CTET 2026: EVS सेक्शन की वेटेज और मार्किंग स्कीम जानें
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Updated: 2026-08-13 · हिंदी
CTET (Central Teacher Eligibility Test) की तैयारी करने वाले सभी छात्रों के लिए EVS (Environmental Studies) सेक्शन बेहद महत्वपूर्ण है। EVS का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों, और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के बारे में जागरूक करना है। इस सेक्शन की मार्किंग स्कीम और प्रश्नों का वेटेज जानकर आप अपनी तैयारी को ज्यादा प्रभावी बना सकते हैं। CTET पेपर 1 में EVS का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें प्रश्न उन विषयों से पूछे जाते हैं जो प्राथमिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, आइए इस सेक्शन के प्रश्न वेटेज और मार्किंग स्कीम को विस्तार से समझते हैं।
EVS सेक्शन CTET पेपर 1 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सेक्शन मुख्य रूप से कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए पर्यावरण संबंधी ज्ञान को परखता है। यह छात्रों की सोचने की क्षमता और उनके अपने आस-पास के पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को जांचता है। मैंने व्यक्तिगत अनुभव में देखा है कि बहुत से छात्र इस सेक्शन को हल्के में लेते हैं, लेकिन इसका सही तरीके से अध्ययन करके आप अपनी कुल स्कोरिंग में महत्वपूर्ण सुधार कर सकते हैं।
CTET पेपर 1 में EVS सेक्शन में सामान्यत: 30 प्रश्न होते हैं और ये प्रश्न विभिन्न टॉपिक्स से संबंधित होते हैं, जैसे कि जीव विज्ञान, भौतिकी, भूविज्ञान, और सामाजिक अध्ययन। छात्रों को इन विषयों के मूल सिद्धांतों और उनके अनुप्रयोगों की अच्छी समझ होनी चाहिए।
EVS सेक्शन के प्रश्नों का वेटेज समझना महत्वपूर्ण है। कुल 30 प्रश्नों में से प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है, जिससे इस सेक्शन का कुल अंक 30 है। हर वर्ष प्रश्नों का स्वरूप और सटीकता में भिन्नता हो सकती है, लेकिन पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने से एक सामान्य पैटर्न समझ में आता है। यह छात्र के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
आपको यह जानकर अच्छा लगेगा कि पिछले वर्ष के पेपर में EVS सेक्शन से 8-10 प्रश्न सीधे हमारे पाठ्यक्रम से आए थे, इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप अपने पाठ्यक्रम के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को अच्छी तरह से कवर करें।
CTET की मार्किंग स्कीम में सही उत्तर के लिए अंक दिए जाते हैं, जबकि गलत उत्तर के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है। इसलिए, छात्रों को सही और गलत उत्तर देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और फिर अपने उत्तर पर विचार करें। मेरे अनुभव में, कई छात्र केवल अनुमान पर उत्तर देते हैं, जिससे उनकी स्कोरिंग प्रभावित होती है।
मार्किंग स्कीम का सही तरीके से पालन कर हम अपने स्कोर को बेहतर बना सकते हैं। EVS के प्रश्नों का सही उत्तर देकर छात्रों को अपने अन्य विषयों में भी लाभ मिल सकता है। अगर आप इस सेक्शन को अच्छे से तैयारी करते हैं तो आपकी कुल स्कोरिंग में काफी मदद मिलेगी।
CTET में EVS सेक्शन की तैयारी करते समय ध्यान देने योग्य कई बातें हैं। सबसे पहले, हमेशा पाठ्यक्रम की सभी प्रमुख अवधारणाओं को समझें। मैंने देखा है कि कई छात्र केवल रटाई पर ध्यान देते हैं, लेकिन समझना बहुत महत्वपूर्ण है। दूसरे, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे आपको प्रश्नों के स्वरूप और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अंदाजा होगा।
तीसरा, अपने ज्ञान को अपडेट रखें। पर्यावरण से संबंधित नए शोध और विकास पर ध्यान देना चाहिए। यह न केवल आपकी जानकारी को बढ़ाएगा बल्कि CTET परीक्षा में आपके प्रदर्शन को भी सुधार सकता है। याद रखें, प्रैक्टिस हमेशा परिपूर्णता की ओर ले जाती है!
CTET EVS के प्रश्न अक्सर सामाजिक और वैज्ञानिक ज्ञान पर आधारित होते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि EVS सेक्शन में हर साल कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दोहराए जाते हैं। जैसे कि पर्यावरण संरक्षण उपाय, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे, और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े प्रश्न। यह समझना बहुत आवश्यक है कि किस प्रकार के प्रश्न बार-बार आते हैं ताकि आप उन्हें प्राथमिकता दे सकें।
मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि छात्र अक्सर उन प्रश्नों पर ध्यान नहीं देते जो एक विशेष प्रकार के विषय पर आधारित होते हैं। इसलिए, हमेशा हर टॉपिक को अच्छे से कवर करें और विशेष ध्यान दें कि आपकी तैयारी का स्तर क्या है।
EVS सेक्शन की तैयारी के लिए छात्रों को अपने अध्ययन की योजना बनानी चाहिए। समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने देखी है कि कई छात्र आत्म-संवेदनशीलता नहीं रखते और अध्ययन में समय प्रबंधन नहीं करते हैं। हमेशा एक समय सारणी बनाएं और उसे पालन करने की कोशिश करें।
सही सामग्री का चयन भी आवश्यक है। मानक किताबें और मॉक टेस्ट अवश्य शामिल करें। इससे आपकी तैयारी में वृद्धि होगी और आप आत्मविश्वास से परीक्षा का सामना कर सकेंगे। आपको हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए और यह विश्वास रखना चाहिए कि आप सफल होंगे।
EVS सेक्शन में विभिन्न टॉपिक्स की समझ महत्वपूर्ण होती है। जैसे कि मानव-पर्यावरण संबंध, पारिस्थितिकी तंत्र, और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे। ये विषय न केवल CTET परीक्षा में बल्कि आपके भविष्य की स्कूलिंग में भी महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए, इन्हें तैयार करना न भूलें।
मैंने देखा है कि कई छात्र केवल रटने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन आपको अवधारणाओं को भी समझना होगा। सही अध्ययन विधि अपनाएँ और हमेशा आत्म मूल्यांकन करें।
| विषय | प्रश्नों की संख्या | अंक |
|---|---|---|
| पर्यावरण अध्ययन के मूल सिद्धांत | 10 | 10 |
| जलवायु परिवर्तन | 8 | 8 |
| स्वास्थ्य और पोषण | 6 | 6 |
| सामाजिक-आर्थिक मुद्दे | 4 | 4 |
| पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधन | 2 | 2 |
| शिक्षा में EVS की भूमिका | 5 | 5 |
| परीक्षा वर्ष | कट-ऑफ अंक | महत्वपूर्ण तिथियाँ |
|---|---|---|
| 2024 | 90 | 30/06/2024 |
| 2023 | 85 | 15/06/2023 |
| 2022 | 88 | 25/06/2022 |
| 2021 | 80 | 20/06/2021 |
| 2020 | 75 | 10/06/2020 |
| 2019 | 82 | 15/06/2019 |
CTET की परीक्षा की तैयारी करते समय एक मजबूत और संगठित रणनीति बनाना बहुत आवश्यक है। सबसे पहले, अपने पाठ्यक्रम को अच्छे से समझें और सभी विषयों के लिए समय निर्धारित करें। मैंने व्यक्तिगत अनुभव में देखा है कि जिन छात्रों ने अपनी योजना पहले से बनाई है, वे अधिक सफल होते हैं। इसलिए, एक टाइम टेबल बनाएँ और उसका पालन करें।
एक महीने की योजना बनाना भी फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, पहले महीने में सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को कवर करने का प्रयास करें, और अगले महीने में मॉक टेस्ट लें। इससे आपकी तैयारी में न केवल सुधार होगा, बल्कि आप परीक्षा की प्रवृत्ति को भी समझ पाएंगे।
CTET परीक्षा में कई महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनमें से कुछ मुख्य हैं: शिक्षा का मनोविज्ञान, स्वास्थ्य और पोषण, और सामाजिक विज्ञान। मैंने अपने छात्रों के साथ इन विषयों पर ध्यान केंद्रित किया है और देखा है कि यह छात्रों के लिए लाभदायक साबित होते हैं।
स्वास्थ्य और पोषण विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक करता है। यह स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और भलाई से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है।
CTET की तैयारी के लिए कई उत्कृष्ट किताबें हैं। उदाहरण के लिए, 'CTET और स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' पुस्तक बहुत उपयोगी है। इस किताब में पाठ्यक्रम का विस्तृत विवरण और पिछले प्रश्न पत्रों के हल दिए गए हैं। इसके अलावा, NCERT की किताबें भी अच्छी तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आपको यह जानकर अच्छा लगेगा कि कई टॉपर्स ने इन किताबों की मदद से सफलता प्राप्त की है। मेरी सलाह है कि आप इन किताबों को नियमित रूप से पढ़ें और अभ्यास करें।
CTET की तैयारी में कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच का चयन एक महत्वपूर्ण निर्णय हो सकता है। कोचिंग में आपको मार्गदर्शन और समयबद्ध अध्ययन का लाभ मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन में आप अपनी गति से सीख सकते हैं। मैंने व्यक्तिगत अनुभव में देखा है कि कई छात्र कोचिंग से अधिक आत्म-अध्ययन को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि इससे उन्हें अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
हालाँकि, यदि आप कोचिंग का चयन करते हैं, तो इसे सही चयन करना आवश्यक है। सही कोचिंग संस्थान से मिलकर अध्ययन करने से आपको अधिक लाभ मिल सकता है।
समय प्रबंधन CTET परीक्षा की तैयारी के दौरान एक महत्वपूर्ण कौशल है। आपको अपने अध्ययन समय को सही तरीके से प्रबंधित करना होगा। मैंने देखा है कि कई छात्र पूरा दिन पढ़ाई करते हैं, लेकिन वे सही तरीके से समय का उपयोग नहीं करते।
एक उपयोगी दैनिक शेड्यूल बनाने से आपकी तैयारी में गंभीर परिवर्तन आ सकते हैं। सुबह के समय अध्ययन का सबसे अच्छा समय माना जाता है, क्योंकि तब हमारा मस्तिष्क ताज़ा होता है। कोशिश करें कि आप सुबह जल्दी उठें और अपना अध्ययन शुरू करें।
CTET परीक्षा के अंतिम 30 दिनों में एक ठोस पुनरावृत्ति रणनीति बनाना आवश्यक है। अंतिम महीने में, आप पहले से पढ़ीं हुई सभी चीजों का पुनरावलोकन करें। मैंने पाया है कि रिवीजन के दौरान नोट्स और फ्लैशकार्ड बेहद उपयोगी होते हैं।
रिवीजन से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करें। अच्छे नींद और सही खान-पान का ध्यान रखें। यह न केवल आपकी मानसिक स्थिति को सकारात्मक रखेगा, बल्कि आपकी परीक्षा की तैयारी को भी सुधार करेगा।
CTET परीक्षा के दिन, आपको कुछ महत्वपूर्ण चीजें साथ ले जाना ज़रूरी हैं। सबसे पहले, अपनी परीक्षा प्रवेश पत्र लें। यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। मैंने देखा है कि कई छात्र इसे भूल जाते हैं और इससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
दूसरा, अपने साथ एक पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी ज़रूर रखें। तीसरा, हल्का नाश्ता करें जो आपको ऊर्जा प्रदान करे। याद रखें, एक अच्छी नींद और सही भोजन आपके मस्तिष्क को ताजगी देगा।
CTET परीक्षा में कई छात्र सामान्य गलतियाँ करते हैं। सबसे सामान्य गलती उत्तरी उत्तर देने में होती है। अक्सर छात्र सही उत्तर को छोड़कर गलत विकल्प को चुन लेते हैं।
इन सभी गलतियों से बचना आपके लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आपका मूल्यांकन प्रभावित होता है।
परीक्षा से 7 दिन पहले एक ठोस रिवीजन योजना बनाना चाहिए। हर दिन कुछ विषयों का रिवीजन करें और उन विषयों पर ध्यान दें जो आपके लिए चुनौतीपूर्ण हैं। पिछले प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें और सामान्य मुद्दों पर ध्यान दें।
मेरे छात्रों के लिए, मैंने हमेशा दैनिक रिवीजन का सुझाव दिया है, जिससे उन्हें आत्म-विश्वास मिलता है। रिवीजन का यह तरीका बहुत प्रभावी साबित होता है।
CTET परीक्षा में कट-ऑफ हर वर्ष बदलता है। पिछले कुछ वर्षों में, हमने देखा है कि कुछ विषयों में कट-ऑफ बढ़ता है, जबकि कुछ में गिरावट आती है। 2024 में, सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कट-ऑफ 90 था, जबकि SC/ST श्रेणी के लिए ये 82 अंक थे।
इस साल के CTET के लिए अपेक्षित कट-ऑफ इसी स्तर पर रहेगा, इसलिए तैयारी उसी के अनुसार करें।
CTET परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के बाद बहुत सी करियर संभावनाएँ खुलती हैं। आप प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बन सकते हैं, सरकारी विद्यालयों में टीचिंग जॉब्स के लिए आवेदन कर सकते हैं और कई अन्य अवसर भी आपके सामने आते हैं।
इसके अलावा, टीचिंग प्रोफेशन में कई अवसर भी हैं, जैसे कि कोचिंग संस्थानों में शिक्षक, तदर्थ शिक्षक, या फिर व्यक्तिगत ट्यूटर के रूप में काम करना।
सीटेट परीक्षा में सफल हुए कई छात्रों की कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। जैसे कि टॉपर अमन शर्मा ने बताया कि उसने केवल NCERT किताबों से तैयारी की थी और नियमित रूप से मॉक टेस्ट देता था। उसकी लगातार मेहनत और साधना ने उसे सफलता दिलाई।
ऐसे ही कई छात्र हैं जिन्होंने टीचिंग करियर में अपनी पहचान बनाई है। याद रखें, हर सफलता के पीछे कठिन परिश्रम होता है।