoremRelation between Work & Kinetic EnergyW_net = ΔKE, Applications1-2
Relation with PowerDefinition of Power, P = W/tWatt, Horsepower, Energy transformation1-2
Graphical RepresentationWork done from Force-Displacement graphArea under F-d curve1

Detailed Notes

JTET 2026 Physics Section में 'Work' से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए, आपको न केवल परिभाषाएँ और सूत्र याद रखने होंगे, बल्कि उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों (practical applications) को भी समझना होगा। यह सेक्शन आपको कार्य से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण पहलुओं और तैयारी की रणनीतियों पर प्रकाश डालेगा।


Factors Affecting Work Done (कार्य को प्रभावित करने वाले कारक)

कार्य की मात्रा मुख्य रूप से तीन कारकों पर निर्भर करती है:

  • 1. Applied Force (लगाया गया बल): जितना अधिक बल लगाया जाएगा, यदि विस्थापन हो, तो उतना ही अधिक कार्य होगा।
  • 2. Displacement (विस्थापन): बल की दिशा में जितना अधिक विस्थापन होगा, उतना ही अधिक कार्य होगा।
  • 3. Angle between Force and Displacement (बल और विस्थापन के बीच का कोण): यह सबसे महत्वपूर्ण कारक है। cos θ का मान कार्य की प्रकृति (धनात्मक, ऋणात्मक, शून्य) निर्धारित करता है।

Work-Energy Theorem (कार्य-ऊर्जा प्रमेय)

कार्य और ऊर्जा एक दूसरे से निकटता से संबंधित हैं। कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) बताता है कि किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में परिवर्तन के बराबर होता है।

  • Wnet = ΔKE = KEfinal - KEinitial

यह प्रमेय JTET के numerical problems में अक्सर उपयोग होता है, खासकर जब गतिज ऊर्जा से संबंधित प्रश्न हों। Unictest के प्रैक्टिस सेट्स में आपको ऐसे कई प्रश्न मिलेंगे।


Relation with Power (शक्ति से संबंध)

कार्य को समझने के साथ-साथ, शक्ति (Power) के साथ इसके संबंध को भी जानना आवश्यक है। शक्ति वह दर है जिस पर कार्य किया जाता है।

  • P = W / t (जहाँ P = Power, W = Work, t = Time)

शक्ति का SI मात्रक वॉट (Watt, W) है। JTET में कार्य और शक्ति दोनों से संबंधित प्रश्न आ सकते हैं, इसलिए इन दोनों अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझना महत्वपूर्ण है।


Common Misconceptions (सामान्य भ्रांतियाँ)

छात्रों को अक्सर 'कार्य' के बारे में कुछ भ्रांतियाँ होती हैं:

  • दीवार को धकेलना: यदि दीवार नहीं हिलती, तो कोई कार्य नहीं होता, भले ही आप थक जाएँ।
  • कुली द्वारा सिर पर बोझ रखकर चलना: यदि कुली क्षैतिज रूप से चलता है, तो गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा कोई कार्य नहीं होता, क्योंकि बल (नीचे की ओर) और विस्थापन (क्षैतिज) एक दूसरे के लंबवत होते हैं। हालांकि, कुली अपने मांसपेशियों के बल से कार्य करता है।
  • वृत्ताकार गति: एक उपग्रह जो पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है, उस पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल केंद्र की ओर लगता है, जबकि विस्थापन हमेशा गति की दिशा (स्पर्शरेखीय) में होता है। चूंकि बल और विस्थापन लंबवत होते हैं, गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।

JTET Physics Preparation Tips for 'Work' Topic

Unictest आपको JTET 2026 में सफलता दिलाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स देता है:

  • Conceptual Clarity: कार्य की परिभाषा, प्रकार, और शर्तों को अच्छे से समझें।
  • Formula Mastery: W = F.d cos θ और W = ΔKE जैसे सभी संबंधित सूत्रों को याद रखें और उनका सही उपयोग सीखें।
  • Numerical Practice: विभिन्न प्रकार के संख्यात्मक प्रश्नों को हल करें, खासकर जिनमें कोण (angle) शामिल हो।
  • Previous Year Questions (PYQs): JTET और अन्य TET परीक्षाओं में पूछे गए 'Work' से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • Mock Tests: Unictest के mock tests देकर अपनी गति और सटीकता में सुधार करें।

Important Questions & Tips

JTET Exam 2026 में 'Work' टॉपिक से अधिकतम अंक प्राप्त करने के लिए, व्यवस्थित तैयारी और लगातार अभ्यास महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ अतिरिक्त टिप्स और संसाधन दिए गए हैं जो आपकी तैयारी को और मजबूत करेंगे।


Important Formulas for Quick Revision (त्वरित पुनरावृति के लिए महत्वपूर्ण सूत्र)

परीक्षा से पहले इन सूत्रों को दोहराना न भूलें:

  • Work Done: W = Fd cos θ
  • Work Done (Constant Force, along displacement): W = Fd
  • Kinetic Energy: KE = 1/2 mv²
  • Potential Energy (Gravitational): PE = mgh
  • Work-Energy Theorem: Wnet = ΔKE
  • Power: P = W/t = Fv

Solving Numerical Problems (संख्यात्मक प्रश्नों को हल करना)

JTET Physics में 'Work' से numericals अक्सर पूछे जाते हैं। इन्हें हल करने के लिए:

  • Read Carefully: प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और दी गई जानकारी (बल, विस्थापन, कोण) को पहचानें।
  • Identify Formula: सही सूत्र का चयन करें।
  • Unit Conversion: सुनिश्चित करें कि सभी इकाइयाँ SI प्रणाली में हों (जैसे बल न्यूटन में, विस्थापन मीटर में)।
  • Calculate: गणना करें और उत्तर सही मात्रक के साथ दें।

Warning: Be careful with the angle 'θ'. If the force is applied horizontally and displacement is also horizontal, θ = 0°. If a force is applied at an angle to the horizontal, that angle is θ.

Unictest Resources for JTET 2026 Physics

Unictest आपकी JTET 2026 की तैयारी के लिए व्यापक संसाधन प्रदान करता है:

  • Detailed Study Notes: 'Work' और अन्य Physics टॉपिक्स पर विस्तृत नोट्स।
  • MCQ Practice Sets: JTET पैटर्न पर आधारित हजारों MCQ प्रश्न।
  • Previous Year Question Papers: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण और समाधान।
  • Mock Tests: वास्तविक परीक्षा के माहौल का अनुभव करने के लिए पूर्ण-लंबाई के मॉक टेस्ट।
  • Expert Guidance: अनुभवी शिक्षकों द्वारा संदेह-समाधान सत्र।

इन संसाधनों का उपयोग करके, आप 'Work' टॉपिक को पूरी तरह से तैयार कर सकते हैं और JTET 2026 में अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। आज ही Unictest के साथ अपनी तैयारी शुरू करें!

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Frequently Asked Questions (JTET EXAM)

भौतिकी में, कार्य (Work) तब किया जाता है जब किसी वस्तु पर बल (Force) लगाने से वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित (Displacement) होती है। JTET के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि यदि बल लगाने के बावजूद वस्तु में कोई विस्थापन नहीं होता, तो कोई कार्य नहीं माना जाता है। यह एक अदिश राशि है, जिसका SI मात्रक जूल (Joule) है।

कार्य मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: धनात्मक कार्य (Positive Work) जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, ऋणात्मक कार्य (Negative Work) जब वे विपरीत दिशा में हों, और शून्य कार्य (Zero Work) जब बल और विस्थापन एक दूसरे के लंबवत हों, या जब कोई विस्थापन न हो। JTET में इन प्रकारों और उनके उदाहरणों पर आधारित conceptual questions पूछे जाते हैं।

कार्य की गणना सूत्र W = F × d × cos θ से की जाती है, जहाँ F बल, d विस्थापन और θ बल व विस्थापन के बीच का कोण है। इसका SI मात्रक जूल (Joule, J) है और CGS मात्रक अर्ग (Erg) है। 1 जूल = 10⁷ अर्ग होता है। JTET के numerical problems में इन सूत्रों और मात्रक रूपांतरणों का सही उपयोग आना चाहिए।

सर्वोत्तम रणनीति में 'Work' की परिभाषा, प्रकार और सूत्रों की स्पष्ट समझ शामिल है। विभिन्न प्रकार के संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करें, विशेषकर जिनमें कोण (angle) शामिल हो। Work-Energy Theorem और Power से इसके संबंध को भी समझें। Unictest के PYQs और मॉक टेस्ट से नियमित अभ्यास आपकी तैयारी को मजबूत करेगा।

हाँ, कई सामान्य भ्रांतियाँ हैं। उदाहरण के लिए, दीवार को धकेलना या सिर पर भारी बोझ रखकर क्षैतिज रूप से चलना (गुरुत्वाकर्षण बल के सापेक्ष) भौतिकी की दृष्टि से शून्य कार्य माना जाता है। JTET उम्मीदवारों को यह याद रखना चाहिए कि कार्य होने के लिए बल और विस्थापन दोनों होने चाहिए और विस्थापन का घटक बल की दिशा में होना चाहिए।

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