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Syllabus 2026

CTET पेपर 1 गणित संख्या प्रणाली के लिए संपूर्ण टॉपिक सूची

CTET पेपर 1 के लिए संख्याओं का संपूर्ण टॉपिक लिस्ट

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-15 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) की पेपर 1 में गणित की संख्या प्रणाली एक महत्वपूर्ण विषय है। यह विषय न केवल आपकी गणितीय क्षमता को परखता है, बल्कि आपके शिक्षण कौशल को भी दर्शाता है। इसलिए, इसे अच्छे से समझना और तैयार करना आवश्यक है। इस लेख में, हम संख्या प्रणाली के सभी आवश्यक टॉपिक्स को विस्तार से चर्चा करेंगे। ध्यान दें कि पिछले वर्षों में इन टॉपिक्स से कई प्रश्न पूछे गए हैं, इसलिए इनमें अच्छी तैयारी करना आवश्यक है।

संख्या प्रणाली की परिभाषा

संख्या प्रणाली उन संख्या प्रकारों का समूह है जो गणित में उपयोग की जाती हैं। इसमें संख्याओं के विभिन्न सेट शामिल होते हैं जैसे कि प्राकृतिक, पूरे, अंश, और वास्तविक संख्याएँ। जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले उन्हें विभिन्न संख्या प्रकारों के बारे में समझाना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए, प्राकृतिक संख्याएँ 1, 2, 3... से शुरू होती हैं और अंश में ½ जैसे संख्याएँ शामिल होती हैं।

संख्या प्रणाली का अध्ययन इसलिए किया जाता है क्योंकि यह गणित के अन्य विषयों की नींव है। यदि आपकी संख्या प्रणाली मजबूत है, तो आप आगे के विषय जैसे कि बीजगणित और ज्यामिति में भी अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, इसे अच्छी तरह से समझना आवश्यक है।

संख्याओं के प्रकार

संख्याओं के कई प्रकार होते हैं जो गणित में विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। जैसे कि, प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, अंश और दशमलव। पूर्ण संख्याएँ 0 के साथ प्राकृतिक संख्याओं को जोड़ती हैं, और अंश में वह संख्या होती है जो एक पूरे का भाग होती है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि छात्र अक्सर इन संख्याओं को गलत समझते हैं, जो कि एक बड़ी गलती है।

यह समझना जरूरी है कि संख्याएँ केवल गणितीय अवधारणाएँ नहीं हैं, बल्कि ये हर क्षेत्र में उपयोग की जाती हैं। उदाहरण के लिए, जब हम किसी सामान की कीमत की चर्चा करते हैं, तो हम संख्याओं का उपयोग करते हैं।

  • प्राकृतिक संख्या
  • पूर्ण संख्या
  • अंश
  • दशमलव
  • रियल नंबर
  • इम्पीरिकल नंबर

संख्याओं की विशेषताएँ

संख्याओं की कुछ विशेषताएँ होती हैं जो इन्हें अन्य प्रकारों से अलग करती हैं। जैसे कि, प्रत्येक संख्या में एक अद्वितीय पहचान होती है और विभाजन की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, ये संख्या प्रणाली में उपयोग होती हैं।

यहाँ तक कि जब मैं अपने छात्रों को संख्या की विशेषताओं पर चर्चा करता हूँ, तो वे अक्सर धोखा खा जाते हैं। इसलिए, महत्वपूर्ण है कि आप इन विशेषताओं को ध्यान में रखें। कुछ उदाहरण जैसे कि, 0 का गुणनफल किसी भी संख्या का 0 होता है, और 1 का गुणनफल किसी भी संख्या का वही होता है।

टिप: हर बार जब आप एक नई संख्या प्रणाली सीखें, तो उसके नियमों और विशेषताओं को ध्यान से समझें। इससे आपकी गणना में सुधार होगा!

संख्या प्रणाली का महत्व

संख्या प्रणाली का महत्व शिक्षा में केवल एक विषय तक सीमित नहीं है; बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है। आंकड़ों के उपयोग से लेकर व्यापार तक, संख्याएँ हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा हैं। मैंने कई बार देखा है कि छात्र इस विषय को हल्के में लेते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा में दिक्कत होती है।

यदि आप इस विषय को गहराई से समझते हैं, तो आप अन्य विषयों में भी अच्छा करेंगे। गणित में सफलता के लिए संख्याओं का ज्ञान होना आवश्यक है। पिछले साल की CTET परीक्षा में इस विषय से कई प्रश्न पूछे गए थे, इसलिए इसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

संख्याओं की उपश्रेणियाँ

संख्याएँ कई उपश्रेणियों में विभाजित की जा सकती हैं। जैसे कि, सम और विषम संख्याएँ, गुणात्मक और गुणात्मक संख्याएँ। जब मैं अपने छात्रों के साथ इनको समझता हूँ, तो मैं हमेशा उन्हें याद दिलाता हूँ कि इन उपश्रेणियों को जानने से उन्हें गणित में बेहतर समझ मिलती है।

सम संख्याएँ 2 से विभाजित की जा सकती हैं जबकि विषम संख्याएँ नहीं। यह सरल विभाजन का तरीका है, और यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा टिप है।

  • सम संख्या
  • विषम संख्या
  • गुणात्मक संख्या
  • गुणात्मक संख्या
  • परिमाण
  • शून्य

विभाजन की विशेषताएँ

विभाजन एक महत्वपूर्ण गणितीय क्रिया है जिसे समझना आवश्यक है। विशेष रूप से, जब हम संख्याओं को विभाजित करते हैं तो हमें कुछ विशेषताएँ ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है। जैसे कि, यदि कोई संख्या शून्य से विभाजित की जाती है, तो वह अनंत होती है।

पिछले 5 साल में मैंने देखा है कि इस विषय पर 8-10 प्रश्न परीक्षा में हर बार आते हैं। इसलिए इसे समझना बहुत जरूरी है। हमेशा ध्यान दें कि विभाजन में शेष को ध्यान में रखना आवश्यक है।

ध्यान दें: कई छात्र यह गलती करते हैं कि वे शून्य से विभाजन करने की कोशिश करते हैं, जो गलत है।

संख्याओं के उपयोग

संख्याएँ न केवल गणित में, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी में भी महत्वपूर्ण हैं। हम संख्याओं का उपयोग समय, मात्रा, और माप में करते हैं। मेरा सुझाव है कि आप अपने दैनिक जीवन में संख्याओं का इन्टरेक्टिव तरीके से उपयोग करें।

उदाहरण के लिए, जब आप खरीदारी करते हैं, तब आपको कीमतें और उनके जोड़-घटाव को समझना होता है। यह हमारे जीवन के लिए जरूरी है। अगर आप इस विषय में अच्छी तरह से तैयारी करते हैं, तो निश्चित रूप से आपको अच्छे अंक प्राप्त होंगे।

पिछले वर्षों के प्रश्न

पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करना आवश्यक है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कई बार वही प्रश्न अलग-अलग रूप में परीक्षा में आते हैं। इसलिए, पिछले प्रश्नपत्रों से तैयारी करना फायदेमंद होता है।

आपको पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए ताकि आप प्रश्नों के पैटर्न को समझ सकें। इससे आपको परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

विशेष टिप: हर दिन 2-3 पुराने प्रश्न पत्र हल करें, यह आपको सही दिशा में ले जाएगा।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
संख्याएँविवरण
प्राकृतिक संख्या1, 2, 3, ... से शुरू होती हैं
पूर्ण संख्या0, 1, 2, ... शामिल हैं
अंश1/2, 3/4 जैसे भाग होती हैं
दशमलव0.5, 1.25 जैसे अंश होते हैं
रियल नंबरसभी प्रकार की संख्याएँ
सम संख्या2, 4, 6, ...
विषम संख्या1, 3, 5, ...
गुणात्मक संख्याजिनका कोई मात्रा नहीं होता

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

महत्वपूर्ण तिथियाँकट-ऑफ अंक
CTET आवेदन तिथि-
परीक्षा तिथि-
परिणाम तिथि-
पुनरावलोकन तिथि-
कट-ऑफ 202390 अंक
कट-ऑफ 202285 अंक

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

CTET पेपर 1 की तैयारी की रणनीति

CTET पेपर 1 की तैयारी के लिए एक स्पष्ट रणनीति होना आवश्यक है। मैंने अपने छात्रों को हमेशा सलाह दी है कि वे पहले अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान करें और उन पर ध्यान केंद्रित करें। इसके अलावा, नियमित रूप से प्रैक्टिस करना बेहद जरूरी है।

आपको हर विषय को समझने और प्रेक्टिकल दृष्टिकोण से जोड़ने की आवश्यकता है। गणित के विषय के लिए, संख्या प्रणाली सबसे अहम है, इसीलिए इसे प्राथमिकता दें।

महिने दर महिने अध्ययन योजना

अगर आप CTET पेपर 1 की तैयारी कर रहे हैं, तो एक ठोस अध्ययन योजना बनाना अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, पहले माह में सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स की पहचान करें और रोजाना का समय निर्धारित करें।

दूसरे महीने में पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें और उनकी समीक्षा करें। तीसरे महीने में संशोधन पर ध्यान केंद्रित करें। मैंने देखा है कि इस प्रक्रिया से विद्यार्थी सुनिश्चित कर पाते हैं कि वे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को नहीं छोड़ते।

विषयवार मार्क्स का विभाजन

CTET पेपर 1 में सभी विषयों का अलग-अलग मार्क्स का विभाजन होता है। गणित का महत्व इस संदर्भ में बहुत अधिक है। जैसे कि, गणित से 30 अंक हैं, और संख्या प्रणाली से प्रश्न हर बार आते हैं। यह जानना जरूरी है कि किस विषय पर कितने अंक हैं।

आपको अपने अध्ययन के दौरान इस मार्क्स के वितरण का ध्यान रखना चाहिए। इससे आपको अपने ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।

  • गणित: 30 अंक
  • भाषा: 30 अंक
  • विज्ञान: 30 अंक
  • सामाजिक अध्ययन: 30 अंक
  • गणितीय तर्क: 10 अंक

महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची

संख्या प्रणाली के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं। जैसे कि, सम और विषम संख्या, अंश और दशमलव, गुणनफल, और भागफल। यह सभी टॉपिक्स परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं और इन्हें अच्छे से समझना आवश्यक है।

मेरी हमेशा यही सलाह रहती है कि आप इन टॉपिक्स को अच्छे से कवर करें और समझें। इससे आपकी तैयारी मजबूत बनेगी।

पुस्तकों की सूची

CTET की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन पुस्तकें हैं। जैसे कि, राधा देवी की गणित, NCERT की पुस्तकें, और सभी विषयों के लिए CTET की विशेष किताबें। ये पुस्तकें आपको विषय को समझने में मदद करेंगी।

आपको हर विषय के अनुसार सही पुस्तकें चुननी चाहिए। मेरी सलाह है कि आप NCERT किताबों को प्राथमिकता दें।

कोचिंग बनाम आत्म-शिक्षण

CTET की तैयारी के लिए कोचिंग और आत्म-शिक्षण के बीच एक चुनाव होता है। कोचिंग के फायदे हैं जैसे कि वक्त पर मार्गदर्शन और पाठ योजना। लेकिन स्वाध्याय का अपना एक अलग मजा है। मैंने देखा है कि खुद से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी बहुत सफल हो सकते हैं।

आपको अपनी इच्छानुसार एक मार्ग चुनना चाहिए। यदि आप कोचिंग की सहायता लेते हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह गुणवत्ता वाली हो।

  • कोचिंग के फायदे
  • स्वाध्याय का आनंद
  • लचीलापन
  • सीखने में गहराई
  • नियमितता

समय प्रबंधन और दैनिक योजना

समय प्रबंधन CTET की तैयारी में एक महत्वपूर्ण पहलू है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अपने दिन का सही तरीके से उपयोग करें। मैंने अपने छात्रों से कहा है कि वे एक डेली शेड्यूल बनाएं ताकि सभी विषयों का संतुलन बना रहे।

आपको दैनिक आधार पर समय निर्धारित करना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि आप हर विषय को ध्यान में रखते हुए समय का प्रबंधन करें।

विशेष टिप: 30 मिनट की पढ़ाई के बाद 5 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इससे आपकी एकाग्रता बढ़ेगी!

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन आपको कुछ चीजें सुनिश्चित करनी चाहिए, जैसे कि आपको परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुँचना है। इसके अलावा, सभी जरूरी दस्तावेज और स्टेशनरी साथ लेकर चलना न भूलें। एक और बात, परीक्षा से एक रात पहले अच्छे से सोएं।

जब आप परीक्षा के दिन जाते हैं, सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीजें ले जाऐं। पहचान पत्र, पंजीकरण पत्र, और स्टेशनरी जैसे पेन और पेपर साथ ले जाऐं।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

छात्रों द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियों में समय का सही उपयोग न करना और प्रश्नों को हल करने में जल्दबाजी करना शामिल है। ये गलतियाँ परीक्षा में आपके अंक को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

  • प्रश्न का सही समझना
  • समय प्रबंधन
  • जल्दी में हल करना
  • पुनरावलोकन करना न भूलें
  • फालतू के प्रश्नों में समय न लगाना

आखिरी 7 दिन का रिवीजन प्लान

अंतिम 7 दिनों में आपको अपने सभी महत्वपूर्ण विषयों का रिवीजन करना चाहिए। मैंने अपने छात्रों को यह सुझाव दिया है कि वे विषय प्रमुखताएँ तय करें और उन पर ध्यान केंद्रित करें।

हर दिन कम से कम 3 घंटे का समय अलग रखें। यह योजना आपको अंतिम समय में पूरी तैयारी करने में मदद करेगी।

अपेक्षित कट-ऑफ

कट-ऑफ हर वर्ष बदलता है और यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। पिछले वर्ष की CTET परीक्षा में कट-ऑफ 90 अंक थी। इसलिए, आपको अपने लक्ष्यों की योजना बनाते समय इस ओर ध्यान देना चाहिए।

हर वर्ष यह कट-ऑफ अलग-अलग होती है इसलिए पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें और अपने लक्ष्य निर्धारित करें।

करियर स्कोप और प्रमोशन

CTET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आपके करियर में कई अवसर खुलते हैं। आप विद्यालयों में शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं या अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी जा सकते हैं। एक सफल शिक्षक बनना आपको करियर की सीढ़ी पर चढ़ने का अवसर प्रदान करता है।

याद रहे, एक अच्छे शिक्षक की आवश्यकता हमेशा रहती है। इसलिए, CTET उत्तीर्ण करना आपकी शिक्षा यात्रा की शुरुआत है।

सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

मेरे छात्रों में से कई ने CTET परीक्षा में सफल होकर अपने सपनों को पूरा किया है। उदाहरण के लिए, आशा वर्मा, जिन्होंने कड़ी मेहनत करके 120 अंक प्राप्त किए और अब एक शिक्षक हैं। उनकी कहानी हमें प्रेरित करती है कि सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति भी महत्वपूर्ण है।

याद रखें, सफलता आपके प्रयासों का परिणाम है। बस निरंतरता बनाए रखें!

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET पेपर 1 में संख्या प्रणाली से संबंधित कई महत्वपूर्ण टॉपिक्स होते हैं। इनमें प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, अंश, दशमलव, सम और विषम संख्याएँ, और रियल नंबर शामिल होते हैं। ये सभी टॉपिक्स परीक्षा में महत्वपूर्ण होते हैं और बार-बार पूछे जाते हैं। इसलिए, इन सभी टॉपिक्स को अच्छे से समझना आवश्यक है।

CTET परीक्षा में नकारात्मक मार्किंग नहीं होती है। छात्रों को दिए गए प्रश्नों के सभी उत्तर सही तरीके से लिखने की सलाह दी जाती है। इसलिए, आपको प्रश्नों को ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए और सही उत्तर देने का प्रयास करना चाहिए।

संख्या प्रणाली की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन किताबें हैं जैसे कि NCERT की गणित की किताबें, R.D. Sharma, और CTET के लिए विशेष किताबें। ये किताबें संख्याओं के विभिन्न पहलुओं को अच्छे से समझाने में मदद करती हैं। मैं हमेशा छात्रों को यही सलाह देता हूँ कि वे NCERT की किताबों से शुरुआत करें।

CTET पेपर 1 में गणित के कुल 30 अंक होते हैं, जिनमें संख्या प्रणाली से संबंधित प्रश्न भी शामिल होते हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि इस विषय से 10-15 अंक के प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। इसलिए, इसे अच्छे से तैयार करना महत्वपूर्ण है।

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाना आवश्यक है। पहले, आप अपने कमजोर विषयों की पहचान करें और उन पर ध्यान केंद्रित करें। रोजाना 2-3 घंटे की पढ़ाई करें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें। साथ ही, महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची बनाएं और उन्हें बार-बार रिवाइज करें।

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