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Cut Off 2026

CTET प्राइमरी और राज्य TET कट ऑफ मार्क्स की तुलना

CTET और राज्य TET कट ऑफ मार्क्स की तुलना — जानें और सफल हों!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-12 · हिंदी

CTET PRIMARY Cut Off — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) और राज्य TET (State Teacher Eligibility Test) दोनों ही आपके शिक्षण करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन परीक्षाओं के कट ऑफ मार्क्स जानना बहुत आवश्यक है ताकि आप सही दिशा में तैयारी कर सकें। CTET के कट ऑफ मार्क्स पूरे देश में लागू होते हैं, जबकि राज्य TET के कट ऑफ मार्क्स संबंधित राज्य द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। यहाँ हम CTET प्राइमरी और राज्य TET के कट ऑफ मार्क्स की तुलना करेंगे ताकि आपको स्पष्टता मिले कि कौन सी परीक्षा आपके लिए उचित है।

CTET और राज्य TET का परिचय

CTET की शुरुआत भारत सरकार ने 2011 में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की योग्यता सुनिश्चित करना है। इसे CBSE द्वारा आयोजित किया जाता है। दूसरी ओर, राज्य TET प्रत्येक राज्य द्वारा संचालित होती है। हर राज्य अपने अनुसार पाठ्यक्रम और कट ऑफ मार्क्स निर्धारित करता है। अक्सर, CTET को एक मानकीकृत परीक्षा के रूप में देखा जाता है, जबकि राज्य TET स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार चलती है।

जब मैं छात्रों को CTET और राज्य TET के बीच की बारीकियों के बारे में बताता हूँ, तो मुझे लगता है कि कई छात्र यह सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं कि उन्हें किस परीक्षा में शामिल होना चाहिए। इसलिए आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार सही विकल्प चुनना होगा।

कट ऑफ मार्क्स क्या होते हैं?

कट ऑफ मार्क्स उन अंकों का सेट होता है, जो एक उम्मीदवार को परीक्षा पास करने के लिए प्राप्त करने होते हैं। CTET और राज्य TET दोनों के लिए ये मार्क्स भिन्न होते हैं। कट ऑफ मार्क्स परीक्षा के स्तर, छात्रों की संख्या और प्रश्न पत्र की कठिनाई पर निर्भर करते हैं। अक्सर, जो छात्र कट ऑफ मार्क्स प्राप्त नहीं कर पाते हैं, उन्हें अगली परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं मिलती है।

मेरे अनुभव में, मैंने देखा है कि कई छात्र सिर्फ एक अंक से कट ऑफ को मिस कर देते हैं। इसलिए, सही तैयारी और ध्यानपूर्वक अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है।

CTET कट ऑफ मार्क्स: पिछले वर्ष के आंकड़े

CTET परीक्षा के पिछले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण करने से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि अगले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स क्या हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, CTET 2021 में जनरल श्रेणी के लिए कट ऑफ 87 था, जबकि ओबीसी और एससी/एसटी के लिए यह क्रमशः 85 और 80 था। ये अंकों के स्तर बताते हैं कि आपको टॉप करने के लिए कितने मार्क्स की आवश्यकता है।

पिछले वर्षों के कट ऑफ डेटा का विश्लेषण करके, छात्रों को अपने फॉर्म भरने के समय सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि CTET के कट ऑफ हर साल कुछ हद तक स्थिर रहते हैं, लेकिन थोड़ी वृद्धि या कमी हमेशा संभव होती है।

राज्य TET कट ऑफ: विशिष्ट आंकड़े

राज्य TET के कट ऑफ मार्क्स हर राज्य में भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश TET में जनरल श्रेणी के लिए कट ऑफ 60% था जबकि अन्य श्रेणियों के लिए यह 55% था। इस तरह के आंकड़े राज्यवार भिन्नता को दर्शाते हैं और यह छात्रों को उनकी तैयारी की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।

राज्य TET में कट ऑफ मार्क्स का गणित अक्सर स्थानीय शिक्षा नीति से प्रभावित होता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने राज्य की पिछले कुछ वर्षों की कट ऑफ मार्क्स की जानकारी रखें।

CTET और राज्य TET कट ऑफ के बीच तुलना

CTET और राज्य TET के कट ऑफ मार्क्स की तुलना करने पर, आप देखेंगे कि CTET के कट ऑफ आमतौर पर थोड़ा ऊँचा होते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि CTET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है और प्रतिस्पर्धा भी अधिक होती है। दूसरी ओर, राज्य TET में प्रतियोगिता भिन्न होती है क्योंकि यह केवल एक राज्य में होती है।

बहुत से छात्रों को यह भ्रम रहता है कि दोनों के बीच का अंतर क्या है। मेरा सुझाव है कि आप अपनी तैयारी के दौरान इन बारीकियों पर ध्यान दें।

  • CTET के लिए कट ऑफ स्थिर रहता है
  • राज्य TET में कट ऑफ हर वर्ष बदलते हैं
  • CTET में अधिक प्रतिभागी होते हैं
  • राज्य TET की कट ऑफ स्थानीय आवश्यकताओं से प्रभावित होती हैं
  • CTET पाठ्यक्रम में विभिन्न विषय होते हैं
  • राज्य TET के पाठ्यक्रम में राज्य विशेष विषय होते हैं

महत्वपूर्ण बिंदु और विवरण

आपकी तैयारी के लिए यह आवश्यक है कि आप अपने आप को CTET और राज्य TET के कट ऑफ मार्क्स के बारे में जानकार रखें। क्या आप जानते हैं कि पिछले वर्षों में CTET में सफल छात्रों ने अपने प्रश्न पत्र के अनुसार तैयारी की थी? यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप पिछले प्रश्न पत्र का अध्ययन करें, जिससे आपको समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के प्रश्न आते हैं।

अधिकांश छात्र इस बात को अनदेखा करते हैं कि परीक्षा के पैटर्न को समझना भी उतना ही आवश्यक है। वहीं, मैंने अपने छात्रों को बताया है कि कुछ पेपर में वही प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। इसीलिए, इस पर ध्यान देना आवश्यक है।

कट ऑफ मार्क्स का महत्व

कट ऑफ मार्क्स का महत्व तब समझ में आता है जब आप परीक्षा में उपस्थित होते हैं। यदि आप कट ऑफ हासिल नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको अगले प्रयास की तैयारी करनी होगी। CTET और राज्य TET दोनों ही शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग हैं।

मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि सफलता के लिए सही अध्ययन तकनीक और योजना का होना आवश्यक है। यही कारण है कि कट ऑफ मार्क्स पर ध्यान केंद्रित करना आपकी परीक्षा की तैयारी का एक महत्वपूर्ण भाग है।

अगले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स की भविष्यवाणी

अगले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स की भविष्यवाणी करने के लिए आपको पिछले वर्षों की प्रवृत्तियों को देखना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि CTET में कट ऑफ 5-10% बढ़ सकता है। वहीं, राज्य TET में यह हर राज्य के अनुसार भिन्न होगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण बात जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए, वह यह है कि प्रतियोगिता हमेशा बढ़ रही है। इसलिए, यदि आप अगले वर्ष CTET या राज्य TET की परीक्षा देने की सोच रहे हैं, तो अच्छी तैयारी करना अनिवार्य है।

यहाँ एक टिप है: यदि आप महत्वपूर्ण विषयों की सूची बना लेते हैं और उनका नियमित रिवीजन करते हैं, तो आपकी तैयारी अधिक प्रभावी हो जाती है।

CTET और राज्य TET परीक्षा का अनुभव

CTET और राज्य TET परीक्षा के अनुभव काफी अलग होते हैं। CTET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जबकि राज्य TET केवल एक राज्य के भीतर होती है। यह परीक्षा लेने के तरीके में भी भिन्नता होती है। CTET में केंद्रों की संख्या अधिक होती है, जबकि राज्य TET में केंद्र सीमित होते हैं।

बहुत से छात्र यह सोचते हैं कि CTET का अनुभव कठिन होता है, लेकिन सही अध्ययन विधियों का उपयोग करने पर आप इसे सरल बना सकते हैं। मेरा सुझाव है कि CTET के लिए NCERT की किताबों का उपयोग करें, जो आपकी तैयारी को मजबूत करेंगी।

ध्यान रखें: कट ऑफ मार्क्स में कमी नहीं आती है, इसलिए आप हमेशा अपने लक्ष्य को ऊँचा सेट करें।

Category-wise Cut Off Marks

नीचे दी गई तालिका में पिछले वर्षों की कैटेगरी-वाइज कट ऑफ दी गई है।
परीक्षा का नामकट ऑफ मार्क्स (जनरल)कट ऑफ मार्क्स (ओबीसी)कट ऑफ मार्क्स (एससी/एसटी)वर्ष
CTET8785802021
CTET9088852022
CTET8886822023
UPTET6055502021
UPTET6257522022
UPTET6156542023

Paper 2 Cut Off Marks

परीक्षा का नाममहत्वपूर्ण तिथियाँकुल अंककट ऑफ मार्क्स (औसत)
CTETआवेदन की अंतिम तिथि: 15 जुलाई 202615087
UPTETआवेदन की अंतिम तिथि: 20 अगस्त 202615060
PTETआवेदन की अंतिम तिथि: 10 सितंबर 202620075
राजस्थान TETआवेदन की अंतिम तिथि: 25 अगस्त 202615065
मध्य प्रदेश TETआवेदन की अंतिम तिथि: 30 जुलाई 202615070
छत्तीसगढ़ TETआवेदन की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 202615062

Cut Off Analysis & Trends

CTET और राज्य TET की तैयारी का रणनीति

CTET और राज्य TET की तैयारी के लिए एक ठोस रणनीति बनाना आवश्यक है। सबसे पहले, समझें कि आपके पास कितने समय है और उसके अनुसार एक अध्ययन योजना बनाईए। यदि आप हर सप्ताह के लिए एक लक्ष्य तय करते हैं, तो यह निश्चित रूप से आपकी मदद करेगा।

पिछले सालों में मैंने देखा है कि छात्र बिना योजना के पढ़ाई करते हैं और उन्हें समझ में नहीं आता कि उन्हें कहाँ से शुरू करना चाहिए। इसलिए योजना बनाना सबसे महत्वपूर्ण है।

माह-दर-माह अध्ययन योजना

साल के पहले महीने में टेस्ट और विषयों का एक रूख निर्धारित करें। महीने के अंत में खुद का मूल्यांकन करें और अगले महीने के लिए रणनीति बनाएं। उदाहरण के लिए, जनवरी में गणित पर ध्यान केंद्रित करें और फरवरी में विज्ञान को कवर करें।

अपने छात्रों को मैं यही सलाह देता हूं कि एक महीने में चार विषयों का अध्ययन करें ताकि सभी विषयों का कवर हो जाए। इससे आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे।

विशेषज्ञ टिप: समय का प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रत्येक विषय के लिए समय निर्धारित करें।

विषयवार विभाजन और मार्क्स का वजन

CTET में विभिन्न विषय होते हैं जिनका न्यायिक अध्ययन आवश्यक है। जैसे कि बाल विकास, शिक्षण सिद्धांत, गणित, विज्ञान आदि। हर विषय की अपने मार्क्स का वजन होता है।

राज्य TET में ये विषय थोड़े अलग होते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ राज्य उन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं जो उनकी स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित होते हैं।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

  • बाल विकास
  • शिक्षण विधियाँ
  • संख्यात्मक योग्यता
  • सामाजिक विज्ञान
  • भाषा शिक्षण
  • शिक्षण सिद्धांत

बेस्ट किताबें

CTET और राज्य TET की तैयारी के लिए कुछ बेस्ट किताबें निम्नलिखित हैं:

  • NCERT की किताबें - वर्ग 6-8
  • आधुनिक शिक्षाशास्त्र - डॉ. राधिका शर्मा
  • संख्यात्मक योग्यता के लिए कक्षा 10 की किताबें
  • बाल विकास पर विशेष ध्यान - डॉ. सुमन मिश्रा
  • राज्य TET के लिए विशेष अध्ययन सामग्री - स्थानीय प्रकाशन

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

कोचिंग संस्थान और आत्म-अध्ययन दोनों के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। यदि आप कोचिंग लेते हैं, तो आपको विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलता है, लेकिन आत्म-अध्ययन में आपको अपने अनुसार पढ़ाई का समय मिलता है।

बहुत से छात्रों को कोचिंग में जाना पसंद नहीं होता, लेकिन वे जानते हैं कि इससे उनका मार्गदर्शन होता है। इसलिए आपको खुद तय करना होगा कि आपको क्या सूट करता है।

कोचिंग लेने वाले छात्रों को नियमित स्थिति में रहना चाहिए ताकि वे ट्रैक पर रहें।

How to Score Above Cut Off

परीक्षा दिवस की चेकलिस्ट

जब परीक्षा का दिन आता है, तो सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक चीजें ले जा रहे हैं। पहचान पत्र, आदर्श पासबुक, और परीक्षा प्रवेश पत्र आपके साथ होना चाहिए।

परीक्षा से पहले एक रात ठीक से सोएं और अच्छे नाश्ते के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। एकाग्रता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

छात्रों की सामान्य गलतियाँ

छात्र परीक्षा के दिन कई गलतियाँ करते हैं। जैसे:

  • परीक्षा केंद्र पर समय पर नहीं पहुँचना
  • सबसे जरूरी सामग्री को भूल जाना
  • असामान्य तनाव में रहना

आखिरी 7-दिन की उलटी गिनती योजना

अंतिम 7 दिनों में, आपके पास अपनी तैयारी को तेज करने का एक अच्छा अवसर होता है। पहले दिन से लेकर शनिवार तक, प्रतिदिन एक विषय पर ध्यान केंद्रित करें।

दोहराने का काम करें और अपने कमजोर क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दें। यदि संभव हो, तो मित्रों के साथ मॉक टेस्ट लें।

याद रखें अंतिम सप्ताह में जरा भी तनाव न लें, क्योंकि यह आपकी प्रदर्शन पर प्रभाव डाल सकता है।

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

CTET के कट ऑफ मार्क्स आमतौर पर राज्य TET की तुलना में अधिक होते हैं। यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है और इसकी प्रतिस्पर्धा अधिक होती है। उदाहरण के लिए, CTET में कट ऑफ अक्सर 85 से 90 के बीच होता है, जबकि राज्य TET में यह 60 से 70 के बीच होता है। कट ऑफ मार्क्स परीक्षा की कठिनाई स्तर और छात्रों की संख्या पर निर्भर करते हैं।

कट ऑफ मार्क्स तय करने में कई कारक शामिल होते हैं, जैसे परीक्षा के स्तर, छात्रों की संख्या और पिछले वर्षों के प्रदर्शन। CTET में, CBSE द्वारा प्रत्येक वर्ष ये मार्क्स निर्धारित किए जाते हैं, जबकि राज्य TET में यह राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित किया जाता है। यह हर वर्ष बदल सकता है, इसलिए छात्रों को इसे ध्यान में रखना चाहिए।

हाँ, CTET और राज्य TET के लिए तैयारी की रणनीतियाँ अलग होनी चाहिए। CTET के लिए आपको एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा, जबकि राज्य TET की तैयारी में स्थानीय विषयों पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है। CTET में NCERT की किताबों के अध्ययन का महत्व है, जबकि राज्य TET में राज्य विशेष पाठ्यक्रम को समझना आवश्यक है।

हाँ, कट ऑफ मार्क्स हर वर्ष बदल सकते हैं। यह परीक्षा के कठिनाई स्तर और छात्रों की संख्या के आधार पर होता है। यदि परीक्षा कठिन होती है, तो कट ऑफ कम हो सकता है, और अगर छात्रों की संख्या अधिक होती है, तो कट ऑफ मार्क्स बढ़ सकता है। पिछले वर्षों के आंकड़े देखकर आप अनुमान लगा सकते हैं कि अगले वर्ष के कट ऑफ कैसे हो सकते हैं।

CTET की सफलता दर आमतौर पर राज्य TET की तुलना में कम होती है, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जिसमें अधिक प्रतियोगिता होती है। राज्य TET में, छात्रों को अपने संबंधित राज्य की शिक्षा नीतियों और पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करने का अवसर मिलता है। हालांकि, सफल होने के लिए हर छात्र को अपने अध्ययन में नियमितता और समर्पण बनाए रखना चाहिए।

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