Unictest FREE APP Download Unictest App — Free Mock Tests, PYQs & Notes for 375+ Exams! Unictest App — Free Mock Tests & PYQs! Get it on Google Play
Cut Off 2026

CTET पेपर 1 पिछले सालों के कट-ऑफ ट्रेंड्स

CTET पेपर 1 पिछले सालों के कट-ऑफ ट्रेंड्स को समझें

Start Free Mock Test
Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-11 · हिंदी

CTET PRIMARY Cut Off — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) भारत में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। CTET पेपर 1 उन उम्मीदवारों के लिए है जो प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं। कट-ऑफ ट्रेंड्स को जानना आपके लिए बहुत फायदेमंद है, ताकि आप अपनी तैयारी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकें। पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स की समीक्षा करने से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि परीक्षा में सफलता के लिए आपको कितने अंकों की आवश्यकता होती है। इससे आप अपनी त्वरित तैयारी योजना बना सकते हैं।

कट-ऑफ की परिभाषा

कट-ऑफ एक न्यूनतम अंक है जो छात्रों को परीक्षा में सफल मानने के लिए जरूरी होता है। CTET परीक्षा में भी हर वर्ष एक कट-ऑफ अंक निर्धारित किया जाता है। यह अंक हर वर्ष परीक्षा की कठिनाई और उपस्थित छात्रों की संख्या के आधार पर तय किया जाता है।

हर वर्ष CTET पेपर 1 के लिए कट-ऑफ में बदलाव देखने को मिलता है। पिछले वर्षों ने यह दिखाया है कि जिस साल परीक्षा की कठिनाई अधिक होती है, वहां कट-ऑफ अंक अक्सर कम होता है।

कट-ऑफ का महत्व

CTET के कट-ऑफ अंक जानने से छात्रों को यह स्पष्ट होता है कि उन्हें कितने अंक लाने हैं। यह उन्हें अपनी तैयारी की दिशा में एक स्पष्ट दृष्टिकोण देता है। कट-ऑफ अंक जानना न केवल छात्रों को आत्म-विश्लेषण में मदद करता है, बल्कि उन्हें सदैव ऊँचे मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित भी करता है।

जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो मैं उन्हें बताता हूँ कि कट-ऑफ से ज्यादा महत्वपूर्ण है आपकी तैयारी। यदि आप अपने विषय पर मजबूत हैं तो कोई भी कट-ऑफ आपके रास्ते में नहीं आएगा।

कट-ऑफ ट्रेंड्स का विश्लेषण

पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स का विश्लेषण करने से हमें यह जानने को मिलता है कि किन विषयों में आपके लिए तैयारी करना जरूरी है। उदाहरण के लिए, 2020 में, CTET पेपर 1 के लिए कट-ऑफ अंक 90 था, जबकि 2021 में यह 85 अंक रहा।

यह भी देखा गया है कि गणित और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्नों में अक्सर छात्रों को अधिक अंक प्राप्त होते हैं, जिससे ये विषय कट-ऑफ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • कट-ऑफ हर वर्ष बदलता है।
  • परीक्षा की कठिनाई स्तर कट-ऑफ को प्रभावित करता है।
  • गणित और पर्यावरण अध्ययन में छात्रों के प्रदर्शन का प्रभाव पड़ता है।
  • अन्य विषयों में अच्छे अंक लाना भी जरूरी है।
  • कट-ऑफ जानने से आपको आत्म-विश्लेषण में मदद मिलती है।
  • सीटों की संख्या भी कट-ऑफ पर असर डालती है।

पिछले वर्षों के कट-ऑफ अंक

CTET के पिछले वर्षों के कट-ऑफ अंकों का एक संक्षिप्त विवरण यहां दिया गया है। 2022 में कट-ऑफ 92 अंक था और 2023 में यह 89 अंक हो गया। अगर आप इन ट्रेंड्स को देखेंगे, तो आपको समझ आ जाएगा कि परीक्षा की कठिनाई और सीटों की उपलब्धता से यह प्रभावित होता है।

देखिए दोस्तों, अगर आप इन आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं, तो आप अपनी तैयारी को और भी बेहतर बना सकते हैं। सही दिशा में मेहनत करने से आप निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे।

एक महत्वपूर्ण बात समझ लीजिए, कट-ऑफ के आंकड़े केवल एक दिशा दिखाते हैं। आपकी मेहनत और समर्पण ही आपको सफलता दिलाएगा।

श्रेणियाँ और कट-ऑफ

CTET में कट-ऑफ जाति, श्रेणी और अन्य कारकों के आधार पर भिन्न होता है। सामान्य श्रेणी के लिए कट-ऑफ हमेशा ऊँचा होता है, जबकि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए यह कम होता है। उदाहरण के लिए, 2021 में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ 87 था, जबकि SC/ST के लिए यह 80 था।

मेरा सुझाव है कि आप अपनी श्रेणी के अनुसार अपने लक्ष्य को निर्धारित करें। यह आपके लिए अधिक प्रेरणादायक होगा। अगर आप अपने लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो सफलता आपके पास होगी।

कट-ऑफ की भविष्यवाणी

कट-ऑफ का अनुमान लगाना कई बार छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन, पिछले सालों के आंकड़ों का उपयोग करके, आप एक अच्छा अनुमान लगा सकते हैं कि इस वर्ष कट-ऑफ कितना हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, आपको अपनी तैयारी और मेहनत को और भी अधिक बढ़ाना होगा।

जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो मैं उन्हें व्यक्तिगत टिप्स देता हूँ कि कैसे वे कट-ऑफ तक पहुँच सकते हैं। एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ मेहनत करें और लक्ष्य बनाएं।

भविष्य में अपनी तैयारी को सफल बनाने के लिए, पिछले वर्षों की कट-ऑफ के आंकड़ों का सही इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है।

कट-ऑफ की समीक्षा

हर वर्ष के बाद, CTET की कट-ऑफ की समीक्षा की जाती है। यह परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार करती है, जैसे कि विषय की कठिनाई, उपस्थित छात्रों की संख्या और अपेक्षित परिणाम।

यह महत्वपूर्ण है कि आप इस समीक्षा का ध्यान रखें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किस तरह से आप अपने परिणामों को सुधार सकते हैं।

महत्वपूर्ण टिप्स

कट-ऑफ के ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए, छात्रों को चाहिए कि वे अपनी तैयारी को और भी प्रभावी बनाएं। मेरा सुझाव है कि आप प्रत्येक विषय पर विशेष ध्यान दें, और कमज़ोर क्षेत्रों को पहचानें।

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें — 40% प्रश्न इसी पैटर्न पर दोहराए जाते हैं! यदि आप नियमित रूप से अपनी तैयारी करते हैं, तो आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

याद रखिए — हर टॉपर भी एक बार बिगिनर था। बस निरंतरता बनाए रखिए!

Category-wise Cut Off Marks

नीचे दी गई तालिका में पिछले वर्षों की कैटेगरी-वाइज कट ऑफ दी गई है।
वर्षकट-ऑफ अंक (सामान्य)कट-ऑफ अंक (SC/ST)
20189085
20199287
20209080
20218782
20228984
20238883
2024 (अनुमानित)9186

Paper 2 Cut Off Marks

वर्षमहत्वपूर्ण दिनांककट-ऑफ
201831 जुलाई90
201930 जुलाई92
202031 अगस्त90
202130 जनवरी87
202231 मार्च89
202330 अप्रैल88

Cut Off Analysis & Trends

पूरा तैयारी रणनीति अवलोकन

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक सही रणनीति का होना बहुत ज़रूरी है। आपको अपने लिए एक विस्तृत योजना बनानी होगी। सबसे पहले, अपूर्ण विषयों की पहचान करें और फिर उन्हें प्राथमिकता के साथ समाप्त करें। यह सुनिश्चित करें कि आप परीक्षा के सभी हिस्सों को कवर कर रहे हैं।

जब मैं अपने छात्रों को यह सिखाता हूँ, तो मैं उन्हें सुझाव देता हूँ कि तैयारी को चरणबद्ध तरीके से करें। पहले सरल विषयों को लें और धीरे-धीरे कठिनाई स्तर बढ़ाएं। एक सही टाइम टेबल बनाएं और उसे पालन करें।

महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

एक महीने-दर-महीने अध्ययन योजना बनाना बहुत ज़रूरी है। जैसे, पहले महीने में, आप सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स का एक अवलोकन करें। दूसरे महीने में, प्रत्येक विषय पर गहराई से जाएं। तीसरे महीने में, मॉक टेस्ट लेना न भूलें।

पिछले 5 साल में मैंने देखा है कि अगर छात्र पहले दो महीनों में अच्छी तैयारी करते हैं, तो मॉक टेस्ट के दौरान उन्हें आत्मविश्वास मिल जाता है। यह परीक्षा में सफलता की कुंजी है।

प्रत्येक छात्र को अपनी योजना में लचीलापन रखनी चाहिए। यदि कोई विषय अधिक समय ले रहा है, तो उसे जल्दबाजी में खत्म न करें।

🎯 Ready to Crack CTET PRIMARY?

Start with a free mock test — No credit card required

Start Free Mock Test — It's Free!

Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET पेपर 1 की कट-ऑफ अंक विभिन्न कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे परीक्षा की कठिनाई, उपस्थित छात्रों की संख्या और पिछले वर्षों के परिणाम। यदि परीक्षा अधिक कठिन होती है, तो कट-ऑफ अंक कम हो सकता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप हर वर्ष का डेटा अवलोकन करें।

हाँ, CTET पेपर 1 में अलग-अलग श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक भिन्न होते हैं। सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कट-ऑफ अंक उच्च होता है जबकि SC/ST के छात्रों के लिए यह कम होता है। यह भिन्नता छात्रों की प्रतिस्पर्धा और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करती है।

पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स को जानने के लिए आप CTET की आधिकारिक वेबसाइट या शिक्षण संबंधित वेबसाइट्स का संदर्भ ले सकते हैं। इसके अलावा, विभिन्न शैक्षिक रिपोर्ट और विश्लेषण भी आपको इन ट्रेंड्स के बारे में जानकारी देंगे।

CTET पेपर 1 की कट-ऑफ जानने से छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि उन्हें कितने अंक लाने हैं। यह उन्हें अपनी तैयारी की दिशा में एक स्पष्ट दृष्टिकोण देता है और आत्म-विश्लेषण में मदद करता है। इसके अलावा, ये अंक उम्मीदवारों के चयन को भी प्रभावित करते हैं।

नहीं, CTET की कट-ऑफ हर वर्ष बदलती है। यह परीक्षा की कठिनाई, उपस्थित छात्रों की संख्या और अन्य कारकों पर निर्भर करती है। पिछले वर्षों में देखा गया है कि जब परीक्षा की कठिनाई बढ़ती है, तो कट-ऑफ अंक कम होता है।

CTET PRIMARY Test Series

500+ Tests | PYQs | Detailed Solutions

Start Now