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Exam Pattern 2026

CTET प्राथमिक EVS सेक्शन सामग्री और शिक्षण विधि प्रश्न पैटर्न

CTET प्राथमिक EVS प्रश्न पैटर्न और शिक्षण विधि पर गाइड

Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-13 · हिंदी

CTET PRIMARY Exam Pattern 2026 — Overview

प्रिय छात्रों, CTET (Central Teacher Eligibility Test) की परीक्षा में EVS (Environmental Science) विषय एक अहम हिस्सा होता है। इस परीक्षा में EVS के प्रश्नों की पैटर्न को समझना बहुत आवश्यक है, ताकि आप अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जा सकें। इस लेख में, हम CTET प्राथमिक EVS के सेक्शन की सामग्री और शिक्षण विधि के प्रश्न पैटर्न पर चर्चा करेंगे। मैंने पिछले कुछ सालों में कई छात्रों को इस विषय में मार्गदर्शन किया है, और इसका सही प्रारूप जानना बहुत जरूरी है। पाठ्यक्रम और परीक्षा के पैटर्न को समझकर, आप अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

1. CTET EVS प्रश्न पैटर्न की समझ

CTET में EVS का सेक्शन मुख्यतः चालीस प्रश्नों पर आधारित होता है। इसमें से प्रश्नों की संख्या और प्रकार हर वर्ष में थोड़ी भिन्न हो सकती है। EVS में प्रश्न आमतौर पर पर्यावरण, जीव-जंतु, वनस्पति, और हमारे आस-पास के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित होते हैं। शिक्षकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने छात्रों को इन विषयों पर गहराई से समझाएं, ताकि बच्चे सीखने के प्रति उत्साहित रहें।

जब मैं अपने छात्रों को यह विषय पढ़ाता हूँ, तो सबसे पहले मैं उन्हें वास्तविक जीवन के उदाहरण देता हूँ जिससे वे विषय से बेहतर तरीके से जुड़ सकें। इस प्रकार के प्रश्नों से न केवल छात्रों का ज्ञान बढ़ता है, बल्कि उनकी सोचने की क्षमता भी विकसित होती है।

2. EVS सामग्री का महत्व

EVS शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने चारों ओर की दुनिया को समझाना होता है। यह केवल एक पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने का एक माध्यम है। CTET में EVS के प्रश्न मुख्यतः इस सामग्री के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

पिछले 5 सालों में, मैंने देखा है कि EVS से संबंधित ऐसे प्रश्न जो वास्तविक जीवन की समस्याओं से जुड़े होते हैं, छात्रों के लिए अधिक प्रभावी साबित होते हैं। इसलिए, शिक्षकों को चाहिए कि वे ऐसे प्रश्नों का निर्माण करें जो बच्चों को सोचने पर मजबूर करें।

  • पशुपालन और उसके प्रभाव
  • जल संरक्षण की तकनीक
  • विविधता और पारिस्थितिकी
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
  • स्थायी विकास का अर्थ
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभाव

3. शिक्षण विधियों का महत्व

शिक्षण विधियां वह प्रक्रिया हैं जिनसे शिक्षक जानकारी को छात्रों तक पहुँचाते हैं। CTET में EVS के प्रश्नों में शिक्षण विधियों का विशेष महत्व होता है। शिक्षकों को यह समझना होगा कि विभिन्न विधियों का उपयोग कर कैसे बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

मैं हमेशा अपने छात्रों को बताता हूँ कि अलग-अलग विधियों के माध्यम से वे विभिन्न प्रकार की प्रतिभाओं को विकसित कर सकते हैं। अगर एक विधि से चीज़ें स्पष्ट नहीं हो रहीं हैं, तो दूसरी विधि का प्रयोग करना चाहिए। उदाहरण के लिए, प्रोजेक्ट वर्क और फील्ड ट्रिप्स से बच्चों को समझाना बहुत प्रभावी रहता है।

याद रखें, विभिन्न शिक्षण विधियों का उपयोग छात्रों की समझ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसलिए, उन्हें विभिन्न गतिविधियों में शामिल करना ज़रूरी है।

4. प्रश्नों के प्रकार

CTET में EVS के प्रश्न कई प्रकार के होते हैं, जैसे बहुविकल्पीय प्रश्न, सही या गलत प्रश्न, और संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न। शिक्षक को यह जानना बेहद आवश्यक है कि कौन से प्रकार के प्रश्न अधिकतर आते हैं ताकि वे अपनी तैयारी को उस दिशा में केंद्रित कर सकें।

दूसरे शब्दों में, यदि शिक्षक सही तरीके से प्रश्नों का निर्माण करते हैं, तो छात्र सही तरीके से सीख सकते हैं। इस प्रकार, छात्रों के चयन में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

5. पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण

पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किन विषयों से अधिक प्रश्न आते हैं। इसके अलावा, यह भी जानना ज़रूरी है कि किस प्रकार के प्रश्न अधिकतर पूछे जाते हैं।

पिछले 5 सालों में मैंने देखा है कि यदि आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करते हैं, तो आप यह समझ सकते हैं कि किस प्रकार का प्रश्न आपके परीक्षा में अधिकतम अंक दे सकता है।

  • पैटर्न पहचानें
  • अवधारणाओं की समीक्षा करें
  • महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करें
  • अन्य छात्रों से चर्चा करें
  • समय पर रिवीजन करें
  • मॉक टेस्ट लें

6. CTET परीक्षा की तैयारी की रणनीतियाँ

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस रणनीति बनाना आवश्यक है। सबसे पहले, आपको अपने विषय की मजबूती पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद, हर विषय पर समान समय देना आवश्यक है। छात्रों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे किस प्रकार की सामग्री का अध्ययन कर रहे हैं।

मेरा सुझाव है कि आप हर विषय की प्राथमिकताओं को समझें और उसके अनुसार अध्ययन करें। यह आपके लिए परीक्षा में अधिक सफल होने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

विशेषज्ञ टिप: मॉक टेस्ट का आयोजन करें और वास्तविक परीक्षा की स्थिति का अनुकरण करें। इससे आपको आत्म-विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी।

7. समय प्रबंधन

समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है, जिसका प्रभाव परीक्षा के परिणामों पर पड़ता है। आपको यह निश्चित करना होगा कि आप किस विषय पर कितना समय दे रहे हैं। आप अध्ययन के लिए एक चार्ट बना सकते हैं, जिससे आपको अपनी प्रगति को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

यदि आप समय का सही प्रबंधन करते हैं, तो आप अन्य कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। जैसा कि मैंने देखा है, बहुत से छात्रों के लिए समय की कमी एक बड़ी समस्या होती है।

8. अंतिम 30 दिनों की संशोधन रणनीति

अंतिम 30 दिनों में, आपको अपनी रणनीतियों को बदलने की जरूरत होती है। इस समय को रिवीजन के लिए समर्पित करना होता है। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करना, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को दोहराना, और मॉक टेस्ट लेना जरूरी है।

जब मैं अपने छात्रों को अंतिम समय में तैयार कराता हूँ, तो मैं उन्हें बताता हूँ कि यह समय तनावमुक्त रहकर पढ़ाई करने का है। इससे आपको परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

Exam Pattern — Key Highlights

कुल प्रश्न
कुल अंक
मिनट (Duration)
Negative Marking

CTET PRIMARY Paper 1 — Exam Pattern Table

Paper 1 — Primary Level (Class 1-5) Teachers के लिए
विषयअंक
पर्यावरण अध्ययन30
शिक्षण विधियाँ20
प्रश्नों के प्रकार20
पिछला वर्ष के प्रश्न पत्र20
अध्ययन सामग्री10
महत्वपूर्ण विषय10
रिवीजन और मॉक टेस्ट10
समय प्रबंधन10

CTET PRIMARY Paper 2 — Exam Pattern Table

Paper 2 — Upper Primary Level (Class 6-8) Teachers के लिए
वर्षकट-ऑफ
202085
202188
202290
202392
202495
202593

CTET PRIMARY Marking Scheme

1. CTET परीक्षा की तैयारी का अवलोकन

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस योजना बनाना आवश्यक है। सबसे पहले, छात्रों को अपने सिलेबस को समझना चाहिए। इसके बाद, हर विषय का गहन अध्ययन करना चाहिए। कैंटीन-प्रशिक्षण संस्थानों से जाने में मदद मिलती है। पिछले कुछ समय में, मैंने देखा है कि ऐसे छात्र जो नियमित अध्ययन करते हैं, उनकी सफलता की दर अधिक होती है।

अध्ययन करते समय, एक ठोस अध्ययन योजना का उपयोग करें। इससे आपको अपनी प्रगति को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

2. मासिक अध्ययन योजना

एक महीने में आपको कौन से विषयों पर ध्यान देना है, इसकी योजना बनाएं। आप प्रत्येक विषय के लिए एक सप्ताह निर्धारित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पहले सप्ताह में EVS का अध्ययन करें, दूसरे सप्ताह में गणित, और तीसरे सप्ताह में भाषा का अध्ययन करें। मैंने देखा है कि जब छात्र इस प्रकार की योजना बनाते हैं, तो उनकी तैयारी में सुधार होता है।

हर विषय का गहन अध्ययन आवश्यक है। यदि आप एक दिन में एक विषय को पढ़ते हैं, तो आपको बेहतर समझ प्राप्त होगी।

विशेषज्ञ टिप: अध्ययन योजना बनाते समय सुनिश्चित करें कि आप आराम करने के लिए भी समय निकालते हैं।

3. विषयवार अध्ययन

आपको अध्ययन करते समय यह समझना चाहिए कि हर विषय का क्या महत्व है। EVS से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आपको इस विषय के महत्व को समझना होगा। अन्य विषयों के साथ-साथ इस विषय को भी प्राथमिकता दें।

जब मैं अपने छात्रों को EVS पढ़ाता हूँ, तो मैं उन्हें विषय के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराता हूँ। इससे उन्हें विषय को समझने में मदद मिलती है।

4. महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषय हैं। जैसे: जल संरक्षण, जैव विविधता, पारिस्थितिकी, आदि। इन विषयों पर ध्यान केंद्रित करने से आपकी तैयारी में सुधार होगा।

  • जलवायु परिवर्तन
  • पारिस्थितिकी तंत्र
  • संसाधन प्रबंधन
  • पशुओं की देखभाल
  • सामाजिक जिम्मेदारी
  • स्वास्थ्य शिक्षा

5. सर्वोत्तम पुस्तकें

CTET के लिए सबसे अच्छी किताबें आपके अध्ययन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। कुछ प्रमुख किताबें हैं: NCERT की पुस्तकें, CTET की तैयारी के लिए विशेष किताबें आदि। अगर आप सही सामग्री का चयन करते हैं, तो आपकी तैयारी में मदद मिलेगी।

इन किताबों से आपको कोर्स की पूरी जानकारी मिलेगी। मैंने देखा है कि जो छात्र सही पुस्तकों का चयन करते हैं, वे आसानी से उच्च अंक प्राप्त कर लेते हैं।

6. कोचिंग बनाम आत्म-अधिगम

कोचिंग क्लासेज और आत्म-अधिगम के बीच का निर्णय लेना छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होता है। कोचिंग में आप संरचित रूप से अध्ययन कर सकते हैं, जबकि आत्म-अधिगम की स्वतंत्रता होती है।

  • कोचिंग के फायदे
  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन
  • अन्य छात्रों के साथ नेटवर्किंग
  • स्ट्रक्चर्ड स्टडी प्लान
  • नियमित मॉक टेस्ट
  • फोकस्ड स्टडी

7. समय प्रबंधन और दैनिक कार्यक्रम

अपना दैनिक अध्ययन कार्यक्रम बनाएं और उसका पालन करें। यह आपको समय का सही प्रबंधन करने में मदद करेगा। इस प्रकार, आप प्रत्येक विषय पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। मैंने देखा है कि जिन छात्रों के पास एक टाईम टेबल होता है, वे बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।

दिन में कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालें। इससे मानसिक शांति मिलेगी और आप पढ़ाई में बेहतर परफॉर्म करेंगे।

विशेषज्ञ टिप: दैनिक कार्यक्रम में रिवीजन के लिए भी समय निर्धारित करें।

8. अंतिम 30 दिनों की पुनरावृत्ति रणनीति

CTET परीक्षा में अंतिम 30 दिनों में रिवीजन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय, आपको सभी महत्वपूर्ण विषयों को ध्यान में रखकर अध्ययन करना चाहिए। मैंने देखा है कि ये अंतिम दिन आपके प्रदर्शन को तय करते हैं।

समय का सही प्रयोग करें। एक टाईम टेबल बनाएं और उस पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आप सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर सकेंगे।

Important Notes

1. परीक्षा दिवस चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन, सुनिश्चित करें कि आप सभी जरूरी सामान साथ ले जाएं। जैसे कि, आपके पास प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, और स्टेशनरी होनी चाहिए। इसके अलावा, ठीक से खाने और सोने की आदत बनाएं ताकि आप परीक्षा के दौरान ताजगी महसूस करें।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको परीक्षा केंद्र पर समय से पहुँचना है। यह सुनिश्चित करें कि आप समय से पहले वहाँ पहुँचकर मानसिक रूप से तैयार हो सकें।

2. छात्रों द्वारा की जाने वाली 10 सामान्य गलतियाँ

दौड़ते-भागते समय छात्रों द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियाँ होती हैं जैसे:

  • प्रवेश पत्र को भूल जाना
  • परीक्षा की तैयारी में लापरवाह रहना
  • बिना योजना के परीक्षा केंद्र पहुँचना
  • नियमित मॉक टेस्ट नहीं लेना
  • अंतिम समय पर सामग्री पढ़ना
  • निवेदन पत्र को समझना नहीं

ये गलतियाँ आपको परीक्षा में सफल होने से रोक सकती हैं। इसलिए, इन्हें ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है।

3. अंतिम 7-दिन की रिवीजन योजना

परीक्षा से ठीक पहले के 7 दिनों में, आपको रिवीजन करने की प्रक्रिया को सक्रिय करना चाहिए। अगर आप हर दिन कम से कम तीन घंटे रिवीजन करते हैं, तो आप महत्वपूर्ण अवधारणाओं को मजबूती से समझ पाएंगे।

रिवीजन के दौरान मुख्य विषयों और कठिन प्रश्नों को प्राथमिकता दें। पिछले प्रश्न पत्रों की समीक्षा भी करें।

4. अपेक्षित कट-ऑफ

CTET परीक्षा की कट-ऑफ पिछले कुछ वर्षों में भिन्न रही है। जैसे कि 2022 में, कट-ऑफ 85 था, जबकि 2023 में यह बढ़कर 90 हो गया। इसलिए, आपको यह जानना चाहिए कि कट-ऑफ स्तर क्या है ताकि आप अपनी तैयारी को सही दिशा में मोड़ सकें।

जैसा कि मैंने ऊपर बताया, यदि आपने सही तैयारी की है, तो आप आसानी से कट-ऑफ प्राप्त कर सकते हैं।

5. करियर की संभावनाएँ

CTET पास करने के बाद आपके पास कई करियर विकल्प होते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं या प्राइवेट संस्थानों में भी जा सकते हैं। इसके अलावा, आप शैक्षिक संस्थानों में अन्य पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

यदि आप एक सफल शिक्षक बनते हैं, तो यहाँ भी आपके वेतन और पदोन्नति की संभावनाएँ खुलती हैं।

6. सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

कई टॉपरों ने साझा किया है कि कैसे उन्होंने CTET परीक्षा में सफलता प्राप्त की। टॉपर साक्षी ने बताया कि उन्होंने हर विषय का गहन अध्ययन किया और मॉक टेस्ट दिए। इसी ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा, टॉपर राहुल ने कहा कि उन्होंने पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण किया और उसी अनुसार तैयारी की। इसलिए, हमेशा याद रखें कि तैयारी का सही तरीका ही सफलता का आधार है।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET EVS सेक्शन में प्रश्न मुख्यतः पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर आधारित होते हैं। इसमें जीव-जंतु, वनस्पति, जलवायु परिवर्तन आदि शामिल होते हैं। प्रश्नों का निर्माण सरल से जटिल स्तर तक होता है। शिक्षकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि छात्रों की समझ और सोचने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रश्नों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़ना चाहिए। इस प्रकार, छात्रों को अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है।

CTET परीक्षा के लिए खास योग्यता की आवश्यकता होती है। उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री और B.Ed. की डिग्री होनी चाहिए। सामान्यत: आयु सीमा 18 से 35 वर्ष के बीच होती है। हालांकि, कुछ राज्यों में यह भिन्न हो सकती है। आपको अपने राज्य के दिशा-निर्देशों की जांच करनी चाहिए।

CTET EVS की तैयारी के लिए NCERT की किताबें बहुत उपयोगी होती हैं। इसके अलावा, CTET की तैयारी के लिए विशेष किताबें जैसे 'CTET Success Guide' व 'CTET Environmental Studies' भी अनुशंसित हैं। इन किताबों में आपको पाठ्यक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी मिलेगी। मैंने देखा है कि जो छात्र इन किताबों का अध्ययन करते हैं, वे बेहतर परिणाम प्राप्त कर पाते हैं।

CTET परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है, जबकि गलत उत्तर पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता। यह छात्रों के लिए फायदेमंद है क्योंकि उन्हें गलत उत्तर देने का डर नहीं होता। इसलिए, छात्रों को सभी प्रश्नों को कोशिश करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें।

CTET परीक्षा पास करने के बाद कई करियर के अवसर खुलते हैं। आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा, प्राइवेट स्कूलों में भी आपके लिए अवसर होते हैं। अन्य शैक्षिक संस्थानों में भी विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है। शिक्षकों की मांग हमेशा बनी रहती है, और आपको उच्च वेतन तथा पदोन्नति की भी संभावनाएँ मिल सकती हैं।

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