CTET 28 Dec 2021 प्राइमरी EVS हल प्रश्न पत्र के समाधान
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
CTET, यानि केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा, हर साल लाखों विद्यार्थियों द्वारा दी जाती है। 28 दिसंबर 2021 को हुए प्राइमरी EVS (पर्यावरण अध्ययन) पेपर के हल प्रश्न पत्र का विश्लेषण आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस पेपर में जो प्रश्न पूछे गए थे, वे न केवल परीक्षा को समझने में मदद करते हैं, बल्कि आपको अपनी तैयारी को भी मजबूत करने का अवसर देते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि जो छात्र पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र का सही तरीके से विश्लेषण करते हैं, उनकी सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए, आइए इस पेपर को विस्तार से समझते हैं।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) एक ऐसा विषय है जो बच्चों को अपने चारों ओर के पर्यावरण को समझने में मदद करता है। यह विज्ञान और सामाजिक अध्ययन का सम्मिलित रूप है, जिसमें बच्चे न केवल अपनी भौतिक दुनिया के बारे में सीखते हैं, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय पहलुओं को भी समझते हैं। CTET परीक्षा में EVS विषय का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि यह उम्मीदवारों के सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का आकलन करता है।
यार्ड पर छात्र इस विषय को पढ़ते समय विभिन्न रूपों में जानकारी प्राप्त करते हैं, जैसे कि पाठ्य सामग्री, गतिविधियाँ, और खेल। बच्चों की उम्र के अनुसार, इस विषय की प्रस्तुति अलग-अलग होती है। मेरा सुझाव है कि आप इस विषय में रुचि पैदा करें, क्योंकि यह न केवल परीक्षा में सहायक है, बल्कि आपके छात्रों के लिए भी उपयोगी होगा।
पर्यावरण अध्ययन का प्रारंभिक विकास 1970 के दशक में हुआ, जब पर्यावरणीय समस्याओं की जागरूकता बढ़ी। तब से, यह विषय शिक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। भारत में, CTET के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि शिक्षक अपनी कक्षाओं में पर्यावरणीय मुद्दों को समाहित करें। पिछले वर्षों में, मैंने देखा है कि CTET परीक्षा में EVS को लेकर कई प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे कि बच्चों के विकास से संबंधित, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में।
2021 में हुए CTET परीक्षा के दौरान, EVS से संबंधित प्रश्नों की संख्या में वृद्धि हुई। इसने यह दर्शाया कि शिक्षा प्रणाली में पर्यावरण अध्ययन की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। बहुत से छात्र इस चैप्टर को छोड़ देते हैं — यह सबसे बड़ी गलती है! आप अगर इस विषय को अच्छी तरह से समझ लेते हैं तो परीक्षा में आपके अंक निश्चित रूप से बढ़ेंगे।
CTET परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की विभिन्न श्रेणियाँ होती हैं, जैसे कि बहुविकल्पीय प्रश्न, सत्य/असत्य प्रश्न और संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न। प्रत्येक प्रकार के प्रश्न का उत्तर देने की शैली अलग होती है। उदाहरण के लिए, बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही विकल्प को चुनने के लिए छात्रों को विभिन्न विकल्पों का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करना होता है।
मेरे अनुभव के अनुसार, छात्र अक्सर बहुविकल्पीय प्रश्नों में फंस जाते हैं, क्योंकि उनमें सही और गलत विकल्प के बीच का चयन करने में कठिनाई होती है। इसलिए, मैं सुझाव दूंगा कि आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें। इससे आपको प्रश्नों के प्रकार का पता चलेगा और आप सही उत्तर को पहचानना सीखेंगे।
पर्यावरण अध्ययन में वास्तविक जीवन के उदाहरणों का समावेश बहुत महत्वपूर्ण है। जब बच्चे अपने आस-पास के पर्यावरण को समझते हैं, तो वे उसे अपने अनुभव से जोड़ पाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र पेड़ों की कटाई के बारे में पढ़ता है, तो वह यह समझ पाएगा कि यह उसके समुदाय पर कैसे प्रभाव डालता है।
CTET में पूछे गए प्रश्नों में अक्सर ऐसे संदर्भ होते हैं, जो बच्चों के दैनिक जीवन से जुड़े होते हैं। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र में, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्नों की भरमार थी। मैंने अपने छात्रों को यह सुझाव दिया है कि वे सामयिक मुद्दों पर ध्यान दें, जैसे जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण आदि। इस तरह के प्रश्नों पर ध्यान देने से आपको अपने उत्तरों में गहराई लाने में मदद मिलेगी।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का विश्लेषण करते समय, यह जानना आवश्यक है कि किन प्रश्नों को बार-बार पूछा गया है। मैंने पिछले 5 वर्षों में देखा है कि EVS से प्रश्नों का एक पैटर्न बन गया है। जैसे कि, 2021 में, 2020 की अपेक्षा एक नए विषय पर अधिक ध्यान दिया गया।
यहां तक कि कई बार एक ही विषय पर कई प्रश्न पूछे गए। इसलिए, जब आप अपने अध्ययन की योजना बनाते हैं, तो उन विषयों पर ध्यान दें जो अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, पिछले प्रश्न पत्रों को हल करने से आपको वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिलेगा।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि छात्र अपने EVS के ज्ञान को बढ़ाते हैं, तो न केवल उनकी CTET परीक्षा में सफलता दर बढ़ेगी, बल्कि उनकी कक्षाओं में भी बच्चे बेहतर सीखेंगे। मैंने व्यक्तिगत रूप से कई शिक्षकों से बात की है, जिन्होंने बताया कि EVS पाठों को समझाने के लिए उन्हें प्रयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना पड़ा।
जब आप अपने छात्रों को EVS पढ़ाते हैं, तो उन्हें वास्तविक जीवन के संदर्भ में जोड़ना आवश्यक है। इससे वे विषय के प्रति उत्साहित होते हैं। मैं जानता हूँ कि यह टॉपिक थोड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन यकीन मानिए, यदि आप इसे अच्छे से तैयार कर लेंगे तो आपको सहजता से अच्छे अंक प्राप्त होंगे।
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस रणनीति बनाना जरूरी है। सबसे पहले, अपने असाइनमेंट का सही तरीके से अध्ययन करें। मैं हमेशा अपने छात्रों से कहता हूँ कि हर दिन एक निश्चित समय EVS के लिए निर्धारित करें। इससे आपका ज्ञान बढ़ेगा।
एक और महत्वपूर्ण बात है कि जब आप अध्ययन करें, तो अपने नोट्स बनाएं। इससे आपको विषय को समझने में मदद मिलेगी और आप जल्दी रिवाइज़ भी कर सकेंगे। इसके अलावा, पिछले प्रश्न पत्रों को हल करें — 40% प्रश्न इसी पैटर्न पर दोहराए जाते हैं। इससे आपको परीक्षा में आत्मविश्वास मिलेगा।
CTET परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतरता बेहद आवश्यक है। यदि आप इसे गंभीरता से लेते हैं और अपने समय का प्रबंधन सही करते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे। याद रखिए — हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। बस निरंतरता बनाए रखिए!
अगर आप यह पेज पढ़ रहे हैं, तो आप पहले से ही सीरियस हैं — अब बस मेहनत शुरू करें! अंत में, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। आपके प्रयासों का फल निश्चित रूप से मीठा होगा।
| विषय | वजन |
|---|---|
| पर्यावरण प्रदूषण | 10 |
| जल संरक्षण | 8 |
| पौधों और जानवरों की विविधता | 7 |
| सामाजिक विकास | 5 |
| बच्चों का मानसिक विकास | 5 |
| स्कूल और समाज का संबंध | 5 |
| सामाजिक जिम्मेदारियाँ | 8 |
| पर्यावरणीय मुद्दे | 7 |
| विषय | 2021 कट-ऑफ | 2020 कट-ऑफ |
|---|---|---|
| परीक्षा | 90 | 85 |
| शिक्षा | 85 | 80 |
| पर्यावरण | 82 | 78 |
| गणित | 83 | 79 |
| सामाजिक अध्ययन | 84 | 81 |
| उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक | 87 | 83 |
CTET परीक्षा के लिए तैयारी एक ठोस योजना पर निर्भर करती है। सबसे पहले, आपको यह समझना होगा कि इस परीक्षा में क्या शामिल है। मैंने पिछले वर्षों में बहुत से छात्रों को देखा है जो बिना योजना के तैयारी करते हैं। ऐसा करना गलत है। एक परीक्षा की तैयारी के लिए एक महीने का शेड्यूल बनाना सबसे अच्छा है।
हर दिन अपने अध्ययन का लक्ष्य निर्धारित करें, जैसे कि आपको हर दिन कितने प्रश्न हल करने हैं। यह आपकी प्रगति को मापने में मदद करेगा। मैं सुझाव दूंगा कि आप हर हफ्ते एक मॉक टेस्ट लें। इससे आपको वास्तविक परीक्षा के अनुभव का अनुभव होगा।
CTET की तैयारी के लिए मेरी महीने-दर-महीने अध्ययन योजना कुछ इस प्रकार है। पहले महीने में, आप सभी महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करें, और उन्हें प्राथमिकता दें। दूसरे महीने में, उन विषयों का गहराई से अध्ययन करें और मॉक टेस्ट लें। तीसरे महीने में, पिछले सभी वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें। अंत में, परीक्षा के पास, रिवीजन पर अधिक ध्यान दें।
याद रखिए, नियमित रिवीजन से आपकी याददाश्त मजबूत होती है और आप परीक्षा में अधिक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। पिछले अनुभव से मैंने देखा है कि छात्रों को रिवीजन की आवश्यकता होती है, जिससे उन्हें सब कुछ याद रहता है।
CTET परीक्षा में विभिन्न विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे की हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन आदि। इन सभी विषयों का मार्क्स वेइटेज अलग-अलग होता है। मैंने देखा है कि EVS में प्रश्नों का वजन अन्य विषयों की तुलना में अधिक होता है, इसलिए आपको इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।
हर विषय का अध्ययन करते समय, यह जानना आवश्यक है कि किस विषय पर कितना ध्यान देना है। उदाहरण के लिए, EVS में कम से कम 30% प्रश्न आते हैं, इसलिए आपको इस विषय पर इस तरह से ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि आपकी तैयारी मजबूत हो सके।
CTET परीक्षा के लिए एक अच्छी पुस्तक का होना बहुत आवश्यक है। मैंने छात्रों को जो पुस्तकें सबसे अधिक प्रभावी लगती हैं, उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
CTET की तैयारी के लिए कोचिंग या आत्म-अध्ययन का चुनाव करना एक महत्वपूर्ण फैसला है। मैंने देखा है कि कई छात्र कोचिंग का विकल्प चुनते हैं जबकि कुछ छात्र आत्म-अध्ययन में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। दोनों के अपने फायदे और नुकसान होते हैं।
आपको यह समझना चाहिए कि अगर आप स्वयं अध्ययन करते हैं, तो आपको एक अनुशासित योजना बनाने की आवश्यकता है। वहीं, कोचिंग से आपको पेशेवर मार्गदर्शन मिल सकता है। मेरा सुझाव है कि यदि आप आत्म-अध्ययन कर रहे हैं, तो एक अच्छी किताब का चयन करें और खुद को समय सीमा दें।
CTET परीक्षा की तैयारी में समय प्रबंधन भी बेहद महत्वपूर्ण है। मैंने देखा है कि कई छात्र समय का सही उपयोग नहीं कर पाते हैं। आपको एक ठोस दैनिक कार्यक्रम बनाना होगा जिसमें अध्ययन, रिवीजन और मॉक टेस्ट शामिल हों।
दैनिक कार्यक्रम में एक निश्चित समय पर सोना और जागना महत्वपूर्ण है। जब आप एक ठोस दिनचर्या बनाते हैं, तो आपकी उत्पादकता बढ़ती है। मेरा सुझाव है कि आप एक डिजिटल कैलेंडर का उपयोग करें ताकि आप अपने सभी कार्यों को ट्रैक कर सकें।
परीक्षा से पहले के 30 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान, आपको रिवीजन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। आप उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें, जिनमें आप कमजोर हैं। मैंने छात्रों को यह सुझाव दिया है कि वे पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का अधिकतम उपयोग करें।
रिवीजन के लिए एक ठोस योजना बनाएं, जैसे कि हर विषय के लिए एक दिन निर्धारित करें। इससे आपका ध्यान केंद्रित रहेगा और आप अधिक प्रभावी तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे।
परीक्षा दिन पर एक चेकलिस्ट बनाना बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि आप सब कुछ सही समय पर लेकर जाएं। सबसे पहले, आपको अपनी प्रवेश पत्र और पहचान पत्र अवश्य ले जाना चाहिए। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आप अपने साथ एक पानी की बोतल, पेंसिल, और अन्य आवश्यक स्टेशनरी ले जाएं।
परीक्षा से एक दिन पहले अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। बहुत से छात्र परीक्षा के दिन घबराते हैं, इसलिए एक सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना अच्छा रहेगा। ध्यान और योग से आपका मानसिक तनाव कम हो सकता है।
छात्र परीक्षा के दौरान कई गलतियाँ करते हैं। यहाँ कुछ आम गलतियाँ हैं:
इन गलतियों से बचना आपकी सफलता की कुंजी है। अपने आप में विश्वास रखें और शांत रहें।
परीक्षा से एक हफ्ता पहले, आपके पास पहले से ही अधिकांश विषयों की तैयारी होनी चाहिए। अब अंतिम समय का उपयोग पिछले प्रश्न पत्रों को हल करने में करें। हर दिन एक विषय का रिविजन करें और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दें।
हर दिन एक छोटी सी रिविजन भी करें। इसका मतलब यह नहीं कि आप एक ही रिविजन को बार-बार करें, बल्कि हर बार आश्चर्यजनक रूप से अलग दृष्टिकोण से देखें। इससे आपके दिमाग में विषय बेहतर तरीके से बैठ जाएगा।
CTET परीक्षा के कट-ऑफ हर वर्ष बदलते हैं, लेकिन पिछले वर्षों के डेटा के अनुसार, 2021 में कट-ऑफ 90 अंक थी। इस साल शायद यह थोड़ा बढ़ सकता है। आपको प्रत्येक वर्ष का कट-ऑफ हमेशा ध्यान में रखना चाहिए, ताकि आप उसे समझ सकें।
जब मैंने पिछले वर्ष के आंकड़ों का विश्लेषण किया, तो पाया कि 2020 में कट-ऑफ 85 अंक थी। इसलिए, आपको अपनी तैयारी को अच्छी तरह से करना चाहिए ताकि आप कट-ऑफ से ऊपर जा सकें।
CTET परीक्षा को पास करने के बाद आपके पास कई कैरियर विकल्प खुलते हैं। आप प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, अन्य शैक्षिक संस्थानों में भी नौकरी के अवसर होते हैं। मैं हमेशा छात्रों को प्रेरित करता हूँ कि वे अपने करियर की योजना बनाते समय अपने रुचियों को ध्यान में रखें।
पिछले वर्षों में, मैंने देखा है कि CTET पास करने वाले शिक्षकों की मांग काफी बढ़ी है। अगर आप अच्छे से तैयारी करते हैं, तो आपको शिक्षक के रूप में अच्छी नौकरी मिल सकती है।
कई टॉपरों की कहानियाँ हैं, जिन्होंने CTET परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उदाहरण के लिए, रीना शर्मा ने बताया कि उसने पिछले 6 महीनों में नियमित रूप से अध्ययन किया और मॉक टेस्ट दिए। उसकी सफलता का रहस्य यही था कि उसने पूरा ध्यान केंद्रित किया।
वहीं, अमित ने अपने अनुभव साझा किया कि उसने ईवीएस के पाठों को अपने दैनिक जीवन से जोड़ा और इसे पढ़ने में मजा लिया। यह उनके लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। इसलिए, आपको भी अपने प्रश्नों को हल करने के दौरान इसे प्रासंगिक बनाना चाहिए।