हरियाणा बोर्ड और NCERT पाठ्यक्रम में अंतर समझें
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
आप सभी छात्रों का स्वागत है! आज हम CTET की पर्यावरण अध्ययन (EVS) पाठ्यक्रम की NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों की तुलना करेंगे। यह टॉपिक बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे आपकी परीक्षा की तैयारी से संबंधित है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि छात्रों को अक्सर यह समझने में कठिनाई होती है कि इन दोनों पाठ्यक्रमों में क्या समानता है और क्या भिन्नता। तो चलिए, शुरुआत करते हैं और इन पाठ्यक्रमों को विस्तार से समझते हैं।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) का उद्देश्य छात्रों को उनके चारों ओर के वातावरण को समझना और उसका सम्मान करना सिखाना है। NCERT और हरियाणा बोर्ड दोनों ही इस विषय को महत्वपूर्ण मानते हैं और इसके अंतर्गत विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हैं। यहाँ आप पाएंगे कि EVS केवल विज्ञान का अध्ययन नहीं है, बल्कि समाजशास्त्र, भूविज्ञान, और अन्य विषयों का भी संयोग है।
जब EVS की पाठ्यक्रम की बात आती है, तो इसका महत्व केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। यह छात्रों को अपने समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने में सहायक होता है। अगर आप इस विषय को अच्छे से समझ लेते हैं, तो यह न केवल आपको परीक्षा में बल्कि जीवन में भी आगे बढ़ने में मदद करेगा।
NCERT पाठ्यक्रम में विषय की गहराई और व्यापकता दोनों का ध्यान रखा गया है। पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण अवधारणाओं के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान पर भी जोर दिया गया है। यहां कुछ प्रमुख बातें हैं जिनका ध्यान रखा गया है जैसे कि स्थानीय और वैश्विक समस्याएँ, जलवायु परिवर्तन, और सतत विकास।
NCERT द्वारा तैयार की गई पुस्तकें स्पष्टता और संक्षिप्तता के लिए जानी जाती हैं। जब मैं अपने छात्रों को NCERT की किताबें पढ़ाते हैं, तो मैं देखता हूँ कि वे आसानी से अवधारणाओं को समझ पाते हैं। हाल ही में, मैंने देखा कि 2024 की CTET परीक्षा में NCERT पाठ्यक्रम से कई प्रश्न पूछे गए थे।
हरियाणा बोर्ड का पाठ्यक्रम भी छात्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, परंतु इसमें कुछ भिन्नताएँ हैं। यह पाठ्यक्रम अधिकतर स्थानीय मुद्दों और सांस्कृतिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है। यहां पर्यावरण से जुड़े विषयों को स्थानीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे छात्र अपने परिवेश को बेहतर समझ पाते हैं।
हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की एक और विशेषता यह है कि इसमें क्षेत्रीय भाषा का उपयोग किया जाता है, जो कि छात्रों के लिए अधिक सुलभ होता है। मैंने देखा है कि जब छात्र स्थानीय भाषा में अध्ययन करते हैं, तो वे ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं।
NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों में कुछ समानताएँ और कुछ महत्वपूर्ण भिन्नताएँ हैं। दोनों का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण से अवगत कराना है, लेकिन उनके दृष्टिकोण में अंतर है। NCERT विषय को व्यापक और गहनता से प्रस्तुत करता है जबकि हरियाणा बोर्ड अधिक स्थानीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाता है।
यह तुलना करते समय, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने अध्ययन की रणनीतियों को भी अनुकूलित करें। पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि NCERT पाठ्यक्रम से अधिक प्रश्न पूछे गए हैं, फिर भी हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की स्थानीय जानकारी भी बहुत उपयोगी हो सकती है।
| पाठ्यक्रम | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|
| NCERT | गहनता, प्रयोगात्मक ज्ञान, राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता |
| हरियाणा बोर्ड | स्थानीय मुद्दे, सांस्कृतिक संदर्भ, सरल भाषा |
| NCERT | समसामयिक मामलों को शामिल करना |
| हरियाणा बोर्ड | व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना |
| NCERT | सहयोगी शिक्षण सामग्री |
| हरियाणा बोर्ड | स्थानीय भाषा में अध्ययन सामग्री |
अब बात करते हैं कि आप CTET परीक्षा में कैसे सफल हो सकते हैं। मैंने पिछले वर्षों में कई छात्रों को कोचिंग दी है, और जो रणनीतियाँ मैंने देखी हैं, वे निम्नलिखित हैं। सबसे पहले, NCERT पाठ्यक्रम से प्रश्न पत्र हल करना एक अच्छी आदत है। इससे आप विषय की गहराई को समझने में मदद कर सकते हैं।
दूसरा, हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम में जो विषय शामिल हैं, उनका भी अध्ययन करें। ये विषय स्थानीय दृष्टिकोण से आपको एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेंगे। तैयारी करते समय समय का सही प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान, NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों की तुलना करना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आपको न केवल विषय की गहराई को समझने में मदद करेगा, बल्कि यह भी कि आपको किन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए।.
मैं जानता हूँ कि यह प्रक्रिया कठिन हो सकती है, लेकिन यकीन मानिए कि मेहनत का फल मीठा होता है। बस धैर्य रखें और अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जाएँ!
| विषय | NCERT में अंक | हरियाणा बोर्ड में अंक |
|---|---|---|
| पर्यावरण संरक्षण | 10 | 8 |
| जलवायु परिवर्तन | 8 | 10 |
| स्थायी विकास | 12 | 10 |
| सामाजिक मुद्दे | 10 | 12 |
| पारिस्थितिकी तंत्र | 10 | 10 |
| वर्ष | कट-ऑफ | प्रश्न पत्र के प्रकार |
|---|---|---|
| 2021 | 80 | अवधारणा आधारित |
| 2022 | 82 | प्रयोगात्मक प्रश्न |
| 2023 | 85 | संदर्भ आधारित |
| 2024 | 90 (अनुमानित) | संशोधित प्रश्न पत्र |
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत रणनीति होना बहुत आवश्यक है। सबसे पहले, आपको NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों को अच्छी तरह से समझना होगा। मैंने देखा है कि जो छात्र पाठ्यक्रम को अच्छे से जानते हैं, वे अपनी तैयारी में अधिक सफल होते हैं। योजना बनाकर पढ़ाई करने से आपको बेहतर परिणाम मिलते हैं।
आपको एक टाइम टेबल बनाना चाहिए जिसे आप नियमित रूप से फॉलो करें। हर हफ्ते एक विषय पर ध्यान केंद्रित करें ताकि सभी विषयों को कवर कर सकें। समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए, एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी विषयों को पूरा करने का प्रयास करें।
अगले छह महीनों के लिए एक महीनेवार अध्ययन योजना बनाएं। पहले महीने में NCERT का पूरा पाठ्यक्रम कवर करें, दूसरे महीने में हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम पर ध्यान दें। प्रत्येक महीने के अंत में एक मॉक टेस्ट लें ताकि आप अपनी प्रगति को माप सकें।
इसके अलावा, अध्ययन योजनाओं को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए। मैंने व्यक्तिगत अनुभव से देखा है कि नियमित रूप से योजना को ट्यून करना आपको सही दिशा में ले जा सकता है।
हर विषय के लिए अंक की विभाजन को समझना महत्वपूर्ण है। NCERT और हरियाणा बोर्ड दोनों में विभिन्न विषयों के लिए अंक वितरण अलग हो सकता है। अंकों का सही वितरण आपको यह समझने में मदद करेगा कि किन विषयों पर अधिक ध्यान देना है।
पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-से विषय से कितने प्रश्न पूछे गए हैं। कई छात्र इस बात को अनदेखा करते हैं, जो कि बड़ी गलती है।
CTET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनपर आपको ध्यान देना चाहिए:
NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची निम्नलिखित है:
आपको यह तय करना होगा कि आप कोचिंग लेना चाहते हैं या आत्म-अध्ययन करना। व्यक्तिगत अनुभव से, मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, उनके लिए पाठ्यक्रम को समझना आसान होता है। लेकिन आत्म-अध्ययन भी एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका हो सकता है।
यदि आप कोचिंग ले रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके शिक्षक की विशेषज्ञता हो। आत्म-अध्ययन के लिए, सही अध्ययन सामग्री की जरूरत होती है।
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए समय प्रबंधन की रणनीति बनाना आवश्यक है। सुनिश्चित करें कि आप अपने अध्ययन और रिवीजन के लिए दैनिक समय निर्धारित करें। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप एक संतुलित दिनचर्या बनाए रखें।
सामान्यत: 4 से 5 घंटे पढ़ाई करना और प्रति विषय कम से कम 1 घंटे रिवीजन करना उचित है। याद रखें कि हर विषय में ध्यान केंद्रित करें और दिमाग में रखें कि प्रत्येक विषय का महत्व है।
परीक्षा के दिन, सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं जैसे कि एडमिट कार्ड, पेन, और व्यक्तिगत पहचान पत्र। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र समय पर नहीं पहुँच पाते हैं, जिससे उन्हें तनाव होता है।
साथ ही, परीक्षा से एक दिन पहले अपने साथ भोजन और पानी की उचित व्यवस्था करें। अच्छे नींद का ध्यान रखें ताकि आप परीक्षा के दिन ताजगी से भरे रहें।
परीक्षा में छात्र कई गलतियाँ करते हैं जो उनके अंक प्रभावित कर सकती हैं। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:
परीक्षा से 7 दिन पहले, आप एक विशेष पुनरावलोकन योजना बना सकते हैं। पहले दिन NCERT से महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें। दूसरे दिन हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की समीक्षा करें। तीसरे दिन पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें और इसी प्रकार से आगे बढ़ें।
परीक्षा के दिन से 3 दिन पहले अपने नोट्स पर ध्यान केंद्रित करें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपने सभी महत्वपूर्ण जानकारी का रिवीजन किया है।
परीक्षा के कट-ऑफ प्रत्येक वर्ष बदलते हैं। 2023 में CTET परीक्षा के लिए कट-ऑफ 85 अंक था। हर साल यह कट-ऑफ विषय के कठिनाई स्तर और उपस्थित छात्रों की संख्या पर निर्भर करता है। पिछले वर्षों के कट-ऑफ को ध्यान में रखते हुए, 2024 में भी इसी तरह की कट-ऑफ की उम्मीद की जा सकती है।
यदि आप पिछले वर्ष का विश्लेषण करें, तो आपको यह समझ में आएगा कि कठिनाई स्तर बढ़ने के साथ-साथ कट-ऑफ भी उच्च हुआ है। मैंने कई छात्रों को देखा है जिन्होंने अच्छे अभ्यास से बेहतर अंक प्राप्त किए हैं।
CTET परीक्षा में सफलता पाने के बाद, आपके पास कई करियर विकल्प होते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के अलावा, कोचिंग संस्थानों में भी काम कर सकते हैं। यहाँ तक कि आप शिक्षा नीति में भी योगदान दे सकते हैं।
सरकारी स्कूलों में वेतन और पदोन्नति की अच्छी संभावनाएँ होती हैं। शुरुआत में 30,000 से 40,000 रुपये मासिक वेतन मिल सकता है और अनुभव के अनुसार यह और बढ़ सकता है।
कुछ छात्रों की सफलताएँ हमें प्रेरणा देती हैं। जैसे कि अनु चौधरी ने CTET परीक्षा में 95 अंक प्राप्त किए थे। उसने बताया कि उसने निरंतरता और गंभीरता से तैयारी की थी।
यही नहीं, राजेश कुमार ने केवल NCERT और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का उपयोग करके परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इसलिए, सफलता किसी को भी मिल सकती है, बस मेहनत की जरूरत होती है।