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Preparation Guide

CTET प्राइमरी गणित में कैलकुलेशन स्पीड कैसे बढ़ाएं

सीटीईटी प्राइमरी गणित में कैलकुलेशन स्पीड बढ़ाने के टिप्स

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Author

Yadvendra Singh Pal

Founder & Director,Unictest. M.Sc (Maths), MCA & Full-Stack Developer. Former Senior Academic Counsellor with 3+ years of expertise in Teaching Exams (CTET, KVS, DSSSB) and JEE/NEET mentorship. I bridge the gap between complex exam pedagogy and intuitive technology to help students achieve success.

Updated: 2026-08-12 · हिंदी

दोस्तों, सीटीईटी प्राइमरी परीक्षा में गणित एक महत्वपूर्ण विषय है। यहाँ विद्यार्थियों को समस्या समाधान और गणनात्मक दक्षता में तेजी लाने की आवश्यकता होती है। अगर आप गणित में अपनी कैलकुलेशन स्पीड बढ़ाना चाहते हैं, तो सही दिशा में चलना बहुत जरूरी है। यह न केवल आपके अंक सुधारने में मदद करेगा, बल्कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। आइए, हम जानें कि आप अपनी गणित की गति को कैसे बढ़ा सकते हैं।

1. नियमित प्रैक्टिस करें

गणित में गति बढ़ाने के लिए नियमित प्रैक्टिस आवश्यक है। मैंने अपने छात्रों को हमेशा कहा है कि दैनिक आधार पर गणित के प्रश्नों का हल करना चाहिए। इससे उन्हें विभिन्न तकनीकों का उपयोग करना और समय प्रबंधन में सुधार करना सीखेगा। इसलिए, हर दिन कम से कम 30 मिनट का समय गणित पर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए रखें।

आप विभिन्न प्रकार के गणित के प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जैसे हल करने के तरीके, भाग, गुणा और अन्य। तेजी से हल करने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप अपने गति को ट्रैक करें और नियमित रूप से अपने सुधार को देखें।

2. मानसिक गणना तकनीकें सीखें

जब मैं अपने छात्रों को यह टॉपिक पढ़ाता हूँ, तो मैंने देखा है कि मानसिक गणना तकनीकें उनके लिए बहुत उपयोगी होती हैं। ये तकनीकें उन्हें बिना कागज़ के तेजी से गणना करने में मदद करती हैं। जैसे कि, जोड़ और घटाव के लिए 'नंबरल पैटर्न' का उपयोग करना।

इसके अलावा, 'विजुअलाइज़ेशन' तकनीकें भी सहायक होती हैं। जैसे, संख्याओं को मानसिक रूप से चित्रित करना, जिससे आपको तेजी से परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलती है।

  • दैनिक गणित का अभ्यास करें
  • समस्या समाधान तकनीकें सीखें
  • गणित की किताबों से अभ्यास करें
  • गणना प्रश्नपत्र हल करें
  • समय प्रबंधन पर ध्यान दें
  • गणित के खेल खेलें

3. टाइमर का उपयोग करें

मैंने देखा है कि बहुत से छात्र इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं कि समय प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है। परीक्षा में समय सीमा होती है, इसलिए कैलकुलेशन स्पीड बढ़ाने के लिए एक टाइमर का उपयोग करना वास्तव में सहायक हो सकता है। आप इसे अपने प्रैक्टिस सेशंस में शामिल करें।

टाइमर सेट करें और अपने प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। जैसे-जैसे आप बेहतर होते जाएंगे, सवालों पर लगने वाला समय कम होते जाएगा। यह आपको वास्तविक परीक्षा के प्रारूप के लिए तैयार करेगा।

ध्यान दें: टाइमर के साथ प्रैक्टिस करते समय, प्रारंभिक चरण में ज्यादा दबाव ना डालें। पहले सरल प्रश्नों से शुरू करें।

4. महत्वपूर्ण सूत्र याद करें

गणित में महत्वपूर्ण सूत्रों को याद करना बेहद जरूरी है। मैंने देखा है कि कई छात्र समय बर्बाद करते हैं क्योंकि उन्हें महत्वपूर्ण सूत्र याद नहीं होते। इसलिए, आप उन्हें अच्छे से समझें और फिर उन्हें बार-बार दोहराएं।

जब आप महत्वपूर्ण सूत्रों को याद कर लेते हैं, तो आपकी समस्या समाधान की गति भी बढ़ जाएगी। आप इन सूत्रों का उपयोग करते समय अपने आप को अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे।

5. मॉक टेस्ट दें

मॉक टेस्ट देने से आपको अपनी तैयारी का पता चलता है। इससे आपको यह पता चलता है कि आप किन क्षेत्रों में सुधार कर सकते हैं। इससे आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि मॉक टेस्ट देने से छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है।

मॉक टेस्ट के माध्यम से आप समय प्रबंधन में सुधार कर सकते हैं और अपनी गणित की गति को भी बढ़ा सकते हैं। हमेशा मॉक टेस्ट के बाद अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करें।

  • मॉक टेस्ट से तैयारी करें
  • अभ्यास के प्रश्नपत्र हल करें
  • समय सीमा का ध्यान रखें
  • उत्तरों का विश्लेषण करें
  • गणित का पाठ्यक्रम समझें
  • धैर्य बनाए रखें

6. रिवीजन रणनीति

रिवीजन आपके अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैंने हमेशा अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से रिवीजन करें। अगर आप किसी विशेष विषय में कमजोर महसूस करते हैं, तो उसे बार-बार देखें।

रिवीजन करते समय आप उन प्रश्नों को हल करें जिनमें आपको कठिनाई होती है। यह आपके आत्मविश्वास को कम करता है, और परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करता है।

एक सलाह: रिवीजन के लिए एक विशेष दिन तय करें। इसे अपनी साप्ताहिक योजना में शामिल करें।

7. अध्ययन सामग्री का चयन

सही अध्ययन सामग्री का चयन करना भी महत्वपूर्ण है। मैंने कई छात्रों को देखा है जो गलत किताबों से पढ़ाई करते हैं। यह उनके समय और मेहनत को बर्बाद करता है। सुनिश्चित करें कि आपकी किताबें एवं सामग्री सटीक और उपयोगी हों।

आप NCERT की पुस्तकें, पिछले साल के पेपर और विभिन्न गणित के अध्यायों की कार्यपुस्तिकाओं का उपयोग कर सकते हैं। हमेशा उन स्रोतों का चयन करें जो आपको गणित की गहराई से समझने में मदद करें।

8. सकारात्मक सोच रखें

महत्वपूर्ण है कि आप हमेशा सकारात्मक सोचें। मैं जानता हूँ कि यह टॉपिक थोड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन यकीन मानिए, अगर आप सही तरीके से अध्ययन करते हैं, तो आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

आपकी मानसिकता परीक्षा में आपकी प्रदर्शन को प्रभावित करती है। इसलिए, आत्म-विश्वास बनाए रखें और हमेशा सकारात्मक रहें।

  • सकारात्मक सोच विकसित करें
  • धैर्य रखें
  • समस्या को चुनौती मानें
  • मनोबल ऊंचा रखें
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
  • अभ्यास पर ध्यान दें

9. ग्रुप स्टडी करें

मेरे अनुभव में, ग्रुप स्टडी भी बेहद फायदा देती है। जब आप दोस्तों के साथ पढ़ाई करते हैं, तो आप एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। एक छात्र जो किसी विशेष विषय में मजबूत है, वह आपकी मदद कर सकता है।

ग्रुप स्टडी के दौरान, आप नया दृष्टिकोण प्राप्त करते हैं और अपने विचारों को साझा करते हैं। इससे आपकी गणित की समझ और गति दोनों में सुधार होता है।

10. शांति और संतुलन बनाए रखें

अंत में, यह महत्वपूर्ण है कि आप परीक्षा के समय शांत रहें। मैं अक्सर कहता हूँ कि ध्यान और प्राणायाम आपकी मानसिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। जो छात्र तनाव में होते हैं, वे अपने कार्य में तेजी खो देते हैं।

आप अगर नियमित ध्यान लगाते हैं, तो आप परीक्षा के समय शांत रहेंगे और आपके गणितीय अद्यायन में गति बढ़ेगी।

1. तैयारी की रणनीति का पूरा खाका

CTET प्राइमरी परीक्षा के लिए तैयारी करते समय एक सुव्यवस्थित रणनीति बनाना महत्वपूर्ण है। शुरुआत में, syllabus को अच्छे से समझें और प्रत्येक विषय के लिए समय निर्धारित करें। मैंने पिछले वर्षों में छात्रों को यह सलाह दी है कि अपनी कमजोरियों पर विशेष ध्यान दें।

तैयारी के पहले महीने में, आपको अपने अध्ययन की आधारशिला रखनी चाहिए। यथासम्भव सभी विषयों को कवर करते हुए, अपने समय प्रबंधन कौशल को विकसित करने का प्रयास करें।

एक्सपर्ट टिप: पहले महीने में एक दिन: गणित के प्रश्नों का हल करें, दूसरे दिन: विज्ञान, जैसे कि अपनी दिनचर्या निर्धारित करें।

2. महीने-दर-महीने अध्ययन योजना

अध्ययन योजना में हर महीने की योजनाएँ होनी चाहिए। मैंने यह देखा है कि कई छात्र बिना किसी योजना के पढ़ाई करते हैं, जिससे वे अनुत्पादक हो जाते हैं। आपकी योजना में प्रत्येक विषय के लिए अध्ययन का समय होना चाहिए।

जैसे, पहले महीने में गणित के सिद्धांतों पर ध्यान दें, अगले महीने में प्रैक्टिस पेपर हल करें। इससे आपको एक स्पष्ट दिशा मिलेगी।

3. विषय-वार वितरण और मार्क्स वेटेज

विभिन्न विषयों का मार्क्स वेटेज भी जानना जरूरी है। CTET परीक्षा में गणित महत्वपूर्ण है, और इसकी सही योजना बनाने की आवश्यकता है। मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे पिछले वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें।

गणित में औसतन 30-35 अंक होते हैं, इसलिए इस विषय पर अधिक ध्यान दें। examinable topics की पहचान करें ताकि आप उन पर तेजी से काम कर सकें।

एक्सपर्ट टिप: पिछले साल के प्रश्न पत्रों को हल करें, इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के प्रश्न अधिक आते हैं।

4. महत्वपूर्ण विषयों की सूची

CTET परीक्षा के लिए गणित में कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है कि ये टॉपिक्स बार-बार आते हैं। सभी छात्रों को इन पर ध्यान देना चाहिए।

  • संख्याओं का ज्ञान
  • संख्याओं का जोड़ और घटाव
  • गुणा और भाग
  • भौतिक गुणों का ज्ञान
  • वृत्त और त्रिभुज की गणना
  • समय और कार्य

5. सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें

CTET प्राइमरी गणित की तैयारी के लिए सही पुस्तकें चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने अपनी व्यक्तिगत सलाह में कुछ बेहतरीन किताबों की सिफारिश की है।

जैसे कि NCERT की किताबें, जिसमें सभी टॉपिक्स को विस्तार से समझाया गया है। इसके साथ ही, और भी कुछ पुस्तकें पढ़ें, जिससे आपके सवालों का सही समाधान मिले।

6. कोचिंग बनाम स्व-अध्ययन

कोचिंग लेने और स्व-अध्ययन के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। मैंने देखा है कि कुछ छात्र कोचिंग से अधिक लाभान्वित होते हैं, जबकि कुछ छात्र स्व-अध्ययन में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

  • कोचिंग के फायदे: विशेषज्ञ मार्गदर्शन, structured course.
  • कोचिंग के नुकसान: समय बर्बाद, अधिक खर्च।
  • स्व-अध्ययन के फायदे: लचीलापन, स्व-शिक्षण।
  • स्व-अध्ययन के नुकसान: निर्देशन की कमी, प्रेरणा की कमी।
एक्सपर्ट टिप: एक hybrid learning approach अपनाएं — कोचिंग के साथ स्व-अध्ययन करें।

7. समय प्रबंधन और दैनिक शेड्यूल

समय प्रबंधन आपकी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैंने देखा है कि बहुत से छात्र समय का सही उपयोग नहीं कर पाते हैं। दिन भर के शेड्यूल को व्यवस्थित करना बहुत आवश्यक है।

आपके दैनिक शेड्यूल में, गणित को प्राथमिकता दें। सुनिश्चित करें कि आप हर विषय पर संतुलित ध्यान दे रहे हैं। एक नीति बनाएं कि आप किस दिन क्या पढ़ेंगे।

8. अंतिम 30 दिनों की रिवीजन रणनीति

अंतिम एक महीने में, रिवीजन करना बहुत आवश्यक है। मैंने अनुभव किया है कि अंतिम 30 दिन परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान, आपको अपने कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अंतिम समय पर एक रिवीजन शेड्यूल बनाएं, जिसमें आप महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल करें। यदि आप ठीक से रिवीजन करते हैं, तो आपकी कैलकुलेशन स्पीड भी बढ़ेगी।

Recommended Resources

विषयवजन
संख्याओं का ज्ञान15
गुणा और भाग10
समय और कार्य5
भौतिक गुणों का ज्ञान10
संख्याओं का जोड़ और घटाव10
गणितीय गणना10
समीकरण5
सिद्धांत और उनके प्रयोग5

1. परीक्षा दिन की चेकलिस्ट

परीक्षा के दिन, यह सुनिश्चित करें कि आप सही सभी सामग्री के साथ तैयार हैं। मैंने अपने छात्रों को हमेशा यह सलाह दी है कि वे महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जाएं, जैसे कि एडमिट कार्ड, पहचान पत्र आदि।

इसी तरह, यह सुनिश्चित करें कि आप समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। सही समय पर पहुंचने से आपकी मानसिक स्थिति भी सही रहती है।

एक और महत्वपूर्ण बात: परीक्षा के दिन तनाव न लें। आराम से रहें और गहरी सांस लें।

2. 10 आम गलतियाँ

छात्र परीक्षा के दौरान कई सामान्य गलतियाँ करते हैं, जैसे कि समय का गलत प्रबंधन। मैंने देखा है कि कई छात्र अपनी गति को खो देते हैं।

  • अंतिम क्षणों में रिवीजन करना
  • सभी प्रश्नों पर अधिक समय लगाना
  • तनाव में आना
  • कागज पर लिखे बिना साधारण गणनाएँ करना
  • महत्वपूर्ण सूत्रों को न याद करना
  • परीक्षा से पहले तैयारी का सही टाइम नहीं मैनेज करना

3. अंतिम 7 दिनों की रिवीजन योजना

अंतिम 7 दिनों में, आपको अपनी रिवीजन योजनाओं को समझदारी से बनाना होगा। मैं हमेशा छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करें।

एक सरल रिवीजन शेड्यूल बनाएं और उसके अनुसरण करें। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और परीक्षा में प्रदर्शन भी बेहतर होगा।

4. अपेक्षित कट-ऑफ

पिछले वर्षों की परीक्षा कट-ऑफ का विश्लेषण करने से आपको एक विचार मिलेगा कि इस साल की परीक्षा में आपको किस स्तर की तैयारी आवश्यक है। पिछले साल 2025 में CTET परीक्षा की कट-ऑफ 85 अंक थी।

इस साल, आप उस स्तर को पार करने की कोशिश करें, सुनिश्चित करें कि आप अच्छे से तैयार हैं। पिछले वर्षों की परीक्षा की कट-ऑफ के आंकड़े आपको अच्छी तैयारी में मदद करेंगे।

एक्सपर्ट सलाह: हमेशा पिछले वर्षों की परीक्षा के कट-ऑफ को ध्यान में रखें।

5. करियर स्कोप और सैलरी

CTET परीक्षा को पास करने के बाद, आपके पास शिक्षण क्षेत्र में अनेक अवसर होते हैं। मैंने देखा है कि छात्रों को प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी मिलने के साथ-साथ अच्छा वेतन भी मिलता है।

शुरुआत में, आप 25,000 से 30,000 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं। अनुभव के साथ-साथ आपको प्रमोशन और सैलरी में वृद्धि भी देखने को मिलेगी।

6. प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ

पिछले कुछ वर्षों में, मैंने कई छात्रों को सफलता हासिल करते देखा है। जैसे कि, मेरा एक छात्र था जिसने अपनी कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अंत में CTET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए।

उनकी प्रेरणादायक कहानी ने कई अन्य छात्रों को प्रोत्साहित किया है। याद रखें, सफलता मेहनत से मिलती है और कभी हार नहीं माननी चाहिए!

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Frequently Asked Questions (CTET PRIMARY)

गणित में गति बढ़ाने के लिए नियमित प्रैक्टिस करें, मानसिक गणना तकनीकें सीखें और समय प्रबंधन पर ध्यान दें। यहाँ महत्वपुर्ण है कि आप अपने कमजोर विषयों पर काम करें। मॉक टेस्ट देकर वास्तविक परीक्षा की स्थिति को समझें। फोकस करने के लिए, आपके पास एक योजना होनी चाहिए।

हाँ, CTET परीक्षा में गणित का वेटेज काफी महत्वपूर्ण होता है। औसतन, गणित में 30-35 अंक होते हैं। इसलिए इसे अच्छी तरह से तैयार करना आवश्यक है। पिछले वर्षों में भी यह देखा गया है कि यह विषय हर साल परीक्षा में महत्वपूर्ण रहता है।

बिल्कुल! मानसिक गणना तकनीकें सीखने से आप तेजी से गणितीय समस्याएँ हल कर सकते हैं। जैसे, जोड़ना और घटाना मानसिक रूप से करना, जिससे आप बिना कागज पर लिखे ही तेजी से उत्तर निकाल सकते हैं। ये तकनीकें परीक्षा के दौरान आपके लिए बहुत फायदेमंद होंगी।

जी हाँ, CTET परीक्षा की तैयारी के लिए कई विशिष्ट किताबें उपलब्ध हैं। NCERT की किताबें अच्छी होती हैं, क्योंकि वे पाठ्यक्रम के अनुसार होती हैं। इसके अलावा, कई अन्य संदर्भ सामग्री भी उपलब्ध हैं, जिनसे आप टॉपिक के बारे में गहराई से जान सकते हैं।

CTET परीक्षा पास करने के बाद, आपको प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के अवसर प्राप्त होते हैं। शुरुआत में शिक्षकों को 25,000 से 30,000 रुपये प्रति माह की सैलरी मिलती है। साथ ही, अनुभव के साथ-साथ प्रमोशन और सैलरी में वृद्धि भी होती है।

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