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Updated: 2026-08-12 · हिंदी
दोस्तों, CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सही योजना बनाना बेहद जरूरी है। 60 दिनों में आप CTET प्राइमरी की तैयारी को पूरा कर सकते हैं यदि आप एक उचित अनुसूची का पालन करें। एक ठोस योजना के माध्यम से आप अपने सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बैठ सकते हैं। इस लेख में, मैं आपके साथ एक 60-दिन का अध्ययन कार्यक्रम साझा करूंगा जो आपकी तैयारी को मजबूत करेगा। चलिए शुरू करते हैं!
CTET परीक्षा की संक्षिप्त जानकारी
CTET, यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा, भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती करना है। CTET प्राइमरी परीक्षा में सभी उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है कि वे शिक्षण कौशल, शिक्षा मनोविज्ञान, बाल विकास आदि जैसे विषयों में दक्षता दिखाएं। पिछले कुछ वर्षों से, इस परीक्षा का स्तर प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है।
इस परीक्षा के लिए तैयारी करते समय, छात्रों को ये समझना आवश्यक है कि परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम क्या है। मैंने देखा है कि कई छात्र इस विषय पर ध्यान नहीं देते हैं और इससे उन्हें फायदों का नुकसान होता है।
60 दिनों की तैयारी योजना का महत्व
60 दिनों की तैयारी योजना आपको एक निश्चित मार्गदर्शन देती है। इस समय में आप सभी विषयों को कवर कर सकते हैं और प्रतिदिन अध्ययन का एक निश्चित कार्यक्रम बना सकते हैं। एक दिन में किस विषय पर ध्यान देना है, यह जानना आपको मानसिक रूप से तैयार रहने में मदद करता है। इससे आप अपनी कमजोरियों पर काम कर सकते हैं और मजबूत क्षेत्रों को और मजबूत कर सकते हैं।
व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर, मैंने देखा है कि जो छात्र एक ठोस योजना का पालन करते हैं, उनमें परीक्षा में सफलता की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए, मैं छात्रों को हमेशा 60 दिनों की योजना बनाने की सलाह देता हूँ।
60-दिन का अध्ययन कार्यक्रम
एक प्रभावी 60-दिन की योजना में सभी विषयों को कवर करना आवश्यक है। मैं यहाँ एक अध्ययन कार्यक्रम साझा कर रहा हूँ जिसे आप अपने अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं। यह कार्यक्रम आपको 60 दिनों में CTET प्राइमरी परीक्षा के सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर करने में मदद करेगा।
- दिन 1-10: बाल विकास और शिक्षा मनोविज्ञान
- दिन 11-20: भाषा 1 (हिंदी)
- दिन 21-30: भाषा 2 (अंग्रेजी)
- दिन 31-40: गणित
- दिन 41-50: सामाजिक विज्ञान
- दिन 51-60: विज्ञान और अभ्यास टेस्ट
विषयों का विश्लेषण
CTET परीक्षा में विभिन्न विषयों का समावेश होता है। जैसे कि बाल विकास, शिक्षण पद्धतियाँ, गणित, विज्ञान आदि। यह जरूरी है कि आप इन सभी विषयों का अध्ययन करें, क्योंकि इनमें से कोई भी विषय परीक्षा में महत्वपूर्ण हो सकता है। पूर्ववर्ती वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने पर, मैंने देखा है कि बाल विकास से हमेशा 10-15 प्रश्न पूछे जाते हैं।
इसके अलावा, गणित में प्रश्नों की संख्या अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इसे हमेशा गंभीरता से लेना चाहिए। इसलिए, हर विषय पर समय दें और टीचर की किताबों से पढ़ाई करें।
संसाधनों का चुनाव
CTET परीक्षा की तैयारी के लिए सही संसाधनों का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने अपनी कक्षाओं में हमेशा NCERT की किताबों का उपयोग किया है क्योंकि ये अधिकतर प्रश्नों के लिए तैयारी करने में सहायक होती हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
आप पुस्तकालय से भी सहायता ले सकते हैं। मैंने एक साल तक पुस्तकालय से पढ़ाई की थी और यह बहुत मददगार साबित हुआ। वहाँ पर आपको विभिन्न किताबें और स्टडी मटेरियल मिलते हैं।
पुनरावलोकन तकनीक
पुनरावलोकन तकनीक एक महत्वपूर्ण पहलू है। मैंने देखा है कि परीक्षा के अंतिम चरण में, छात्रों को अपने अध्ययन किए गए सामग्रियों का पुनरावलोकन करना चाहिए। इससे उनका ज्ञान स्पष्ट होगा और परीक्षा के समय उन्हें समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मैं खुद छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे बीते साल के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें। ये प्रश्न पत्र आपको समझाने में मदद करेंगे कि आपकी तैयारी किस स्तर पर है।
समय प्रबंधन
समय प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कौशल है जो आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा। मैंने देखा है कि छात्रों को अपने समय का सही उपयोग करने की आवश्यकता है। एक कुशल समय प्रबंधन योजना बनाएं जिसमें प्रत्येक विषय को समान मात्रा में समय दिया जाए।
समय प्रबंधन में एक टिप यह है कि आप एक टाइमर सेट करें और हर एक विषय पर ध्यान केंद्रित करें। यह तकनीक आपके अध्ययन को और प्रभावी बनाएगी।
पूर्ववर्ती प्रश्नपत्रों का महत्व
पूर्ववर्ती प्रश्न पत्रों का अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों की प्रकार और आवृत्ति का एक विचार मिलेगा। पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करने पर, आप समझ पाएंगे कि कौन से विषय पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
मैं हमेशा अपने छात्रों को सलाह देता हूँ कि वे कम से कम 5 साल के पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास जरूर करें। इससे आपको परीक्षा की वास्तविकता का अनुभव होगा।