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Syllabus 2026

CTET EVS Syllabus NCERT vs Haryana Board Textbooks की तुलना

हरियाणा बोर्ड और NCERT पाठ्यक्रम में अंतर समझें

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Syllabus 2026 — Overview

आप सभी छात्रों का स्वागत है! आज हम CTET की पर्यावरण अध्ययन (EVS) पाठ्यक्रम की NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों की तुलना करेंगे। यह टॉपिक बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे आपकी परीक्षा की तैयारी से संबंधित है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि छात्रों को अक्सर यह समझने में कठिनाई होती है कि इन दोनों पाठ्यक्रमों में क्या समानता है और क्या भिन्नता। तो चलिए, शुरुआत करते हैं और इन पाठ्यक्रमों को विस्तार से समझते हैं।

पर्यावरण अध्ययन का परिचय

पर्यावरण अध्ययन (EVS) का उद्देश्य छात्रों को उनके चारों ओर के वातावरण को समझना और उसका सम्मान करना सिखाना है। NCERT और हरियाणा बोर्ड दोनों ही इस विषय को महत्वपूर्ण मानते हैं और इसके अंतर्गत विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हैं। यहाँ आप पाएंगे कि EVS केवल विज्ञान का अध्ययन नहीं है, बल्कि समाजशास्त्र, भूविज्ञान, और अन्य विषयों का भी संयोग है।

जब EVS की पाठ्यक्रम की बात आती है, तो इसका महत्व केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। यह छात्रों को अपने समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने में सहायक होता है। अगर आप इस विषय को अच्छे से समझ लेते हैं, तो यह न केवल आपको परीक्षा में बल्कि जीवन में भी आगे बढ़ने में मदद करेगा।

NCERT पाठ्यक्रम की विशेषताएँ

NCERT पाठ्यक्रम में विषय की गहराई और व्यापकता दोनों का ध्यान रखा गया है। पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण अवधारणाओं के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान पर भी जोर दिया गया है। यहां कुछ प्रमुख बातें हैं जिनका ध्यान रखा गया है जैसे कि स्थानीय और वैश्विक समस्याएँ, जलवायु परिवर्तन, और सतत विकास।

NCERT द्वारा तैयार की गई पुस्तकें स्पष्टता और संक्षिप्तता के लिए जानी जाती हैं। जब मैं अपने छात्रों को NCERT की किताबें पढ़ाते हैं, तो मैं देखता हूँ कि वे आसानी से अवधारणाओं को समझ पाते हैं। हाल ही में, मैंने देखा कि 2024 की CTET परीक्षा में NCERT पाठ्यक्रम से कई प्रश्न पूछे गए थे।

  • सहयोगी शिक्षण सामग्री
  • स्पष्ट और संक्षिप्त विषयवस्तु
  • अध्ययन के लिए प्रासंगिक उदाहरण
  • समसामयिक मामलों का समावेश
  • पुनरावलोकन प्रश्न
  • प्रयोगात्मक परियोजनाएँ

हरियाणा बोर्ड पाठ्यक्रम का विश्लेषण

हरियाणा बोर्ड का पाठ्यक्रम भी छात्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, परंतु इसमें कुछ भिन्नताएँ हैं। यह पाठ्यक्रम अधिकतर स्थानीय मुद्दों और सांस्कृतिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है। यहां पर्यावरण से जुड़े विषयों को स्थानीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे छात्र अपने परिवेश को बेहतर समझ पाते हैं।

हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की एक और विशेषता यह है कि इसमें क्षेत्रीय भाषा का उपयोग किया जाता है, जो कि छात्रों के लिए अधिक सुलभ होता है। मैंने देखा है कि जब छात्र स्थानीय भाषा में अध्ययन करते हैं, तो वे ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं।

याद रखें, हर पाठ्यक्रम की अपनी विशेषताएँ होती हैं। सही संसाधन का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है।

NCERT बनाम हरियाणा बोर्ड: मुख्य अंतरों की तुलना

NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों में कुछ समानताएँ और कुछ महत्वपूर्ण भिन्नताएँ हैं। दोनों का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण से अवगत कराना है, लेकिन उनके दृष्टिकोण में अंतर है। NCERT विषय को व्यापक और गहनता से प्रस्तुत करता है जबकि हरियाणा बोर्ड अधिक स्थानीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाता है।

यह तुलना करते समय, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने अध्ययन की रणनीतियों को भी अनुकूलित करें। पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि NCERT पाठ्यक्रम से अधिक प्रश्न पूछे गए हैं, फिर भी हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की स्थानीय जानकारी भी बहुत उपयोगी हो सकती है।

पाठ्यक्रममुख्य विशेषताएँ
NCERTगहनता, प्रयोगात्मक ज्ञान, राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता
हरियाणा बोर्डस्थानीय मुद्दे, सांस्कृतिक संदर्भ, सरल भाषा
NCERTसमसामयिक मामलों को शामिल करना
हरियाणा बोर्डव्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना
NCERTसहयोगी शिक्षण सामग्री
हरियाणा बोर्डस्थानीय भाषा में अध्ययन सामग्री

परीक्षा में सफलता के लिए रणनीतियाँ

अब बात करते हैं कि आप CTET परीक्षा में कैसे सफल हो सकते हैं। मैंने पिछले वर्षों में कई छात्रों को कोचिंग दी है, और जो रणनीतियाँ मैंने देखी हैं, वे निम्नलिखित हैं। सबसे पहले, NCERT पाठ्यक्रम से प्रश्न पत्र हल करना एक अच्छी आदत है। इससे आप विषय की गहराई को समझने में मदद कर सकते हैं।

दूसरा, हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम में जो विषय शामिल हैं, उनका भी अध्ययन करें। ये विषय स्थानीय दृष्टिकोण से आपको एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेंगे। तैयारी करते समय समय का सही प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण है।

याद रखें, निरंतरता और समर्पण से ही आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कभी हार न मानें!

अंतिम शब्द

CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान, NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों की तुलना करना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आपको न केवल विषय की गहराई को समझने में मदद करेगा, बल्कि यह भी कि आपको किन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए।.

मैं जानता हूँ कि यह प्रक्रिया कठिन हो सकती है, लेकिन यकीन मानिए कि मेहनत का फल मीठा होता है। बस धैर्य रखें और अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जाएँ!

CTET PRIMARY Syllabus — Subject-wise Breakdown

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक विषय के प्रश्नों की संख्या और अंक दिए गए हैं।
विषयNCERT में अंकहरियाणा बोर्ड में अंक
पर्यावरण संरक्षण108
जलवायु परिवर्तन810
स्थायी विकास1210
सामाजिक मुद्दे1012
पारिस्थितिकी तंत्र1010

CTET PRIMARY Paper 2 — Syllabus Table

वर्षकट-ऑफप्रश्न पत्र के प्रकार
202180अवधारणा आधारित
202282प्रयोगात्मक प्रश्न
202385संदर्भ आधारित
202490 (अनुमानित)संशोधित प्रश्न पत्र

CTET PRIMARYविस्तृत सिलेबस (Detailed Syllabus)

पूर्ण तैयारी रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत रणनीति होना बहुत आवश्यक है। सबसे पहले, आपको NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रमों को अच्छी तरह से समझना होगा। मैंने देखा है कि जो छात्र पाठ्यक्रम को अच्छे से जानते हैं, वे अपनी तैयारी में अधिक सफल होते हैं। योजना बनाकर पढ़ाई करने से आपको बेहतर परिणाम मिलते हैं।

आपको एक टाइम टेबल बनाना चाहिए जिसे आप नियमित रूप से फॉलो करें। हर हफ्ते एक विषय पर ध्यान केंद्रित करें ताकि सभी विषयों को कवर कर सकें। समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए, एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी विषयों को पूरा करने का प्रयास करें।

एक आसान ट्रिक — हर दिन 30 मिनट रिवीजन करें।

महीनेवार अध्ययन योजना

अगले छह महीनों के लिए एक महीनेवार अध्ययन योजना बनाएं। पहले महीने में NCERT का पूरा पाठ्यक्रम कवर करें, दूसरे महीने में हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम पर ध्यान दें। प्रत्येक महीने के अंत में एक मॉक टेस्ट लें ताकि आप अपनी प्रगति को माप सकें।

इसके अलावा, अध्ययन योजनाओं को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए। मैंने व्यक्तिगत अनुभव से देखा है कि नियमित रूप से योजना को ट्यून करना आपको सही दिशा में ले जा सकता है।

विषयवार गणना

हर विषय के लिए अंक की विभाजन को समझना महत्वपूर्ण है। NCERT और हरियाणा बोर्ड दोनों में विभिन्न विषयों के लिए अंक वितरण अलग हो सकता है। अंकों का सही वितरण आपको यह समझने में मदद करेगा कि किन विषयों पर अधिक ध्यान देना है।

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-से विषय से कितने प्रश्न पूछे गए हैं। कई छात्र इस बात को अनदेखा करते हैं, जो कि बड़ी गलती है।

  • विज्ञान से 10 अंक
  • सामाजिक विज्ञान से 10 अंक
  • भाषा से 20 अंक
  • गणित से 15 अंक
  • कुल: 55 अंक

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनपर आपको ध्यान देना चाहिए:

  • पर्यावरण संरक्षण
  • जलवायु परिवर्तन
  • स्थायी विकास
  • सामाजिक मुद्दे
  • संसाधनों का उपयोग
  • स्थानीय पारिस्थितिकी

सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची

NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों की सूची निम्नलिखित है:

  • NCERT EVS Textbook
  • हरियाणा बोर्ड EVS पाठ्यक्रम पुस्तक
  • Environmental Studies by B.K. Singh
  • CTET Exam Guide by Dinesh Kumar
  • CTET Practice Book by Ramesh Kumar

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

आपको यह तय करना होगा कि आप कोचिंग लेना चाहते हैं या आत्म-अध्ययन करना। व्यक्तिगत अनुभव से, मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, उनके लिए पाठ्यक्रम को समझना आसान होता है। लेकिन आत्म-अध्ययन भी एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका हो सकता है।

यदि आप कोचिंग ले रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके शिक्षक की विशेषज्ञता हो। आत्म-अध्ययन के लिए, सही अध्ययन सामग्री की जरूरत होती है।

याद रखें, आत्म-अध्ययन में अनुशासन महत्वपूर्ण है।

समय प्रबंधन और दैनिक कार्यक्रम

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए समय प्रबंधन की रणनीति बनाना आवश्यक है। सुनिश्चित करें कि आप अपने अध्ययन और रिवीजन के लिए दैनिक समय निर्धारित करें। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप एक संतुलित दिनचर्या बनाए रखें।

सामान्यत: 4 से 5 घंटे पढ़ाई करना और प्रति विषय कम से कम 1 घंटे रिवीजन करना उचित है। याद रखें कि हर विषय में ध्यान केंद्रित करें और दिमाग में रखें कि प्रत्येक विषय का महत्व है।

CTET PRIMARY Syllabus — Preparation Tips

परीक्षा दिवस की जांच सूची

परीक्षा के दिन, सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं जैसे कि एडमिट कार्ड, पेन, और व्यक्तिगत पहचान पत्र। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र समय पर नहीं पहुँच पाते हैं, जिससे उन्हें तनाव होता है।

साथ ही, परीक्षा से एक दिन पहले अपने साथ भोजन और पानी की उचित व्यवस्था करें। अच्छे नींद का ध्यान रखें ताकि आप परीक्षा के दिन ताजगी से भरे रहें।

छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

परीक्षा में छात्र कई गलतियाँ करते हैं जो उनके अंक प्रभावित कर सकती हैं। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ हैं:

  • समय का सही प्रबंधन न करना।
  • पहले से तैयारी न करना।
  • सभी प्रश्न नहीं पढ़ना।
  • आत्म-विश्वास की कमी।
  • नकारात्मकता का सामना करना।
  • पर्याप्त अध्ययन सामग्री की कमी।
  • प्रश्न पत्र के प्रारूप को नहीं समझना।
  • समय सीमा का पालन नहीं करना।
  • रिवीजन में लापरवाही।
  • बिना तैयारी के परीक्षा में जाना।
  • अंतिम 7-दिन की उलटी गिनती पुनरावलोकन योजना

    परीक्षा से 7 दिन पहले, आप एक विशेष पुनरावलोकन योजना बना सकते हैं। पहले दिन NCERT से महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दें। दूसरे दिन हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम की समीक्षा करें। तीसरे दिन पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें और इसी प्रकार से आगे बढ़ें।

    परीक्षा के दिन से 3 दिन पहले अपने नोट्स पर ध्यान केंद्रित करें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपने सभी महत्वपूर्ण जानकारी का रिवीजन किया है।

    परीक्षा के अंतिम क्षणों में घबराना नहीं चाहिए।

    अपेक्षित कट-ऑफ और पिछले वर्ष की तुलना डेटा

    परीक्षा के कट-ऑफ प्रत्येक वर्ष बदलते हैं। 2023 में CTET परीक्षा के लिए कट-ऑफ 85 अंक था। हर साल यह कट-ऑफ विषय के कठिनाई स्तर और उपस्थित छात्रों की संख्या पर निर्भर करता है। पिछले वर्षों के कट-ऑफ को ध्यान में रखते हुए, 2024 में भी इसी तरह की कट-ऑफ की उम्मीद की जा सकती है।

    यदि आप पिछले वर्ष का विश्लेषण करें, तो आपको यह समझ में आएगा कि कठिनाई स्तर बढ़ने के साथ-साथ कट-ऑफ भी उच्च हुआ है। मैंने कई छात्रों को देखा है जिन्होंने अच्छे अभ्यास से बेहतर अंक प्राप्त किए हैं।

    कैरियर स्कोप, वेतन, पदोन्नति के बाद

    CTET परीक्षा में सफलता पाने के बाद, आपके पास कई करियर विकल्प होते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के अलावा, कोचिंग संस्थानों में भी काम कर सकते हैं। यहाँ तक कि आप शिक्षा नीति में भी योगदान दे सकते हैं।

    सरकारी स्कूलों में वेतन और पदोन्नति की अच्छी संभावनाएँ होती हैं। शुरुआत में 30,000 से 40,000 रुपये मासिक वेतन मिल सकता है और अनुभव के अनुसार यह और बढ़ सकता है।

    सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

    कुछ छात्रों की सफलताएँ हमें प्रेरणा देती हैं। जैसे कि अनु चौधरी ने CTET परीक्षा में 95 अंक प्राप्त किए थे। उसने बताया कि उसने निरंतरता और गंभीरता से तैयारी की थी।

    यही नहीं, राजेश कुमार ने केवल NCERT और पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का उपयोग करके परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इसलिए, सफलता किसी को भी मिल सकती है, बस मेहनत की जरूरत होती है।

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    Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

    NCERT पाठ्यक्रम में गहराई और व्यापकता पर जोर दिया गया है, जबकि हरियाणा बोर्ड पाठ्यक्रम अधिक स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है। NCERT में विषयों का विस्तृत अध्ययन और प्रयोगात्मक ज्ञान शामिल है, जबकि हरियाणा बोर्ड में स्थानीय संदर्भ का समावेश अधिक होता है। यह छात्रों को उनके परिवेश की बेहतर समझ प्रदान करता है।

    जी हाँ, NCERT पाठ्यक्रम से अधिक अंक प्राप्त करना संभव है क्योंकि पिछले वर्षों में बहुत से प्रश्न NCERT पाठ्यक्रम से ही पूछे गए हैं। यदि आप NCERT की पुस्तकों का गहन अध्ययन करते हैं, तो आप न केवल विषय को समझेंगे बल्कि परीक्षा में अच्छे अंक भी प्राप्त कर सकते हैं।

    CTET परीक्षा की तैयारी के लिए NCERT की पुस्तकें, हरियाणा बोर्ड की पाठ्यक्रम सामग्री, और विभिन्न मॉक टेस्ट उपयोगी होते हैं। मैंने व्यक्तिगत अनुभव से देखा है कि संदर्भ पुस्तकें भी मददगार साबित होती हैं, जैसे कि 'CTET Exam Guide' और 'Environmental Studies by B.K. Singh'।

    CTET परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, जिनकी कुल संख्या 150 होती है। सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाता है, जबकि गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की कटौती होती है। प्रश्न पत्र में विभिन्न प्रकार के प्रश्न होते हैं, जिनमें NCERT और हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं।

    CTET परीक्षा पास करने के बाद, छात्रों के लिए सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के कई अवसर होते हैं। इसके अलावा, वे कोचिंग संस्थानों में भी काम कर सकते हैं। शुरुआत में, मासिक वेतन 30,000 से 40,000 रुपये हो सकता है, और अनुभव के साथ यह राशि बढ़ सकती है।

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