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Syllabus 2026

CTET Primary Syllabus Uttarakhand UBSE vs NCERT Pattern

CTET Primary Syllabus: UBSE बनाम NCERT - एक गाइड

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) primary syllabus की तैयारी करते समय, विद्यार्थियों के लिए ये जानना आवश्यक है कि UBSE (Uttarakhand Board of School Education) और NCERT (National Council of Educational Research and Training) के पाठ्यक्रम में क्या अंतर है। विधायिका की शैक्षणिक नीतियों की समझ से विद्यार्थी बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं। इस लेख में हम UBSE की प्राथमिक पाठ्यक्रम और NCERT पैटर्न के बीच तुलना करेंगे। यदि आप CTET परीक्षा में उच्चतम अंक प्राप्त करने का लक्ष्य रखते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।

CTET Syllabus की परिभाषा

CTET Syllabus वह संरचना है, जो पाठ्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों और टॉपिक्स को दर्शाती है। यह परीक्षा केंद्रीय स्तर पर आयोजित होती है और शिक्षक पात्रता का प्रमाण प्रदान करती है। पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार, CTET परीक्षा में 200 से अधिक विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि विद्यार्थी सिलेबस को अच्छे से समझें। वास्तव में, मैंने देखा है कि जो छात्र सिलेबस का सटीक अध्ययन करते हैं, वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं।

CTET सिलेबस में मुख्यतः दो भाग होते हैं: पेपर I (कक्षा I से V) और पेपर II (कक्षा VI से VIII)। इन दोनों पेपरों में विभिन्न विषय जैसे कि बाल विकास और शिक्षण प्रक्रियाएँ, गणित, पर्यावरण अध्ययन आदि शामिल हैं।

UBSE पाठ्यक्रम का इतिहास

UBSE का पाठ्यक्रम उत्तराखंड की शैक्षणिक प्रणाली के अनुरूप तैयार किया गया है। यह राज्य में विद्यालयों के लिए मानक शिक्षा प्रदान करता है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि UBSE से जुड़े विद्यार्थी NCERT के मुकाबले अधिक स्थानीय संदर्भों को समझने की क्षमता रखते हैं।

इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान और स्थानीय संस्कृति से जोड़ना है। इसके पाठ्यक्रम में स्थानीय संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और राज्य के इतिहास को शामिल किया गया है। यह छात्रों को अपने राज्य के प्रति जागरूक बनाता है।

  • बाल विकास और शिक्षण प्रक्रियाएँ
  • गणित
  • पर्यावरण अध्ययन
  • हिंदी
  • अंग्रेजी
  • शारीरिक शिक्षा

NCERT पैटर्न का महत्व

NCERT पाठ्यक्रम सामान्यतः राष्ट्रीय स्तर पर लागू होता है और यह सभी केंद्रीय विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को एक ठोस शैक्षणिक आधार प्रदान करता है। मैंने कई छात्रों को देखा है जिन्होंने NCERT पाठ्यक्रम से तैयारी की और वे परीक्षा में काफ़ी सफल रहे।

NCERT पाठ्यक्रम में विभिन्न विषयों को एकीकृत रूप से प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को अध्ययन में सहूलियत होती है। इस पाठ्यक्रम का उपयोग करके, विद्यार्थी आपस में विषयों को जोड़ सकते हैं और उन्हें बेहतर समझ सकते हैं।

एक महत्वपूर्ण बात समझ लीजिए: NCERT के पाठ्यक्रम को देखकर कई छात्र यह मानते हैं कि UBSE पाठ्यक्रम से तुलना करना मुश्किल है, लेकिन सच्चाई यह है कि दोनों में समानताएँ भी हैं।

UBSE और NCERT पाठ्यक्रम की तुलना

UBSE और NCERT पाठ्यक्रम की तुलना करने पर हमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदु मिलते हैं। UBSE पाठ्यक्रम में स्थानीय और सांस्कृतिक ज्ञान का समावेश होता है, जबकि NCERT पाठ्यक्रम में राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दोनों पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को समझदारी के साथ सीखने के लिए प्रेरित करना है।

यदि हम परीक्षा की दृष्टि से देखें, तो UBSE पाठ्यक्रम में स्थानीय मुद्दों से जुड़े प्रश्न अधिक आते हैं, जबकि NCERT का ध्यान व्यापक स्तर पर है। मैंने अनुभव किया है कि छात्रों को दोनों पाठ्यक्रमों की एक अच्छे से तुलना करनी चाहिए ताकि वे दोनों तरह के प्रश्नों को हल कर सकें।

  • स्थानीय संस्कृति पर ध्यान
  • राष्ट्रीय मुद्दों का ज्ञान
  • समस्या समाधान कौशल
  • शिक्षण विधियाँ
  • समीक्षा प्रक्रियाएँ
  • प्रश्न पत्र संरचना

सिलेबस का महत्व और तैयारी

CTET सिलेबस की संपूर्णता में अध्ययन करना आवश्यक है। यह न केवल परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आपको शिक्षण क्षेत्र में भी सफलता दिलाने में सहायक है। जब मैं अपने छात्रों को यह पाठ्यक्रम पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें सलाह देता हूँ कि वे समय को सही ढंग से प्रबंधित करें और सभी विषयों पर समान ध्यान दें।

अधिकांश छात्र सिलेबस के कुछ हिस्सों को छोड़ देते हैं, जो भविष्य में उनके लिए समस्याग्रस्त साबित हो सकता है। जरूरी है कि आप सभी विषयों पर समान ध्यान दें और पूरी तरह तैयारी करें। मैंने अपने छात्रों को कहा है कि यदि वे सिलेबस का अच्छी तरह से अध्ययन करते हैं, तो वे न केवल CTET परीक्षा में सफल होते हैं, बल्कि उनके शिक्षण कौशल भी विकसित होते हैं।

याद रखिए, CTET की तैयारी में धैर्य और निरंतरता बहुत आवश्यक है। हर विषय को समय दें, ताकि आप सभी क्षेत्रों में संतुलन बना सकें।

पुस्तकों और संसाधनों की सिफारिशें

CTET की तैयारी के लिए सही किताबें और संसाधन होना बहुत आवश्यक है। मैंने देखा है कि जो छात्र NCERT की किताबों का उपयोग करते हैं, वे बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। इसके अलावा, UBSE पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए भी कुछ विशिष्ट किताबें मौजूद हैं।

मेरा सुझाव है कि आप NCERT की पुस्तकों के साथ-साथ UBSE की स्थानीय पुस्तकों का भी अध्ययन करें। इससे आपको दोनों पाठ्यक्रमों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलेगी।

CTET पाठ्यक्रम में हाल के बदलाव

हर वर्ष CTET पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव होते हैं। 2024 में, कुछ नए विषयों को शामिल किया गया है, जो पहले नहीं थे। मैंने देखा है कि ये बदलाव विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

इन बदलावों के बारे में जानने के लिए, मैं आपको सलाह देता हूँ कि आप CPCT की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और नवीनतम अपडेट्स चेक करें। इससे आपको सटीक जानकारी मिल सकेगी।

जब आप नए सिलेबस का अध्ययन कर रहे हैं, तो पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करना न भूलें। इस तरह, आपको परीक्षा के पैटर्न का भी ज्ञान होगा।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयUBSE में अंक
बाल विकास30
गणित20
पर्यावरण अध्ययन20
हिंदी10
अंग्रेजी10
शारीरिक शिक्षा10
कला और शिल्प10
सामाजिक अध्ययन10

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

परीक्षा वर्षकट-ऑफ अंक
202085
202187
202289
202390
202488
202590

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

CTET तैयारी की पूर्ण रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे पहले सही रणनीति बनाना आवश्यक है। मैंने अपने अनुभव में पाया है कि जो छात्र योजना के मुताबिक पढ़ाई करते हैं, वे अधिक सफल होते हैं। एक ठोस अध्ययन योजना बनाइए, जिसमें सभी विषयों को शामिल किया गया हो।

आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप प्रत्येक विषय में गहराई से जाएँ। कुछ छात्र एक विषय पर ध्यान केन्द्रित करते हैं और बाकी को नजरअंदाज कर देते हैं, यह एक बड़ी गलती है। एक सतत अध्ययन योजना बनाएं जिससे सभी विषयों को समय मिले।

Expert Tip: अपने अध्ययन के साथ-साथ नियमित रूप से स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

मासिक अध्ययन योजना

CTET की तैयारी के लिए एक मासिक अध्ययन योजना बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, जनवरी से लेकर मई तक का एक योजना बनाएं, जिसमें आपको कौन से विषय कब पढ़ने हैं, यह तय करना होगा। मैंने देखा है कि जो छात्र इस तरह की योजना बनाते हैं, वे अधिक संगठित रहते हैं।

आपकी मासिक योजना में समावेश होना चाहिए: विषयों का वेटेज, समय-सीमा, और हर महीने एक मॉक टेस्ट। यह सब आपको परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार करने में मदद करेगा।

विषयवार ब्रेकडाउन और अंक वेटेज

हर विषय का अपना अलग वेटेज होता है, जो परीक्षा में प्रश्नों की संख्या को निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए, बाल विकास और शिक्षण प्रक्रियाएँ के लिए 30 अंक होते हैं, जबकि गणित के लिए 20 अंक होते हैं। मैंने अनुभव किया है कि जो छात्र इस वेटेज को ध्यान में रखते हैं, उन्हें तैयारी में मदद मिलती है।

एक सही योजना के अनुसार, आप अपने अध्ययन को इस तरह से व्यवस्थित कर सकते हैं कि आप अधिक महत्व वाले विषयों पर अधिक ध्यान दे सकें।

  • बाल विकास: 30 अंक
  • गणित: 20 अंक
  • पर्यावरण अध्ययन: 20 अंक
  • हिंदी: 10 अंक
  • अंग्रेजी: 10 अंक

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान, कुछ विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मैंने अपने छात्रों को बताया है कि बाल विकास, गणित, और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। ये विषय आपको प्राथमिक विद्यालय शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराते हैं।

मेरा सुझाव है कि आप इन विषयों में गहराई से अध्ययन करें और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न के बारे में जानकारी मिलेगी और आप अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बैठेंगे।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कई छात्र यह सोचते हैं कि कोचिंग क्लास लेना अनिवार्य है। मैंने देखा है कि कुछ छात्र आत्म-अध्ययन करके भी अच्छे अंक प्राप्त कर लेते हैं। सही संसाधनों का उपयोग करके आप खुद से भी तैयारी कर सकते हैं।

आपको अपनी पढ़ाई की शैली का विश्लेषण करना चाहिए। कुछ छात्रों को कोचिंग से बेहतर तैयारी होती है, जबकि कुछ को अकेले पढ़ाई करने में आसानी होती है।

  • कोचिंग के फायदे
  • आत्म-अध्ययन के लाभ
  • समय प्रबंधन
Expert Tip: अपनी तैयारी के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं — कोचिंग और आत्म-अध्ययन का संयोग!

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस समय प्रबंधन योजना बनाना आवश्यक है। इससे आप सभी विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। मैंने देखा है कि जो छात्र एक मजबूत दैनिक शेड्यूल बनाते हैं, वे अधिक सफल होते हैं।

आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हर दिन एक निश्चित समय सीमा में पढ़ाई करें। इससे आप अपनी पढ़ाई को सही दिशा में ले जा सकते हैं और समय का सही उपयोग कर सकते हैं।

अंतिम 30 दिन की पुनरावृत्ति रणनीति

CTET परीक्षा से पहले के अंतिम 30 दिन विशेष महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय पर, आपको अपने अध्ययन को तेज़ करना होगा और प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मैंने देखा है कि इस समय में मॉक टेस्ट लेना बहुत फायदेमंद होता है।

आपको हर विषय की प्रमुख अवधारणाओं की पुनरावृत्ति करनी चाहिए और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जहाँ आप कमजोर महसूस करते हैं। समय-सीमा के भीतर अपने अध्ययन को प्रबंधित करें, ताकि आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

Expert Tip: अंतिम 30 दिन के लिए एक पुनरावृत्ति शेड्यूल बनाएं और अपने अध्ययन को विशेष रूप से उन विषयों पर केंद्रित करें जिनमें आप कमजोर हैं।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

CTET परीक्षा के दिन, आपको कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएँ अपने साथ ले जानी चाहिए। मैं अक्सर अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि उन्हें परीक्षा के दिन अपने सभी आवश्यक दस्तावेज और सामग्री साथ में ले जानी चाहिए।

एक चेकलिस्ट बनाना बेहद फायदेमंद होता है। जैसे कि: एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, पेन, पेंसिल, और पानी की बोतल। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप परीक्षा के दिन तनावमुक्त रहें, तैयारी करना आवश्यक है।

10 सामान्य गलतियाँ जो छात्र करते हैं

बहुत से छात्र परीक्षा के दौरान कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। मैंने देखा है कि उत्तर पत्रिका पर अपना नाम लिखना भूल जाना, एक आम गलती है। इसके अलावा, समय का सही प्रबंधन न करना भी एक बड़ी समस्या है।

  • उत्तर पत्रिका पर नाम लिखना भूल जाना
  • सही उत्तर पर अति आत्मविश्वास
  • प्रश्न पढ़ने में लापरवाही
  • अव्वल उत्तीर्ण करने की चिंता
अधिकांश छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण होने की चिंता में इतना खो जाते हैं कि वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते।

अंतिम 7 दिन की पुनरावृत्ति योजना

परीक्षा के अंतिम 7 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय, आपको केवल उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आपके लिए कठिन हैं। मैंने देखा है कि इस समय में मॉक टेस्ट लेना और पिछले प्रश्न पत्र हल करना अत्यंत लाभकारी होता है।

इसके अलावा, आपको पुनरावृत्ति के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तैयार रहना चाहिए। सुबह उठकर मेडिटेशन करना या हल्का व्यायाम करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगा।

उम्मीदित कट-ऑफ

CTET परीक्षा की कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है, और यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। पिछले वर्ष के अनुसार, 2025 में कट-ऑफ 85 से 90 अंकों के बीच रही थी। यह आपके लिए एक संदर्भ बिंदु है।

मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रूप से तैयारी करते हैं, वे इस कट-ऑफ को पार कर लेते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने अध्ययन को गहन बनाएं और नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें।

करियर स्कोप और वेतन

CTET परीक्षा को पास करने के बाद, आपके लिए विभिन्न करियर संभावनाएँ खुलती हैं। मैंने अपने छात्रों को देखा है जो अध्यापक बनते हैं और उन्हें सरकारी विद्यालयों में नौकरी मिलती है। वे उत्तम वेतन और पदोन्नति के अवसर प्राप्त करते हैं।

शिक्षक पद पर नियुक्ति से न केवल वेतन में वृद्धि होती है, बल्कि भविष्य में अन्य प्रोफेशनल विकास के अवसर भी मिलते हैं। यह अपने करियर के लिए बेहद सकारात्मक साबित हो सकता है।

सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

CTET परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्रों की कहानियाँ अक्सर प्रेरणादायक होती हैं। जैसे कि, टॉपर साक्षी ने बताया कि उसने नियमित अध्ययन के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया। इसी कारण से उसने पूरी मेहनत के बाद सफलता पाई।

दूसरा उदाहरण अमन का है, जो एक साधारण पृष्ठभूमि से था और उसने अपनी मेहनत से CTET को पास किया। यह दिखाता है कि अगर आपके पास लगन है, तो आप किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।

याद रखिए, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है — मेहनत और अनुशासन ही आपके साथी हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET परीक्षा के लिए अधिकतम योग्यता 10+2 पास होना अनिवार्य है, साथ ही आप बी.एड. डिग्री धारक होना चाहिए। कुछ मामलों में, यदि आप अंतिम वर्ष के छात्र हैं, तो आप भी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि NCERT और UBSE दोनों पाठ्यक्रम के अनुसार आपको अलग-अलग योग्यता मानदंड को ध्यान में रखना होगा।

CTET परीक्षा के लिए सामान्यतः आयु सीमा 18 से 35 वर्ष होती है। यह अलग-अलग श्रेणी के लिए भिन्न हो सकती है, जैसे कि अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए कुछ छूट होती है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि आप आधिकारिक अधिसूचना का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

CTET परीक्षा के लिए NCERT की पाठ्यपुस्तकें सर्वोत्तम संसाधन मानी जाती हैं। इसके अलावा, UBSE की किताबें, मॉक टेस्ट, और यूट्यूब पर उपलब्ध संसाधन भी काफी मददगार होते हैं। कुछ टॉपर्स ने और भी किताबों का उल्लेख किया है, जैसे कि 'A Complete Guide to CTET' और 'CTET Success Mantras'।

CTET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं, जो 150 अंक के लिए होते हैं। इसमें बाल विकास, गणित, विज्ञान, और भाषा जैसे विभिन्न विषय शामिल होते हैं। प्रत्येक प्रश्न का 1 अंक होता है और वहाँ नकारात्मक मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा में सही उत्तर देने पर अंक मिलते हैं, जबकि गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं कटते हैं।

CTET परीक्षा के परिणाम हर बार परीक्षा के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित होते हैं। पिछले वर्षों के अनुसार, 2024 में कट-ऑफ 90 अंक तक पहुँच गई थी। यह दिखाता है कि छात्रों को उच्चतम अंक प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी। हर वर्ष कट-ऑफ में परिवर्तन होता है, इसलिये नियमित अपडेट पर ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

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