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Syllabus 2026

CTET Paper 1 Mathematics Mensuration Concept Syllabus Details

CTET Paper 1 Mathematics के लिए माप की अवधारणाएँ समझें!

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

CTET परीक्षा में गणित का विषय बहुत महत्वपूर्ण है, और माप (Mensuration) एक प्रमुख धारा है। इस धारा में प्रायः आकृतियों के क्षेत्रफल, परिमाप तथा आयतन की गणना शामिल होती है। यह परीक्षा में 1 से 2 प्रश्नों का केंद्रबिंदु बन सकता है। इसलिए, इस विषय का सही समझना आवश्यक है। आइए, हम इसे विस्तार से समझते हैं।

माप की परिभाषा (Definition of Mensuration)

माप (Mensuration) का अर्थ है किसी आकृति या वस्तु के आयामों, जैसे कि क्षेत्रफल (Area), परिमाप (Perimeter) और आयतन (Volume) का मापन। इसका उपयोग वास्तुकला, निर्माण और दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, यदि हमें एक कमरे का क्षेत्रफल ज्ञात करना है, तो हमें माप की तकनीक का उपयोग करना होगा।

माप में मुख्यतः दो प्रकार की आकृतियाँ आती हैं: दो-आयामी (2D) और तीन-आयामी (3D)। दो-आयामी आकृतियाँ जैसे आयत, त्रिकोण और वृत्त होती हैं, जबकि तीन-आयामी आकृतियाँ जैसे घन, बेलन और शंकु होती हैं।

माप का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background of Mensuration)

प्राचीनतमी गणितज्ञों ने माप के सिद्धांतों का उपयोग करके समस्याओं को हल किया, जैसे कि एशियाई, यूरोपीय और भारतीय सभ्यताओं में। मिस्र के प्राचीन इंजीनियरों ने पिरामिडों का निर्माण करते समय माप की तकनीकों का उपयोग किया। इस प्रकार, माप की अवधारणाएँ सदियों से मानव चेतना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।

माप के विकास में भारतीय गणितज्ञों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। आचार्य आर्यभट्ट और भास्कराचार्य जैसे गणितज्ञों ने माप के विभिन्न सिद्धांतों को विकसित किया था। वर्तमान में माप सभी गणित की शाखाओं का एक अभिन्न हिस्सा है।

  • क्षेत्रफल का मापन
  • परिमाप का मापन
  • आयतन का मापन
  • विभिन्न आकृतियों का मापन
  • प्रायोगिक समस्याओं का समाधान
  • गणितीय अवधारणाओं का उपयोग

CTET में माप का महत्व (Importance of Mensuration in CTET)

CTET परीक्षा में गणित के प्रश्नों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माप से संबंधित होता है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि माप से जुड़े प्रश्न हर बार शामिल होते हैं। इसलिए, इसे हल करने के लिए छात्रों को उपयुक्त रणनीतियों का अध्ययन करना होता है।

परीक्षा में माप के प्रश्नों को हल करने के लिए गहन अनुभव और लगन की आवश्यकता होती है। छात्र यदि समय प्रबंधन और सही तकनीकों का उपयोग करते हैं, तो वे इस श्रेणी में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

मेरा सुझाव है कि आप पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। इससे आपको माप के प्रश्नों का पैटर्न समझने में मदद मिलेगी।

माप के प्रकार (Types of Mensuration)

माप को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। यहाँ पर दो प्रमुख प्रकार दिए गए हैं:

1. **दो-आयामी (2D):** यह प्रकार भूमि के क्षेत्रफल, प्राय: आयत, त्रिकोण और वृत्त के लिए होता है। इन आकृतियों का उपयोग शहरी योजनाओं में और अन्य क्षेत्रों में किया जाता है। 2D माप में परिमापों का भी एक अलग महत्व है।

  • आयत का क्षेत्रफल और परिमाप
  • त्रिकोण का क्षेत्रफल
  • वृत्त का क्षेत्रफल और व्यास
  • पैरालेलोग्राम का क्षेत्रफल
  • ट्रैपेजियम का क्षेत्रफल

तीन-आयामी माप (3D Mensuration)

तीन-आयामी आकृतियाँ जैसे घन, बेलन और शंकु का क्षेत्रफल और आयतन मापना आवश्यक होता है। यह भौतिक विज्ञान और वास्तुकला में महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, एक टैंक का आयतन ज्ञात करना आवश्यक है।

3D आकृतियों में, हम घन के लिए भिन्नता का माप, शंकु के लिए आयतन और बेलन के लिए क्षेत्रफल मापते हैं। यह विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे समय-समय पर 3D माप के प्रश्नों का अभ्यास करें।

मुझे लगता है कि 3D आकृतियों को समझने के लिए आप कुछ वास्तविक उदाहरणों का अध्ययन करें, यह आपको तेज़ी से सीखने में मदद करेगा।

महत्वपूर्ण गुणांक और सूत्र (Important Formulas and Coefficients)

माप में विभिन्न आकृतियों के लिए महत्वपूर्ण गुणांक और सूत्र होते हैं। ये गुणांक यह निर्धारित करते हैं कि हम कब और कैसे क्षेत्रफल और आयतन की गणना करेंगे। इस हेतु कुछ महत्वपूर्ण सूत्र इस प्रकार हैं:

आयत: क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
त्रिकोण: क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई
वृत्त: क्षेत्रफल = π × व्यास²/4
घन: आयतन = पक्ष का घनफल (side³)
बेलन: आयतन = π × व्यास²/4 × ऊँचाई

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण (Analysis of Previous Year Question Papers)

यदि हम पिछले वर्षों के CTET प्रश्न पत्रों पर ध्यान दें, तो हम पाएंगे कि माप से संबंधित प्रश्नों की संख्या में एक निश्चित पैटर्न है। आमतौर पर, 2024 में 25% प्रश्न माप के थे।

इसलिए, छात्रों को उचित तैयारी के लिए इस विषय पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करके आप इस विषय में आत्मविश्वास विकसित कर सकते हैं।

मेरी सलाह है कि प्रतिदिन एक नया प्रश्न हल करें। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और माप की अवधारणाओं को सुदृढ़ करेगा।

संक्षेप में माप (In Summary: Mensuration)

इस प्रकार, माप गणित के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में सामने आता है। CTET परीक्षा में यह विषय अक्सर छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन यदि आप इसे सही तरीके से समझते हैं, तो सफलता निश्चित है।

आपको चाहिए कि आप निरंतर अभ्यास करें और समय-समय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें। याद रखिए, हर एक अंक महत्वपूर्ण होता है।

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विशेषताविवरण
क्षेत्रफल (Area)आकृतियों का मापन
परिमाप (Perimeter)आकृतियों की सीमाओं का मापन
आयतन (Volume)घनाकार वस्तुओं का मापन
आयत का क्षेत्रफललंबाई × चौड़ाई
त्रिकोण का क्षेत्रफल1/2 × आधार × ऊँचाई
वृत्त का क्षेत्रफलπ × व्यास²/4
घन का आयतनपक्ष का घनफल (side³)
बेलन का आयतनπ × व्यास²/4 × ऊँचाई

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकट-ऑफ (Cut-off)
202085
202187
202288
202390
202485
202590

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

परीक्षा की तैयारी की रणनीति (Preparation Strategy for the Exam)

परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है एक ठोस योजना बनाना। पहले समझें कि आपको कितने समय में क्या-क्या करना है। माप के टॉपिक को सबसे पहले समझना चाहिए, क्यों कि यह बाकी विषयों के लिए आवश्यक आधार प्रदान करता है।

एक उचित अध्ययन समय का निर्धारण करें, जैसे सुबह के घंटे या शाम के समय। अगर आप एक निश्चित समय पर पढ़ाई करते हैं, तो आपकी याददाश्त बेहतर होगी।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना (Month-by-Month Study Plan)

इस महीने की तैयारी के लिए, निम्नलिखित अध्यायों पर ध्यान देना चाहिए। पहले महीने में माप के अलावा अन्य सभी विषयों पर ध्यान दें। दूसरे महीने में, माप पर अधिक ध्यान दें।

हर सप्ताह में कम से कम 10-15 प्रश्न हल करना न भूलें। इससे आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव प्राप्त होगा।

एक महत्वपूर्ण टिप: यदि आप समय पर सभी प्रश्न हल कर लेते हैं, तो आप पूर्व परीक्षा के माहौल में अच्छे से ढल सकेंगे।

विषयवार विभाजन (Subject-wise Breakdown)

सीटीईटी परीक्षा में विषयों का विभाजन इस प्रकार है: गणित, पर्यावरण अध्ययन, हिंदी, अंग्रेजी। गणित में माप का योगदान महत्वपूर्ण है। गणित में आपके पास 30 प्रश्न होंगे, जिनमें से 10-12 प्रश्न माप के होंगे।

यदि आप सही तरीके से अध्ययन करते हैं, तो माप के प्रश्नों में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। माप के महत्व को समझकर ही आप बाकी विषयों में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

  • गणित - 30 प्रश्न
  • पर्यावरण अध्ययन - 30 प्रश्न
  • हिंदी - 30 प्रश्न
  • अंग्रेजी - 30 प्रश्न
  • समाप्ती - 30 प्रश्न

महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूची (List of Important Topics)

गणित में माप से जुड़े ये महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए:

  • आयत का क्षेत्रफल
  • त्रिकोण का क्षेत्रफल
  • वृत्त का क्षेत्रफल
  • घन का आयतन
  • शंकु का आयतन
  • बेलन का आयतन

सर्वश्रेष्ठ किताबें (Best Books)

CTET की तैयारी के लिए निम्नलिखित किताबें अत्यधिक उपयोगी साबित हुई हैं:

1. गणित का सफर (लेखक: आर. पी. कश्यप) - यह किताब बुनियादी अवधारणाओं को समझने में मदद करती है।
2. CTET में गणित (लेखक: सत्येंद्र कुमार) - यह परीक्षा के लिए अद्भुत सामग्री प्रदान करती है।
3. NCERT गणित की किताबें - NCERT की किताबें सही और सरल भाषा में समस्याएं प्रस्तुत करती हैं।

कोचिंग बनाम आत्म-अधिगम (Coaching vs Self-Study)

कोचिंग और आत्म-अधिगम दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं। कई छात्र कोचिंग लेना पसंद करते हैं, जहाँ उन्हें मार्गदर्शन मिलता है। वहीं कुछ छात्र स्वाध्याय से ही अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

मेरा सुझाव है कि आप पहले कोचिंग लें और फिर स्वाध्याय करें। इससे आप शीर्षिकों को समझने में बेहतर होंगे।

  • कोचिंग: प्रशिक्षित शिक्षकों की मदद मिलती है।
  • स्वाध्याय: व्यक्तिगत तीव्रता पर निर्भर करता है।
  • दोनों का मिश्रण: यह सबसे उत्तम तरीका है।
आपके व्यक्तिगत दृष्टिकोण पर निर्भर करता है कि आप कौन सा तरीका चुनते हैं।

समय प्रबंधन और दैनिक कार्यक्रम (Time Management and Daily Schedule)

एक उचित समय प्रबंधन प्रणाली बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। आपको अपनी पढ़ाई के लिए एक दैनिक कार्यक्रम बनाना चाहिए, जिसमें अध्ययन के लिए सही समय निर्धारित किया गया हो।

एक सुझाव यह है कि आप सुबह के समय किताबों का अध्ययन करें और शाम के समय प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपकी दक्षता में सुधार होगा।

अंतिम 30 दिनों की पुनरावृत्ति रणनीति (Revision Strategy for Last 30 Days)

अंतिम 30 दिनों में, आपको अपने सभी विषयों का पुनरावलोकन करने के लिए एक ठोस योजना बनानी होगी। माप पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

पुनरावृत्ति करते समय, उन विषयों पर फोकस करें जिनमें आप सबसे अधिक कमजोर महसूस करते हैं। इससे आप अपनी कमजोरियों को दूर कर सकते हैं।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा के दिन की चेकलिस्ट (Exam Day Checklist)

परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप सभी आवश्यक चीजें लेकर जाएं। जैसे कि एडमिट कार्ड, पेन, पेंसिल, सेट स्क्वायर, और घड़ी।

यह भी सुनिश्चित करें कि आप सही समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें। अगर संभव हो तो सुबह का नाश्ता हल्का रखें, ताकि आप ताजा महसूस करें।

छात्रों की 10 सामान्य गलतियाँ (10 Common Mistakes Students Make)

बहुत से छात्र परीक्षा के दौरान कई सामान्य गलतियाँ करते हैं। ये गलतियाँ उनकी प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ दी गई हैं:

  • प्रश्न को सही तरीके से नहीं पढ़ना।
  • समय का सही प्रबंधन नहीं करना।
  • अवांछित प्रश्नों पर समय बर्बाद करना।
  • तत्काल निर्णय लेना।
  • पुनरावलोकन नहीं करना।
  • एच.के. जी. में गलतियाँ करना।
  • विभिन्न विषयों के बीच संतुलन नहीं बना पाना।
  • अधिक आत्मविश्वास दिखाना।
  • सही उपकरणों का उपयोग नहीं करना।
  • योजना का पालन नहीं करना।

अंतिम 7-दिन की पुनरावृत्ति योजना (Last 7-Day Countdown Revision Plan)

अंतिम 7 दिनों में, एक ठोस पुनरावलोकन योजना बनाना चाहिए। पहले दो दिन में माप से जुड़े सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान दें।

इसके बाद, प्रत्येक दिन 5-6 प्रश्न हल करें और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र भी देखें। यह आपको परीक्षा के लिए अच्छा अनुभव देगा।

अपेक्षित कट-ऑफ्स (Expected Cut-offs)

CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। पिछले वर्ष में, 2024 में गणित के लिए कट-ऑफ लगभग 85 था।

इसलिए, आपको अपने अंकों को अधिकतम करने के लिए अच्छे से तैयार होना होगा।

कैरियर की संभावनाएँ (Career Scope)

CTET उत्तीर्ण करने के बाद कई कैरियर विकल्प खुलते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक नियुक्त हो सकते हैं। इसके अलावा, कई प्राइवेट स्कूलों में भी आपके लिए अवसर उपलब्ध होते हैं।

इस पेशे में प्रगति के लिए निरंतर अध्ययन और आत्म-विकास आवश्यक है।

सफलता की कहानी (Success Stories)

टॉपर साहिल ने परीक्षा में 98 अंक प्राप्त किए। उसने कहा, "सही दिशा में मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास ने मुझे सफलता दिलाई।"

एक और टॉपर नीतू ने बताया कि उसने समय पर सभी विषयों का पूरा पुनरावलोकन किया और प्रश्न पत्र हल किए।

छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि गलतियों से सीखना बहुत ज़रूरी है।

याद रखिए, कठिनाई के बावजूद मेहनत करने से आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET Paper 1 में माप के टॉपिक्स में आयत, त्रिकोण, वृत्त, घन, बेलन, और शंकु जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। ये सभी आकृतियाँ परीक्षा में महत्वपूर्ण प्रश्न प्रस्तुत करती हैं। इस प्रकार, इनकी तैयारी अच्छी तरह से की जानी चाहिए।

CTET परीक्षा के लिए माप की तैयारी करते समय सबसे पहले आपको महत्वपूर्ण सूत्रों और अवधारणाओं को समझना चाहिए। इसके बाद, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें और समय-समय पर मॉक टेस्ट लें। इससे आपकी मौखिक और लिखित दोनों रूप में तैयारी होगी।

हां, CTET में माप का हिस्सा आमतौर पर 10-12 प्रश्नों का होता है, जो कुल गणित के प्रश्नों का 30% होता है। यदि आप माप पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो ये प्रश्न आपके कुल अंकों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

CTET परीक्षा में माप के प्रश्नों के लिए विशेष रणनीति यह है कि पहले समझें प्रश्न को ठीक से पढ़ें। जटिल प्रश्नों को हल करने के लिए गणितीय सूत्रों का सही उपयोग करें और समय का सही प्रबंधन करें।

CTET परीक्षा में माप के प्रश्नों का पैटर्न हर वर्ष समान होता है, जिसमें आकृतियों के क्षेत्रफल और आयतन से संबंधित प्रश्न होते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों के अनुसार, माप से जुड़े प्रश्न अक्सर 2-4 अंकों के होते हैं।

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