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Cut Off 2026

CTET प्राइमरी कट ऑफ मार्क्स जो राज्य शिक्षक नौकरियों के लिए आवश्यक हैं

CTET प्राइमरी कट ऑफ मार्क्स जो आपको चाहिए - सफलता की ओर!

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-12 · हिंदी

CTET PRIMARY Cut Off — Overview

CTET (Central Teacher Eligibility Test) एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है जो भारत के विभिन्न राज्यों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए एक निश्चित कट ऑफ मार्क्स बनाए जाते हैं, जो हर वर्ष बदलते हैं। CTET प्राइमरी कट ऑफ मार्क्स छात्रों के लिए यह निर्धारित करते हैं कि वे शिक्षक बनने के लिए योग्य हैं या नहीं। इसलिए, यह जानना बेहद जरूरी है कि संबंधित राज्य में आपको कितने अंक प्राप्त करने की आवश्यकता है। यहां हम 2026 के CTET कट ऑफ मार्क्स, उनके महत्व और अन्य आवश्यकताओं पर चर्चा करेंगे।

CTET कट ऑफ मार्क्स की परिभाषा

कट ऑफ मार्क्स वह न्यूनतम अंक हैं जिनकी आवश्यकता छात्रों को CTET परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए होती है। हर राज्य के शिक्षा बोर्ड और प्रशासन इस कट ऑफ को निर्धारित करते हैं। यदि किसी छात्र के अंक कट ऑफ से कम होते हैं, तो उसे अगले चरण में आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। यह मार्क्स हर वर्ष छात्र के प्रदर्शन और परीक्षा की कठिनाई के आधार पर बदल सकते हैं।

मेरा सुझाव है कि छात्र परीक्षा से पहले पिछले वर्षों के कट ऑफ मार्क्स पर नजर डालें, ताकि उन्हें यह समझ में आ सके कि कितने अंक प्राप्त करने की आवश्यकता है। 2025 में, कुछ राज्यों में कट ऑफ 85 से 90 अंक के बीच था, जबकि कुछ में ये 75 से 80 अंक के आसपास थे।

कट ऑफ मार्क्स का महत्व

कट ऑफ मार्क्स छात्रों की प्रोफाइल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि केवल योग्य और प्रदर्शन करने वाले छात्र ही शिक्षण पेशे में प्रवेश करें। CTET कट ऑफ एक निश्चित मानक स्थापित करता है, जिससे यह तय होता है कि कौन से छात्र शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए सक्षम हैं।

पिछले 5 वर्षों में मैंने देखा है कि जिन छात्रों ने कट ऑफ मार्क्स के महत्व को समझा, वे बेहतर तैयारी करते हैं। उन्हें पता होता है कि उन्हें किन क्षेत्रों में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। कट ऑफ मार्क्स एक मील का पत्थर होते हैं, जिसे पार करना हर छात्र का लक्ष्य होना चाहिए।

  • कट ऑफ मार्क्स से योग्य छात्रों का चयन होता है।
  • यह राज्य के अनुसार भिन्न होते हैं।
  • प्रतिवर्ष ये परीक्षा के स्तर के अनुसार बदलते हैं।
  • शिक्षण पेशे में प्रवेश के लिए अनिवार्य हैं।
  • ये परीक्षा में प्रतिस्पर्धा का संकेत देते हैं।

कट ऑफ मार्क्स कैसे तय होते हैं?

कट ऑफ मार्क्स निर्धारित करने की प्रक्रिया में कई कारक शामिल होते हैं, जैसे परीक्षा की कठिनाई, उपस्थित छात्रों की संख्या, और पिछले साल के कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण। जब परीक्षा कठिन होती है, तो कट ऑफ कम हो सकता है, जबकि सरल परीक्षा में कट Off अधिक हो सकते हैं। यह प्रक्रिया सभी संबंधित प्राधिकरण द्वारा की जाती है और सामान्यतः परीक्षा के परिणामों की घोषणा के बाद की जाती है।

जब मैं छात्रों को यह प्रक्रिया समझाता हूँ, तो मैं देखता हूँ कि वे अधिक अध्ययन करने और कठिनाई स्तर को बेहतर तरीके से समझने का प्रयास करते हैं। इससे उन्हें विशेष रूप से अपने कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान देने में मदद मिलती है।

क्या आप जानते हैं कि कट ऑफ का असर आपकी तैयारी पर भी पड़ता है? हमेशा पिछले वर्षों के कट ऑफ पर नजर रखें। यह आपको दिशा देगा कि किन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है।

राज्यवार CTET कट ऑफ मार्क्स

हर राज्य में CTET कट ऑफ मार्क्स अलग-अलग होते हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में शिक्षकों की मांग और प्रतियोगिता भिन्न होती है, इसलिए यह कट ऑफ भी भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में कट ऑफ आमतौर पर 85-90 अंक के बीच रहता है, जबकि तमिलनाडु में ये 75-80 अंक के आसपास होते हैं।

जब छात्र राज्यवार कट ऑफ समझते हैं, तो उन्हें यह पता चलता है कि किन विषयों पर अधिक ध्यान देना है। इसलिए, मैं यह सलाह दूंगा कि आप अपने राज्य के कट ऑफ का विशेष ध्यान रखें।

  • उत्तर प्रदेश: 85-90 अंक
  • महाराष्ट्र: 80-85 अंक
  • तमिलनाडु: 75-80 अंक
  • राजस्थान: 80-85 अंक
  • पंजाब: 78-82 अंक

कट ऑफ मार्क्स की श्रेणियाँ

कट ऑफ मार्क्स को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। सामान्य वर्ग, ओबीसी, एससी, और एसटी के लिए अलग-अलग कट ऑफ होते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि हर वर्ग के छात्रों को समान अवसर मिले। उदाहरण के लिए, सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ आमतौर पर अधिक होता है, जबकि विशेष श्रेणियों के लिए यह थोड़ा कम होता है।

पिछले कुछ वर्षों में मैंने कई छात्रों को देखा है जो आम धारणा के विपरीत, अपनी श्रेणी के आधार पर तैयारी करते हैं। यह उन्हें आईडियल अंक प्राप्त करने में मदद करता है।

यह ध्यान रखें कि श्रेणी के अनुसार कट ऑफ भिन्न होते हैं। अपने वर्ग की विशेष जानकारी लें और उसी के अनुसार तैयारी करें।

कट ऑफ मार्क्स की पूर्ववर्ती प्रवृत्तियाँ

कट ऑफ मार्क्स का ट्रेंड हर साल बदलता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि यदि परीक्षा कठिन थी, तो कट ऑफ मार्क्स काफी नीचे आ जाते हैं। छात्रों को चाहिए कि वे पूर्ववर्ती कट ऑफ विश्लेषण करें ताकि उनकी अच्छी तैयारी हो सके।

देखिए दोस्तों, पिछले 5 वर्षों में मैं यह देख रहा हूँ कि जब भी छात्रों ने कट ऑफ मार्क्स के बदलावों का अध्ययन किया, वे बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में प्रवेश करते हैं। यह उन्हें आत्मविश्वास भी देता है।

CTET कट ऑफ मार्क्स की तुलना

कट ऑफ मार्क्स की तुलना अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं से करना भी मददगार हो सकता है। उदाहरण के लिए, KVS और DSSSB परीक्षा के कट ऑफ भी CTET से भिन्न होते हैं। छात्रों को ऐसे तुलनात्मक अध्ययन करने से यह समझ में आता है कि उन्हें अपनी तैयारी को किस दिशा में ले जाना है।

जब मैं अपने छात्रों को अन्य परीक्षाओं के कट ऑफ से संबन्धित जानकारी देता हूँ, तो वे समझते हैं कि CTET के कट ऑफ में कैसे सुधार ला सकते हैं। इस प्रक्रिया में वे अपने समय प्रबंधन और अध्ययन रणनीतियों को भी सुधारते हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अन्य परीक्षाओं के कट ऑफ को जानकर आप अपनी तैयारी का स्तर निर्धारित कर सकते हैं। हमेशा प्रस्तुतियों पर ध्यान दें।

CTET कट ऑफ मार्क्स में बदलाव

CTET कट ऑफ मार्क्स में बदलाव हर वर्ष देखने को मिलते हैं। यह बदलाव परीक्षा के स्तर, छात्रों की संख्या और पिछले साल के प्रदर्शन के अनुसार निर्धारित होते हैं। ये बदलाव छात्रों को यह संकेत देते हैं कि उन्हें अपनी रणनीतियों में बदलाव करने की आवश्यकता है।

मैंने पिछले कुछ वर्षों में यह देखा है कि जो छात्र कट ऑफ में बदलाव के बारे में जानते हैं, वे अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से सेट करते हैं। कट ऑफ में बदलावों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

Category-wise Cut Off Marks

नीचे दी गई तालिका में पिछले वर्षों की कैटेगरी-वाइज कट ऑफ दी गई है।
राज्यकट ऑफ मार्क्स
उत्तर प्रदेश85-90
महाराष्ट्र80-85
तमिलनाडु75-80
राजस्थान80-85
पंजाब78-82
बिहार70-75
दिल्ली80-85
गुजरात75-80

Paper 2 Cut Off Marks

परीक्षा वर्षकट ऑफश्रेणी
202180उपलब्धि
202282उपलब्धि
202383उपलब्धि
202485उपलब्धि
202586उपलब्धि
202687उपलब्धि

Cut Off Analysis & Trends

CTET परीक्षा की तैयारी की सम्पूर्ण रणनीति

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए एक ठोस योजना बनाना जरूरी है। सबसे पहले, अपनी पूरी पाठ्यक्रम सामग्री का अध्ययन करें। आपको सभी विषयों और उनके अंतर्गत आने वाले विषयों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। इसके बाद, प्रत्येक विषय के लिए महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम बिंदुओं को चिन्हित करें।

साथ ही, हफ्ते में कम से कम 5-6 घंटे अध्ययन के लिए समर्पित करें। मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, उन्हें ही सफलता मिलती है। पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना बहुत जरूरी है।

मासिक अध्ययन योजना

एक निर्धारित मासिक अध्ययन योजना आपके अध्ययन में अनुशासन लाने में मदद कर सकती है। महीने के पहले सप्ताह में पाठ्यक्रम का सारांश बना लें और उसके अनुसार अपने अध्ययन को प्लान करें। हर सप्ताह कुछ समय को पिछले प्रश्न पत्रों का हल करने के लिए निर्धारित करें।

मेरे कई छात्रों ने इस प्रकार की योजना बनाई है और उन्हें अच्छा परिणाम मिला है। यह योजना उन्हें यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि वे सभी विषयों का सही से अध्ययन कर रहे हैं।

विशेषज्ञ सुझाव: हमेशा समय सारणी का पालन करें और हर सप्ताह की प्रगति की समीक्षा करें।

विषयवार ब्रेकडाउन और अंक भार

CTET परीक्षा में विभिन्न विषयों का अलग-अलग अंक भार होता है। जैसे कि, बाल विकास और शिक्षाशास्त्र से अधिकतम 30 अंक, गणित से 30 अंक और भाषा से 30 अंक आते हैं। इन विषयों का अध्ययन करते समय, उन पर विशेष ध्यान दें जिनका अंक भार अधिक है।

देखिए दोस्तों, मैंने देखा है कि जो छात्र विषयवार महत्वपूर्णता को समझते हैं, वे बेहतर तरीके से तैयारी करते हैं। अंक भार का सही फोकस आपके परीक्षा परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा में成功 के लिए कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। इनमें से कुछ हैं: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, गणित, हिंदी, अंग्रेज़ी, और पर्यावरण अध्ययन।

  • बाल विकास
  • गणित
  • हिंदी
  • अंग्रेज़ी
  • पर्यावरण अध्ययन

पुस्तकों की सिफारिश

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ बेहतरीन किताबें हैं जो मदद कर सकती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख किताबों में शामिल हैं: NCERT की पुस्तकें, CTET परीक्षा की तैयारी के लिए पूर्ण गाइड (किसी भी प्रमुख प्रकाशन से), और बाल विकास और शिक्षाशास्त्र की किताबें।

मेरे छात्रों के बीच लोकप्रिय NCERT की किताबों का इस्तेमाल हमेशा सफल रहा है। ये किताबें प्रत्येक विषय को अच्छी तरह से कवर करती हैं और सरल भाषा में लिखी गई हैं।

विशेषज्ञ सुझाव: यदि संभव हो, तो उन पुस्तकों का उपयोग करें जो पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को भी शामिल करती हैं।

कोचिंग बनाम आत्म-अध्ययन

CTET परीक्षा की तैयारी के मामले में कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बीच एक महत्वपूर्ण बहस होती है। कोचिंग से आपको विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलता है, जबकि आत्म-अध्ययन से आप अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं। बहुत से छात्र दोनों का संयोजन भी उपयोग करते हैं।

मैंने देखा है कि जो छात्र कोचिंग लेते हैं, उन्हें नियमित मार्गदर्शन मिलता है, जबकि आंतरिक अध्ययन से छात्रों को स्वतंत्रता मिलती है। हालांकि, आपको यह समझना होगा कि आपका स्वतंत्र आत्म-अध्ययन भी महत्वपूर्ण है।

समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

समय प्रबंधन CTET परीक्षा की तैयारी में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपको अपने अध्ययन को इस प्रकार से निर्धारित करना होगा कि सभी विषयों के लिए समय दिया जा सके। एक चार्ट बनाएं जिसमें आप दिन के विभिन्न समय पर कौन-सी विषय को पढ़ेंगे, यह तय करें।

यहाँ तक कि पिछले वर्षों में मैंने यह देखा है कि जो छात्र सख्ती से अपनी दिनचर्या का पालन करते हैं, वे अक्सर बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं। समय प्रबंधन की आदत विकसित करना आपके लिए लंबी अवधि में सहायक होगा।

एक महत्वपूर्ण टिप: हर दिन के अंत में एक रिवीजन करें — इससे सभी अध्ययन की सामग्री को समेटने में मदद मिलेगी।

How to Score Above Cut Off

परीक्षा के दिन का चेकलिस्ट

CTET परीक्षा का दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे कि एडमिट कार्ड, आईडी प्रूफ और पेन-पेंसिल साथ ले जाएँ। इसके अलावा, एक हल्का नाश्ता जरूर करें ताकि आपके पास ऊर्जा बनी रहे।

वैसे, आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा के दिन की नींद पर्याप्त हो। मैं छात्रों को हमेशा सलाह देता हूँ कि वे परीक्षा के दिन से एक दिन पहले अच्छी नींद लें। यह मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करता है।

छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

CTET परीक्षा में कई छात्र कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। यहाँ कुछ हैं:

  • अधिकतर छात्र समय प्रबंधन में चूक जाते हैं — इसलिए समय का सही उपयोग करें।
  • कई छात्र केवल कठिन प्रश्नों पर ध्यान देते हैं और आसान प्रश्नों को छोड़ देते हैं।
  • परीक्षा के दिन तनाव लेना — यह आपकी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
  • मेरा सुझाव है कि इन गलतियों से बचें। हर प्रश्न को समझने में समय लगाएं।

    7-दिन की अंतिम रिवीजन योजना

    परीक्षा से एक हफ्ते पहले अंतिम रिवीजन करें। हर दिन एक विषय चुनें और उसके महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस करें। मैंने देखा है कि जो छात्र नियमित रिवीजन करते हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

    एक और महत्वपूर्ण बात: परीक्षा के एक दिन पहले हल्का अध्ययन करें और रिवीजन पर ध्यान दें। तनाव न लें और सही मानसिक तैयारी करें।

    अपेक्षित कट ऑफ मार्क्स

    पिछले वर्ष के कट ऑफ मार्क्स का विश्लेषण करें। यदि हमने 2025 की CTET परीक्षा के कट ऑफ को देखें तो यह 85-90 अंक के बीच था। इसके अनुसार, अगले वर्ष भी यही रह सकता है।

    मेरे छात्रों के अनुभव के आधार पर, कट ऑफ के स्तर में थोड़ी सी बढ़ोतरी की संभावना है, इसलिए हमेशा तैयार रहें।

    पारिश्रमिक, कैरियर स्कोप और पदोन्नति

    CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपके कैरियर के बहुत सारे रास्ते खुलते हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्तियों के लिए CTET अनिवार्य है। इसके अलावा, कई प्राइवेट स्कूलों में भी CTET का महत्व है।

    शुरुआती स्तर पर आपको अच्छा वेतन मिलेगा, और जैसे-जैसे आप अनुभव प्राप्त करेंगे, आपकी वेतन वृद्धि होगी। मैंने कई छात्रों को देखा है जो CTET पास करने के बाद अच्छी तरह से औसत वेतन प्राप्त करते हैं।

    सफलता की प्रेरक कहानियाँ

    कुछ छात्रों ने CTET परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है और उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से सफलता पाई है। उदाहरण के लिए, प्रियंका शर्मा ने अपनी मेहनत से पहले प्रयास में CTET पास किया और अब वह एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम कर रही हैं।

    इस प्रकार की कहानियाँ प्रेरणा देने वाली होती हैं। याद रखें, मेहनत और लगातार प्रयास से आप भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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    Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

    CTET परीक्षा का कट ऑफ मार्क्स वह न्यूनतम अंक होता है जो छात्रों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए प्राप्त करने होते हैं। यह अंक हर वर्ष परीक्षा की कठिनाई और छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर तय होते हैं। पिछले कुछ वर्षों के कट ऑफ देखिए और उन पर ध्यान दीजिए।

    CTET परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी श्रेणियों के लिए अलग-अलग होते हैं। सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ अधिक होता है, जबकि विशेष श्रेणियों के लिए यह नीचे हो सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य समान अवसर प्रदान करना है।

    CTET परीक्षा के लिए सबसे अच्छी किताबें एनसीईआरटी की पुस्तकें, CTET परीक्षा की तैयारी के लिए पूर्ण गाइड, और अन्य विशेष किताबें हैं जो विषयों को विस्तार से कवर करती हैं। ये किताबें स्पष्ट भाषा में लिखी गई हैं और परीक्षा में सहायक होती हैं।

    CTET परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक दिया जाता है और गलत उत्तर पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है। यह परीक्षा में लगभग 150 प्रश्न होते हैं, जो विभिन्न विषयों के होते हैं, जैसे बाल विकास, गणित, और भाषा।

    CTET परीक्षा पास करने के बाद छात्रों के लिए सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के अवसर खुलते हैं। इसके साथ-साथ, कई प्राइवेट स्कूलों में भी CTET का महत्व है। यह परीक्षा आपको बेहतर कैरियर और वेतन वृद्धि की ओर ले जाती है।

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